<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Technology Archives - TIS Media</title>
	<atom:link href="https://tismedia.in/category/tis-utility/technology/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://tismedia.in/category/tis-utility/technology/</link>
	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
	<lastBuildDate>Fri, 17 Jun 2022 13:10:58 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/04/cropped-tis-media-logo-scaled-2-32x32.jpg</url>
	<title>Technology Archives - TIS Media</title>
	<link>https://tismedia.in/category/tis-utility/technology/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>KEDL: बिजली कर रही है परेशान तो अफसरों से करें सीधी बात, खपत पर भी रख सकेंगे सीधी नजर</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-launches-new-raj-vidyut-app/12024/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=kedl-launches-new-raj-vidyut-app</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-launches-new-raj-vidyut-app/12024/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Jun 2022 06:49:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Electricity Bill KEDL]]></category>
		<category><![CDATA[KEDL launches new Raj Vidyut App]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Electricity Distribution Limited]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Vidyut Vitran Nigam Limited]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12024</guid>

					<description><![CDATA[<p>बिजली से जुड़ी हर जरूरत और समस्या का होगा एक ही जगह समाधान  बिल के भुगतान से लेकर कटौती तक की हर जानकारी रहेगी अपडेट  TISMedia@Kota  केईडीएल ने अपने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मौजूदा राजविद्युत एप को अपडेट करते हुए नया एप तैयार किया है। अब बिजली बन्द होने, ऑनलाइन भुगतान, बिजली सम्बंधी शिकायतों, &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-launches-new-raj-vidyut-app/12024/">KEDL: बिजली कर रही है परेशान तो अफसरों से करें सीधी बात, खपत पर भी रख सकेंगे सीधी नजर</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>बिजली से जुड़ी हर जरूरत और समस्या का होगा एक ही जगह समाधान </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>बिल के भुगतान से लेकर कटौती तक की हर जानकारी रहेगी अपडेट </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong></span>  केईडीएल ने अपने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मौजूदा राजविद्युत एप को अपडेट करते हुए नया एप तैयार किया है। अब बिजली बन्द होने, ऑनलाइन भुगतान, बिजली सम्बंधी शिकायतों, बिजली बिल, और नए कनेक्शन जैसी कई जरूरतों का एक ही एप से समाधान हो जाएगा। एक बार एप पर रजिस्टर्ड होने के बाद कम्पनी उपभोक्ताओं को नोटिफिकेशन के माध्यम से भी बिल सम्बंधी जानकारी भेजती रहेगी। केईडीएल के सीओाओ शान्तनू भट्टाचार्य ने बताया कि उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कम्पनी ने अपने राजविद्युत एप को अपडेट किया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/madhya-pradesh/50-nurses-allege-sexual-harassment-against-the-superintendent-of-government-hospital-in-madhya-pradesh/12017/">50 नर्सों ने सरकारी अस्पताल के अधीक्षक पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, मचा हड़कंप </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>प्ले स्टोर से एप करना होगा डाउनलोड </strong></span><br />
उपभोक्ताओं को प्ले स्टोर से राजविद्युत एप को डाउनलोड करना होगा, इसके बाद एप खोलकर अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर डालकर अपना पिन बनाना होगा। अगर उपभोक्ता का पहले से ही पिन बना हुआ है तो उसका उपयोग किया जा सकता है। पिन डालते ही उपभोक्ता कम्पनी की विभिन्न सेवाओं का लाभ ले सकते है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked/12008/">VMOU: 30 लाख छात्रों का पर्सनल डाटा बेचने की साजिश, फोन, आधार और बैंक डिटेल भी शामिल</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सहायता केन्द्र-</strong></span> इस आइकन पर क्लिक करने पर कॉल सेन्टर को सीधे फोन किया जा सकेगा।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">बिजली बन्द की जानकारी &#8211;</span></strong> उपभोक्ता के क्षेत्र में अगर बिजली बन्द है तो इसकी जानकारी मिल सकेगी।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">बिजली शिकायत-</span></strong> उपभोक्ता बिजली बन्द, वोल्टेज की समस्या, मीटर जलने, तार टूटने व बिजली तंत्र से संभावित खतरे की जानकारी इस आइकन के माध्यम से कम्पनी को दे सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">वाट्सअप पर चैट &#8211;</span></strong> उपभोक्ता कम्पनी के अधिकारियों के साथ चैट कर अपने बिजली कनेक्शन के बारे में जानकारी ले सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">ऑनलाइन भुगतान &#8211;</span></strong> उपभोक्ता अपने बिजली बिल का भुगतान ऑनलाइन कर सकते है। इसमें क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, अन्य कार्ड, इन्टनेट बैंकिंग, वॉलेट, कैश कार्ड, क्यूआर, यूपीआई व फोन पे से भुगतान करने का विकल्प मिलेगा।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">फीडबैक-</span></strong> उपभोक्ता कम्पनी की सेवाओं को लेकर अपना फीडबैक दे सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">बिजली बिल &#8211;</span></strong> इस आइकन के माध्यम से उपभोक्ता अपना बिजली बिल देख सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">भुगतान का विवरण &#8211;</span></strong> उपभोक्ता एक साल में किए गए बिल भुगतान की जानकारी ले सकते है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/entertainment/sports/hardik-pandya-appointed-captain-of-team-india-for-india-vs-ireland-tour/12020/">हार्दिक पंड्या बने भारत के कप्तान, India Vs Ireland दौरे के लिए टीम का ऐलान</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">पयोग का विवरण &#8211;</span></strong> उपभोक्ता एक साल में किस महीने कितनी बिजली उपयोग की है, इसकी पूरी जानकारी ले सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">ईमेल बिल &#8211;</span></strong> ईमेल के माध्यम से उपभोक्ता किसी भी ईमेल पर अपना बिजली का बिल मंगवा सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">भुगतान केन्द्र &#8211;</span></strong> शहर में मौजूद बिल भुगतान केन्द्रों की मेप के माध्यम से जानकारी मिल जाएगी। इसके माध्यम से उपभोक्ता अपने नजदीकी भुगतान केन्द्र तक जा सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">ईमेल रजिस्टर &#8211;</span></strong> इस आइकन के माध्यम से उपभोक्ता अपने ईमेल को रजिस्टर्ड करा सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">बिजली चोरी &#8211;</span> </strong>उपभोक्ता अपने क्षेत्र में होने वाली बिजली चोरी की सूचना फोटो सहित कम्पनी को भेज सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">ईमेल &#8211;</span></strong> इस आइकन के माध्यम से उपभोक्ता अपनी शिकायत व अन्य जानकारी कम्पनी को भेज सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">डाउनलोड &#8211;</span></strong> उपभोक्ता अपने डिस्कॉम के टेरिफ और राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग की ओर से विद्युत आपूर्ति सम्बंधी नियम व शर्तों के आदेश को डाउनलोड कर सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">प्रोफाइल &#8211;</span></strong> इसमें उपभोक्ता के कनेक्शन सम्बंधी जानकारी उपलब्ध है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">नया कनेक्शन &#8211;</span></strong> नए कनेक्शन के लिए अब बिजली कम्पनी के कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूतर नहीं है। इस आइकन के माध्यम से नया कनेक्शन लेने के लिए आवेदन पत्र को ऑनलाइन भरकर कनेक्शन लिया जा सकता है। कनेक्शन सम्बंधी दस्तावेज भी अपलोड कर करते है। इसके साथ आवेदन की स्थिति की भी जानकारी ने सकते है।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">सम्पर्क करें &#8211;</span> </strong>इसके माध्यम से उपभोक्ता बिजली कम्पनी के सभी कार्यालयों व कारपोरेट कार्यालय से सम्पर्क कर सकते है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-launches-new-raj-vidyut-app/12024/">KEDL: बिजली कर रही है परेशान तो अफसरों से करें सीधी बात, खपत पर भी रख सकेंगे सीधी नजर</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-launches-new-raj-vidyut-app/12024/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खुलासाः facebook बना फेकबुक, भारत में फैला रहा झूठ और नफरत</title>
		<link>https://tismedia.in/tis-utility/technology/facebook-is-spreading-lies-and-hatred-in-india-revealed-in-the-report/11146/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=facebook-is-spreading-lies-and-hatred-in-india-revealed-in-the-report</link>
					<comments>https://tismedia.in/tis-utility/technology/facebook-is-spreading-lies-and-hatred-in-india-revealed-in-the-report/11146/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Oct 2021 04:55:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[facebook]]></category>
		<category><![CDATA[Facebook report]]></category>
		<category><![CDATA[Facebook spreading lies and hatred]]></category>
		<category><![CDATA[Fake News]]></category>
		<category><![CDATA[Social media]]></category>
		<category><![CDATA[social network]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=11146</guid>

					<description><![CDATA[<p>भारत में 22 आधिकारिक भाषाएं, लेकिन फेसबुक 5 भाषाओं की ही कर पा रहा निगरानी कर्मचारियों ने ही जारी की &#8216;विरोधात्मक और नुकसानदेह नेटवर्क भारत एक केस स्टडी’ TISMedia@Desk भारत में फेसबुक फरेब और हिंसा ही नहीं फर्जी खबरें फैलाने का भी जरिया बन गया है। इस बात का खुलासा कंपनी की ही एक अंदरूनी रिपोर्ट &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/tis-utility/technology/facebook-is-spreading-lies-and-hatred-in-india-revealed-in-the-report/11146/">खुलासाः facebook बना फेकबुक, भारत में फैला रहा झूठ और नफरत</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>भारत में 22 आधिकारिक भाषाएं, लेकिन फेसबुक 5 भाषाओं की ही कर पा रहा निगरानी</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>कर्मचारियों ने ही जारी की &#8216;विरोधात्मक और नुकसानदेह नेटवर्क भारत एक केस स्टडी’</strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Desk</strong></span> भारत में फेसबुक फरेब और हिंसा ही नहीं फर्जी खबरें फैलाने का भी जरिया बन गया है। इस बात का खुलासा कंपनी की ही एक अंदरूनी रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में कंपनी की नीतियों पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा गया है कि &#8220;भारत उसके लिए विश्व का सबसे बड़ा बाजार है, लेकिन खामियां सुधारने के लिए उठाए उसके कदम, लोगों की जान की कीमत पर महज प्रयोग से ज्यादा कुछ नहीं हैं।&#8221;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/entertainment/art-and-literature/usne-kaha-tha-story-of-chandradhar-sharma-guleri/11138/">चली कहानीः उसने कहा था- चंद्रधर शर्मा गुलेरी</a></strong></p>
<p>&#8216;विरोधात्मक और नुकसानदेह नेटवर्क भारत एक केस स्टडी’ नामक इस दस्तावेज को कंपनी के ही अध्ययनकर्ताओं ने तैयार किया है। इसके अनुसार फेसबुक पर ऐसे कई ग्रुप व पेज चल रहे हैं, जो समाज के कमजोर तबकों के खिलाफ काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं बहुसंख्यकों को भड़काने वाले समूहों की भी रत्ती भर कमी नहीं है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन भ्रामक पोस्ट का दुष्प्रभाव पूरे भारत और चुनाव प्रक्रिया पर भी हो रहा है। ये खामियां कैसे दूर होंगी? यह सब उसे खुद भी पता नहीं है। यहां तक कि खुद बिगाड़े इन हालात को सुधारने के लिए उसने उचित संख्या में स्टाफ या संसाधन भी नहीं रखे और इसके लिए पैसा खर्च करना वह बेकार मानता है।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>यह भी पढ़ेंः<a href="https://tismedia.in/entertainment/sports/t20-world-cup-questions-raised-about-the-strategy-of-the-indian-cricket-team/11135/"> T20 World Cup: पाक के हाथों करारी हार के बाद टीम इंडिया पर चुभते सवालों की बौछार</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सबूतों के साथ तैयार की रिपोर्ट</strong></span><br />
फेसबुक के अवैध कार्यों की जानकारी दे रही यह रिपोर्ट उसकी पूर्व कर्मचारी फ्रांसेस ह्यूगन ने फेसबुक के कई अहम दस्तावेज के साथ तैयार की है। 2019 के आम चुनाव के बाद भी भारत पर ऐसी ही रिपोर्ट में फेसबुक द्वारा झूठी खबरें फैलाने व व्यवस्था बिगाड़ने की पुष्टि हुई। उसके अनुसार पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा देखे गए कंटेंट के 40 फीसदी व्यू फर्जी थे। वहीं 3 करोड़ भारतीयों तक पहुंच रखने वाला अकाउंट अनधिकृत मिला।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/knowledge/history-of-the-day/history-of-the-day-first-parliament-election-in-india/11129/">History Of The Day: आजाद भारत का पहला वोट, 4 महीने चले थे चुनाव</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>खुद कर्मचारी ने बताई आपबीती</strong></span><br />
इस रिपोर्ट में एक कर्मचारी ने बताया कि उसने फरवरी 2019 में खुद को केरल का निवासी बताते हुए फेसबुक अकाउंट बनाया और इसे अगले तीन हफ्ते तक चलाया। फेसबुक के अल्गोरिदम ने जो कंटेंट पेश किया, नए-नए पेजों व समूहों से जुड़ने की जो सिफारिशें की, उन्हें वह पढ़ता, देखता और मानता गया। परिणाम में नफरत भरी व हिंसा उत्सव मनाने वाली सामग्री और झूठी सूचनाओं के सैलाब से उसका सामना हुआ।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/madhya-pradesh/new-variant-of-corona-found-in-indore-ay-4-confirmed-in-sample-of-7-patients/11127/">Corona: इंदौर में मिला नया वैरिएंट &#8220;AY-4&#8221; 7 मरीजों के सैंपल में पुष्टि</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कैसे रोके फर्जी अकाउंट</strong></span><br />
फेसबुक की अंदरूनी रिपोर्ट के अनुसार उसके पास अपने सबसे बड़े बाजार भारत के लिए इतने संसाधन नहीं हैं और न ही वह इस पर खर्च करना चाहता है, ताकि खुद उसी द्वारा पैदा की झूठ, भ्रामक खबरें और हिंसा फैलाने की समस्या दूर कर सके। फेसबुक के प्रवक्ता एंडी स्टोन एक ओर दावा करते हैं कि कंपनी ने नफरती सामग्री को इस साल 50 प्रतिशत कम किया है, दूसरी ओर मानते हैं कि भारत में वंचित समुदायों व मुसलमानों के खिलाफ उसके प्लेटफॉर्म से नफरत बढ़ाई जा रही है। 10 साल से फेसबुक में पब्लिक पॉलिसी निदेशक केटी हर्बाथ मानती हैं कि फेसबुक के पास संसाधन कम हैं, लेकिन यह भी कहती हैं कि समस्याओं का समाधान उन पर पैसा फेंकने से नहीं निकल सकता। कैसे निकलेगा उसे इसका अंदाजा भी नहीं है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-patwari-exam-dummy-candidates-caught-in-jaipur-jodhpur-kota-and-udaipur/11100/">Rajasthan Patwari Exam: जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में पकड़े गए डमी कैंडिडेट</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">कोरोना महामारी को भी नहीं छोड़ा</span></strong><br />
दस्तावेज के अनुसार जुकरबर्ग ने अपने प्लेटफॉर्म को ‘अर्थपूर्ण सामाजिक संवाद’ पर केंद्रित रखने के लिए कदम उठाए। लेकिन इनके जरिये भारत के बारे में झूठी खबरें व सूचनाएं ही फैलाई गईं। यहां तक कोरोना महामारी को भी नहीं बख्शा गया।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>22 आधिकारिक भाषाएं, केवल पांच की निगरानी</strong></span><br />
रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में 22 आधिकारिक भाषाएं हैं, लेकिन फेसबुक का अल्गोरिदम केवल 5 भाषाओं पर निगरानी रख पा रहा है। इसलिए भड़काऊ सामग्री उचित मात्रा में रोकने में वह नाकाम रहा है। राजनीतिक दलों से जुड़े कई फर्जी अकाउंट, चुनाव प्रक्रिया पर भ्रम फैलाती व मतदाताओं के खिलाफ सामग्री तक वह नहीं रोक पाया है। इन सबसे बड़ी बड़ी बात यह है कि फेसबुक पर अब खुलेआम पोर्न कंटेट परोसा जा रहा है, लेकिन उसे रोकने का कोई तरीका उसके पास नहीं है। जबकि गंभीर मसलों पर लेख लिखने और जानकारियां देने वाले लोगों को लगातार निशाना बना कर उनके खाते ब्लाक किए जा रहे हैं। जिससे सामाजिक चेतना रखने वाला तबका फेसबुक से छिटकने लगा है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/tis-utility/technology/facebook-is-spreading-lies-and-hatred-in-india-revealed-in-the-report/11146/">खुलासाः facebook बना फेकबुक, भारत में फैला रहा झूठ और नफरत</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/tis-utility/technology/facebook-is-spreading-lies-and-hatred-in-india-revealed-in-the-report/11146/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कांग्रेस ने किया बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन, KEDL ने दिया कांग्रेसियों के आरोपों का जवाब</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-responded-to-the-allegations-of-kota-congress-workers/10171/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=kedl-responded-to-the-allegations-of-kota-congress-workers</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-responded-to-the-allegations-of-kota-congress-workers/10171/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Jul 2021 13:45:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Administration]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Classifieds]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Congress Protest Against KEDL]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[KEDL]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Congress]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10171</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Kota कोटा में बिजली वितरण कर रही जेवीवीएनएल की फ्रेंचाइजी कंपनी कोटा इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (Kedl) के खिलाफ मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने गुमानपुरा रोड पर बिजली के मीटरों की शव यात्रा निकाली। वहीं दूसरी ओर केईडीएल ने कांग्रेसियों के आरोपों का जवाब दिया है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी और टीम &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-responded-to-the-allegations-of-kota-congress-workers/10171/">कांग्रेस ने किया बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन, KEDL ने दिया कांग्रेसियों के आरोपों का जवाब</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>TISMedia@Kota</strong> कोटा में बिजली वितरण कर रही जेवीवीएनएल की फ्रेंचाइजी कंपनी कोटा इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (Kedl) के खिलाफ मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने गुमानपुरा रोड पर बिजली के मीटरों की शव यात्रा निकाली। वहीं दूसरी ओर केईडीएल ने कांग्रेसियों के आरोपों का जवाब दिया है।</p>
<p>शहर जिला कांग्रेस कमेटी और टीम धारीवाल ने मंगलवार को केईडीएल के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस शहर जिला महामंत्री बिपिन बरथूनिया और साजिद खान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोटड़ी चौराहे से गुमानपुरा रोड स्थित केईडीएल के दफ्तर तक बिजली के मीटरों की शव यात्रा निकाली। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केईडीएल दफ्तर के बाहर जमकर नारे बाजी की।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-congress-workers-protest-against-kedl/10165/">भाग केईडीएल भागः आंदोलन जनता के नाम पर और मांगें &#8220;खास&#8221; लोगों के फायदे की</a></strong></p>
<p><strong>15 दिन बाद फिर प्रदर्शन</strong><br />
बारिश में भीगते हुए प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों ने केईडीएल को कोटा से भगाने का ऐलान किया। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री बिपिन बरथूनिया ने प्रदेश सरकार से मांग की कि बिजली कंपनी को हटा कर कोटा की बिजली वितरण व्यवस्था फिर से जेवीवीएनएल के हाथों में सौंपी जाए। प्रदर्शन करने वालों में अजय भान, अमित सूद, विकास वाधवानी, दीपक शर्मा, अंकित देवड़ा, मुस्ताक, श्याम लाल, भजन लाल और प्रेम कुशवाहा आदि कांग्रेसी शामिल थे। कांग्रेसियों ने घोषणा की कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 15 दिन बाद फिर से प्रदर्शन किया जाएगा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-acb-arrested-the-jailer-of-jhalawar-district-jail-red-handed-taking-a-bribe-of-10-thousand-rupees/10166/">झालावाड़ः एसीबी ने दबोचा 10 हजार की घूस लेता जेलर</a></strong></p>
<p><strong>केईडीएल ने दिया कांग्रेसियों के आरोप का जवाब </strong><br />
कांग्रेस शहर जिला कमेटी के महासचिव बिपिन बरथूनिया ने सोशल मीडिया के जरिए एक मांग पत्र जारी कर केईडीएल पर कई आरोप लगाए थे। मंगलवार को केईडीएल ने सभी आरोपों और मांग का जवाब दिया है। जिसमें केईडीएल ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-ministers-could-not-decide-the-date-of-opening-the-school-left-the-decision-to-the-central-government/10145/">राजस्थान के मंत्री तय नहीं कर पाए कब से खोलें स्कूल, गेंद अब केंद्र के पाले में</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेसियों की मांग और केईडीएल के जवाब </strong></p>
<p><strong>कांग्रेस की मांगः</strong> केईडीएल और सरकार के बीच हुए करार को समाचार पत्रों के माध्यम से जनता के बीच पहुंचाया जाए।<br />
<strong>केईडीएल का जवाबः</strong> राज्य सरकार व केईडीएल के बीच हुए पीएफपी की प्रति उर्जा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। फिर भी किसी को प्रति चाहिए वह उर्जा विभाग से ले सकता है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/udh-minister-shanti-dhariwal-fell-on-the-stairs-in-ajmer/10136/">कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशानाः गुलदस्ता लेने के चक्कर में गिरे मंत्री, महिला डिप्टी को लगाई फटकार</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेस की मांगः</strong> केईडीएल के स्मार्ट मीटर और नॉन स्मार्ट मीटर के साथ जेवीवीएनएल के मीटर केईडीएल की लैब में जांच किए बगैर लगाए जाएं। क्योंकि वह पहले ही जेवीवीएनएल की लैब में जांच होकर आते हैं।<br />
<strong>केईडीएल का जवाबः</strong> जयपुर डिस्कॉम व केईडीएल को मीटरों की सप्लाई करने वाली कम्पनी एक ही है। इन मीटरों की जांच एनएबीएल अधिस्वीकृत प्रयोगशाला में जाती है। केईडीएल की प्रयोगशाला में किसी मीटर की जांच नहीं होती है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/nadkari-jharkhand-the-worlds-largest-family-village-with-a-population-of-800-people/10161/">सिर्फ 115 साल में बसा दिया 800 लोगों का भरा पूरा गांव</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेस की मांगः</strong> बिजली कंपनी के बिलों में हर महीने आने वाले फ्यूल सरचार्ज को हटाया जाए। क्योकि पहले यह जेवीवीएनएल के समय साल में केवल तीन बार ही आता था।<br />
<strong>केईडीएल का जवाबः</strong> फ्यूल सरचार्ज जयपुर डिस्कॉम की ओर से लगाया जाता है। फ्यूल सरचार्ज का फैसला राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग करता है। इसको लागू करने की जिम्मेदारी डिस्कॉम की है। केईडीएल जयपुर डिस्कॉम के आदेश से लागू करती है। इससे जो भी राशि वसूल होती है वह जयपुर डिस्कॉम में जमा कराई जाती है। यह व्यवस्था पूरे राजस्थान में लागू है। फ्यूल सरचार्ज हटाने के बारे में राज्य सरकार या राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ही फैसला ले सकते है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-coaching-faculty-brutally-crushed-a-two-year-old-girl-died-on-the-spot/10149/">कोचिंग फैकल्टी की कार ने दो साल की मासूम बच्ची को बेरहमी से कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेस की मांगः</strong> केईडीएल ने जेवीवीएनएल के करोड़ों रुपए के स्क्रैप तारों और ट्रांसफार्मर को हटाकर जेवीवीएनएल के स्टोर में जमा कराना चाहिए था। उन्हें अभी तक स्टोर में क्यों जमा नहीं करवाया गया या फिर उन्हें बेचकर करोड़ों रुपए का गबन कर लिया गया।<br />
<strong>केईडीएल का जवाबः</strong> जयपुर डिस्कॉम ने अपनी असेट्स 20 साल के लिए केईडीएल को रखरखाव को दी है। हर साल असेट्स की ऑडिट देश की पांचवी श्रेष्ठ स्वतंत्र ऑडिट एजेंसी केपीएमजी से कराई जाती है। अब तक केईडीएल ने उपयोग लायक नहीं रहे 56 ट्रांसफारमर जयपुर डिस्कॉम में जमा कराए है। जो ट्रांसफारमर ठीक हो सकते हैं, उनको ठीक कर उपयोग में लिया जा रहा है। केईडीएल ने अब तक एक भी ट्रांसफारमर व स्क्रेप नहीं बेचा है। इसके बाद भी केईडीएल को 20 साल बाद जयपुर डिस्कॉम को सारा हिसाब देना होगा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/passport-seva-kendra-will-be-upgraded-with-the-efforts-of-lok-sabha-speaker-om-birla/10155/">हवाई अड्डे की राह का रोड़ा निकलते ही कोटा को मिला &#8220;फुल&#8221; पासपोर्ट सेवा केंद्र</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेस की मांगः</strong> महावीर नगर सेकंड के एक मॉल की छत पर 11 केवीए का ट्रांसफार्मर क्यों लगाया गया। उसे हटाया जाए।<br />
<strong>केईडीएल का जवाबः</strong> देश के उन सभी शहरों जहां घनी आबादी है जैसे दिल्ली, मुम्बई व कोलकोता आदि में छत पर भी ट्रांसफारमर लगाए जाते हैं। यह कोई नई बात नहीं है। छत पर ट्रांसफारमर लगाए जाने से पहले सुरक्षा के सारे इन्तजाम किए जाते हैं।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/chief-minister-ashok-gehlot-approval-for-free-allotment-of-1250-acres-of-land-for-kota-greenfield-airport/10120/">मुफ्त की जमीन पर निजी कंपनियां बनाएंगी कोटा ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट, 74 फीसदी तक होगी हिस्सेदारी</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेस की मांगः</strong> केईडीएल के खिलाफ जांच कमेटी बनाई जाए। जिसमें दो जेवीवीएनएल के अधिकारी, एक यूआटी और एक निगम के अधिकारी के साथ-साथ एक जनप्रतिनिधि और दो जनता के लोग शामिल हों।<br />
<strong>केईडीएल का जवाबः</strong> जांच कमेटी गठित करने के बारे में राज्य सरकार से निवदेन कर सकते है। वैसे हर साल स्वतंत्र ऑडिट एजेसी से जांच कराई जाती है। एग्रीमेंट के अनुसार केईडीएल को हर महीने जयपुर डिस्कॉम को सारी जानकारी देनी होती है जिसकी क्रॉस चैकिंग की जाती है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-responded-to-the-allegations-of-kota-congress-workers/10171/">कांग्रेस ने किया बिजली कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन, KEDL ने दिया कांग्रेसियों के आरोपों का जवाब</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kedl-responded-to-the-allegations-of-kota-congress-workers/10171/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भाग केईडीएल भागः आंदोलन जनता के नाम पर और मांगें &#8220;खास&#8221; लोगों के फायदे की</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-congress-workers-protest-against-kedl/10165/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=kota-congress-workers-protest-against-kedl</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-congress-workers-protest-against-kedl/10165/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Jul 2021 12:27:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Administration]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Society Organisation]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Today in Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Congress Protest Against KEDL]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[JVVNL]]></category>
		<category><![CDATA[KEDL]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Congress]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10165</guid>

					<description><![CDATA[<p>महावीर नगर के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बनाया निशाना, छत पर लगे ट्रांसफार्म को हटाने के लिए डाला दवाब  TISMedia@Kota कोटा में बिजली सप्लाई कर रही जेवीवीएनएल की फ्रेंचाइजी कंपनी कोटा इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (KEDL) के खिलाफ बीते एक पखवाड़े से माहौल बना रहे कांग्रेसियों की मंगलवार को पोल खुल गई। जनता के नाम पर &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-congress-workers-protest-against-kedl/10165/">भाग केईडीएल भागः आंदोलन जनता के नाम पर और मांगें &#8220;खास&#8221; लोगों के फायदे की</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>महावीर नगर के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को बनाया निशाना, छत पर लगे ट्रांसफार्म को हटाने के लिए डाला दवाब </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@Kota</strong> कोटा में बिजली सप्लाई कर रही जेवीवीएनएल की फ्रेंचाइजी कंपनी कोटा इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (KEDL) के खिलाफ बीते एक पखवाड़े से माहौल बना रहे कांग्रेसियों की मंगलवार को पोल खुल गई। जनता के नाम पर कोटा से केईडीएल को भगाने का स्वांग करने वाले कांग्रेसियों ने अपने ज्ञापन में आम लोगों की मुश्किलों को शामिल ही नहीं किया। बल्कि, उनकी नजर जेवीवीएनएल के स्क्रैप, मीटर लगाने के ठेके और शॉपिंग कॉम्पलेक्स की छत पर लगे ट्रांसफॉर्मर पर ही टिक कर रह गई। बाकी कसर झमाझम बारिश ने पूरी कर दी। जिसके चलते गिनती के कांग्रेसी ही इस &#8220;महा आंदोलन&#8221; में शामिल हुए।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-ministers-could-not-decide-the-date-of-opening-the-school-left-the-decision-to-the-central-government/10145/">राजस्थान के मंत्री तय नहीं कर पाए कब से खोलें स्कूल, गेंद अब केंद्र के पाले में</a></strong></p>
<p>कोटा शहर जिला कांग्रेस करीब एक पखवाड़े से केईडीएल के खिलाफ जमकर माहौल बना रही थी। कोटा के लोगों को केईडीएल से मुक्ति दिलाने के लिए &#8220;भाग केईडीएल भाग&#8221; नाम से महा आंदोलन चलाने का ऐलान कर दिया। बड़ी-बड़ी विज्ञप्तियां छपवाने से लेकर सोशल मीडिया तक पर प्रचार कर केईडीएल के अनाप-शनाप बिलों और बिजली चोरी रोकने के लिए मनमानी वीसीआर काटने से मुक्ति दिलाने का दावा किया गया। लेकिन, जब कांग्रेसियों ने &#8220;आम सूचनार्थ पत्र&#8221; यानि आंदोलन का मांग पत्र जारी किया तो उसमें इन मांगों को ही निकाल दिया गया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/udh-minister-shanti-dhariwal-fell-on-the-stairs-in-ajmer/10136/">कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशानाः गुलदस्ता लेने के चक्कर में गिरे मंत्री, महिला डिप्टी को लगाई फटकार</a></strong></p>
<p><strong>सीएम से लेकर ऊर्जा मंत्री ने निकाली हवा </strong><br />
कोटा के कांग्रेसियों ने जैसे ही आंदोलन की घोषणा की, पहला पलीता खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लगा दिया। सीएम ने किसान बिजली योजना की वर्चुअल लॉचिंग में बिजली चोरी रोकने में नाकाम रहे विद्युत वितरण निगमों के एमडी और सीएमडी की फटकार लगा दी। इतना ही नहीं सीएम गहलोत ने उन्हें छीजत रोकने के लिए बिजली चोरों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने के आदेश दे डाले। इसके बाद कांग्रेसियों को दूसरा झटका ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला ने दिया। कोटा से केईडीएल को भगाने का दावा करने वाले कांग्रेसियों को तब झटका लगा जब ऊर्जा मंत्री ने कोटा से केईडीएल को हटाने की बजाय, उल्टा राजस्थान के छह शहरों की बिजली सप्लाई निजी कंपनियों को सौंपने की घोषणा कर दी। ऐसे में भाजपा के सिर निजीकरण का ठीकरा फोड़ने वाले कांग्रेसियों को जवाब तक नहीं सूझ रहा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-acb-arrested-the-jailer-of-jhalawar-district-jail-red-handed-taking-a-bribe-of-10-thousand-rupees/10166/">झालावाड़ः एसीबी ने दबोचा 10 हजार की घूस लेता जेलर</a></strong></p>
<p><strong>घोषणा पत्र से गायब हुए जनता के मुद्दे </strong><br />
कोटा से केईडीएल को भगाने के लिए &#8220;भाग केईडीएल भाग&#8221; आंदोलन की घोषणा करने वाले कोटा जिला कांग्रेस के महासचिव बिपिन बरथूनिया और साजिद खान लाला भाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट अपलोड कर अपने आंदोलन के उद्देश्य गिनाए हैं।कोटा जिला कांग्रेस के लैटर हैड पर जारी इस मांग पत्र में जनता से जुड़ी किसी भी मांग को शामिल तक नहीं किया है। केईडीएल को लुटेरी कंपनी और भाजपा को इसे ठेका देने के लिए जिम्मेदार बताते हुए दोनों को कोसने में जरूर कोई कमी नहीं छोड़ी गई।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/nadkari-jharkhand-the-worlds-largest-family-village-with-a-population-of-800-people/10161/">सिर्फ 115 साल में बसा दिया 800 लोगों का भरा पूरा गांव</a></strong></p>
<p><strong>स्क्रैप पर फोकस, कॉम्प्लेक्स निशाने पर  </strong><br />
कोटा शहर जिला कांग्रेस कमेटी के लैटर हैड पर जारी इस मांग पत्र में छह मांगे शामिल हैं। इनमें से तीन मांगों का केईडीएल से कोई संबंध ही नहीं है। जबकि बाकी की बची तीन मांगों में से एक में जेवीवीएनएल के खराब ट्रांसफार्मर और बिजली के तारों के स्क्रैप की जानकारी मांगी गई है। दूसरी में महावीर नगर इलाके के एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की छत पर लगे ट्रांसफार्मर को हटाने की मांग की गई है। दोनों ही मांगों से किसे फायदा होगा, यह जनता बखूबी जानती है। कांग्रेसियों ने केईडीएल के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए एक समिति बनाने की भी मांग की है। जिसमें एक जनप्रतिनिधि एवं दो जनता के लोगों को शामिल करने को कहा गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस तरह की जांच समितियां सरकार ने पहले से ही बनाई हुई हैं, अब ऐसे में नई समिति बनाकर कांग्रेस किन तीन लोगों को उसका हिस्सा बनाना चाहती है?</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-coaching-faculty-brutally-crushed-a-two-year-old-girl-died-on-the-spot/10149/">कोचिंग फैकल्टी की कार ने दो साल की मासूम बच्ची को बेरहमी से कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेसियों ने घेरी कांग्रेस </strong><br />
कोटा जिला कांग्रेस के ज्ञापन में बाकी बची चार मांगों में से पहली बिजली बिलों से फ्यूल चार्ज हटाने की है। गौरतलब है कि सरकार के निर्देश पर बिजली बिलों में फ्यूल चार्ज जोड़ा जाता है। फ्यूल चार्ज कितना होगा यह केईडीएल नहीं राजस्थान विद्युत नियामक आयोग तय करता है। दूसरी मांग सरकार और केईडीएल के बीच हुए करार को सार्वजनिक करने की है। इसकी जिम्मेदारी भी प्रदेश सरकार की है। क्योंकि इस तरह के सभी करार विभागीय पोर्टल पर सार्वजनिक किए जाते हैं। ऐसे में यदि ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला या उनके विभाग ने केईडीएल के करार को सार्वजनिक नहीं किए तो वही सवालों के घेरे में आते हैं। तीसरी मांग स्मार्ट और नॉन स्मार्ट मीटर लगाने के ठेके की है। कांग्रेसियों ने केईडीएल की लैब से जांच किए हुए मीटर न लगाने की मांग की है। जबकि ऊर्जा विभाग के मुताबिक केईडीएल किसी भी मीटर की जांच नहीं करती। मीटर लगाने से पहले उसकी जांच का एनएबीएल अधिस्वीकृत प्रयोगशाला में की जाती है। जिसे प्रदेश सरकार और जेवीवीएनएल ही तय करते हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-congress-workers-protest-against-kedl/10165/">भाग केईडीएल भागः आंदोलन जनता के नाम पर और मांगें &#8220;खास&#8221; लोगों के फायदे की</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-congress-workers-protest-against-kedl/10165/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Breaking News: इंदौर पुलिस पर पाकिस्तानियों ने किया साइबर हमला, वेबसाइट हैक</title>
		<link>https://tismedia.in/state/madhya-pradesh/pakistani-hackers-hacked-the-official-website-of-indore-police/9916/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=pakistani-hackers-hacked-the-official-website-of-indore-police</link>
					<comments>https://tismedia.in/state/madhya-pradesh/pakistani-hackers-hacked-the-official-website-of-indore-police/9916/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Jul 2021 10:27:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Fact Check]]></category>
		<category><![CDATA[Global]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[MADHYA PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[Tech]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Indore crime news]]></category>
		<category><![CDATA[Indore hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[Indore latest news]]></category>
		<category><![CDATA[Indore news]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Police]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Police official website]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Police website hacked]]></category>
		<category><![CDATA[Pakistani hackers]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9916</guid>

					<description><![CDATA[<p>कॉन्टेक्ट अस पेज पर अपलोड किए आपत्तिजनक संदेश और अभद्र नारे वेबसाइट का रखरखाव कर रही अपराध शाखा ने कुछ ही देर में रिकवर की साइट  TIS Media@ Indore पाकिस्तान की नापाक करतूतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बार पाकिस्तानी हैकर्स ने इंदौर पुलिस पर साइबर हमला बोल इंदौर शहर पुलिस की आधिकारिक &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/madhya-pradesh/pakistani-hackers-hacked-the-official-website-of-indore-police/9916/">Breaking News: इंदौर पुलिस पर पाकिस्तानियों ने किया साइबर हमला, वेबसाइट हैक</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>कॉन्टेक्ट अस पेज पर अपलोड किए आपत्तिजनक संदेश और अभद्र नारे</strong></li>
<li><strong>वेबसाइट का रखरखाव कर रही अपराध शाखा ने कुछ ही देर में रिकवर की साइट </strong></li>
</ul>
<p><strong>TIS Media@ Indore</strong> पाकिस्तान की नापाक करतूतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस बार पाकिस्तानी हैकर्स ने इंदौर पुलिस पर साइबर हमला बोल इंदौर शहर पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट को निशाना बनाया है। मंगलवार को हैकर्स ने इंदौर पुलिस की वेबसाइट हैक कर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लिख डाले। पाकिस्तानी हैकर्स ने भारत के नक्शे के साथ भी छेड़छाड़ की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी अभद्र टिप्पणियां लिख डाली। हालांकि वेबसाइट का रखरखाव करने वाली अपराध शाखा ने आनन-फानन में वेबसाइट रिकवर कर हैकर्स के मैसेज हटा दिए।</p>
<p>पाकिस्तानी हैकर्स ने मंगलवार की दोपहर इंदौर शहर पुलिस की अधिकारिक वेबसाइट https://www.indorepolice.org/ पर साइबर हमला बोला। हैकर्स ने एमपी डीजीपी और इंदौर आईजी के प्रोफाइल की जगह तिरंगे झंडे को आपत्तिजनक रूप में लगा दिया। इंदौर पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि इंदौर पुलिस की वेबसाइट के कॉन्टेक्ट अस (हमसे संपर्क करें) सेक्शन में वरिष्ठ अधिकारियों के विवरण पेज पर साइबर हमला किया गया। इस पेज पर सूबे के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), इंदौर जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और अन्य आला अधिकारियों के नाम, पदनाम और उनके फोन नम्बरों का ब्योरा होता है। जिसे हटा कर हैकर्स ने आपत्तिजनक संदेश अपलोड कर दिए।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/karauli-police-caught-honey-trap-gang-four-arrested-including-two-womens/9913/">कातिल हसीनाः इश्क के जाल में फंसाती और &#8220;काट&#8221; डालती&#8230;</a></strong></p>
<p><strong>साइट पर की नारेबाजी </strong><br />
पाकिस्तानी हैकर्स ने इंदौर शहर पुलिस की साइट में सेंध लगाने के बाद उस पर फ्री कश्मीर और पाकिस्तान जिंदाबाद जैसे नारे लिख डाले। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में भी तमाम आपत्तिजनक बातें लिख दी। जैसे ही इंदौर पुलिस को मामले की जानकारी मिली तुरंत वेबसाइट को ब्लॉक करवा दिया गया। वेबसाइट का रखरखाव करने वाली अपराध शाखा के साइबर स्पेशलिस्ट इसके बात साइट रिकवर करने में जुट गए। करीब आधे घंटे की कोशिशों के बाद पाकिस्तानी हैकर्स के सारे बग हटाकर मूल वेबसाइट को रिकवर कर लिया गया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/salumber-bjp-mla-amrit-lal-meena-sent-to-jail-in-offence-of-his-wife-contest-panchayat-elections-with-fake-marksheet/9910/">BJP के विधायक का फर्जीवाड़ाः चुनाव भी रद्द हुआ और जेल भी जाना पड़ा</a></strong></p>
<p><strong>पाकिस्तानी हैकर्स ने ली जिम्मेदारी </strong><br />
अपराध निरोधक शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरुप्रसाद पाराशर ने बताया कि साइट को हैकर्स से मुक्त करा लिया गया है। मोहम्मद बिलाल टीम पीसीई ने इंदौर पुलिस की वेबसाइट पर बाकायदा संदेश लिखकर इसे हैक करने का दावा किया। पाराशर ने बताया कि हैकर्स ने कॉन्टेक्ट अस पेज पर पुलिस के आला अधिकारियों के नाम के स्थान पर आपत्तिजनक संदेश और नारे लिख दिए थे, जिन्हें हटा दिया गया है। अब हैकर्स की पड़ताल की जा रही है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/science/do-you-know-clouds-are-also-pregnant/9906/">OMG! तो बादल भी होते हैं प्रेग्नेंट! इन्हें गुस्सा दिलाने पर क्यों मचती है तबाही</a></strong></p>
<p><strong>बिलाल पहले भी कर चुका है नापाक हरकत</strong><br />
पाकिस्तानी हैकर इससे पहले देश भर के विश्वविद्यालयों की वेबसाइटों को हैक कर चुके हैं। साल 2015 में राजस्थान के कोटा विश्वविद्यालय की साइट को हैक किया था। हालाकि तब साइट हैक करने की जिम्मेदारी किसी पाकिस्तान साइबर माफिया हैकर्स ने ली थी। इस दिन पाकिस्तानी हैकर्स ने राजस्थान और गुजरात की कई यूनिवर्सिटीज की साइट को एक साथ निशाना बनाया और उन पर आपत्तिजनक कैरिकैचर अपलोड कर दिए थे। इसके बाद साल 2018 में आंध्रा यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को हैक कर लिया था। इसी साल गोवा भाजपा की वेबसाइट हैकिंग में मोहम्मद बिलाल का हाथ सामने आया था। उसने साल 2019 में दिल्ली भाजपा की साइट को भी निशाना बनाया था।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/madhya-pradesh/pakistani-hackers-hacked-the-official-website-of-indore-police/9916/">Breaking News: इंदौर पुलिस पर पाकिस्तानियों ने किया साइबर हमला, वेबसाइट हैक</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/state/madhya-pradesh/pakistani-hackers-hacked-the-official-website-of-indore-police/9916/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शाबाशः 300 दिन तक नॉन स्टाप चली छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट की तीसरी इकाई, रचा कीर्तिमान</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/baran-news/chhabra-thermal-third-unit-made-a-record-of-continuous-power-generation-for-300-days/9754/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=chhabra-thermal-third-unit-made-a-record-of-continuous-power-generation-for-300-days</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/baran-news/chhabra-thermal-third-unit-made-a-record-of-continuous-power-generation-for-300-days/9754/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Jul 2021 07:25:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[BARAN NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[History of the Day]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Society Organisation]]></category>
		<category><![CDATA[Success Story]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Chhabra News]]></category>
		<category><![CDATA[Chhabra Thermal Power Plant]]></category>
		<category><![CDATA[Chief Engineer AK Saxena]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Chhabra]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Chhabra]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Vidyut Utpadan Nigam Limited]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Vidyut Vitran Nigam Limited]]></category>
		<category><![CDATA[RVUNL]]></category>
		<category><![CDATA[Thermal Power Plant in Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9754</guid>

					<description><![CDATA[<p>चीफ इंजीनियर अजय कुमार सक्सेना के नाम दर्ज हुई एक और बड़ी उपलब्धि  सालों से अटकी पर्यावरण मंजूरी दिलाकर कोटा थर्मल को भी दे चुके हैं जीवनदान   TISMedia@Kota. राजस्थान के थर्मल पॉवर प्लांटों पर छाए मुसीबत के बादलों के बीच छबड़ा से अच्छी खबर आई है। तमाम मुश्किलों को धता बताते हुए चीफ इंजीनियर अजय &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/baran-news/chhabra-thermal-third-unit-made-a-record-of-continuous-power-generation-for-300-days/9754/">शाबाशः 300 दिन तक नॉन स्टाप चली छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट की तीसरी इकाई, रचा कीर्तिमान</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>चीफ इंजीनियर अजय कुमार सक्सेना के नाम दर्ज हुई एक और बड़ी उपलब्धि </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>सालों से अटकी पर्यावरण मंजूरी दिलाकर कोटा थर्मल को भी दे चुके हैं जीवनदान  </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota.</strong> </span>राजस्थान के थर्मल पॉवर प्लांटों पर छाए मुसीबत के बादलों के बीच छबड़ा से अच्छी खबर आई है। तमाम मुश्किलों को धता बताते हुए चीफ इंजीनियर अजय कुमार सक्सेना के नेतृत्व में छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट की तीसरी इकाई ने लगातार 300 दिनों तक विद्युत उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इससे पहले सक्सेना सालों के बंदी की कगार पर खड़े कोटा थर्मल को महज एक साल की मेहनत में ही पर्यावरण मंजूरी दिलाकर जीवन दान दे चुके हैं।</p>
<p>यदि आप ठान लें तो असंभव को भी संभव किया जा सकता है। यकीन न आए तो बंदी के कगार पर खड़े राजस्थान के थर्मल पॉवर प्लांटों की सफलता की कहानियों से सबक ले सकते हैं। तमाम मुश्किलों से जूझ रहे छबड़ा थर्मल पावर प्लांट को कोरोना काल में खासा घाटा उठाना पड़ा था। बेहद विपरीत हालत में छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट की कमान चीफ इंजीनियर अजय कुमार सक्सेना ने संभाली। सक्सेना की दूर दृष्टि और सफल नेतृत्व का नतीजा यह रहा कि बंदी के संकट से जूझ रहे छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट की 250 मेगावाट क्षमता वाली तीसरी इकाई ने लगातार 300 दिनों तक बिजली उत्पादन का कीर्तिमान स्थापित किया है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/tis_impact-conspiracy-to-shut-down-kota-thermal-failed-order-to-run-units-issued/9557/">#TIS_Impact नाकाम हुई कोटा थर्मल को बंद करने की साजिश, जारी हुआ यूनिटें चलाने का आदेश</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>छबड़ा ने बनाया अनूठा रिकॉर्ड </strong></span><br />
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके शर्मा ने बताया कि राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के छबड़ा तापीय विद्युत गृह की 250 मेगावाट क्षमता की इकाई संख्या 3 ने लगातार 300 दिवस तक सुचारू विद्युत उत्पादन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि उत्पादन निगम की कोयला एवं गैस आधारित तापीय इकाईयों में अभी तक का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। जिसे चीफ इंजीनियर अजय सक्सेना के नेतृत्व में हासिल किया गया है। इस इकाई को 10 सितम्बर 2020 को ग्रिड से सिन्क्रोनाइज़ किया गया था। जिसके बाद से यह यूनिट नॉन स्टॉप लगातार दिन रात विद्युत उत्पादन कर रही है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/social-workers-presented-ration-kits-to-needy-families-affected-from-corona-on-the-call-of-lok-sabha-speaker-om-birla-in-kota/9757/">पीड़ित परिवारों को मदद का सिलसिला जारी, लोक सभा अध्यक्ष के आव्हान पर घर-घर पहुंचे कार्यकर्ता</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>91 फीसदी से ज्यादा रहा लोड फेक्टर </strong></span><br />
राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके शर्मा ने बताया कि छबड़ा तापीय विद्युत गृह की इकाईयों के कुशल वार्षिक अनुरक्षण, रखरखाव एवं श्रेष्ठ संचालन के कारण इस कीर्तिमान को हासिल किया है। उन्होने बताया कि छबड़ा थर्मल विद्युतगृह की तृतीय इकाई से इस दौरान 91.01 प्रतिशत प्लांट लोड फेक्टर पर रिकॉर्ड 16381.07 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन कर विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-coaching-institutes-are-waiting-to-reopen-after-the-second-wave-of-corona/9700/">KotaCoaching: कोरोना के कहर से कराह रही शिक्षा नगरी, एक लाख लोगों की छिनी रोजी रोटी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>विपरीत परिस्थितियों में सर्वश्रेष्ठ काम </strong></span><br />
छबड़ा थर्मल पाॅवर प्लांट के मुख्य अभियंता ए. के सक्सेना ने बताया कि फिलहाल प्लांट की चारों इकाई विद्युत उत्पादन कर रही हैं। कोरोना महामारी के कारण लाॅकडाउन की विकट परिस्थितियों में बहुत कम श्रम शक्ति एवं सीमित संसाधनों के बावजूद प्लांट के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने कोरोना वाॅरियर्स की तरह कार्य करते हुए तीसरी यूनिट से लगातार विद्युत उत्पादन जारी रखा है। इसके लिए सभी प्लांट के सभी अभियंता और कर्मचारी विशेष बधाई के पात्र हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/baran-news/chhabra-thermal-third-unit-made-a-record-of-continuous-power-generation-for-300-days/9754/">शाबाशः 300 दिन तक नॉन स्टाप चली छबड़ा थर्मल पॉवर प्लांट की तीसरी इकाई, रचा कीर्तिमान</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/baran-news/chhabra-thermal-third-unit-made-a-record-of-continuous-power-generation-for-300-days/9754/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>#TISCampaign: कोटा थर्मल को बचाने के लिए कांग्रेसियों ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/to-save-kota-thermal-former-general-secretary-of-rajasthan-congress-pankaj-mehta-wrote-a-letter-to-the-chief-minister/9391/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=to-save-kota-thermal-former-general-secretary-of-rajasthan-congress-pankaj-mehta-wrote-a-letter-to-the-chief-minister</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/to-save-kota-thermal-former-general-secretary-of-rajasthan-congress-pankaj-mehta-wrote-a-letter-to-the-chief-minister/9391/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Jun 2021 14:26:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Administration]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Sarthi]]></category>
		<category><![CDATA[Society Organisation]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Central electricity authority]]></category>
		<category><![CDATA[CPCB]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Congress]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Super Thermal Power Plant]]></category>
		<category><![CDATA[KTPS]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Pankaj Mehta]]></category>
		<category><![CDATA[Power Plant in India]]></category>
		<category><![CDATA[Power Plant in Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[rajasthan congress]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan State Pollution Control Board]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Vidyut Utpadan Nigam Limited]]></category>
		<category><![CDATA[RSPCB]]></category>
		<category><![CDATA[RVUNL]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9391</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Kota. कोटा थर्मल की उम्रदराज इकाइयों को बंद करने का आदेश आते ही कोटा के लोग कांग्रेस के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। हालात बिगड़ते देख कांग्रेस के दिग्गज नेता भी सरकार के इस फैसले के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव पंकज मेहता ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/to-save-kota-thermal-former-general-secretary-of-rajasthan-congress-pankaj-mehta-wrote-a-letter-to-the-chief-minister/9391/">#TISCampaign: कोटा थर्मल को बचाने के लिए कांग्रेसियों ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota.</strong></span> कोटा थर्मल की उम्रदराज इकाइयों को बंद करने का आदेश आते ही कोटा के लोग कांग्रेस के खिलाफ लामबंद होने लगे हैं। हालात बिगड़ते देख कांग्रेस के दिग्गज नेता भी सरकार के इस फैसले के खिलाफ उठ खड़े हुए हैं। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महासचिव पंकज मेहता ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर कोटा के हालातों से अवगत कराते हुए, कोटा थर्मल की पहली और दूसरी इकाई को बंद करने का फैसला वापस लिए जाने की मांग की है। मेहता ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि सरकार के इस फैसले से पार्टी को जमीनी स्तर पर खासा नुकसान उठाना पड़ सकता है।</p>
<p>उर्जा विभाग की संयुक्त सचिव अनुपमा जोरवाल ने 17 जून 2021 को विद्युत उत्पादन निगम के सीएमडी को कोटा थर्मल की पहली और दूसरी इकाई को 30 जून 2021 तक चरणबद्ध ढ़ंग से बंद करने के आदेश दिए तो सभी का माथा ठनका। साल 2019 में भी कोटा थर्मल को बचाने के लिए आगे आए राजस्थान कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव पंकज मेहता ने एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराया है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-thermals-first-and-second-power-generation-units-will-be-closed-forever-from-june-30/9341/">#TISExclusive जेके और आईएल की तरह मिटने लगा कोटा थर्मल वजूद, हमेशा के लिए बंद हुईं दो यूनिटें</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>2023 तक मंजूरी फिर बंदी की जल्दी क्यों</strong></span><br />
पंकज मेहता ने मुख्यमंत्री को बताया कि कांग्रेस की कोशिशों के बाद ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा कोटा थर्मल में प्रदूषण निवारण मानकों की अनुपालना सुनिश्चित करने पर 6 नवंबर 2020 में वर्ष 2023 तक सभी इकाइयों को संचालित करने के लिये पर्यावरणीय सहमति प्रदान कर दी थी। जिसके बाद कोटा थर्मल के अभियंताओं कार्मिकों व श्रमिकों को विश्वास हो चुका था कि कांग्रेस सरकार कोटा थर्मल को बंद नहीं होने देगी, लेकिन अचानक दो यूनिटों के बंद करने का आदेश जारी होने के बाद अभियंताओं, कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों सहित शहरवासियों एवं व्यापारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/virendra-atal-was-brutally-tortured-by-the-police-during-the-emergency/9382/">आपातकाल, यातनाएं और अटल: पुलिस ने प्लास से खींच लिए थे सारे नाखून, हिल गई थी पूरी दुनिया</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कांग्रेस को उठाना पड़ेगा नुकसान </strong></span><br />
पंकज मेहता ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को साफ-साफ लिखा है कि कोटा थर्मल की दो यूनिटों को बंद करने के फैसले से कांग्रेस पार्टी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिये आपके नेतृत्व में तत्काल उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित कर इस पर पुनर्विचार किया जाये। दोनों पुरानी इकाइयां आज भी पूरी क्षमता के साथ विद्युत उत्पादन कर रही हैं और पर्यावरण मानकों को लेकर उठी आपत्तियों का भी निस्तारण कर लिया गया है। ऐसे में इन्हें बंद करने के बजाय स्टेंडबाई मोड पर रखा जाए क्योंकि जब नार्दन ग्रिड फेल हुई थी तब इन्हीं दोनों यूनिटों ने पूरे उत्तर भारत में बिजली सप्लाई कर उसे अंधेरे से बाहर निकाला था।</p>
<p><strong>Read More:<a href="https://tismedia.in/kota-news/crime/kota-police-arrested-three-accused-who-cheated-the-youth-in-the-name-of-marriage/9358/"> मैं कुवांरा हूं, मुझे शादी करनी है&#8230; सुनते ही दोस्त ने अपनी पत्नी से डलवाए फेरे और फिर&#8230; मचा बवाल</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सैकड़ों लोग हो जाएंगे बेरोजगार </strong></span><br />
पंकज मेहता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि कोटा सुपर थर्मल परिसर के 426 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विशाल एश डाइक एरिया है। इस रिक्त भूमि पर प्रदेश में प्रस्तावित 810 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र में से 300 मेगवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र खोलने की घोषणा की जाये। जिससे कोटा शहर में रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। इसके लिये धर्मल प्लांट परिसर में सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। कोटा की गर्म जलवायु भी सौर ऊर्जा संयंत्र के अनुकूल है। कोटा में ही नया सौर उर्जा प्लांट स्थापित होने पर धर्मल की पुरानी ईकाइयों में कार्यरत अभियंताओं तकनीकी कर्मचारियों तथा ठेका श्रमिकों को बेरोजगार का सामना नहीं करना पड़ेगा। मेहता ने अपने पत्र में लिखा है कि &#8220;कोरोना महामारी से प्रत्येक परिवार आर्थिक संकट में है फुटकर व्यापार व्यवसाय रूप हो गये हैं. प्रत्येक क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ रही है। ऐसे समय नये उद्योग लगाने की जगह पुराने चालू उदयोग को बंद करने का निर्णय जनहित में उचित नहीं होगा।&#8221;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/to-save-kota-thermal-former-general-secretary-of-rajasthan-congress-pankaj-mehta-wrote-a-letter-to-the-chief-minister/9391/">#TISCampaign: कोटा थर्मल को बचाने के लिए कांग्रेसियों ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/to-save-kota-thermal-former-general-secretary-of-rajasthan-congress-pankaj-mehta-wrote-a-letter-to-the-chief-minister/9391/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Twitter ने आईटी मिनिस्टर को सुंघाई जमीन, एक घंटे के लिए सस्पेंड कर दिया अकाउंट</title>
		<link>https://tismedia.in/india/twitter-has-suspended-the-account-of-it-minister-ravi-shankar-prasad-for-an-hour/9380/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=twitter-has-suspended-the-account-of-it-minister-ravi-shankar-prasad-for-an-hour</link>
					<comments>https://tismedia.in/india/twitter-has-suspended-the-account-of-it-minister-ravi-shankar-prasad-for-an-hour/9380/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Jun 2021 11:42:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Tech]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[IT Minister Ravi Shankar Prasad]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[the inside stories]]></category>
		<category><![CDATA[TISMedia]]></category>
		<category><![CDATA[Twitter]]></category>
		<category><![CDATA[Twitter Account Of IT Minister]]></category>
		<category><![CDATA[Twitter Suspended IT Minister Ravi Shankar Prasad Account For 1 Hour]]></category>
		<category><![CDATA[Twitter Suspended Ravi Shankar Prasad Account]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9380</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@नई दिल्ली. ट्विटर ने शुक्रवार को आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद को अपना अकाउंट ऑपरेट करने से रोक दिया। कॉपीराइट ऐक्ट का बहाना बनाकर ट्विटर ने आज सुबह रविशंकर प्रसाद को अपने अकाउंट में लॉगइन करने से रोक दिया। प्रसाद अपने एक इंटरव्यू का हिस्सा शेयर करना चाह रहे थे, लेकिन नहीं कर सके। करीब एक घंटे &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/twitter-has-suspended-the-account-of-it-minister-ravi-shankar-prasad-for-an-hour/9380/">Twitter ने आईटी मिनिस्टर को सुंघाई जमीन, एक घंटे के लिए सस्पेंड कर दिया अकाउंट</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@नई दिल्ली. </strong></span>ट्विटर ने शुक्रवार को आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद को अपना अकाउंट ऑपरेट करने से रोक दिया। कॉपीराइट ऐक्ट का बहाना बनाकर ट्विटर ने आज सुबह रविशंकर प्रसाद को अपने अकाउंट में लॉगइन करने से रोक दिया। प्रसाद अपने एक इंटरव्यू का हिस्सा शेयर करना चाह रहे थे, लेकिन नहीं कर सके। करीब एक घंटे तक रविशंकर प्रसाद का ट्विटर अकाउंट बंद रहा।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/kota-news/kota-youths-got-brutal-punishment-for-opposing-emergency/9375/">आपातकालः कोटा के किशोरों पर हुई जुल्म की इंतहा, ऐसी सजा जो मौत से जरा भी कमतर न थी</a></span></strong></span></p>
<p>केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने जानकारी दी है कि ट्विटर ने उनका एक घंटे तक बंद कर दिया। मंत्री ने ट्वीट कहा है-ट्विटर ने मेरे अकाउंट का एक्सेस एक घंटे तक बंद रखा और इसके लिए अमेरिका के डिजिटल मिलेनियम कॉपीराइट एक्ट के उल्लंघन का हवाला दिया है।</p>
<p>ट्विटर ने कहा है कि हम कॉपीराइट नियमों को बनाए रखने के लिए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। और इन नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले का अकाउंट सस्पेंड किया जा सकता है। अगर आपको अपना अकाउंट अनलॉक करवाना है तो ट्विटर के कॉपीराइट नियमों की समीक्षा करनी होगी।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/kota-news/kota-thermals-first-and-second-power-generation-units-will-be-closed-forever-from-june-30/9341/">#TISExclusive जेके और आईएल की तरह मिटने लगा कोटा थर्मल वजूद, हमेशा के लिए बंद हुईं दो यूनिटें</a></span></strong></span></p>
<p>इसके बाद अकाउंट दोबारा खोलते हुए ट्विटर ने कहा है-आपका अकाउंट अब इस्तेमाल किया जा सकता है। कृपया ध्यान रखें कि अगर आगे भी डीएमसीए नोटिस आते हैं, तो आपका अकाउंट सस्पेंड किया जा सकता है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/twitter-has-suspended-the-account-of-it-minister-ravi-shankar-prasad-for-an-hour/9380/">Twitter ने आईटी मिनिस्टर को सुंघाई जमीन, एक घंटे के लिए सस्पेंड कर दिया अकाउंट</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/india/twitter-has-suspended-the-account-of-it-minister-ravi-shankar-prasad-for-an-hour/9380/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>#TISExclusive जेके और आईएल की तरह मिटने लगा कोटा थर्मल वजूद, हमेशा के लिए बंद हुईं दो यूनिटें</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-thermals-first-and-second-power-generation-units-will-be-closed-forever-from-june-30/9341/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=kota-thermals-first-and-second-power-generation-units-will-be-closed-forever-from-june-30</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-thermals-first-and-second-power-generation-units-will-be-closed-forever-from-june-30/9341/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 24 Jun 2021 17:56:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Administration]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Suno Sarkar]]></category>
		<category><![CDATA[Technology]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[CAG]]></category>
		<category><![CDATA[Central electricity authority]]></category>
		<category><![CDATA[CPCB]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Super Thermal Power Plant]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Thermal]]></category>
		<category><![CDATA[KTPS]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Power Plant in India]]></category>
		<category><![CDATA[Power Plant in Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan State Pollution Control Board]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Vidyut Utpadan Nigam Limited]]></category>
		<category><![CDATA[RSPCB]]></category>
		<category><![CDATA[RVUNL]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9341</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@कोटा. गहलोत सरकार ने आखिरकार औद्योगिक नगरी की तबाही का आखिरी अध्याय लिख ही डाला। कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट (KSTPS) के अफसरों की जी तोड़ कोशिशों से इन्वायरमेंट क्लीयरेंस मिलने के बावजूद सूबे की सरकार ने कोटा थर्मल की दो इकाइयों को हमेशा के लिए बंद करने का आदेश जारी कर दिया। जिससे न सिर्फ &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-thermals-first-and-second-power-generation-units-will-be-closed-forever-from-june-30/9341/">#TISExclusive जेके और आईएल की तरह मिटने लगा कोटा थर्मल वजूद, हमेशा के लिए बंद हुईं दो यूनिटें</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@कोटा. </strong></span>गहलोत सरकार ने आखिरकार औद्योगिक नगरी की तबाही का आखिरी अध्याय लिख ही डाला। कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट (KSTPS) के अफसरों की जी तोड़ कोशिशों से इन्वायरमेंट क्लीयरेंस मिलने के बावजूद सूबे की सरकार ने कोटा थर्मल की दो इकाइयों को हमेशा के लिए बंद करने का आदेश जारी कर दिया। जिससे न सिर्फ थर्मल कर्मचारी, बल्कि शहर के लोग भी खासे आक्रोशित हो उठे हैं।</p>
<p>17 जनवरी 1983&#8230; राजस्थान के इतिहास में यह तारीख हमेशा सुनहरे अक्षरों में अंकित रहेगी, यही वह दिन था जब 143 करोड़ रुपए की लागत से सूबे में कोयले से बिजली बनाने की पहली इकाई की कोटा में स्थापना की गई थी। ठीक छह महीने बाद कोटा थर्मल पॉवर प्लांट की दूसरी इकाई ने भी पूरे दमखम के साथ बिजली बनाना शुरू कर दिया। 110-110 मेगावाट की यह दोनों इकाइयां 37 सालों बाद भी पूरे दमखम से बिजली बना रही है। इस दौरान तमाम सरकारें आई और गईं, लेकिन किसी ने भी इन बूढ़ी चिमनियों की सुध नहीं ली। कोटा के सियासतदारों को भी कभी होश नहीं आया कि कुछ ही दूरी पर छबड़ा जैसे थर्मल पॉवर प्लांट अपग्रेड कर दिए गए, लेकिन कोटा के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार के खिलाफ कभी आवाज उठा सकते। नतीजन, बिना मरम्मत और तकनीकी सहारे के यह इकाइयां पुराने ही ढर्रे पर दौड़ती रहीं।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>साल 2015 में फंसा था पेंच</strong></span><br />
कोटा थर्मल की 1240 मेगावाट क्षमता की सात इकाइयों के संचालन के लिए थर्मल प्रबंधन ने 27 फरवरी 2015 को आरएसपीसीबी से संचालन सहमति मांगी थी। आवेदन का निस्तारण करने के लिए स्थलीय निरीक्षण करने कोटा थर्मल पहुंचे पर्यावरण अभियंताओं को यहां वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 और जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन होते हुए मिला था। इसके बाद बोर्ड ने 21 बड़ी खामियां चिन्हित कर उन्हें सुधारने के लिए थर्मल प्रबंधन को नोटिस दिया था, लेकिन अधिकांश आपत्तियों का चार साल तक निस्तारण नहीं हो सका।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">कैग ने दिए थे प्लांट बंद करने के आदेश  </span>  </strong><br />
इसी दौरान कंपट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (कैग) ने भी कोटा थर्मल का पॉल्यूशन ऑडिट किया तो कोल यार्ड और कोल क्रेशर पर स्थापित वायु प्रदूषण नियंत्रण मशीन बंद मिली। कोयले के धुएं के साथ राख के कण चिमनियों से बाहर निकलने से रोकने के लिए लगाई गए संयंत्र बंद पड़े थे। इलेक्ट्रोस्टेटिक प्रीसीपीटेटर्स (ईएसपी) तो लगा था, लेकिन कई फील्ड्स नियमित तौर पर आउट ऑफ चार्ज थे। इसके साथ ही प्लांट का प्रदूषित पानी साफ किए बगैर चम्बल नदी और फ्लाईएश पांड की तरफ फेंका जा रहा था। तमाम कोशिशों के बावजूद भी जब इन ऑडिट आपत्तियों का निस्तारण नहीं हुआ तो कैग ने कोटा थर्मल का संचालन अवैध घोषित कर प्लांट को पर्यावरण सहमति मिलने तक बंद करने की सिफारिश कर दी।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">आरएसपीसीबी की गिरी गाज</span>  </strong><br />
इसके बाद जून 2018 में आरएसपीसीबी ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए सातवीं इकाई की संचालन सहमति रद्द करने के साथ ही 4.65 लाख रुपए का आवेदन शुल्क भी जब्त कर लिया था। इतना ही नहीं बाकी छह यूनिटों की संचालन सहमिति पेडिंग में डाल 14.07 लाख रुपए का आवेदन शुल्क भी डैफर कर दिया था। इस दौरान कोटा थर्मल में तैनात रहे अफसरों ने भी लापरवाही की हदें पार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कोटा सुपर थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन ने तीन साल तक  खामियों को दुरुस्त करने की बजाय वायु प्रदूषण की जांच के लिए लगाए गए ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम को ही खराब कर दिया। नतीजतन, थर्मल की चिमनियों के जहरीला धुआं उगलने पर भी हालात सामान्य दिखाई देते रहे, लेकिन राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जब मैनुअल मॉनीटरिंग की तो पूरी पोल खुल गई। जांच में खुलासा हुआ कि पर्यावरण सहमति हासिल करने के लिए थर्मल प्रबंधन वायु प्रदूषण की ऑनलाइन मॉनीटरिंग तक को छेडऩे से बाज नहीं आया। चिमनियां जमकर धुआं और राख बाहर फेंक रही थी, बावजूद इसके ऑनलाइन पॉल्यूशन मॉनीटरिंग में प्रदूषण का स्तर सामान्य से भी कम आ रहा था। आरएसपीसी के कोटा क्षेत्रीय कार्यालय ने जब प्रदूषण की मैनुअल जांच की तो खतरनाक स्तर पर मिला। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि केएसटीपीएस के इंजीनियरों ने ऑनलाइन मॉनीटरिंग सिस्टम को ही खराब कर दिया।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>दावों तक ही सिमटे रहे अफसर</strong></span><br />
थर्मल की खामियां दूर करने के लिए अफसरों ने हर बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आश्वासन दिया, लेकिन जब भी एक्शन प्लान मांगा गया, अधिकारी पीछे हट गए। तीन साल में तीन बार प्रदूषण नियंत्रण संयत्रों को चालू करने का दावा किया गया, लेकिन तीनों बार स्थलीय जांच में झूठ साबित हुआ। पांच साल पहले हुई जांच के दौरान आरएसपीसीबी को जो स्थिति मिली, वही हर बार के सत्यापन में सामने आई। इसके लिए कैग ने थर्मल की बदहाली के लिए आला अफसरों को जिम्मेदार माना और जमकर फटकार भी लगाई थी। बावजूद इसके उन पर कोई असर नहीं पड़ा।<b> </b>जांच में खुलासा हुआ कि थर्मल प्रबंधन ने सीवेज और औद्योगिक कचरे के निस्तारण के लिए कोई इंतजाम नहीं किए। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए, लेकिन प्रबंधन ने इसका जवाब तक नहीं दिया। थर्मल परिसर में फ्लाईएश और कोयले की वजह से होने वाले प्रदूषण को रोकने का भी कोई इंतजाम नहीं किया गया। कोयले की बारीक राख को उड़ने से रोकने के लिए प्लो फीडर के ऊपर पानी का छिड़काव करने के लिए वाटर नोजल तक पिछले एक दशक से बंद पड़े थे।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>साल 2022 तक बंद करने की थी तैयारी</strong></span><br />
अफसरों की लापरवाही और पर्यावरण नियमों की सख्ती के चलते सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी ने साल 2019 के नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्लान में इन यूनिटों को बंद करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया। अथॉरिटी पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी यूनिट को साल 2022 तक बंद करने की तैयारी में जुटा था, लेकिन इसी बीच सितंबर 2019 में कोटा थर्मल की कमान बतौर मुख्य अभियंता अजय सक्सेना के हाथ आ गई। उन्होंने अपने कार्यकाल में प्लांट को बंद होता देखने के बजाय थर्मल की खामियों को दूर करने की ठान ली।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>साल भर की मेहनत लाई रंग</strong></span><br />
तत्कालीन मुख्य अभियंता अजय सक्सेना ने कोटा थर्मल को बचाने के लिए त्रिस्तरीय योजना तैयार की। उन्होंने एक साल तक कड़ी मेहनत और संघर्ष कर सबसे पहले कैग और आरएसपीसीबी की ओर से बताई 21 खामियों को दुरुस्त करने का काम किया। इसके बाद दूसरे चरण में कूलिंग प्लांट, फ्लूड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, एसटीपी लगाने और ईएसपी को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया। तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में मुख्य अभियंता ने कैग से लेकर लोक लेखा समित और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आला अफसरों को भरोसा दिलाने में कामियाबी हासिल की कि पर्यावरण नियमों की पालना करने के लिए बड़ी लागत वाले प्रोजेक्ट चरण बद्ध तरीके से पूरे कर लिए जाएंगे। इसके लिए बकायदा समयबद्ध प्लान भी इनके समक्ष रखा गया।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>पांच साल बाद मिला था जीवनदान </strong></span><br />
कोटा थर्मल के पूर्व मुख्य अभियंता अजय सक्सेना की एक साल की कोशिशों के बाद जब प्रदूषण निवारण मानकों की पूरी पालना सुनिश्चित हुई तो राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इससे पूरी तरह मुतमईन होने के बाद कोटा थर्मल को वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 और जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1974 के प्रावधानों के तहत साल 2023 तक के लिए संचालन सहमति जारी कर दी। 6 नवंबर 2020 को इन्वायरमेंट क्लीयरेंस और संचालन सहमति कोटा थर्मल को मिली तो लगा कि न सिर्फ कोटा थर्मल को नया जीवन मिला है, बल्कि प्रदेश के सबसे पुराने प्लांट में पर्यावरण संरक्षण के साथ पूरी क्षमता से विद्युत उत्पादन की मिसाल भी कायम हो गई।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>अंदरखाने जारी रही साजिशें </strong></span><br />
हालांकि इसके बाद भी कोटा थर्मल को बंद करने की साजिशें अंदरखाने पुरजोर तरीके से चलती रहीं। नतीजन, राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम के दफ्तर में बैठे राजधानी के अफसरों ने बिजली उत्पादन में गाइडलाइन के उल्लंघन का दावा कर अप्रैल 2021 में कोटा थर्मल की पहली और दूसरी इकाई को बंद करने का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया। राज्य सरकार ने भी यूनिटों के अपग्रेडेशन की संभावनाएं तलाशने या फिर इन दोनों इकाइयों के बदले 660 मेगावाट की हाईटेक इकाइयां लगाने की बजाय कोटा थर्मल की सबसे उम्रदराज इकाइयों को बंद करने के प्रस्ताव पर मंजूरी का ठप्पा लगा दिया। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम ने गुरुवार को कोटा थर्मल की पहली और दूसरी इकाई को हमेशा के लिए बंद करने का न सिर्फ आदेश जारी कर दिया, बल्कि आईएल और जेके की तरह कोटा थर्मल का वजूद भी मिटाने की इबारत लिख डाली। आदेश के कोटा पहुंचते ही थर्मल कर्मचारियों में खासा रोष व्याप्त है। <span style="color: #ff0000;"><strong>आदेश के मुताबिक 30 जून 2021 से कोटा थर्मल की पहली और दूसरी इकाइयों को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। </strong></span></p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-thermals-first-and-second-power-generation-units-will-be-closed-forever-from-june-30/9341/">#TISExclusive जेके और आईएल की तरह मिटने लगा कोटा थर्मल वजूद, हमेशा के लिए बंद हुईं दो यूनिटें</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-thermals-first-and-second-power-generation-units-will-be-closed-forever-from-june-30/9341/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
