<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Tourism Archives - TIS Media</title>
	<atom:link href="https://tismedia.in/category/tourism/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://tismedia.in/category/tourism/</link>
	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
	<lastBuildDate>Wed, 05 Oct 2022 02:49:30 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/04/cropped-tis-media-logo-scaled-2-32x32.jpg</url>
	<title>Tourism Archives - TIS Media</title>
	<link>https://tismedia.in/category/tourism/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>कोटा के शाही दशहरे मेले की 10 कहानियांः 129 साल से कायम है परंपराओं का आकर्षण </title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/traditions-are-maintained-for-129-years-in-kota-royal-dussehra-fair/12356/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=traditions-are-maintained-for-129-years-in-kota-royal-dussehra-fair</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/traditions-are-maintained-for-129-years-in-kota-royal-dussehra-fair/12356/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 05 Oct 2022 02:49:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Do You Know]]></category>
		<category><![CDATA[Entertainment]]></category>
		<category><![CDATA[History and Culture]]></category>
		<category><![CDATA[History of the Day]]></category>
		<category><![CDATA[Knowledge]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[129th Dussehra Fair in Kota]]></category>
		<category><![CDATA[129th Dussehra Fair in Kota Vineet Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Celebration of Kota Dussehra Mela]]></category>
		<category><![CDATA[Cultural Journey of Kota Dussehra]]></category>
		<category><![CDATA[Dussehra in Kota]]></category>
		<category><![CDATA[History of Kota Dussehra fair]]></category>
		<category><![CDATA[Jagat Narayan]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Dussehra Mela 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Imperial Dussehra Fair]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Kota royal Dussehra]]></category>
		<category><![CDATA[of kota Dussehra Fair]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12356</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Kota कोटा दशहरा मेले का गौरवशाली इतिहास रहा है। नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत की झलक मेला और उसके आगाज की परंपराओं में देखने के लिए मिलती है। कोटा के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व सांसद इज्यराज सिंह कहते हैं कि आज परंपराओं के मूल स्वरूप को बरकार रखने के साथ पर्यटकों को जोडऩे की &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/traditions-are-maintained-for-129-years-in-kota-royal-dussehra-fair/12356/">कोटा के शाही दशहरे मेले की 10 कहानियांः 129 साल से कायम है परंपराओं का आकर्षण </a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Kota</span></strong> कोटा दशहरा मेले का गौरवशाली इतिहास रहा है। नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत की झलक मेला और उसके आगाज की परंपराओं में देखने के लिए मिलती है। कोटा के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व सांसद इज्यराज सिंह कहते हैं कि आज परंपराओं के मूल स्वरूप को बरकार रखने के साथ पर्यटकों को जोडऩे की जरूरत है। परंपराओं का आकर्षण बनाए रखने के लिए भी प्रयास करने की जरूरत है। मेले के स्वरूप को और ज्यादा व्यवस्थित किया जाना चाहिए। यहां आने वाले व्यवसायियों को सुरक्षा का माहौल मिले, उनके साथ अच्छा व्यवहार हो। मेले में होने वाले कार्यक्रमों को और ज्यादा लोकप्रिय बनाने की जरूरत है।</p>
<p>इज्यराज सिंह कहते हैं कि शासन-प्रशासन के साथ कोटा के लोगों की भी इस सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाने में भागीदारी होनी चाहिए। इस तरह सामूहिक प्रयासों से दशहरा मेले का वैभव पुन: लौटेगा और पूरे देश में फिर से पहचान कायम होगी। बाहर से मेला देखने आने वालों की संख्या में भी इजाफा होगा।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">इसलिए है खास कोटा का शाही दशहरा मेलाः- </span></strong><br />
<strong><span style="color: #ff0000;">&#8211;</span></strong> रावण को मारने की परंपरा तो हमारे समाज में सदियों से मौजूद है, लेकिन कोटा में आधुनिक दशहरा मेला की शुरुआत महाराव भीम सिंह द्वितीय के शासन काल (1889 से 1940 ई.) में हुई।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">&#8211;</span></strong> इस बार कोटा दशहरा मेला अपनी 129 वीं वर्षगांठ मनाएगा। 1951 में पहली बार अखिल भारतीय भजन-कीर्तन प्रतियोगिता के तौर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सूत्रपात हुआ।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">&#8211;</span></strong> इसके तीन साल बाद अखिल भारतीय कवि सम्मेलन और मुशायरा भी आ जुड़े। 1960 में पहली बार फिल्मी गायकों के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">&#8211;</span> </strong>टैक्स फ्री खरीदारी रियासतकालीन मेले का आकर्षण होता था। दुकानदारों से कोई चुंगी या कर नहीं लिया जाता था। उल्टा दुकानें लगाने और खाने-पीने का इंतजाम रियासत करती थी।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">&#8211;</span></strong> रावण की विद्वता का सम्मान करते हुए उसे रावण जी कह कर संबोधित किया जाता था। साथ ही रावण का दहन नहीं होता था, उसका वध किया जाता था।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">&#8211;</span></strong> रावण बड़ा विद्वान था, मृत्यु के द्वार पर खड़े रावण से दीक्षा लेने के लिए भगवान राम ने लक्ष्मण को उनके पास भेजा था। कोटा में रावण का सिर जमीन पर गिरते ही लोग उसकी लकडिय़ां बीनने के लिए दौड़ पड़ते थे। माना जाता था कि वह लक्ष्मण की तरह ही मरणासन्न रावण से जीवन का ज्ञान लेने जा रहे हैं।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">&#8211;</span></strong> 1960 में हरिवंश राय बच्चन ने दशहरा मेले में कविता पाठ किया। इससे पहले हेमन्त कुमार, मन्नाडे, गोपाल प्रसाद व्यास और मेघराज मुकुल सरीखे कलाकार भी यहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">&#8211;</span> </strong>लंगा मांगडियार परंपरा के नूर मुहम्मद लंगा और वीन बादक पेप खां को भी कोटा ने ही मंच दिया था।<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">(जैसा कि पूर्व राजपरिवार के सदस्य इज्यराज सिंह ने बताया) </span></strong></p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/traditions-are-maintained-for-129-years-in-kota-royal-dussehra-fair/12356/">कोटा के शाही दशहरे मेले की 10 कहानियांः 129 साल से कायम है परंपराओं का आकर्षण </a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/traditions-are-maintained-for-129-years-in-kota-royal-dussehra-fair/12356/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>16</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुकंदरा टाइगर रिजर्व को मिलेगा एक बाघ, एनटीसीए ने दी मंजूरी</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/mukandra-hills-tiger-reserve-will-get-one-tiger-from-ranthambore/12241/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=mukandra-hills-tiger-reserve-will-get-one-tiger-from-ranthambore</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/mukandra-hills-tiger-reserve-will-get-one-tiger-from-ranthambore/12241/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Sep 2022 02:15:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Administration]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[MHTR]]></category>
		<category><![CDATA[mukundra hills tiger reserve]]></category>
		<category><![CDATA[NTCA]]></category>
		<category><![CDATA[Ranthambore Tiger Reserve]]></category>
		<category><![CDATA[Tiger Reserve in Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12241</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Kota मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में जल्दी ही बाघों का जोड़ा तैयार होगा। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथाॅरिटी (NTCA) ने रणथंभाैर से एक नर बाघ शिफ्ट करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने आदेश भी कर दिए। रिजर्व के अधिकारी बाघ लाने की तैयारियाें में जुट गए हैं। यह &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/mukandra-hills-tiger-reserve-will-get-one-tiger-from-ranthambore/12241/">मुकंदरा टाइगर रिजर्व को मिलेगा एक बाघ, एनटीसीए ने दी मंजूरी</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong></span> मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में जल्दी ही बाघों का जोड़ा तैयार होगा। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथाॅरिटी (NTCA) ने रणथंभाैर से एक नर बाघ शिफ्ट करने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन ने आदेश भी कर दिए। रिजर्व के अधिकारी बाघ लाने की तैयारियाें में जुट गए हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ghost-faculty-in-vmou-kota/12228/">VMOU पर “भुतहा शिक्षकों” का साया</a></strong></p>
<p>सीएफ एवं फील्ड डायरेक्टर मुकंदरा रिजर्व एसपी सिंह ने  बताया कि मुकुंदरा में अभी एक बाघिन है। जिसका जोड़ा बनाने के लिए जल्द ही बाघ लाया जाएगा। रणथंभौर से आने वाले इस बाघ काे फिलहाल सेल्जर के एक हैक्टेयर में साॅफ्ट रिलीज किया जाएगा। बाद में हाॅर्ड रिलीज किया जाएगा। तब एमटी-4 बाघिन काे नया साथी मिल सकेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः<a href="https://tismedia.in/kota-news/education-kota-news/students-protested-in-vmou-kota/12213/"> अव्यवस्थाओं से जूझता वर्धमान महावीर खुला विवि, छात्रों ने किया प्रदर्शन</a></strong></p>
<p>रिटायर डीसीएफ दाैलतसिंह शक्तावत ने कहा कि मुकंदरा के लिए यह खुशखबरी है। मुकंदरा के लिए बाघ जरूरी है। इससे यहां भी बाघ का जाेड़ा हाे जाएगा। पर्यटन के लिए नए रूट भी खुलेंगे। कोटा के लिए एक बाघ और एक बाघिन लाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन एनटीसीए ने एक बाघ शिफ्ट करने की ही परमिशन दी है। रणथंभाैर से बाघ लाकर एनक्लाेजर में साॅफ्ट रिलीज के बाद हाॅर्ड रिलीज किया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/mukandra-hills-tiger-reserve-will-get-one-tiger-from-ranthambore/12241/">मुकंदरा टाइगर रिजर्व को मिलेगा एक बाघ, एनटीसीए ने दी मंजूरी</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/mukandra-hills-tiger-reserve-will-get-one-tiger-from-ranthambore/12241/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Kota Tourism: किशोर सागर में फिर तैरेगी नाव, बस से होंगे कोटा दर्शन</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-tourism-tourist-bus-will-conduct-kota-darshan-on-sunday/12141/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=kota-tourism-tourist-bus-will-conduct-kota-darshan-on-sunday</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-tourism-tourist-bus-will-conduct-kota-darshan-on-sunday/12141/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Sep 2022 02:13:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Career]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Historical Places In Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Kishore Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[Tou]]></category>
		<category><![CDATA[Tourist Bus In Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Tourist Places In Kota]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12141</guid>

					<description><![CDATA[<p>किशोर सागर में चलेगी वोट विद रेस्टोरेंट व वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां होंगी शुरू प्रत्येक रविवार को पर्यटन बस का होगा विशेष संचालन, चंबल में क्रूज चलाने की फिर होगी कोशिश  TISMedia@Kota किशोर सागर में पसरा सन्नाटा एक बार फिर टूटेगा। पर्यटकों के आकर्षण के लिए किशोर सागर में वोट विद रेस्टोरेंट व वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-tourism-tourist-bus-will-conduct-kota-darshan-on-sunday/12141/">Kota Tourism: किशोर सागर में फिर तैरेगी नाव, बस से होंगे कोटा दर्शन</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>किशोर सागर में चलेगी वोट विद रेस्टोरेंट व वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां होंगी शुरू</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>प्रत्येक रविवार को पर्यटन बस का होगा विशेष संचालन, चंबल में क्रूज चलाने की फिर होगी कोशिश </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota </strong><span style="color: #000000;">किशोर सागर में पसरा सन्नाटा एक बार फिर टूटेगा। पर्यटकों के आकर्षण के लिए किशोर सागर में वोट विद रेस्टोरेंट व वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू होंगी। इसके साथ ही हर रविवार को कोटा दर्शन के लिए विशेष पर्यटक बस का भी संचालन किया जाएगा। जिला कलक्टर ओपी बुनकर की अध्यक्षता में पर्यटन सलाहकार समिति की बैठक में ये निर्णय लिए गए।</span></span></p>
<p>जिला कलक्टर ने कहा कि कोटा में पुरामहत्व के स्थलों एवं आधुनिक विकास कार्यों में तैयार किए गए विभिन्न स्थलों में पर्यटन विकास की विपुल सम्भावनाएं हैं। सभी विभाग आपसी समन्वय से इस प्रकार कार्य करें कि पर्यटक सुविधाओं का विस्तार होने के साथ देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि एतिहासिक स्थलों, धार्मिक स्थलों एवं इको-टूरिज्म के लिए चिन्हित स्थानों पर पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं का विकास एवं आसान पहुंच के लिए सभी विभाग समन्वय से कार्य करें। उन्होंने कहा कि किशोर सागर में देशी-विदेशी पर्यटकों एवं देशभर से आने वाले कोचिंग विद्यार्थियों के लिए वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां आकर्षण का केन्द्र होंगी। उन्होंने कहा कि दीपावली से पूर्व नगर विकास न्यास निविदा संबंधी सभी प्रक्रिया पूरी कर वाटर स्कूटर एवं अन्य स्पोटर्स गतिविधियां तथा बोट विद रेस्टोरेंट संचालन को पूरा कराएं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/congress-leaders-clash-in-rajasthan-ashok-chandna-sachin-pilot-ashok-gehlot/12135/">राजस्थान में कांग्रेस टूटने से नहीं बचा पा रहे भारत जोड़ने निकले राहुल गांधी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong> छूट का मिले फायदा, बढ़ें सुविधाएं </strong></span><br />
जिला कलक्टर ने कहा कि कोटा में इको-टूरिज्म के क्षेत्र में चम्बल एवं सहायक नदियों तथा मुकुन्दरा अभ्यारण्य में देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित की जाकर उनका प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे बाहर से पर्यटक आ सकें। उन्होंने जिले के मेलों, त्यौहारों के अवसर पर देशी-विदेशी पर्यटकों को बुलाने के लिए पर्यटन विभाग को प्लान बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने के बाद होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को विद्युत राशि जमा करने में देय छूट का लाभ सभी पात्र लोगों को दिया जाए। उन्होंने पुरातत्व विभाग के अधीन ऐतिहासिक स्मारकों की रख-रखाव एवं सुरक्षा के लिए भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को गरड़िया महादेव जाने वाले पर्यटकों, चम्बल में बोट से भ्रमण करने वाले पर्यटकों को सुविधाओं का विकास करने एवं अनावश्यक चार्ज नहीं लेने का निर्देश दिए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/aimim-will-contest-40-seats-in-rajasthan-assembly-elections-2023/12124/">Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्&#x200d;थान में 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी ओवैसी की AIMIM</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong> रंगपुर में भी बनेगा रिवर फ्रंट </strong></span><br />
अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने देशभर से आने वाले विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए पर्यटक स्थलों की जानकारी देने साहित्य तैयार करने, प्रत्येक रविवार को कोटा दर्शन के रूप में सभी पर्यटक स्थलों को जोड़ते हुए बस संचालन करने का सुझाव दिया। उपनिदेशक पर्यटन विकास पंड्या ने एंजेडावार पर्यटन विकास की आवश्यकताओं के बारे विस्तार से जानकारी देकर बताया कि रंगपुर स्थित चम्बल घाट को रिवर फ्रंट की तरह विकसित करने के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया है। मुकुन्दरा में इन्टरप्रिटेशन सेन्टर खोलने के लिए भी प्रस्ताव तैयार कर भिजवाया गया है। इन्टेक के जिला समन्वय निखलेश शेट्टी ने शहर के चम्बल गार्डन के पास स्थित हाथी व घोड़े की प्राचीन प्रतिमाओं, घोड़े वाला सर्किल की प्रतिमा व माला रोड़ वाच टावर के रखरखाव व सुरक्षा के प्रस्ताव तैयार करने का सुझाव दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/jaipur-police-caught-fake-dry-fruit-pistachios-and-almonds/12127/">OMG! बादाम और पिस्ता भी नकली, ड्राई फ्रूट मार्केट में सीआईडी का छापा, 150 किलो माल जब्त</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बैठक में हुए निर्णय</strong></span><br />
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रतिवर्ष कोटा फेस्टिवल का विस्तृत प्लान तैयार किया जायेगा। दशहरा मेला में इस वर्ष देश के सांस्कृतिक केन्द्रों से समन्वय कर कलाकारों से प्रस्तुति दिलाई जायेगी। मुकुन्दरा में पर्यटकों के लिए 1 अक्टूबर से टाईगर सफारी शुरू की जायेगी। फरवरी माह में चम्बल बायोडायवर्सिटी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन होगा। चम्बल नदी में क्रूज संचालन, किशोर सागर में बोट विद रेस्टोरेंट एवं वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू होंगी। प्रत्येक रविवार को शहर के प्रमुख पर्यटक स्थलों को जोड़ते हुए पर्यटन विशेष बस का संचालन पर्यटन विभाग द्वारा किया जायेगा। रेल्वे स्टेशन पर नगर विकास न्यास कोटा के प्रमुख पर्यटक स्थलों के फ्लैक्स लाईटिंग व जानकारी के साथ प्रदर्शित करेगा। चम्बल के रंगपुर घाट के पास स्थित सार्वजनिक निर्माण विभाग के पुराने रेस्ट हाउस का जिर्णोद्धार व सौंदर्यकरण कराया जायेगा। इस अवसर पर पर्यटन अधिकारी संदीप श्रीवास्तव, सहायक उपवन संरक्षक आरएस भंडारी, उपवन संरक्षक सुरेन्द्र धाकड़, अधीक्षक गार्डन रामराज दुलारिया, अधिशाषी अभियंता यूआईटी एनके सिंघल, ज्योति वर्मा, केईडीएल के प्रतिनिधि आशुतोष सिंह, एडीईओ राजेश मीना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-tourism-tourist-bus-will-conduct-kota-darshan-on-sunday/12141/">Kota Tourism: किशोर सागर में फिर तैरेगी नाव, बस से होंगे कोटा दर्शन</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/kota-tourism-tourist-bus-will-conduct-kota-darshan-on-sunday/12141/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Festival Special Train Route Schedule fare: मुंबई बनारस के बीच चलेगी ये ट्रेन</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/festival-special-train-route-schedule-for-run-between-mumbai-to-banaras/11262/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=festival-special-train-route-schedule-for-run-between-mumbai-to-banaras</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/festival-special-train-route-schedule-for-run-between-mumbai-to-banaras/11262/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Oct 2021 08:11:15 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Chhath Puja Special Trains]]></category>
		<category><![CDATA[Diwali Special Trains]]></category>
		<category><![CDATA[DRM Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Festival Special Train List]]></category>
		<category><![CDATA[Festival Special Train Online Ticket Booking]]></category>
		<category><![CDATA[Festival Special Train Route]]></category>
		<category><![CDATA[Festival Special Train Schedule]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Railways]]></category>
		<category><![CDATA[IRCTC]]></category>
		<category><![CDATA[IRCTC Special Trains]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Junction]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Railway Station]]></category>
		<category><![CDATA[latest news]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=11262</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Kota त्यौहारी सीजन दिवाली और छठ पर्व के अवसर पर बढ़ते यात्री यातायात तथा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने 27 अक्टूबर से लेकर 19 नवंबर के बीच मुंबई सेंट्रल बनारस मुंबई सेंट्रल स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह गाड़ी पूर्णतः आरक्षित रहेगी तथा दोनों दिशाओं में 4-4 &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/festival-special-train-route-schedule-for-run-between-mumbai-to-banaras/11262/">Festival Special Train Route Schedule fare: मुंबई बनारस के बीच चलेगी ये ट्रेन</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong></span> त्यौहारी सीजन दिवाली और छठ पर्व के अवसर पर बढ़ते यात्री यातायात तथा यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन ने 27 अक्टूबर से लेकर 19 नवंबर के बीच मुंबई सेंट्रल बनारस मुंबई सेंट्रल स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह गाड़ी पूर्णतः आरक्षित रहेगी तथा दोनों दिशाओं में 4-4 फेरे चलाई जाएगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/tis-utility/utility-news/indian-railways-will-run-110-special-trains-from-diwali-to-chhath/11257/">यात्रीगण कृपया ध्यान दें: दिवाली से लेकर छठ तक चलेंगी 110 Special Trains</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>जानिए टाइम टेबल:  <span style="color: #0000ff;">मुम्बई से बनारस </span></strong></span><br />
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अजय कुमार पाल ने बताया कि गाड़ी संख्या 09183 मुंबई सेंट्रल से 27 अक्टूबर, 3 नवंबर, 10 नवंबर और 17 नवंबर को मुंबई सेंट्रल से प्रत्येक बुधवार रात्रि 11:00 बजे प्रस्थान करके दूसरे दिन गुरुवार को दोपहर 12:20 बजे कोटा आकर 12:25 बजे कोटा से प्रस्थान करेगी तथा सवाई माधोपुर से दोपहर 1:45 बजे, भरतपुर से शाम 4:45 बजे प्रस्थान करके शुक्रवार दोपहर 2:00 बजे बनारस पहुंचेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः<a href="https://tismedia.in/national/rahul-gandhi-not-understanding-modis-power-says-prashant-kishore/11252/"> गलतफहमी में जी रहे राहुल गांधी, नहीं समझ रहे मोदी की ताकत: प्रशांत किशोर</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">जानिए टाइम टेबल:</span> <span style="color: #0000ff;">बनारस से मुम्बई</span></strong><br />
इसी तरह वापसी में गाड़ी संख्या 09184 बनारस से मुंबई सेंट्रल प्रत्येक शुक्रवार 29 अक्टूबर, 5 नवंबर, 12 नवंबर तथा 19 नवंबर को बनारस से शुक्रवार शाम 7:30 बजे प्रस्थान करके भरतपुर से शनिवार दोपहर 12:32 बजे, सवाई माधोपुर से दोपहर 3:02 बजे प्रस्थान करके शनिवार को ही कोटा में शाम 4.20 बजे आएगी तथा 4:25 बजे कोटा से प्रस्थान करके रविवार को प्रातः 7:20 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/covid19-death-cases-today-in-india/11247/">CORONA: 24 घंटों में 733 ने तोड़ा दम &#8220;मौत&#8221; ने फिर बढ़ाई चिंता</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कहां कहां होगा ठहराव</strong></span><br />
मार्ग में दोनों दिशाओं में इस स्पेशल ट्रेन का वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, अचनेरा, मथुरा, कासगंज, फर्रुखाबाद, कानपुर (अनवरगंज), लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, जंघई और भदोही स्टेशनों पर ठहराव रहेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/encounter-again-in-up-stf-shot-two-shooters-of-mukhtar-ansari/11242/">यूपी में फिर Encounter: मुख्तार अंसारी के दो शूटर STF ने किए ढ़ेर</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>जानिए कितने कोच होंगे </strong></span><br />
इस स्पेशल ट्रेन में वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के 2 कोच, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 8 कोच, शयनयान श्रेणी के 2 कोच, द्वितीय श्रेणी सामान्य के 2 कोच, एसएलआर ब्रेकवान के 2 कोच तथा पैंट्री कार सहित कुल 17 कोच रहेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/festival-special-train-route-schedule-for-run-between-mumbai-to-banaras/11262/">Festival Special Train Route Schedule fare: मुंबई बनारस के बीच चलेगी ये ट्रेन</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/festival-special-train-route-schedule-for-run-between-mumbai-to-banaras/11262/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>PM मोदी ने UP में 9 मेडिकल कॉलेजों का किया लोकार्पण</title>
		<link>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/pm-modi-inaugurate-9-medical-colleges-in-up/11149/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=pm-modi-inaugurate-9-medical-colleges-in-up</link>
					<comments>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/pm-modi-inaugurate-9-medical-colleges-in-up/11149/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Oct 2021 06:47:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[UTTAR PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[cm yogi adityanath]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi in UP]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi inaugurates medical colleges in UP]]></category>
		<category><![CDATA[Political News Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Siddharthnagar]]></category>
		<category><![CDATA[UP Elections 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh Assembly Elections]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=11149</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Lucknow प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर सिद्धार्थनगर सिद्धार्थनगर पहुंचे। जहां उन्होंने 2,329 करोड़ की लागत से बने 9 मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया। भारत माता की जय के नारों के साथ पीएम ने कहा कि आज पूर्वांचल और यूपी को आरोग्य की डबल डोज मिली है। स्वस्थ और निरोग भारत का &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/pm-modi-inaugurate-9-medical-colleges-in-up/11149/">PM मोदी ने UP में 9 मेडिकल कॉलेजों का किया लोकार्पण</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Lucknow </strong></span>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर सिद्धार्थनगर सिद्धार्थनगर पहुंचे। जहां उन्होंने 2,329 करोड़ की लागत से बने 9 मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया। भारत माता की जय के नारों के साथ पीएम ने कहा कि आज पूर्वांचल और यूपी को आरोग्य की डबल डोज मिली है। स्वस्थ और निरोग भारत का सपना पूरा हो रहा है। आप सभी को बधाई।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/ministers-of-his-own-government-engaged-in-defeating-cm-yogi-in-up-assembly-elections/11046/">UP Assembly Elections 2022: योगी को चुनाव हराकर ही मानेंगे उनके ये बिगड़ैल मंत्री</a></strong></p>
<p>पीएम ने आगे कहा कि इस पवित्र धरती का आर्शीवाद लेने आया हूं। आज का दिन पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के लिए आरोग्य की डबल डोज लेकर आया है। केंद्र व यूपी में जो सरकार है, वो अनेकों कर्मयोगियों व दशकों की तपस्या का फल है। सिद्धार्थनगर ने भी स्वर्गीय माधव प्रसाद त्रिपाठी जी के रूप में एक ऐसा समर्पित प्रतिनिधि देश को दिया, जिनका अथक परिश्रम राष्ट्र के काम आ रहा है। पीएम ने कहा कि माधव बाबू ने राजनीति में कर्मयोग की स्थापना के लिए पूरा जीवन खपा दिया। यूपी भाजपा के पहले अध्यक्ष के रूप में, केंद्र में मंत्री के रूप में पूर्वांचल के विकास की चिंता की। इसलिए सिद्धार्थनगर के मेडिकल कॉलेज का नाम &#8216;माधव बाबू&#8217; के नाम पर रखना, उनके प्रति सेवा भाव के प्रति सच्ची कार्यांजली है। इसके लिए सीएम योगी सरकार को बधाई देता हूं। माधव बाबू का नाम, यहां से पढ़कर निकलने वाले युवा डॉक्टरों को जनसेवा की निरंतर प्रेरणा भी देगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/bjp-national-vice-president-babyrani-maurya-controversial-statement-women-should-not-go-to-the-police-station-after-sunset/11041/">अंधेरा होने के बाद थाने न जाएं महिलाएं, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने उड़ाई योगी सरकार की धज्जियां</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>यूपी और पूर्वांचल में है विस्तृत विरासत</strong></span><br />
यूपी और पूर्वांचल में आस्था, आध्यम और सामाजिक जीवन से जुड़ी बहुत विस्तृत विरासत है। इस विरासत को स्वस्थ, सक्षम, समृद्ध उत्तर प्रदेश के भविष्य के साथ भी जोड़ा जा रहा है। आज जो 9 जिलों में मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया है, उनमें यह दिखता भी है। सिद्धार्थनगर में माधव प्रसाद तिवारी मेडिकल कॉलेज, देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, गाजीपुर में महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज, मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज, प्रतापगढ़ में डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज, एटा में वीरांगना अवंतीबाई लोधी मेडिकल कॉलेज, फतेहपुर और हरदोई समेत 9 मेडिकल कॉलेज पूर्वांचल की सेवा करने को तैयार हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/up-congress-priyanka-gandhi-flag-off-pratigya-yatra-starts-today-on-barabanki-up/11052/">Congress Pratigya Yatra: प्रियंका गांधी ने की 20 लाख सरकारी नौकरी देने की घोषणा, बोलीं- &#8216;हम वचन निभाएंगे&#8217;</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>हमने दीं दो-दो स्वदेशी वैक्सीन </strong></span><br />
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से त्रस्त है। दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतें सदी की इस महामारी के सामने असहाय दिख रही हैं। उस समय विपरीत और चुनौतीपूर्ण स्थितियों में दो-दो स्वदेशी वैक्सीन देकर 100 करोड़ से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन पूरा कर पूरी दुनिया के सामने अपने नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/tis-utility/technology/facebook-is-spreading-lies-and-hatred-in-india-revealed-in-the-report/11146/">खुलासाः facebook बना फेकबुक, भारत में फैला रहा झूठ और नफरत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>हर जिले में हो एक मेडिकल कालेज</strong></span><br />
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य, परिवार एवं कल्याण मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि पीएम की सोच है कि हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज हो। एक दिन में 9 मेडिकल कालेजों को समर्पित किया जा रहा है। यह छोटी बात नहीं है। सभी जिलों में रहने वाले लोगों को हेल्थ की सुविधाएं मिलेगी। इसके आसपास रोजगार के अवसर मिलेंगे। पिछले 7 साल में स्वास्थ्य सेवा में सुधार हुआ। 170 मेडिकल कालेज खुले हैं। 27 मेडिकल कालेज सिर्फ यूपी में खुले है। पहले 51 हजार सीटें थीं अब 32 हजार सीटों की वृद्धि हुई है।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>यह भी पढ़ेंः<a href="https://tismedia.in/entertainment/sports/t20-world-cup-questions-raised-about-the-strategy-of-the-indian-cricket-team/11135/"> T20 World Cup: पाक के हाथों करारी हार के बाद टीम इंडिया पर चुभते सवालों की बौछार</a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>काशी से 5189 करोड़ के प्रोजेक्ट का लोकार्पण</strong></span><br />
वहीं, अपने संसदीय क्षेत्र काशी से देश को &#8216;आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत&#8217; योजना का उपहार देंगे। इसके साथ ही वह 5189 करोड़ रुपए की 28 परियोजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे। इनमें से 15 परियोजनाएं ऐसी हैं, जो सड़क मार्ग से आवागमन की सहूलियत बढ़ाएंगी, साथ ही शहर में जाम की समस्या से भी निजात दिलाएंगी। इसके अलावा पर्यटन के नए केंद्र रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे तो गांवों में किसानों को घर बैठे अपनी आय बढ़ाने के साधन भी मिलेंगे। इस वजह से प्रधानमंत्री का यह दौरा वाराणसी और उसके इर्दगिर्द के पूर्वांचल के अन्य जिलों के लोगों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/pm-modi-inaugurate-9-medical-colleges-in-up/11149/">PM मोदी ने UP में 9 मेडिकल कॉलेजों का किया लोकार्पण</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/pm-modi-inaugurate-9-medical-colleges-in-up/11149/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वाह! उत्तीम मियांः सिर्फ 115 साल में बसा दिया 800 लोगों का भरा पूरा गांव</title>
		<link>https://tismedia.in/india/nadkari-jharkhand-the-worlds-largest-family-village-with-a-population-of-800-people/10161/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=nadkari-jharkhand-the-worlds-largest-family-village-with-a-population-of-800-people</link>
					<comments>https://tismedia.in/india/nadkari-jharkhand-the-worlds-largest-family-village-with-a-population-of-800-people/10161/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 27 Jul 2021 07:19:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Art and Literature]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Do You Know]]></category>
		<category><![CDATA[Global]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Knowledge]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Life Style]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[V Talk]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Vaccination]]></category>
		<category><![CDATA[covid 19]]></category>
		<category><![CDATA[koderma jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[Nadkari Jharkhand]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[uttar pradesh population control bill 2021]]></category>
		<category><![CDATA[worlds largest family]]></category>
		<category><![CDATA[Ziona Chana]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10161</guid>

					<description><![CDATA[<p>कोरोना से पूरी तरह महफूज रहा झारखंड के घने जंगलों के बीच बसा एक ही परिवार का यह गांव  आंगनबाड़ी, स्कूल और मदरसा तक यहां मौजूद, पूरा गांव लगवा चुका हैं कोरोना की वैक्सीन  TISMedia@Ranchi एक तरफ तो लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बेकाबू होती आबादी की लगाम खींचने की कोशिशों को लेकर बहस चल &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/nadkari-jharkhand-the-worlds-largest-family-village-with-a-population-of-800-people/10161/">वाह! उत्तीम मियांः सिर्फ 115 साल में बसा दिया 800 लोगों का भरा पूरा गांव</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>कोरोना से पूरी तरह महफूज रहा झारखंड के घने जंगलों के बीच बसा एक ही परिवार का यह गांव </strong></li>
<li><strong>आंगनबाड़ी, स्कूल और मदरसा तक यहां मौजूद, पूरा गांव लगवा चुका हैं कोरोना की वैक्सीन </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@Ranchi</strong> एक तरफ तो लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बेकाबू होती आबादी की लगाम खींचने की कोशिशों को लेकर बहस चल रही है, वहीं दूसरी ओर दुनिया के सामने झारखंड का एक ऐसा गांव सामने आया है जहां एक ही शख्स से पैदा हुए कुनबे ने सिर्फ 115 साल में पूरा गांव बसा दिया। गांव भी छोटा मोटा नहीं, बल्कि 800 लोगों की आबादी वाला भरा पूरा कुनबा यहां बसा है।</p>
<figure id="attachment_10163" aria-describedby="caption-attachment-10163" style="width: 750px" class="wp-caption aligncenter"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-full wp-image-10163" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/07/ziona-chana.jpg" alt="tis media, Ziona Chana" width="750" height="506" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/07/ziona-chana.jpg 750w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/07/ziona-chana-300x202.jpg 300w" sizes="(max-width: 750px) 100vw, 750px" /><figcaption id="caption-attachment-10163" class="wp-caption-text">जियोना चायना अपने परिवार के साथ। फाइल फोटो</figcaption></figure>
<p>मिजोरम का एक गांव है बटवंग&#8230; जिसके बाशिंदे जियोना चाना ने इसे दुनिया भर में मशहूर कर दिया था&#8230; वह भी अकेले के दम पर। चौंकिए मत, यह सुर्खियां भरे ही जियोना के लिए शौहरत देने वाली हों, लेकिन आबादी का जिक्र छिड़ते ही मिजोरम जैसे छोटे राज्य और भारत जैसे बड़ी आबादी वाले देश के लिए हर वैश्विक मंच पर शर्मिंदगी का शबब बन गई थीं।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/152-bjp-mlas-of-uttar-pradesh-have-more-than-2-children/9983/">UP Population Control Bill: योगी जी! पहले अपने नेताओं की तो नसबंदी करवा लो</a></strong></p>
<p><strong>कौन था जियोना चाना </strong><br />
जियोना चाना दुनिया के सबसे बड़े परिवार का मुखिया था। जिसकी जून 2021 में करीब 77 साल की उम्र में मृत्यु हो गई। मरने से पहले उनके अजीबो-गरीब शौक ने बटवंग में करीब-करीब एक मुहल्ले की आबादी जितना बड़ा परिवार खड़ा कर दिया। जियोना ने एक दो नहीं बल्कि 39 शादियां करने का रिकॉर्ड बनाया। उनकी इन पत्नियों से 94 बच्चे पैदा हुए। जिनकी 14 बहुएं और 33 पोते-पोतियों के साथ एक प्रपौत्र यानि आबादी बढ़ाने का सिलसिला चौथी पीढ़ी तक जा पहुंचा था। दुनिया के इस सबसे बड़े परिवार के रहने के लिए एक दो नहीं बल्कि 100 कमरे वाला मकान बनवाना पड़ा था।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/yogi-adityanath-government-prepared-a-new-law-to-control-population-in-uttar-pradesh/9840/">योगी का नया वारः 2 से ज्यादा बच्चे पैदा किए तो नहीं मिलेगा इन 77 सरकारी सुविधाओं का लाभ</a></strong></p>
<p><strong>खाने की खपत कि पूछो मत </strong><br />
आप यह जानकर हैरत में पड़ जाएंगे कि उनके सबसे छोटे बेटे पारलियाना की उम्र 55 साल है। यानि, जब जियोना सिर्फ 24 साल के थे तब यह पैदा हुआ। इस परिवार के खाने की खपत का अंदाजा लगाना तक आपके लिए मुश्किल है, क्योंकि एक छोटा-मोटा परिवार इतना खाना साल भर में खा पाता है। यह परिवार रोजाना करीब 45 किलो चावल, 25 किलो दाल, 60 सब्जियां, 20 किलो फल, 30-40 मुर्गे और दर्जनों अंडे खाता है। जियोना ने इतनी शादियां क्यों की? इसका जवाब देते हुए पारलियाना कहते हैं कि वह मिजोरम की एक लुप्त प्राय समझी जाने वाली जनजाति से ताल्लुक रखते हैं। इस जाति में कई शादियां करने की परंपरा है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-coaching-faculty-brutally-crushed-a-two-year-old-girl-died-on-the-spot/10149/">कोचिंग फैकल्टी की कार ने दो साल की मासूम बच्ची को बेरहमी से कुचला, मौके पर ही तोड़ा दम</a></strong></p>
<p><strong>उत्तीम मियां ने कमजोर किया जियाना का दावा </strong><br />
उत्तीम मियां&#8230; कोरोना काल से पहले गुमनाम इस शख्स से दुनिया रातों रात वाकिफ हो गई। कोरोना के कहर से बचने वाले बड़ी आबादी के इलाकों की छानबीन शुरू हुई तो अचानक दुनिया के नक्शे पर उभरा झारखंड का काडरमा जिले का &#8220;नादकरी ऊपर टोला&#8221;&#8230;! नाम के मुताबिक तो इसकी पहचान एक ऐसे टोले या दल से होती है जहां एक ही कुनबे के लोग बसे हों, लेकिन जब लोग यहां पहुंचे तो पता चला कि यह कुनबा इतना बड़ा है कि पूरा गांव ही बसा दिया&#8230;! हां, चौंकना लाजमी है, क्योंकि उत्तीम मियां के परिवार में एक दो नहीं 800 से भी ज्यादा लोगों का नाम शुमार है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-ministers-could-not-decide-the-date-of-opening-the-school-left-the-decision-to-the-central-government/10145/">राजस्थान के मंत्री तय नहीं कर पाए कब से खोलें स्कूल, गेंद अब केंद्र के पाले में</a></strong></p>
<p><strong>115 साल और 800 बच्चे </strong><br />
75 साल के कमालुद्दीन बताते हैं कि उनके दादा उत्तीम मियां वर्ष 1905 में अपने पिता बाबर अली और बीवी के साथ गिरिडीह जिले के रेंबा बसकुपाय गांव को छोड़कर जंगलों में आ बसे। घर छोड़कर आने की वजह तो नहीं पता, लेकिन जब यह तीनों कोडरमा पहुंचे तो घने जंगलों के बीच उन्होंने अपनी झोंपड़ी बनाई। फिर, जंगलों को साफ कर खेती-बाड़ी का इंतजाम किया। उत्तीम मियां के पांच बेटे मोहम्मद मियां, इब्राहिम मियां, हनीफ अंसारी, करीम बख्श और सदीक मियां हुए। उनकी शादियां कहां और कैसे हुईं, यह तो कोई नहीं बताता, लेकिन इन पांचों बेटों और उनकी बहुओं ने 39 संतानों यानि 26 बेटे और 13 बेटियों को जन्म दिया। उत्तीम मियां के पोते हकीम अंसारी बताते हैं कि शुरुआत में तो आपस में ही चचेरे भाई-बहनों के बीच शादियां हुईं। जिनसे 73 बेटे पैदा हुए और फिर उनके बाद अब कुनबा बढ़कर 800 लोगों का हो चुका है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/udh-minister-shanti-dhariwal-fell-on-the-stairs-in-ajmer/10136/">कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशानाः गुलदस्ता लेने के चक्कर में गिरे मंत्री, महिला डिप्टी को लगाई फटकार</a></strong></p>
<p><strong>बसा दिया पूरा गांव </strong><br />
82 साल के हकीम अंसारी कहते हैं कि उनके दादा उत्तीम मियां ने जिस गांव को बसाया उसका नाम रखा गया &#8220;नादकरी ऊपर टोला&#8221;..। टोले का मतलब जैसा कि आप जानते ही हैं कि एक जैसे लोगों का झुंड होता है&#8230; ठीक उसी तरह यह गांव उत्तीम मियां की संतानों का ही है। इसमें उत्तीम मियां के परिवार के अलावा कोई दूसरा परिवार आकर नहीं बसा। हां, परिवार के कुछ लोग जरूर रोजी-रोटी की तलाश में गांव छोड़कर शहरों की ओर निकल गए। इन लोगों में से कई की तो सरकारी नौकरी है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/chief-minister-ashok-gehlot-approval-for-free-allotment-of-1250-acres-of-land-for-kota-greenfield-airport/10120/">मुफ्त की जमीन पर निजी कंपनियां बनाएंगी कोटा ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट, 74 फीसदी तक होगी हिस्सेदारी</a></strong></p>
<p><strong>खुशहाली की कमी नहीं </strong><br />
उत्तीम मियां ने जिन जंगलों को साफ कर खेती-बाड़ी शुरू की थी अब उसे गांव में बचा परिवार संभालता है। धान से लेकर दालें, गेंहू और सब्जियां तक उगाते हैं। हालांकि, अब पहले जैसे हालात नहीं हैं। खेतों की मेढ़बंदी हो चुकी है इसीलिए जिस तेजी से परिवार बढ़ रहा है। आय के साधन कम होते जा रहे हैं। हालांकि गांव, में खुशहाली की कोई कमी नहीं है। पक्के मकान, सड़कें, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और मदरसे के साथ सरकारी स्कूल  और मस्जिदें सबकुछ गांव में है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/crime/three-friends-murdered-a-young-man-on-suspicion-of-theft-in-kota/10100/">&#8220;जेम्स बॉड&#8221; बनने के चक्कर में तीन दोस्तों ने कर डाली युवक की हत्या, बदलते रहे लाश का ठिकाना</a></strong></p>
<p><strong>वैक्सीनेशन में मारी बाजी  </strong><br />
कोरोना के कहर से पूरी तरह सुरक्षित बचे इस गांव की खबरें जब सामने आईं तो स्वास्थ्य विभाग के लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के जांच दल यहां पहुंचे। उत्तीम मियां के 70 वर्षीय पोते मोइनुद्दीन अंसारी बताते हैं कि कोरोना के दौरान हमने गांव में किसी को नहीं घुसने दिया। जो लोग शहर में या दूसरी जगहों पर रह रहे थे उन्हें भी बोल दिया कि वह अपने घरों में सुरक्षित रहें, लेकिन गांव न आएं। कुछ लोगों को आर्थिक परेशानियां हुईं तो उन्हें मदद भिजवा दी गई। घने जंगलों से घिरा होने के कारण गांव तक कोरोना पहुंच ही नहीं सका। इसीलिए मौत की बात तो दूर एक भी शख्स संक्रमित नहीं हुआ। मोइनुद्दीन कहते हैं कि इसके बाद जैसे ही वैक्सीनेशन शुरू हुआ हमने सारी विवादों को दरकिनार कर वैक्सीन लगवाने की पहल की। आंगनबाड़ी सहायिका अफसाना खातून व सहिया हाजरा खातून ने बताया कि वैक्सीन को लेकर इस गांव में किसी तरह की भ्रांति नहीं है। यहां के करीब 50 फीसद लोग गांव की ही आंगनबाड़ी केंद्र पर  वैक्सीन लगवा चुके हैं। आंगनबाड़ी में वैक्सीन खत्म हुई तो यह लोग वैक्सीन लगवाने के लिए सीएचसी मरकच्चो पहुंच गए। उत्तीम मिया के गांव नादकरी लगभग 100 फीसदी लोग वैक्सीन लगवा चुके हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/nadkari-jharkhand-the-worlds-largest-family-village-with-a-population-of-800-people/10161/">वाह! उत्तीम मियांः सिर्फ 115 साल में बसा दिया 800 लोगों का भरा पूरा गांव</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/india/nadkari-jharkhand-the-worlds-largest-family-village-with-a-population-of-800-people/10161/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सिंधिया की सौगातः कोटा में बनाएंगे बेहतरीन आधुनिक सुविधायुक्त एयरपोर्ट</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/civil-aviation-minister-jyotiraditya-scindia-promised-to-build-a-green-field-airport-in-kota-soon-to-the-speaker-of-the-lok-sabha/9919/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=civil-aviation-minister-jyotiraditya-scindia-promised-to-build-a-green-field-airport-in-kota-soon-to-the-speaker-of-the-lok-sabha</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/civil-aviation-minister-jyotiraditya-scindia-promised-to-build-a-green-field-airport-in-kota-soon-to-the-speaker-of-the-lok-sabha/9919/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 13 Jul 2021 10:48:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Administration]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[MADHYA PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Travel]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Civil Aviation Minister]]></category>
		<category><![CDATA[green field airport Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Jyotiraditya Scindia]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Speaker]]></category>
		<category><![CDATA[Om Birla]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9919</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@kota. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। मंत्री बनने के बाद पहली बार हुई इस मुलाकात को यादगार बनाते हुए सिंधिया ने लोकसभा अध्यक्ष से कोटा में बेहतरीन व आधुनिक सुविधायुक्त ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/civil-aviation-minister-jyotiraditya-scindia-promised-to-build-a-green-field-airport-in-kota-soon-to-the-speaker-of-the-lok-sabha/9919/">सिंधिया की सौगातः कोटा में बनाएंगे बेहतरीन आधुनिक सुविधायुक्त एयरपोर्ट</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>TISMedia@kota.</strong> केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की। मंत्री बनने के बाद पहली बार हुई इस मुलाकात को यादगार बनाते हुए सिंधिया ने लोकसभा अध्यक्ष से कोटा में बेहतरीन व आधुनिक सुविधायुक्त ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण करवाने का वायदा किया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/madhya-pradesh/pakistani-hackers-hacked-the-official-website-of-indore-police/9916/">इंदौर पुलिस पर पाकिस्तानियों ने किया साइबर हमला, वेबसाइट हैक</a></strong></p>
<p>केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार सुबह लोकसभा अध्यक्ष बिरला से शिष्टाचार भेंट करने उनके आवास पर पहुंचे। बिरला ने सिंधिया को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उड़ान योजना से देश के अनेक छोटे शहर अब हवाई सेवा से जुड़ चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सिंधिया के नेतृत्व में हवाई सेवा की सुविधा का तेजी से विस्तार होगा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/karauli-police-caught-honey-trap-gang-four-arrested-including-two-womens/9913/">कातिल हसीनाः इश्क के जाल में फंसाती और &#8220;काट&#8221; डालती&#8230;</a></strong></p>
<p><strong>एयरपोर्ट का सपना होगा जल्द पूरा </strong><br />
इस दौरान दोनों के बीच कोटा में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर भी चर्चा हुई। सिंधिया ने बिरला को आश्वस्त किया कि कोटा में एयरपोर्ट का निर्माण उनकी प्राथमिकता रहेगी। वे जल्द ही मंत्रालय के अधिकारियों से कोटा के विषय में विशेष बैठक करेंगे। राजस्थान सरकार से भी कहा जाएगा कि वह बिना शर्त नए एयरपोर्ट के लिए चिन्हित भूमि को एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ इंडिया को हस्तांतरित करे। सिंधिया ने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि कोटा में आधुनिक सुविधाओं युक्त बेहतरीन एयरपोर्ट का निर्माण किया जाए। एयरपोर्ट आने से शैक्षणिक नगरी की उन्नति में तेजी आएगी। उन्होंने मार्गदर्शन के लिए लोकसभा अध्यक्ष बिरला का आभार भी जताया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/salumber-bjp-mla-amrit-lal-meena-sent-to-jail-in-offence-of-his-wife-contest-panchayat-elections-with-fake-marksheet/9910/">BJP के विधायक का फर्जीवाड़ाः चुनाव भी रद्द हुआ और जेल भी जाना पड़ा</a></strong></p>
<p><strong>रूपाला और सोनोवाल भी मिले</strong><br />
केंद्रीय पशुपालन, मत्स्यपालन और डेयरी मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला तथा पोर्ट, शिपिंग व वाटर-वे तथा आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी लोकसभा अध्यक्ष बिरला से उनके घर जाकर भेंट की। बिरला ने कहा कि मछली पालन, पशुपालन तथा डेयरी का हमारे कृषकों की आय में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने विश्वास जताया कि रूपाला के प्रयासों से यह क्षेत्र तेजी से बढ़ेगा जिसका लाभ किसानों को मिलेगा। सोनोवाल को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं देते हुए बिरला ने कहा कि उनकी युवा ऊर्जा मंत्रालय के कामकाज को नई दिशा देगी।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/civil-aviation-minister-jyotiraditya-scindia-promised-to-build-a-green-field-airport-in-kota-soon-to-the-speaker-of-the-lok-sabha/9919/">सिंधिया की सौगातः कोटा में बनाएंगे बेहतरीन आधुनिक सुविधायुक्त एयरपोर्ट</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/civil-aviation-minister-jyotiraditya-scindia-promised-to-build-a-green-field-airport-in-kota-soon-to-the-speaker-of-the-lok-sabha/9919/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>#TIS_Breaking राजस्थान हुआ पूरी तरह से अनलॉक, सीएम गहलोत ने खत्म किया वीकेंड कर्फ्यू</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-completely-unlocked-cm-gehlot-ends-covid-weekend-curfew/9863/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=rajasthan-completely-unlocked-cm-gehlot-ends-covid-weekend-curfew</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-completely-unlocked-cm-gehlot-ends-covid-weekend-curfew/9863/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 10 Jul 2021 17:38:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Administration]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Classifieds]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Foods]]></category>
		<category><![CDATA[Games]]></category>
		<category><![CDATA[Greetings]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Coaching]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[Society Organisation]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[Suno Sarkar]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Travel]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Cm Ashok Gehlot]]></category>
		<category><![CDATA[Corona News Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Corona UpDate Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Covid Curfew in Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Covide 19 In Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan completely unlocked]]></category>
		<category><![CDATA[rajasthan news]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9863</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Kota कोरोना की दो लहरें झेलने के बाद बेजार हुआ राजस्थान रविवार सुबह से पूरी तरह अनलॉक हो जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार देर रात नई कोविड गाइड लाइन जारी कर दी। जिमें वीकेंड कर्फ्यू को पूरी तरह खत्म कर महीनों से बंद पड़े मल्टीप्लेक्स से लेकर सारे बाजार और दुकानें खोलने के आदेश &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-completely-unlocked-cm-gehlot-ends-covid-weekend-curfew/9863/">#TIS_Breaking राजस्थान हुआ पूरी तरह से अनलॉक, सीएम गहलोत ने खत्म किया वीकेंड कर्फ्यू</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong> </span>कोरोना की दो लहरें झेलने के बाद बेजार हुआ राजस्थान रविवार सुबह से पूरी तरह अनलॉक हो जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार देर रात नई कोविड गाइड लाइन जारी कर दी। जिमें वीकेंड कर्फ्यू को पूरी तरह खत्म कर महीनों से बंद पड़े मल्टीप्लेक्स से लेकर सारे बाजार और दुकानें खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं।</p>
<p>मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार देर रात नई कोविड गाइडलाइन जारी कर राजस्थान से वीकेंड कर्फ्यू को पूरी तरह खत्म करने की घोषणा की। नई गाइड लाइन रविवार यानि 11 जुलाई की सुबह 5 बजे से ही लागू हो जाएंगी। हालांकि प्रदेश वासियों को हिदायत देते हुए सीएम ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कोरोना संक्रमण में गिरावट तो आई है, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि संक्रमण अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए आगे भी सजग रहने और सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग मास्क लगाएं और भीड़-भाड़ से दूर रहें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण में जैसे-जैसे कमी आएगी बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य गतिविधियों में कोविड अनुशासन की अनुपालना के साथ और राहत दी जाएगी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/breaking/know-about-modi-new-cabinet-richest-minister-and-poorest-minister-of-modi-government/9858/">Modi Cabinet: 90 फीसदी मंत्री हैं करोड़पति, 1264 करोड़ रुपये है मोदी के मंत्रियों की कुल संपत्ति</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>नई कोविड गाइड लाइन में दिए यह निर्देश </strong></span><br />
• सिनेमा हॉल्स / थियेटर / मल्टीप्लेक्स संचालकों को बैठक क्षमता से संबंधित जानकारी DolT द्वारा बनाए गये वेब पोर्टल पर E-intimation के माध्यम से अपडेट करने हेतु निर्देश दिए गये थे। जिन सिनेमा हॉल्स/ थियेटर/ मल्टीप्लेक्स संचालकों ने यह कार्यवाही पूर्ण कर ली है, उन सिनेमा हॉल्स/थियेटर/ मल्टीप्लेक्स को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ प्रातः 9 बजे से सायं 8 बजे तक केवल उन व्यक्तियों के लिए खोलने की अनुमति होगी, जिन्होंने वैक्सीन की कम-से-कम पहली डोज लगवा ली हो।<br />
• प्रदेश के समस्त कौशल प्रशिक्षण केन्द्रों को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ प्रातः 6 बजे से सायं 8 बजे तक केवल उन व्यक्तियों के लिए खोलने की अनुमति होगी, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की कम से कम पहली डोज लगवा ली हो।<br />
• ऑडिटोरियम एवं प्रदर्शनी हेतु उपलब्ध स्थान की क्षमता का 50 प्रतिशत क्षमता के साथ प्रातः 6 बजे से सायं 8 बजे तक केवल उन व्यक्तियों हेतु खोलना अनुमत होगा, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की कम-से-कम पहली डोज लगवा ली हो।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-rajasthan-ras-2018-bribery-investigation-reaches-rpsc-member-rajkumari-gurjar/9851/">RPSC घूस कांडः तो, आयोग की सदस्य राजकुमारी गुर्जर घूस लेकर पास करवा रहीं थी RAS का इंटरव्यू! </a></strong></span></p>
<p>● राज्य के बाहर से आने वाले यात्री जिन्होंने वैक्सीन की प्रथम डोज लगवा ली हो, उन्हें राजस्थान में आने से पूर्व आरटी-पीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट एवं होम/ संस्थागत क्वारंटीन करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों की नियमित रूप से थर्मल स्क्रीनिंग एवं ऑक्सीजन सेचुरेशन की जाँच की जानी चाहिए।<br />
• आउटडोर खेल गतिविधियां प्रातः 6 बजे से सायं 8 बजे तक अनुमत होंगी एवं इनडोर खेल गतिविधियां प्रातः 6 बजे से सायं 8 बजे तक केवल उनके लिये अनुमत होंगी, जिन्होंने वैक्सीन की प्रथम डोज ले ली हो।<br />
• जिन दुकानों / व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कार्मिकों के कम-से-कम 60 प्रतिशत स्टाफ को वैक्सीन की प्रथम डोज लग चुकी है, उन दुकानों / व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अतिरिक्त 4 घण्टे (सायं 4 बजे से सायं 8 बजे तक) खोलने की अनुमति होगी, इसके साथ स्क्रीनिंग सुविधा, मास्क की अनिवार्यता एवं अन्य कोविड अनुकुल अनुशासन का ध्यान रखना होगा। कितने प्रतिशत स्टाफ का वैक्सीनेशन हो चुका है, इसकी सूचना भी डिस्प्ले करनी होगी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/yogi-adityanath-government-prepared-a-new-law-to-control-population-in-uttar-pradesh/9840/">योगी का नया वारः 2 से ज्यादा बच्चे पैदा किए तो नहीं मिलेगा इन 77 सरकारी सुविधाओं का लाभ</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सिटी / मिनी बसों का संचालन प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक अनुमत होगा। किसी भी यात्री को खड़े होकर यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।</strong></span><br />
• रेस्टोरेन्ट्स द्वारा होम डिलीवरी की सुविधा प्रतिदिन 24 घण्टे अनुमत होगी एवं Take away / रेस्टोरेन्ट की बैठक व्यवस्था का 50 प्रतिशत के साथ, एक छोड़कर एक के रूप में बैठाकर खिलाने की सुविधा प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से सायं 4 बजे तक अनुमत होगी।<br />
• यदि रेस्टोरेन्ट के 60 प्रतिशत स्टाफ को पहली डोज लग चुकी है, तो उन रेस्टोरेन्ट्स अतिरिक्त 6 घण्टे (सायं 4 बजे से रात 10 बजे तक) खोलने की अनुमति होगी।<br />
• मैरिज गार्डन, मैरिज हॉल्स एवं होटल परिसर इत्यादि शादी समारोह हेतु अधिकतम 25 व्यक्ति की संख्या के साथ दी गई शर्तों के अनुसार प्रातः 6 बजे से सायं 8 बजे तक अनुमत होंगे, जिसकी सूचना <strong>http://covidinfo.rajasthan.gov.in e-ntimation:MARRIAGE</strong> पोर्टल या 181 पर देनी होगी।<br />
• उपखण्ड मजिस्ट्रेट स्थिति के आंकलन के पश्चात् शादी समारोह में सम्मिलित होने वाले अतिथियों / मेहमानों की संख्या 50 तक अनुमत कर सकते हैं।<br />
• विवाह समारोह में अन्य व्यक्तियों जैसे बैण्ड बाजा वादक, लाइट-डेकोरेशन, कैटरिंग एवं अन्य को मिलाकर 15 व्यक्तियों की अनुमति होगी।<br />
• उक्त व्यवसाय (बैण्ड-बाजा, लाइट-डेकोरेशन, कैटरिंग) से जुड़े व्यक्तियों को अपनी जीविकोपार्जन के लिए भिन्न-भिन्न जगहों पर कई कार्यक्रमों में जाना पड़ता है, इससे उनके संक्रमित होने या फिर उनसे अन्य व्यक्तियों में संक्रमण फैलने की संभावना के कारण किसी भी शादी समारोह एवं अन्य कार्यक्रमों में जाने से पूर्व इस व्यवसाय से जुड़े सभी व्यक्तियों को वैक्सीन की कम-से-कम पहली डोज लगवानी होगी।<br />
• विवाह आयोजन के दौरान सड़क पर बारात निकासी की अनुमति नहीं होगी। परन्तु विवाह परिसर में डीजे, बैण्ड-बाजा इत्यादि की अनुमति होगी। आयोजनकर्ता द्वारा विवाह के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त होने पर उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा किसी भी राजकीय कर्मचारी को विवाह स्थल पर भेजकर सामाजिक दूरी, मास्क, सेनेटाइजेशन एवं विवाह में उपस्थित व्यक्तियों की संख्या आदि की निगरानी करवाई जाए एवं उल्लंघन पाये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।<br />
• सरकारी कर्मचारी / अधिकारी एवं चुने हुए प्रतिनिधियों से इस दौरान अनुकरणीय आचरण एवं सख्त अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। अतः उनके द्वारा आयोजित कार्यक्रम या अन्य कार्यक्रम जिसमें वे आमंत्रित हो, विवाह समारोह आयोजन सम्बन्धी दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाए।<br />
<strong><br />
Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/chief-minister-ashok-gehlot-laid-the-foundation-stone-of-icu-nicu-and-picu-in-11-districts/9830/">मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया 11 जिलों में आईसीयू, एनआईसीयू और पीआईसीयू का शिलान्यास</a></strong></p>
<p>• कार्यक्रमों के दौरान सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जायेगी। फेस मास्क पहनना अनिवार्य होगा &#8216;नो मास्क नो एन्ट्री&#8217; की सख्ती से पालना की जायेगी।<br />
• स्क्रीनिंग एवं स्वच्छता सुनिश्चित की जायेगी। प्रवेश एवं निकास के बिन्दुओं पर थर्मल स्केनिंग, हैण्ड वाश एवं सेनेटाइजर के प्रावधान किये जायेंगे।<br />
• सामान्य सुविधाओं एवं मानव सम्पर्क में आने वाले सभी बिन्दु जैसे रेलिंग्स, डोर हैण्डल्स आदि को बार-बार सेनेटाइज किया जायेगा।<br />
• विवाह आयोजनकर्ता द्वारा समारोह की वीडियोग्राफी करवाई जायेगी एवं संबंधित उपखण्ड अधिकारी द्वारा मांगने पर उपलब्ध करवाई जायेगी।<br />
• यदि कोई मैरिज गार्डन / स्थान का मालिक कोविड-19 प्रोटोकॉल के प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो मैरिज गार्डन / स्थान को सील कर दिया जाएगा।<br />
• आइसोलेशन जोन में पर्यटन / फिल्म शूटिंग से सम्बन्धित गतिविधियां ऐसे रिसोर्ट / होटल परिसर आदि में अनुमत होंगी, जिनका क्षेत्रफल 7500 वर्ग मीटर या इससे अधिक है एवं कों की हो ।<br />
तिथियों के ठहरने हेतु कम-से-कम 25 कमरों की व्यवस्था हो ।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-coaching-institutes-are-waiting-to-reopen-after-the-second-wave-of-corona/9700/">KotaCoaching: कोरोना के कहर से कराह रही शिक्षा नगरी, एक लाख लोगों की छिनी रोजी रोटी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>• प्रदेश के समस्त धार्मिक स्थल प्रातः 6 बजे से सायं 8 बजे तक अनुमत होंगे।</strong></span><br />
• किसी भी सार्वजनिक, सामाजिक, राजनैतिक, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समारोह / जुलूस / त्योहारों का आयोजन / मेलों/ हाट बाजार की अनुमति नहीं होगी।<br />
<span style="color: #0000ff;"><strong>• कोचिंग संस्थाएं, लाइब्रेरीज आदि बंद रहेंगी।</strong></span><br />
• संपूर्ण प्रदेश में प्रतिदिन रात्रि 11 बजे से अगले दिन प्रातः 5 बजे तक जन अनुशासन कर्फ्यू रहेगा।<br />
• शेष गतिविधियों के सम्बन्ध में विभाग द्वारा पूर्व में जारी आदेश यथावत् रहेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-completely-unlocked-cm-gehlot-ends-covid-weekend-curfew/9863/">#TIS_Breaking राजस्थान हुआ पूरी तरह से अनलॉक, सीएम गहलोत ने खत्म किया वीकेंड कर्फ्यू</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-completely-unlocked-cm-gehlot-ends-covid-weekend-curfew/9863/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आओ हम भी ऑक्सीजन प्लांट लगाये</title>
		<link>https://tismedia.in/editorial/article/article-by-shobha-kanwar-on-protect-environment-and-do-plantation-from-childhood/8691/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=article-by-shobha-kanwar-on-protect-environment-and-do-plantation-from-childhood</link>
					<comments>https://tismedia.in/editorial/article/article-by-shobha-kanwar-on-protect-environment-and-do-plantation-from-childhood/8691/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 24 May 2021 07:56:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Article]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[EDUCATION]]></category>
		<category><![CDATA[Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Global]]></category>
		<category><![CDATA[Health]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Life Style]]></category>
		<category><![CDATA[Lifestyle]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Society Organisation]]></category>
		<category><![CDATA[Tourism]]></category>
		<category><![CDATA[Wild life]]></category>
		<category><![CDATA[World]]></category>
		<category><![CDATA[Article By Shobha Kanwar]]></category>
		<category><![CDATA[Clean Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Conservation Habit]]></category>
		<category><![CDATA[Conservation of Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Earth]]></category>
		<category><![CDATA[Green Planet]]></category>
		<category><![CDATA[Habit of Environment Protection]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi Articles]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[How to Save Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Increasing Oxygen]]></category>
		<category><![CDATA[Living Planet]]></category>
		<category><![CDATA[Oxygen Plant]]></category>
		<category><![CDATA[Plant Saplings]]></category>
		<category><![CDATA[Plant Trees]]></category>
		<category><![CDATA[Plantation]]></category>
		<category><![CDATA[Plantation Drive]]></category>
		<category><![CDATA[Point of View]]></category>
		<category><![CDATA[Protect Environment and Do Plantation from Childhood]]></category>
		<category><![CDATA[Save Earth]]></category>
		<category><![CDATA[Save Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Saving Oxygen]]></category>
		<category><![CDATA[the inside stories]]></category>
		<category><![CDATA[TISMedia]]></category>
		<category><![CDATA[Trees Oxygen Plant]]></category>
		<category><![CDATA[Universe]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=8691</guid>

					<description><![CDATA[<p>ये सब हो रहा है भारत जैसे देश में, जिसे &#8220;अरण्य संस्कृति&#8221; वाला देश कहा जाता है। अरण्य का मतलब है हरा-भरा समृद्ध वन । भारत के वेदों में भी पर्यावरण संरक्षण की बात कही गई है अथर्ववेद में भूमि सूक्त पर्यावरण संरक्षण का ऐसा प्रथम लिखित दस्तावेज है। हमारे पूर्वज भी वृक्षों की महिमा &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-shobha-kanwar-on-protect-environment-and-do-plantation-from-childhood/8691/">आओ हम भी ऑक्सीजन प्लांट लगाये</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
		<div class="box info  aligncenter">
			<div class="box-inner-block">
				<span class="fa tie-shortcode-boxicon"></span>पिछले डेढ़ सालों से पूरा विश्व एक अदृश्य वायरस से लड़ रहा है ।भारत जैसे देश में पिछले दिनों जिस प्रकार ऑक्सीजन की कमी देखी गई वह भारत के लिए एक बहुत बड़ा सबक है कि हम पर्यावरण की तरफ ध्यान दें। जिस तरह से हमने ऑक्सीजन की कमी से हमारे अपनों को जूझते देखा है, तड़पते देखा है, और इस दुनिया से विदा होते हुए देखा है शायद ऐसा पहले कभी नहीं हुआ ।
			</div>
		</div>
	
ये सब हो रहा है भारत जैसे देश में, जिसे &#8220;अरण्य संस्कृति&#8221; वाला देश कहा जाता है। अरण्य का मतलब है हरा-भरा समृद्ध वन । भारत के वेदों में भी पर्यावरण संरक्षण की बात कही गई है अथर्ववेद में भूमि सूक्त पर्यावरण संरक्षण का ऐसा प्रथम लिखित दस्तावेज है। हमारे पूर्वज भी वृक्षों की महिमा को जानते थे और बरगद, नीम, पीपल व तुलसी आदि की पूजा करते थे कई वृक्षों को काटना मना था।<br />
<span style="color: #008000;"><strong>&#8220;सिर सांटे रूंख रहे, तो भी सस्तो जाण&#8221;</strong></span><br />
इन पंक्तियों से हमें राजस्थान के जोधपुर जिले के खेजड़ली गांव की अमृता देवी विश्नोई व उनके समाज के 363 लोगों के बलिदान की यादें ताजा हो जाती है जिन्होंने खेजड़ी के वृक्ष को बचाने के लिए अपने सिरों को कटवा दिया था। इसी तरह पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा जिनकी मृत्यु अभी हाल ही में हुई है, ने भी चिपको आंदोलन चलाकर कितने ही वृक्षों को जीवनदान दिया था क्योंकि वे आने वाली भयावह स्थिति को भली प्रकार से जानते थे। प्रकृति का इतना भयावह रूप हमने पहले कभी नहीं देखा। कहते हैं प्रकृति प्रत्येक 100 वर्ष बाद हमें चेताती है कि अब सुधर जाओ पर हम कहां मानते हैं? कितनी दोहरी मानसिकता है हमारी ?हमें अपने रहने के लिए पक्के मकान चाहिए वह भी आलीशान जिसका फर्श संगमरमर का हो, उसमें एसी हो । हमारे पास मोटर कार फ्रिज सब कुछ हो लेकिन हम कभी यह नहीं सोचते कि हमारे घर में कितने पेड़ पौधे हो ? जब हम कहीं बाहर घूमने जाते हैं तो हमें प्रकृति की गोद चाहिए पहाड़, नदियां हरा -भरा वातावरण यह सब हमें अच्छा लगता है। हम जब भी किसी रेस्तरां में जाते हैं तो जो गांव के स्टाइल वाला होता है वहां हमें जाना अच्छा लगता है। चाहे घर पर हम डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाना खाते हैं,लेकिन वहां जाकर हम खाट या चारपाई पर बैठकर खाना खाएंगे। भले ही हम मोटर गाड़ियों में घूम रहे हो लेकिन वहां बैलगाड़ी में बैठेंगे और फोटो भी खिंचवाएंगे कितने स्वार्थी हैं हम।<br />
इस महामारी के द्वारा प्रकृति ने हमें संदेश दिया है कि हम पर्यावरण को संरक्षित करें वापस प्रकृति को जो कुछ हमने लिया है उसे वापस लौटाएं। कुछ ऐसा उपाय करें जिससे कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को ऐसा दोबारा कभी न सहना पड़े ।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;">नजरिया बदल देता है बाधाओं का रुख</span></span></strong></p>
<p>पूरे विश्व मे पर्यावरण को बचाने के अनेकों प्रयास किये जाते हैं जिसमे विशेष दिन भी सम्मिलित है-जैसे कि पर्यावरण दिवस ,पृथ्वी सम्मेलन, जैव विविधता दिवस, विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस, वन्य जीव सप्ताह व माह। वनों और जीव-जंतु को संरक्षित रखने के लिए सैकड़ों अभ्यारण्यों को राष्ट्रीय, राज्य स्तर पर संरक्षित किया गया है | भारत में पर्यावरण संरक्षण अधिनियनम 1986 भी इसी श्रृंखला में बना ताकि भावी पीढ़ी के लिए जैव विविधता को बचाया जा सके। इन सब का एक ही उद्देश्य है पर्यावरण का समुचित उपयोग और जो कुछ भी हमने पर्यावरण से लिया है उसे देने की कोशिश,और जो चीजें पुनः चक्रित हो सकती हो वह भी हम उसे वापस करें ।<br />
हम जानते हैं कि भारत एक जैव विविधता वाला देश है यहां पूरी दुनिया में पाए जाने वाले स्तनधारियों का 7.6%, पक्षियों का 12.6% , सरीसृपों का 6.2% और समस्त संसार में पाए जाने वाले फूलों की जो प्रजातियां हैं उसका यहां पर 6% हैं । इतना विशाल भंडार है हमारे पास, परन्हतु हमारी ही गलतियों से यह धीरे-धीरे कम होते जा रहे है और जीव-धारियों की कई प्रजातियां विलुप्त हो चुकी है और कई विलुप्त होने की कगार पर खड़ी है।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-dr-bachan-singh-sikarvar-on-what-public-want-from-political-parties/8547/">आखिर राजनीतिक दलों से क्या चाहते हैं लोग</a></span></span></strong></p>
<p>ऐसे में सरकार भी लोगों को पर्द्वायावरण के प्रारति सचेत, संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक बनाने के लिए पौधे निशुल्क दे रही हैं। अभी सरकार ने एलान किया है हर परिवार को 5 औषधीय पौधे देने की। हर साल हम जुलाई और अगस्त के माह में बहुत से पौधे लगाते हैं लेकिन सिर्फ हम पेड़ लगाकर ही छोड़ देते हैं क्या कभी हम उनकी देखभाल भी करते हैं? हमारी प्रकृति ने हमें यह संदेश दिया है कि बच्चों सुधर जाओ प्रकृति की ओर लौटो । हमें हमारी प्रकृति को बचाने के लिए बहुत से उपाय करने होंगे जैसे- बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण की सीख , जिस प्रकार से संस्कारों की सीख देते हैं उसी तरीके से पेड़ों के प्रति दयालुता और उनके संरक्षण की सीख हमें देनी होगी, ज्यादा से ज्यादा पेड़ चाहे हम न लगाएं सिर्फ एक पौधे को ही पेड़ बना दें, जब भी मकान बनवाएं उसमें कुछ जगह पेड़ो के लिए भी छोड़ें, घर में कोई भी मांगलिक उत्सव या किसी की पुण्यतिथि होने पर हम एक पेड़ अवश्य लगाएं, विद्यालय में भी जन्मदिन पर अभिभावक उनका जन्मदिन मनाते हैं उनके लिए टॉफी वगैरा बांटते हैं उसकी जगह यदि एक अभिभावक बच्चे के जन्मदिन पर एक पेड़ लगा दे और प्रतिवर्ष जन्मदिन पर आकर देखे कि वह कितना बड़ा हुआ है जिसकी जिम्मेदारी सिर्फ उसी बच्चे को दी जाए तो शायद विद्यालय भी हमारा हरा-भरा होगा, बारिश के दिनों में हम बहुत सारे बीजों और गुठलियों को इकट्ठा कर रोड की साइट पर फेंके ताकि वह आने वाले दिनों में पेड़ बन जाए, इसी प्रकार जब भी भी मकान बनाए तो छत पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण करवाएं, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम से कम करें , पुनः चक्रित होने वाले प्लास्टिक का ही उपयोग करें, भले ही 1000 पौधे न लगाएं बस 10 पौधों को जीवनदान देकर पेड़ बना दें, और जितना भी हो सके जो भी हमें प्रकृति ने दिया है उसे वापस लौटाने की कोशिश करे ।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-k-vikram-rao-on-walayar-girls-case-and-pinarayi-vijayan-communist-party-of-india/8661/">नारी की चुनौती नयी माकपा सरकार को !</a></span></span></strong></p>
<p>इन उपायों के द्वारा यदि हम पर्यावरण का संरक्षण करें तो हमारे आने वाली पीढ़ियां कभी भी इस तरीके से ऑक्सीजन की कमी से तड़प -तड़प कर दम नहीं तोड़ेगी और ना ही कभी कोई इस प्रकार की बीमारी या महामारी हमारे यहां आ पाएगी। आज भी बहुत से ऐसे गांव हैं जहां पर बढे-बुजुर्ग बड़, पीपल और नीम के पेड़ लगाने हेतु लोगों को प्रोत्साहित कर रहे है ताकि वहां रहने वाले लोगों को शुद्ध  ऑक्सीजन हर समय मिल सके | तो आइए हम प्रण लें अपने जीवन मे ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगा कर उनकी सम्पूर्ण देखभाल करेंगे।<br />
&#8221; एक पेड़ लगाने का पुण्य सौ पुत्रों के बराबर है।&#8221; तो आओ पुण्य कमाएं एक ऑक्सीजन प्लांट हम भी लगाएं।<br />
<span style="color: #ff0000;"><strong>लेखक:</strong> </span><span style="color: #0000ff;"><strong>शोभा कँवर</strong></span><br />
<span style="color: #0000ff;"><strong>बालिका गौरव पुरस्कार से सम्मानित,अध्यापिका-राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बरुन्धन, बूंदी</strong></span></p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-shobha-kanwar-on-protect-environment-and-do-plantation-from-childhood/8691/">आओ हम भी ऑक्सीजन प्लांट लगाये</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/editorial/article/article-by-shobha-kanwar-on-protect-environment-and-do-plantation-from-childhood/8691/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
