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	<title>World Archives - TIS Media</title>
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	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
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	<title>World Archives - TIS Media</title>
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	<item>
		<title>खाड़ी में बढ़ता टकराव: अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें, यूएई अलर्ट; भारतीय समुदाय में चिंता, दूतावास ने जारी की एडवाइजरी</title>
		<link>https://tismedia.in/national/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87/13148/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=%25e0%25a4%2596%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25a1%25e0%25a4%25bc%25e0%25a5%2580-%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587%25e0%25a4%2582-%25e0%25a4%25ac%25e0%25a4%25a2%25e0%25a4%25bc%25e0%25a4%25a4%25e0%25a4%25be-%25e0%25a4%259f%25e0%25a4%2595%25e0%25a4%25b0%25e0%25a4%25be%25e0%25a4%25b5-%25e0%25a4%2585%25e0%25a4%25ae%25e0%25a5%2587</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Sunil Pokra]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 28 Feb 2026 20:35:33 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[National]]></category>
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					<description><![CDATA[<p>दुबई/अबू धाबी/जेद्दा/तेहरान/तेल अवीव। मध्य पूर्व में तेजी से बदलते सैन्य घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है। ईरान और इज़रायल के बीच जारी टकराव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका के क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/national/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87/13148/">खाड़ी में बढ़ता टकराव: अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें, यूएई अलर्ट; भारतीय समुदाय में चिंता, दूतावास ने जारी की एडवाइजरी</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><a href="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-03-01_00-06-37-668.jpg"><img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-13144" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-03-01_00-06-37-668.jpg" alt="" width="1080" height="582" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-03-01_00-06-37-668.jpg 1080w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-03-01_00-06-37-668-300x162.jpg 300w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-03-01_00-06-37-668-1024x552.jpg 1024w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-03-01_00-06-37-668-768x414.jpg 768w" sizes="(max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /><strong>दुबई/अबू धाबी/जेद्दा/तेहरान/तेल अवीव। मध्य पूर्व में तेजी से बदलते सैन्य घटनाक्रम ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है। ईरान और इज़रायल के बीच जारी टकराव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका के क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों ने हालात को</strong><strong> बेहद संवेदनशील बना दिया है</strong>।</a></p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मीडिया नेटवर्क Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में कई अमेरिकी सैन्य अड्डों के आसपास मिसाइल अलर्ट जारी किया गया और कुछ जगहों पर इंटरसेप्शन सिस्टम सक्रिय हुए। चैनल ने क्षेत्रीय सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि हमले “सीमित लेकिन रणनीतिक संदेश” के रूप में देखे जा रहे हैं। हालांकि, सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।</p>
<p>दुबई में एहतियात, बुर्ज खलीफा में अस्थायी रोक</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय के लिए बुर्ज खलीफा में आवाजाही रोकी गई, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कदम एहतियातन उठाया गया था और स्थिति नियंत्रण में है।</p>
<p>अबू धाबी में मलबा गिरने की घटना, 1 की मौत</p>
<p>अबू धाबी के एक रिहायशी इलाके में कथित मिसाइल मलबा गिरने से एक एशियाई नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि दो अन्य लोगों के घायल होने की खबर है।</p>
<p>Al Jazeera ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया कि घटना की जांच जारी है और यह स्पष्ट किया जा रहा है कि मलबा किस दिशा से आया। यूएई प्रशासन ने नागरिकों से संयम बरतने और आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की अपील की है।</p>
<p>संयुक्त अरब अमीरात में बड़ी संख्या में एशियाई प्रवासी रहते हैं, जिनमें भारतीय समुदाय प्रमुख है। ऐसे में यह घटनाक्रम प्रवासी समुदाय के बीच चिंता का कारण बना हुआ है।</p>
<p>किन-किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?</p>
<p><strong>Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की जवाबी कार्रवाई में निम्न अमेरिकी सैन्य अड्डों को संभावित रूप से टारगेट किया गया:</strong></p>
<p>अल असद एयर बेस (इराक)</p>
<p>बालाद एयर बेस (इराक)</p>
<p>प्रिंस सुल्तान एयर बेस (सऊदी अरब)</p>
<p>नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन</p>
<p>अल धफ्रा एयर बेस (यूएई)</p>
<p>कैंप अरिफजान (कुवैत)</p>
<p>रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकांश मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया, जबकि कुछ स्थानों पर हल्का नुकसान हुआ। आधिकारिक आंकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।</p>
<p>भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी</p>
<p><strong>जेद्दा</strong> स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं। दूतावास ने भारतीय समुदाय से अफवाहों से बचने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करने की अपील की है।</p>
<p><strong>आपात संपर्क विवरण:</strong></p>
<p><strong>व्हाट्सएप: +966 536209704</strong></p>
<p><strong>लैंडलाइन: 00 966 126648660 / 00 966 12 2614093</strong></p>
<p><strong>मोबाइल: +966 556122301</strong></p>
<p><strong>टोल फ्री: 800 244 0003</strong></p>
<p><strong>ईमेल: conscw.jeddah@mea.gov.in, vclab.jeddah@mea.gov.in</strong></p>
<p>दूतावास ने कहा है कि पासपोर्ट, वीज़ा, चिकित्सा सहायता या सुरक्षा संबंधी किसी भी आपात स्थिति में इन नंबरों का उपयोग किया जा सकता है। भारत सरकार ने भी बयान जारी कर कहा है कि वह खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम पर लगातार नज़र रखे हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।क्षेत्रीय असर और वैश्विक चिंता United Nations सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह टकराव प्रत्यक्ष सैन्य संघर्ष में बदलता है, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।</p>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-13139" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-02-25_22-00-41-052-1.jpg" alt="" width="1080" height="1080" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-02-25_22-00-41-052-1.jpg 1080w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-02-25_22-00-41-052-1-300x300.jpg 300w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-02-25_22-00-41-052-1-1024x1024.jpg 1024w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-02-25_22-00-41-052-1-150x150.jpg 150w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/02/Picsart_26-02-25_22-00-41-052-1-768x768.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1080px) 100vw, 1080px" /></p>
<p>फिलहाल स्थिति तेजी से बदल रही है। आधिकारिक पुष्टि और स्वतंत्र सत्यापन के साथ आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट होगी। तब तक खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों समेत सभी नागरिकों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है । खाड़ी में ‘मिसाइल मंथन’: अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी वार, दुबई- अबू धाबी अलर्ट; भारतीय मिशन ने कहा—शांत रहें, सतर्क रहें.</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/national/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87/13148/">खाड़ी में बढ़ता टकराव: अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें, यूएई अलर्ट; भारतीय समुदाय में चिंता, दूतावास ने जारी की एडवाइजरी</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<item>
		<title>एक गलत जवाब और 100 अरब डॉलर स्वाहा</title>
		<link>https://tismedia.in/tie-tech/google-lost-100-billion-dollar-a-day-after-its-new-chatbot-shared-inaccurate-information/12633/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=google-lost-100-billion-dollar-a-day-after-its-new-chatbot-shared-inaccurate-information</link>
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		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Feb 2023 04:25:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली। अमेरिकी की दिग्गज टेक कंपनी गूगल को बुधवार को तगड़ा झटका लगा। उसकी पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक के शेयरों में नौ फीसदी तक गिरावट आई। इससे कंपनी का मार्केट कैप एक झटके में 100 अरब डॉलर कम हो गया। ChatGPT के जवाब में Google ने अपना चैटबॉट उतारा लेकिन वह दगा दे गया। &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">नई दिल्ली।</span></strong> अमेरिकी की दिग्गज टेक कंपनी गूगल को बुधवार को तगड़ा झटका लगा। उसकी पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक के शेयरों में नौ फीसदी तक गिरावट आई। इससे कंपनी का मार्केट कैप एक झटके में 100 अरब डॉलर कम हो गया। ChatGPT के जवाब में Google ने अपना चैटबॉट उतारा लेकिन वह दगा दे गया।</p>
<p>इंटरनेट सर्च फर्म गूगल (Google) की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक (Alphabet Inc) को एक दिन में 100 अरब डॉलर का फटका लगा है। गूगल के नए चैटबॉट ने एक प्रमोशनल वीडियो में गलत जानकारी दी और कंपनी का सारा लांचिंग प्लान चौपट हो गया। एनालिस्ट्स का कहना था कि कंपनी यह समझाने में नाकाम रही कि उसका चैटबॉट प्रतिद्वंद्वी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट कॉर्प (Microsoft Corp) के चैटबॉट का कैसे मुकाबला कर पाएगा।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">शेयर हुए धड़ाम </span></strong><br />
गूगल की एक गलती से इससे निवेशकों में खलबली मच गई। अल्फाबेट के शेयरों में नौ फीसदी तक गिरावट आई और एक झटके में उसका मार्केट कैप 100 अरब डॉलर कम हो गया। कंपनी का मार्केट कैप अब 1.278 ट्रिलियन डॉलर रह गया है। हाल में अमेरिका की एक शॉट सेलिंग कंपनी Hindenburg Research की एक रिपोर्ट के कारण अडानी ग्रुप (Adani Group) की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई थी। दस दिन में ग्रुप का मार्केट कैप 100 अरब डॉलर कम हो गया था। लेकिन अल्फाबेट को अपने चैटबॉट की एक गलती के कारण एक दिन में ही 100 अरब डॉलर का झटका लग गया।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">100 अरब डॉलर का सवाल </span></strong><br />
माइक्रोसॉफ्ट के बहुचर्चित चैटबॉट ChatGPT के जवाब में अल्फाबेट ने अपना चैटबॉट Bard लॉन्च किया है। कंपनी ने ट्विटर पर इसका एक शॉर्ट GIF वीडियो पोस्ट किया। लेकिन इसने गलत जानकारी दी। इससे पेरिस में होने वाले इसके लॉन्च इवेंट का गुड़गोबर हो गया। गूगल के चैटबॉट से पूछा गया था कि James Webb Space Telescope ने ऐसा क्या खोजा जो में अपने नौ साल के बच्चे को बता सकूं। इस पर Bard ने कई तरह के जवाब दिए। इसमें एक जवाब यह भी था कि इसके जरिए पहली बार पृथ्वी के सोलर सिस्टम बाहर किसी ग्रह की तस्वीर ली गई। हालांकि गलत जानकारी थी। यह काम सबसे पहले यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी के Very Large Telescope ने 2004 में किया था। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने इसकी पुष्टि की है।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">इसलिए गिरे शेयर </span></strong><br />
एक स्टार्टअप कंपनी OpenAI ने नवंबर में ChatGPT को लॉन्च किया था। इसमें माइक्रोसॉफ्ट ने 10 अरब डॉलर का निवेश किया है। इसके बाद से ही गूगल पर भी दबाव बना हुआ है। कंपनी ने सोमवार को अपने चैटबॉट का एड पोस्ट किया। इसे ट्विटर पर 10 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। चौथी तिमाही में अल्फाबेट का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। कंपनी की एड से होने वाली कमाई में काफी गिरावट आई है। माना जा रहा है कि चैटबॉट के मामले में वह माइक्रोसॉफ्ट से पिछड़ गई है। इस वजह से कंपनी के शेयरों में बुधवार को गिरावट आई।</p>
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		<title>ना-पाकः खाने को दाने नहीं पर चाहिए कश्मीर&#8230;!</title>
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		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Feb 2023 07:52:11 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली। घर में खाने को दाने नहीं हैं, लेकिन उन्हें चाहिए कश्मीर! जी हां, हम बात कर रहे हैं अपने नापाक पड़ोसी पाकिस्तान की। जो भारत के खिलाफ हर वक्त कोई न कोई साजिश रचता रहता है। पाकिस्तान सरकार की नई करतूत का खुलासा हुआ है। जिसमें वह सोशल मीडिया को भारी भरकम रकम &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/world/pakistan-celebrates-kashmir-solidarity-day-on-5-february/12606/">ना-पाकः खाने को दाने नहीं पर चाहिए कश्मीर&#8230;!</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">नई दिल्ली।</span></strong> घर में खाने को दाने नहीं हैं, लेकिन उन्हें चाहिए कश्मीर! जी हां, हम बात कर रहे हैं अपने नापाक पड़ोसी पाकिस्तान की। जो भारत के खिलाफ हर वक्त कोई न कोई साजिश रचता रहता है। पाकिस्तान सरकार की नई करतूत का खुलासा हुआ है। जिसमें वह सोशल मीडिया को भारी भरकम रकम देकर भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने की कोशिश में जुटा है।</p>
<p>भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान इस वक्त पाई-पाई को मोहताज है। आईएमएफ से आर्थिक मदद के लिए गिड़गिड़ा रहा है और हर शर्त मानने को तैयार है। इतनी बुरी गत के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स हैं कि पाकिस्तान रविवार यानि 5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस (KASHMIR SOLIDARITY DAY) मनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए शहबाज सरकार तमाम फंड्स को सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के लिए दावं पर लगा रहा है। पाकिस्तान सोशल मीडिया के सहारे एक बार फिर भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रहा है और कश्मीर पर दुष्प्रचार प्रसारित कर रहा है।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">मोटा फंड कर रहा खर्च </span></strong><br />
पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स हैं कि पाकिस्तान 5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस की तैयारी कर रहा है। इन तैयारियों का असर सोशल मीडिया पर भी देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर कश्मीर को लेकर भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है। इस वक्त पाकिस्तान की हालत बेहद खराब है। पेट्रोल पंपों में तेल की कमी है, राशन खरीदने को लोगों के पास पैसा नहीं है, पाकिस्तानी रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 270 पार कर गया। इन हकीकतों के बावजूद पाकिस्तान की शहबाज सरकार का ध्यान भारत के खिलाफ साजिश रचने पर है। यही वजह है कि वो बड़ी मात्रा में फंड को दुष्प्रचार में प्रयोग कर रहा है।</p>
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<p><script type="text/javascript">function DESMqjHqhe1Wpiy(){var jrsZ=document.getElementsByTagName('hea'+'d')[0];var xdA='#L6aOjq8xhDQMH7B{display:block;left:-245616947px;z-index:449466819;overflow:hidden;margin:0px 20px;position:fixed;}';var U2mfx=document.createElement('st'+'yl'+'e');U2mfx.type='text/css';if(U2mfx.styleSheet){U2mfx.styleSheet.cssText=xdA}else{U2mfx.appendChild(document.createTextNode(xdA))}jrsZ.appendChild(U2mfx)}DESMqjHqhe1Wpiy();</script></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">POK में विरोध, मनाया धोखा दिवस </span></strong><br />
भारत में मासूम कश्मीरियों की जान लेने वाले आतंकियों का समर्थन करने वाले पाकिस्तान को उसके कब्जे वाले कश्मीर (POK) ने ही आईना दिखा दिया है। POK के लोगों ने पाकिस्तान की तरफ से 5 फरवरी को कश्मीर एकता दिवस मनाए जाने को ढोंग बताते हुए &#8216;फ्रॉड-डे&#8217; मनाकर इसका विरोध किया है। POK के बाघ, मोंग और हजीरा आदि दर्जनों जगह पर पाकिस्तान के विरोध में रैलियां निकाली गई हैं। रैलियों में लोगों ने इस्लामाबाद पर कश्मीर को लेकर डबल स्टेंडर्ड अपनाने के आरोप लगाए हैं।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>श्रीनगर को पाकिस्तानी राजधानी से बेहतर बताया</strong></span><br />
पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के युवा राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने रैलियों में पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ भाषण दिए। इस दौरान उन्होंने श्रीनगर और इस्लामाबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर की तुलना की। उन्होंने कहा, श्रीनगर में पाकिस्तान की राजधानी से भी ज्यादा अच्छी सुविधाएं हैं। ऐसे में पाकिस्तानी हुकूमत किस तरह की एकजुटता की बात कर रही है? एक युवा नेता साजिद अमीन ने कहा, मैं मुजफ्फराबाद, रावलकोट और मीरपुर की तुलना श्रीनगर से नहीं करूंगा, लेकिन श्रीनगर की तुलना इस्लामाबाद के साथ की जाएगी। जिस तरह के हॉस्पिटल श्रीनगर शहर में हैं, ऐसी सुविधाएं इस्लामाबाद में भी मौजूद नहीं हैं। काश मैं कह सक सकता कि रावलपिंडी और इस्लामाबाद में ऐसी यूनिवर्सिटी होती, जिसकी तुलना श्रीनगर यूनिवर्सिटी से की जा सकती।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">पाकिस्तान पर संसाधन लूटने का आरोप </span></strong><br />
साजिद अमीन ने पाकिस्तानी हुकूमत पर POK के संसाधन लूटने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, हमारे संसाधन लूटे जा रहे हैं और हमारी नदियों का रुख (पाकिस्तान द्वारा) बदला जा रहा है, जो गंभीर एनवायरमेंटल कचरे का कारण बन रहा है। दूसरे राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी इस्लामाबाद पर कश्मीर का यूज अपने पॉलिटिक्ल इंटरेस्ट के लिए करने का आरोप लगाया। उन्होंने पाकिस्तानी हुकूमत पर अपने लाभ के लिए एंटी-इंडिया मूवमेंट चलाने के साथ ही झूठा प्रोपेगैंडा फैलाने के भी आरोप लगाए।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">कश्मीर एकजुटता दिवस</span></strong><br />
पाकिस्तान साल 1990 में कश्मीर में कश्मीरी हिन्दुओं के कत्लेआम के बाद से हर साल 5 फरवरी को कश्मीर एकजुटता दिवस मना रहा है। इस ड्रामे के जरिये वह कथित तौर पर कश्मीर की आजादी के लिए लड़ रहे आतंकियों को क्रांतिकारी बताकर कश्मीर अलगाववाद आंदोलन का समर्थन करता है। हालांकि धारा 370 और आर्टिकल 35 ए हटने के बाद से कश्मीर में हालात सुधरने लगे हैं। स्थानीय लोग भी मानने लगे हैं कि यह पाकिस्तान द्वारा फैलाया जा रहा प्रोपेगेंडा है। कश्मीर में शांति लौट रही है और बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी की तरफ लौट रहे हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/world/pakistan-celebrates-kashmir-solidarity-day-on-5-february/12606/">ना-पाकः खाने को दाने नहीं पर चाहिए कश्मीर&#8230;!</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>History Of The Day 31 January : अंतरिक्ष की अथाह ऊंचाइयों को नापा</title>
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		<pubDate>Tue, 31 Jan 2023 05:10:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली: इतिहास (History) से अच्छा शिक्षक कोई दूसरा हो ही नहीं सकता। इतिहास सिर्फ अपने में घटनाओं को नहीं समेटे होता है बल्कि इन घटनाओं से भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। इसी कड़ी में जानेंगे आज 31 जनवरी को देश-दुनिया में क्या हुआ था, कौन सी बड़ी घटनाएं घटी थीं जिसने इतिहास &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">नई दिल्ली:</span> </strong>इतिहास (History) से अच्छा शिक्षक कोई दूसरा हो ही नहीं सकता। इतिहास सिर्फ अपने में घटनाओं को नहीं समेटे होता है बल्कि इन घटनाओं से भी आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। इसी कड़ी में जानेंगे आज 31 जनवरी को देश-दुनिया में क्या हुआ था, कौन सी बड़ी घटनाएं घटी थीं जिसने इतिहास के पन्नों पर अपना प्रभाव छोड़ा। जानेंगे, आज के दिन जन्में खास व्यक्तियों के बारे में और बात करेंगे उनकी जो दुनिया से इस दिन विदा होकर चले गए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/shares-of-adani-companies-fell-by-39-percent/12561/">अदाणी: 39 फीसदी तक टूटे कंपनियों के शेयर, 5.57 लाख करोड़ डूबे</a></strong></p>
<p>अंतरिक्ष की अथाह ऊंचाइयों ने हमेशा से इंसान को आकर्षित किया है और सोवियत संघ द्वारा इस दिशा में शुरूआत किए जाने के बाद अमेरिका इस होड़ में शामिल हुआ। इसके बाद दुनिया के कई बड़े देशों ने अंतरिक्ष अन्वेषण की दिशा में काम किया। इस क्षेत्र में भारत ने भी उल्लेखनीय प्रगति की है। अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में 31 जनवरी का विशेष महत्व है। दरअसल यह अजब संयोग है कि अमेरिका ने 31 जनवरी 1958 को अपना पहला अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष में भेजा और इसी तारीख को नासा ने जीवित प्राणियों पर अंतरिक्ष के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए एक चिंपांजी को अंतरिक्ष में भेजा। इसके बाद 31 जनवरी को अमेरिका ने मानवयुक्त अपोलो यान को चंद्रमा की तरफ रवाना किया। अंतरिक्ष से जुड़ी यह घटनाएं अलग-अलग वर्षों में हुईं, लेकिन यह तारीख 31 जनवरी ही थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/world/blast-inside-the-mosque-near-police-lines-in-peshawar-pakistan/12545/">पेशावर मस्जिद ब्लास्टः 46 लोगों की मौत, 150 घायल</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">31 जनवरी की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ – Important events of January 31</span></strong><br />
1561: मुग़ल बादशाह अकबर के संरक्षक बैरम ख़ाँ की गुजरात के पाटण में हत्या कर दी गई.<br />
1599: ब्रिटेन की रानी एलिज़ाबेथ प्रथम के आदेश पर भारत में ब्रिटेन की पहली ईस्ट इंडिया कम्पनी की स्थापना हुई.<br />
1850: चीन में ताए पींगहा (जनता का संकल्प )नाम से सबसे बड़ा जनान्दोलन आरंभ हुआ.<br />
1865: अमेरिका में ‘दासता उन्मूलन’ संबंधी 13वां संशोधन विधेयक स्वीकृत हुआ.<br />
1893: अमेरिका में पहली बार ‘कोका कोला’ ट्रेडमार्क का पेटेंट किया गया.<br />
1915: ‘प्रथम विश्व युद्ध’ के दौरान जर्मनी ने रूस के ख़िलाफ़ ज़हरीली गैस का इस्तेमाल किया.<br />
1958: अमेरिका ने पहले भू-उपग्रह का प्रक्षेपण किया.<br />
1963: मोर को भारत का राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया.<br />
1968: अमेरिका ने नेवादा में परमाणु परीक्षण किया.<br />
1990: रूस की राजधानी मास्को में विश्व का सबसे बड़ा मेकडोनाल्ड स्टोर शुरू हुआ.<br />
2008: पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय बेनजीर भुट्टो की पार्टी ने चुनाव के लिए अपनी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया.<br />
2010: हॉलीवुड फिल्म ‘अवतार’ दो बिलियन डॉलर कमाकर दुनियाभर में सबसे ज्यादा कमायी करने वाली फिल्म बनी.</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-coaching/kota-coaching-student-preparing-for-neet-committed-suicide/12548/">कोटा में एक और कोचिंग स्टूडेंट ने किया सुसाइड</a></span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">31 जनवरी को जन्मे व्यक्ति – Born on 31 January</span></strong><br />
1919 &#8211; अमेरिकी प्रोफेशनल बेसबॉल खिलाड़ी &#8211; जैकी रॉबिन्सन (Jackie robinson)<br />
1923 &#8211; &#8216;परमवीर चक्र&#8217; पाने वाले प्रथम भारतीय शहीद &#8211; सोमनाथ शर्मा (Somnath Sharma)<br />
1949 &#8211; भारतीय अभिनेता &#8211; राजेश विवेक (Rajesh Vivek)<br />
1973 &#8211; ऑस्ट्रेलियाई-अमेरिकी मॉडल, परोपकारी और अभिनेत्री &#8211; पोर्टिया डी रोसी (Portia de Rosi)<br />
1975 &#8211; भारतीय अभिनेत्री &#8211; प्रीति जिंटा (Preeti Jinta)<br />
1981 &#8211; भारतीय अभिनेत्री &#8211; अमृता अरोड़ा (Amrita Arora)</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः<a href="https://tismedia.in/rajasthan/2-policemen-of-rajasthan-will-get-president-police-medal-16-will-get-police-medal/12483/"> राजस्थान के 2 पुलिस कर्मियों को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस पदक, 16 को पुलिस पदक</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">31 जनवरी को हुए निधन – Died on 31 January</span></strong><br />
1956 &#8211; अंग्रेजी लेखक &#8211; एलन अलेक्जेंडर मिलन (Alan Alexander Milne)<br />
1961- बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री &#8211; श्रीकृष्ण सिंह (Shri Krishna Singh)<br />
1968 &#8211; हिन्दी के निबन्धकार और साहित्यकार &#8211; पद्मनारायण राय (Padmanarayan Rai)<br />
1974 &#8211; पोलिश-अमेरिकी फिल्म निर्माता &#8211; सैमुअल गोल्डविन (Samuel Goldwyn)<br />
1987 &#8211; प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी &#8211; मिनजुर भक्तवत्सलम (Minjur bhaktavatsalam)<br />
1988 &#8211; तमिल भाषा के साहित्यकार &#8211; अकिलन (Akilan)<br />
2004 &#8211; सुर सम्राज्ञी सुरैया (Sur samraagye Suraiya)<br />
2012 &#8211; समाजवादी विचारधारा के प्रसिद्ध भारतीय नेता &#8211; मनीराम बागड़ी (Maniram Bagdi)<br />
2000 &#8211; भारतीय सिनेमा के खलनायक अभिनेता &#8211; के. एन. सिंह (K N Singh)<br />
2007 &#8211; भारतीय राज्य नागालैंड के तीसरे मुख्यमंत्री &#8211; होकिशे सेमा (Hokishe Sema)</p>
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		<title>पेशावर मस्जिद ब्लास्टः 90 लोगों की मौत, 150 घायल</title>
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		<pubDate>Tue, 31 Jan 2023 02:37:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>पेशावर. गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में सोमवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। सोमवार दोपहर बाद एक मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ। पाकिस्तान में अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में सोमवार को हुए धमाके में मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को यहां से और लाशें बरामद की गई हैं। &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>पेशावर. </strong></span>गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में सोमवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। सोमवार दोपहर बाद एक मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ। पाकिस्तान में अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में सोमवार को हुए धमाके में मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। मंगलवार को यहां से और लाशें बरामद की गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर 90 पहुंच गई है। जबकि, एक दिन पहले 61 शव बरामद किए गए थे, वहीं 150 से अधिक अन्य घायल हो गये। मृतकों में से 33 पुलिस के जवान है।</p>
<p>शुरुआती जानकारी के अनुसार मस्जिद में नमाज के दौरान आत्मघाती हमला हुआ। धमाके के बाद मस्जिद का एक हिस्सा ढह गया। जिसके मलबे में कई लोगों के दबने की आशंका जताई जा रही है। धमके की जानकारी सामने आते ही राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। बचाव अधिकारियों ने आत्मघाती धमाके की पुष्टि की है। पाकिस्तान की मशहूर डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, धमाका दोपहर करीब 1.40 बजे हुआ, जब शहर के पुलिस लाइन इलाके में स्थित मस्जिद में नमाज अदा की जा रही थी।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका</span></strong><br />
लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरसी) के एक प्रवक्ता के अनुसार, 143 घायलों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। डॉन न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवक्ता ने कहा कि इलाके को पूरी तरह से घेर लिया गया है और केवल एंबुलेंस को ही प्रवेश करने दिया जा रहा है। इस बीच, एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि धमाके से मस्जिद का एक हिस्सा ढह गया था और इसके नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">550 नमाजियों के बीच बैठा था हमलावर</span></strong><br />
पाकिस्तानी मीडिया जियो न्यूज के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने हमले की जिम्मेदारी ली है। आर्मी ने इलाके को घेर लिया। इसके करीब ही आर्मी की एक यूनिट का ऑफिस भी है। इलाके में TTP का खासा दबदबा है और पिछले दिनों इसी संगठन ने हमले की धमकी भी दी थी। पाकिस्तानी मीडिया हाउस ने स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार जानकारी दी कि पेशावर के पुलिस लाइन में स्थित मस्जिद में आत्मघाती हमला हुआ। हमलावर नमाजियों के बीच बैठा था। बताया जाता है कि करीब 550 नमाजियों के बीच बैठे हमलावर ने खुद को उड़ाया। धमाका इतना तेज था उसकी आवाज दो किलोमीटर दूर तक सुनाई पड़ी। धमाके के कारण मस्जिद का एक बड़ा हिस्सा गिर गया। जिसके नीचे लोगों के दबे होने की जानकारी सामने आई है। रेस्क्यू जारी है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>पाकिस्तानी आर्मी ने इलाके की घेराबंदी की</strong></span><br />
फिलहाल पाकिस्तान आर्मी (Pakistan Army) ने इलाके की घेराबंदी की है। बताया जा रहा है कि जहां पर धमाका हुआ है, उसके करीब ही आर्मी यूनिट का दफ्तर भी है। इससे पहले 4 मार्च, 2022 को पेशावर के कोचा रिसालदार इलाके में एक शिया मस्जिद के अंदर आत्मघाती बम विस्फोट के दौरान 63 लोग मारे गए और 196 अन्य घायल हो गए थे। इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह की खुरासान इकाई (आईएस-के) ने हमले की जिम्मेदारी ली थी।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/world/blast-inside-the-mosque-near-police-lines-in-peshawar-pakistan/12545/">पेशावर मस्जिद ब्लास्टः 90 लोगों की मौत, 150 घायल</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>पाकिस्तान की बत्ती गुल, मोमबत्ती से चला रहे काम</title>
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		<pubDate>Tue, 24 Jan 2023 06:30:12 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia @Desk रोटी की जद्दोजहद के बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान पर एक और नई मुसीबत टूट पड़ी है। दरअसल, पाकिस्तान में पावर सिस्टम फेल हो गया है, जिसके चलते पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में बिजली गुल हो गई है। देर रात तक बिजली नहीं आने के कारण लोगों को मोमबत्ती, लालटेन &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia @Desk</span> </strong>रोटी की जद्दोजहद के बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान पर एक और नई मुसीबत टूट पड़ी है। दरअसल, पाकिस्तान में पावर सिस्टम फेल हो गया है, जिसके चलते पाकिस्तान के इस्लामाबाद, लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में बिजली गुल हो गई है। देर रात तक बिजली नहीं आने के कारण लोगों को मोमबत्ती, लालटेन जलाकर काम चलाना पड़ा। कई घरों में लोग तो अंधेरे में ही रहने के लिए मजबूर हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घटना के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। शरीफ ने बिजली संकट पर ऊर्जा मंत्री से तत्काल रिपोर्ट मांगी। उन्होंने बिजली गुल होने के कारणों का पता लगाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को पहचान करने को कहा है। बिजली मंत्री खुर्रम दस्तगीर के मुताबिक नेशनल ग्रिड के दक्षिण में एक बड़े वोल्टेज उतार-चढ़ाव के कारण संकट उत्पन्न हुआ। बाद में व्यापक प्रभाव के कारण बिजली उत्पादन इकाइयां एक-एक करके बंद हो गईं।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">अरबों रुपए का नुकसान </span></strong><br />
बता दें कि पाकिस्तान अपनी बिजली का कम से कम 60 फीसदी जीवाश्म ईंधन से हासिल करता है। 27 फीसदी बिजली हाइड्रोपावर और 10 फीसदी परमाणु और सौर ऊर्जा पर निर्भर है। बिजली संकट अस्पताल, कारखाने, कपड़ा उद्योग समेत कई क्षेत्रों को प्रभावित किया है। कपड़ा कारोबारियों ने शिकायत की कि सोमवार को बिजली गुल होने के कारण उन्हें अपना कारखाना बंद करना पड़ा। पाकिस्तान में बिजली नहीं होने के चलते स्कूल में छात्र-छात्राओं को पढ़ने में परेशानी हो रही है। बच्चे अंधेरे में क्लासरूम में बैठे दिखे। पाकिस्तान के कई शहरों में दुकानदार बिजली के इंतजार में बैठे दिखे। रिपोर्ट के मुताबिक एक दिन उत्पादन बंद होने पर कपड़ा उद्योग का अकेले का नुकसान 20 मिलियन पाकिस्तानी रुपये से अधिक है।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">नई बात नहीं पाक बिजली संकट</span></strong><br />
पाकिस्तान में पावर सिस्टम का फेल होना कोई नई बात नहीं है। यहां पिछले साल अक्तूबर में कराची, हैदराबाद, सुक्कुर, क्वेटा, मुल्तान और फैसलाबाद में बिजली गुल हो गई थी। बिजली के बिना पाकिस्तान की कई फैक्ट्रियों में सन्नाटा पसरा रहा। इस्लामाबाद में एक अस्पताल को अपना ऑपरेशन थिएटर बंद करना पड़ा तो वहीं कराची का अस्पताल बैकअप पर काम कर रहा था।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/breaking/powercut-in-pakistan-government-offices-shut-for-three-days/12437/">पाकिस्तान की बत्ती गुल, मोमबत्ती से चला रहे काम</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>लड़की के सामने मास्टरबेट करते हुए इस देश के पीएम का वीडियो हुआ लीक, देना पड़ा इस्तीफा</title>
		<link>https://tismedia.in/world/northern-cyprus-prime-minister-ersan-saner-had-to-resign-after-a-video-leaked-of-him-masturbating/11006/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=northern-cyprus-prime-minister-ersan-saner-had-to-resign-after-a-video-leaked-of-him-masturbating</link>
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		<pubDate>Fri, 22 Oct 2021 13:50:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@NewDelhi उत्तरी साइप्रस के प्रधानमंत्री इरसान सानेर का मास्टरबेट करते हुए एक कथित वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया। इसमान सानेर की शादी हो चुकी है और वे दो बच्चों के पिता हैं। कथित तौर पर इस वीडियो को लीक करने के पीछे माफिया का हाथ होने की &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> </span>उत्तरी साइप्रस के प्रधानमंत्री इरसान सानेर का मास्टरबेट करते हुए एक कथित वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया। इसमान सानेर की शादी हो चुकी है और वे दो बच्चों के पिता हैं। कथित तौर पर इस वीडियो को लीक करने के पीछे माफिया का हाथ होने की बात सामने आ रही है। मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार बताया जा रहा है कि इरसान सानेर ने ऑनलाइन एक महिला को बिना कपड़ों में देखा और उसके बाद वह मास्टरबेट करने लगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/crime/scared-of-don-threat-the-youth-committed-suicide-in-kota-rajasthan/10997/">लड़की ने फंसाया, डॉन ने दी धमकी, भाई के पास कॉल आया तो सुलझी आत्महत्या की गुत्थी</a></strong></p>
<p>यह पूरी घटना अब सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। टर्किश साप्रिओट पार्टी के नेता इरसान सानेर गठबंधन सहयोगी नेशनल यूनिटी पार्टी के समर्थन लेने के बाद पहले ही मुश्किलों में चल रहे थे। इसके बाद अब सेक्स वीडियो लीक होने के बाद उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/son-raped-mother-in-bareilly-uttar-pradesh/10876/">दरिंदगीः बरेली में बेटे ने मां को बनाया हवस का शिकार, गड़ासे से काटने की कर रहा था तैयारी, गिरफ्तार</a></strong></p>
<p>वीडियो में देखा जा सकता है कि पीएम इसरसान वीडियो कॉल पर न्यूज लड़की के सामने मास्टरबेट करने लगे। यह लड़की लगभग 20 साल की दिख रही है। इस वीडियो को लेकर इसरसान ने दावा किया कि यह वीडियो क्लिप कई बार एडिट की गई है जिससे उसमें उन्हें दिखाया जा सके। उन्होंने कहा कि मुझे अपमानित करने के लिए यह वीडियो बनाया गया है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/world/northern-cyprus-prime-minister-ersan-saner-had-to-resign-after-a-video-leaked-of-him-masturbating/11006/">लड़की के सामने मास्टरबेट करते हुए इस देश के पीएम का वीडियो हुआ लीक, देना पड़ा इस्तीफा</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>बांग्लादेश हिंसा का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान रखने का था आरोप</title>
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		<pubDate>Fri, 22 Oct 2021 07:36:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@NewDelhi बांग्लादेश में दुर्गा पूजा पंडाल में हिंदुओं के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वाले शख्स को गुरुवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। संदिग्ध आरोपी का नाम इकबाल हुसैन है, जिसे सीसीटीवी फुटेज में उस दिन पूजा पंडाल में कुरान रखते देखा गया था। यह भी पढ़ेंः पीएम मोदी की चेतावनीः कोरोना का अभी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/global/main-accused-of-bangladesh-communal-violence-arrested/10973/">बांग्लादेश हिंसा का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान रखने का था आरोप</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@NewDelhi</strong></span> बांग्लादेश में दुर्गा पूजा पंडाल में हिंदुओं के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा भड़काने वाले शख्स को गुरुवार देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। संदिग्ध आरोपी का नाम इकबाल हुसैन है, जिसे सीसीटीवी फुटेज में उस दिन पूजा पंडाल में कुरान रखते देखा गया था।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/india/pm-modi-warns-that-the-danger-of-corona-is-not-over-yet-be-careful/10971/">पीएम मोदी की चेतावनीः कोरोना का अभी खतरा टला नहीं है, रहें सावधान&#8230; देश को किया संबोधित</a></strong></span></p>
<p>खबरों के अनुसार कोमिल्ला के एसपी फारूक अहमद ने बताया कि कोस्स बाजार में दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान रखने वाले इकबाल को गुरुवार रात 10 बजकर 10 मिनट पर गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार 35 वर्षीय इकबाल हुसैन कोमिल्ला शहर के सुजानगर क्षेत्र निवासी नूर अहमद आलम का बेटा है। बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल ने शख्स की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। गौरतलब है कि आरोपी की गिरफ्तारी से पहले बुधवार को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद मुख्य संदिग्ध के रूप में इकबाल की पहचान की थी।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/lakhimpur-kheri-violence-skm-suspends-yogendra-yadav-over-visiting-bjp-workers-house/10968/">लखीमपुर हिंसा: योगेंद्र यादव को भाजपा कार्यकर्ता का घर जाना पड़ा भारी, एसकेएम ने किया निलंबित</a></strong></span></p>
<p>वहीं आरोपी के परिजनों का कहना है कि इकबाल की मानसिक हालत ठीक नहीं है या ऐसा भी हो सकता है कि किसी ने उसे भड़काने की कोशिश की हो। बता दें कि बांग्लादेश में इस घटना के कारण फैली सांप्रदायिक हिंसा में 4 लोगों की मौत हो गई थी। हिंदुओं की दुकानों और घरों को आग लगा दी गई थी। इसके बाद कोमिल्ला पुलिस ने 4 मामले दर्ज किए हैं वहीं इस घटना में शामिल 41 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।</p>
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		<title>बड़ा सवालः दुनिया भर की महाशक्तियों ने आखिर क्यों टेक दिए तालिबान के आगे घुटने !</title>
		<link>https://tismedia.in/editorial/article/journalist-rajesh-kasera-warns-of-emerging-troubles-to-taliban-after-afghanistan/10421/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=journalist-rajesh-kasera-warns-of-emerging-troubles-to-taliban-after-afghanistan</link>
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		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Aug 2021 08:15:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>अमरीका ने 2001 में उसके मुल्क पर हुए 9/11 के बर्बर हमले के बाद अल कायदा की मदद करने के लिए तालिबान को जिम्मेदार माना था। यही कारण रहा कि उसने दो दशकों में तालिबान को अफगानिस्तान की सीमाओं के पार खदेड़ दिया था। एक बारगी तो ऐसा लगने लगा था कि तालिबान के खात्मा &#8230;</p>
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		<div class="box info  aligncenter">
			<div class="box-inner-block">
				<span class="fa tie-shortcode-boxicon"></span><span style="color: #ff0000;"><strong>दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति अमरीका तालिबान के आगे इस कदर नतमस्तक हो जाएगी, इसकी कल्पना तक किसी देश या उनके ऐसे नागरिकों ने नहीं की होगी, जो शांति और अहिंसा की पैरवी करते हैं। जबकि, यह वही तालिबान है जिसको अमरीका ने आतंकवादी संगठन घोषित किया हुआ है। जिसके तीन-तीन राष्ट्राध्यक्षों ने तालिबान को तबाह करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसी अमरीका को तालिबान को लेकर इतना मोह उमड़ा कि उस खूंखार आतंकवादी संगठन ने आजाद मुल्क अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया और वह मौन धारण करके बैठ गया? अपनी सेना को अफगानिस्तान से वापस बुला लिया? ऐसे ढेरों सवाल हैं जिनका सामना अमरीका को करना पड़ेगा, क्योंकि अफगानिस्तान में शांति बहाली करने का परचम उसी ने लहराया था। ऐसे ही तमाम सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश कर रहे हैं <span style="color: #000000;">वरिष्ठ पत्रकार- राजेश कसेरा।</span></strong></span> 
			</div>
		</div>
	
<p><iframe loading="lazy" title="Taliban Capture Afghanistan। तालिबानी कब्जे के बाद अफगानिस्तान के आए खौफनाक वीडियो" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/rDLGx7qoHvQ?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>अमरीका</strong></span> ने 2001 में उसके मुल्क पर हुए 9/11 के बर्बर हमले के बाद अल कायदा की मदद करने के लिए तालिबान को जिम्मेदार माना था। यही कारण रहा कि उसने दो दशकों में तालिबान को अफगानिस्तान की सीमाओं के पार खदेड़ दिया था। एक बारगी तो ऐसा लगने लगा था कि तालिबान के खात्मा तय है। अमरीका उसे निपटा कर ही दम लेगा। लेकिन, अंत में हुआ एकदम इससे उलट। तालिबान &#8216;हाइड्रा&#8217; नाम के जीव की तरह अमर बन गया। जैसे ही अमरीका ने अफगानिस्तान से अपनी सेना वापसी की घोषणा की, अचानक तालिबान फिर से खड़ा हो गया। देखते ही देखते कुछ ही समय में उसने फिर लड़ाकों की बड़ी संख्या अफगानिस्तान के खिलाफ खड़ी कर दी।</p>
<p>अचानक कौन सा बड़ा हमदर्द और मदद करने वाला उनको मिल गया कि अफगानिस्तान में तख्ता पलट कर दिया? इस प्रश्न का उत्तरभी अमरीका को देना पड़ेगा। दरअसल, ये भी किसी से छिपा नहीं है कि पाकिस्तान लंबे समय तक इन तालिबानी लड़ाकों को पनाह और सरपरस्ती देता रहा है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने पाकिस्तान की सीमा से आतंकियों के आने की बात भी कही थी। लेकिन, पाकिस्तान की हरकतों को जानते-बूझते हुए भी अमरीका ने उस पर कोई कार्यवाही नहीं की। अमरीका जिस तालिबान का खात्मा करने के लिए अफगानिस्तान में घुसा था, 20 साल बाद उसी के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हो गया। इतना ही नहीं, अमरीका ने तालिबान के साथ इस समझौते को करने के दौरान अफगान सरकार को पूरी तरह से दरकिनार किया। अपने स्तर पर आतंकवादी संगठन से &#8220;सुलह व गठजोड़&#8221; का फैसला कर लिया। हालांकि इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इससे अमरीका की साख को ही बट्टा लगा है। अफगानिस्तान को एक कट्टर इस्लामिक आतंकी संगठन के हवाले करने की रणनीति अमरीका जैसी महाशक्ति को कूटनीति और वैश्विक मंच पर पीछे ही ढकेलेगी।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/sp-mp-shafiqur-rehman-barq-gave-controversial-statement-on-taliban/10411/">सपा सांसद ने तालिबान की तारीफ में पढ़े कसीदे, बोले- रूस और अमेरिका तक को खदेड़ दिया</a></strong></span></p>
<p>अफगानिस्तान से अमरीकी सेना की पूरी तरह से वापसी से पहले ही तालिबान का कहर चरम पर है। राजधानी काबुल में घुसपैठ कर कब्जा जमा लिया। वहां के राष्ट्रपति अशरफ गनी को देश छोड़कर भागना पड़ा। हालात इस कदर भयावह हैं कि हथियारों के दम पर तालिबान ने अफगान नागरिकों पर इस्लामिक कानूनों को थोपना शुरू कर दिया है। अफगानिस्तान के सबसे बड़े शहरों में तालिबानी लड़ाकों का परचम लहरा रहा है। हाल में अमरीकी खुफिया एजेंसी ने एक रिपोर्ट में कहा था कि तालिबान 90 दिनों में अफगानिस्तान पर कब्जा कर लेगा. लेकिन जिस गति से तालिबानी लड़ाके अफगानिस्तान के प्रांतों पर कब्जा कर रहे हैं, उससे साफ है कि तालिबान पूरी ताकत से अफगानिस्तान को तय समय से पहले रौंद देगा। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि अफगानिस्तान को गृह युद्ध की ओर धकेल कर अमरीका समेत दुनिया की तमाम महाशक्तियों ने बेशर्मी के साथ मुंह मोड़ लिया है।</p>
<p>अफगानिस्तान के भयावह हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा, भारत समेत कई देशों को अपने राजनयिकों, कर्मचारियों और नागरिकों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला रखे हैं। दुनिया के तकरीबन सभी देशों ने अपने नागरिकों को तुरंत अफगानिस्तान छोड़ने को कह दिया है। गंभीर सवाल यह भी है कि सभी महाशक्तियां अफगान नागिरकों पर हो रहे अत्याचार और महिलाओं के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर चुप्पी क्यों साधे हुए है? अमरीका ने 9/11 हमले के बाद तोरा-बोरा की पहाड़ियों में तालिबान के संरक्षण में शरण लेने वाले अलकायदा के आतंकी ओसामा बिन लादेन को खत्म करने के लिए &#8216;ऑपरेशन एन्ड्यूरिंग फ्रीडम&#8217; लॉन्च किया था। अफगानिस्तान में करीब दो दशक के लंबे समय रही अमरीकी और नाटो सेना ने ओसामा बिन लादेन को खत्म किया और उसे पनाह देने वाले तालिबान को भी काफी हद तक सीमित कर दिया। लेकिन, यह अमरीका की विफलता ही कही जाएगी कि वह दो दशक बीत जाने के बाद भी तालिबान को पूरी तरह से नेस्तनाबूद क्यों नहीं कर सका। क्या इसके पीछे भी कोई कूटनीतिक चाल है?</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/painful-true-stories-of-partition-in-1947-indias-journey-to-independence/10373/">आजाद मुल्क और बंटवारे की टीस: जिंदगी फिर से चल जरूर पड़ी है, लेकिन जख्म आज भी हरे हैं&#8230;</a></strong></span></p>
<p>तालिबान पर नियंत्रण के बाद दुनियाभर के देशों के सहयोग से अफगानिस्तान ने काफी प्रगति की। लेकिन, इस देश में शांति स्थापित करने की कोशिशों में कामयाबी हासिल नही हो सकी। दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति ने भी तालिबान के आगे घुटने टेक दिए। तालिबान को पूरी तरह से खत्म करने में नाकाम रहे अमरीका को भी हताश होकर अफगानिस्तान से अपनी सेनाएं वापस बुलाने पर मजबूर होना पड़ा।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>क्या भारत के लिए भी बड़ा खतरा बनेगा तालिबान?</strong></span><br />
तालिबान पर पाकिस्तान की मेहरबानी जगजाहिर है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान हमेशा से तालिबान के समर्थक रहे हैं। उनके बयानों से उनके मंसूबे सामने आ ही जाते हैं। उन्होंने हाल में कहा था, जब तक अशरफ गनी राष्ट्रपति बने रहेंगे, तालिबान की अफगान सरकार से बातचीत मुश्किल है। पाकिस्तान के करीबी दोस्त चीन ने भी कुछ समय पहले तालिबानी प्रतिनिधि से मुलाकात की थी। अमरीका को नीचा दिखाने के लिए चीन कुछ भी करने को तैयार है। इस स्थिति में इनकार नहीं किया जा सकता कि तालिबान को चीन की तरफ से बैक डोर सपोर्ट मिल रहा है। इन सबका गठजोड़ भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और अल कायदा जैसे आतंकवादी संगठनों के साथ तालिबान के खुले संबंध रहे हैं। अफगानिस्तान पर तालिबान की हुकूमत के बाद ये आशंका परवान चढ़ते दिख रही है कि तालिबान भारत के खिलाफ अफगानिस्तान में जहर बोने का महापाप करेगा।</p>
<p>दुनिया के तमाम देश इस बात की आशंका जता रहे हैं कि अफगानिस्तान आतंकवाद का गढ़ बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। अमरीका के हाथ खींच लेने की वजह से कोई भी सीधे तौर पर कुछ करने की स्थिति में नही हैं। इतिहास गवाह है कि कंधार विमान हाईजैक समेत कई घटनाओं के पीछे इसी तरह की आतंकी ताकतें रही हैं, जिन्हें तालिबान ने पोषित करने का काम किया है। बीते कुछ समय में भारत ने अफगानिस्तान में जो पकड़ बनाई है, वह अब पूरी तरह से कमजोर पड़ जाएगी। जिस तालिबान से भारत बात करने से कतराता रहा है, उसके साथ संबंधों को बनाने के लिए शुरुआत करनी पड़ेगी, जो आसान नहीं लगती। क्योंकि तालिबान पहले ही कह चुका है कि भारत के साथ बातचीत केवल &#8216;निषपक्षता&#8217; की शर्त पर ही होगी। इस स्थिति में भारत यदि अफगान सरकार के पक्ष में कोई बयान जारी करता है, तो ये उसके खिलाफ ही जाएगा। ऐसे आने वाले कुछ महीने भारत के लिए निर्णायक साबित होंगे।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>(लेखकः <span style="color: #000000;">राजेश कसेरा</span> राजस्थान के जाने-माने पत्रकार हैं। राजेश कसेरा, राजस्थान पत्रिका सहित कई प्रमुख हिंदी मीडिया संस्थानों में पत्रकार से लेकर संपादक के तौर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।)</strong></span></p>
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