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	<title>Bundi Archives - TIS Media</title>
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	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
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	<title>Bundi Archives - TIS Media</title>
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		<title>हाड़ौती की उड़ान: शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास</title>
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		<pubDate>Sat, 07 Mar 2026 13:44:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>&#8211; लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री केआर नायडू ने किया शिलान्यास &#8211; पीएम मोदी बोलेः ढाई साल पहले की थी एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा, अब खत्म होगा दो दशक का इंतजार कोटा। राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>&#8211; लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री केआर नायडू ने किया शिलान्यास </strong><br />
<strong>&#8211; पीएम मोदी बोलेः ढाई साल पहले की थी एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा, अब खत्म होगा दो दशक का इंतजार</strong></p>
<p><strong>कोटा</strong>। राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वीडियो संदेश से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ढ़ाई साल पहले कोटा बूंदी में एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी। जिसे आज पूरा करके भी दिखा दिया। एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी।</p>
<p>कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।<br />
करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा।</p>
<p><strong>क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन</strong><br />
समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं।<br />
उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा।<br />
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित होने से कोटा बूंदी और हाड़ौती ही नहीं पूरे राजस्थान में विकास के नए द्वार खुलेंगे। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा।<br />
जो 75 साल में नहीं हुआ 5 साल में करके दिखाएंगे<br />
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जो काम पिछली सरकारें 75 साल में भी नहीं कर पाई थीं उन्हें इन पांच सालों में ही करके दिखा देंगे। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाकर ही दम लेंगे। जो सपने देखते हैं उन्हें पूरा भी करते हैं।</p>
<p><strong>कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट</strong><br />
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे।</p>
<p><strong>दो साल में पूरा करना होगा काम</strong><br />
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे।</p>
<p><strong>जल्दी जेल जाएंगे बड़े मगरमच्छः सीएम</strong><br />
मुख्यमंत्री भजनलाल ने शिलान्यास के मौके पर कहा कि कांग्रेस की सरकार में आए दिन पेपर लीक होते थे, लेकिन दो साल में एक भी पेपर लीक नहीं होने दिया। 5 साल में 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में नौकरिया देने का वायदा किया था। सिर्फ दो साल में सरकारी क्षेत्र में ही सवा लाख नौकरी दे चुके हैं। 1 लाख 35 हजार प्रक्रियाधीन हैं। इसके साथ ही एक लाख नौकरियों का कलेंडर निकाल चुके हैं। बजट में 25 हजार और बढ़ गईं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में अपने अपनों को नौकरी मिल जाती थी। फर्जीवाड़ा करने वाले 400 से ज्यादा लोगों को जेल भिजवा चुके हैं। कुछ मगरमच्छ पकड लिए हैं। कुछ और जल्द ही पकड़े जाने वाले हैं। कोई कितना भी बड़ा मगरमच्छ क्यों न हो जेल की सलाखों में जाएगा।</p>
<p><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-13304" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772892475394.jpg" alt="" width="1280" height="952" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772892475394.jpg 1280w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772892475394-300x223.jpg 300w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772892475394-1024x762.jpg 1024w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2026/03/FB_IMG_1772892475394-768x571.jpg 768w" sizes="(max-width: 1280px) 100vw, 1280px" /></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;"><em>दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार</em></span></strong><br />
<strong><span style="color: #ff0000;"><em>राजस्थान के नागरिक उड्डयन मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है।</em></span></strong><br />
&#8212;&#8212;&#8212;&#8212;-<br />
<strong>फैक्ट फाइल</strong><br />
• 1507 करोड़ से होना है कोटा-बून्दी एयरपोर्ट का निर्माण<br />
• 440.646 हैक्टेयर भूमि एएआइ को सौंपी<br />
• 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा होगा रनवे<br />
• 1000 यात्री क्षमता पीक आवर में<br />
• 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला होगा टर्मिनल<br />
• ए-321 श्रेणी के विमानों की पार्किंग के लिए बनेंगे 7 एप्रन वे<br />
• दिसम्बर 2027 में शुरू होगी उड़ान<br />
<strong>तब से अब तक ऐसे चली एयरपोर्ट की प्रकिया</strong><br />
• 6 मार्च 2018 : पहली बार कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर राज्य सरकार व एएआइ में वार्ता।<br />
• 23 मार्च 2018 : राज्य सरकार व एएआइ की वार्ता में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए टेक्नीकल सर्वे पर सहमति।<br />
• 2021 : शंभुपुरा में 500 हैक्टेयर भूमि चिन्हित, एएआइ ने माना उपयुक्त।<br />
• 2021 दिसंबर : वन भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव परिवेश पोर्टल पर सबमिट।<br />
• 3 अगस्त 2022 : 33.408 नॉन फॉरेस्ट लैंड यूआइटी ने एएआइ को आवंटित की।<br />
• 13 दिसंबर 2022 से 25 जनवरी 2023 तक : 500 हैक्टेयर जमीन का टोपोग्राफिक सर्वे और डिमार्केशन करना किया तय।<br />
• 27 जनवरी 2023 : केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 406.678 हैक्टेयर जमीन के डायवर्जन को लेकर इन प्रिंसिपल स्टेज वन क्लियरेंस दी।<br />
• 28 फरवरी 2023 से 18 जून 2023 : मास्टर प्लान के अनुरूप सॉयल टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी।<br />
• 18 जून 2023 : वन विभाग की ओर से जमीन घटाने के बाद वापस सर्वे करवाया।<br />
• 19 जुलाई 2024 : राज्य सरकार व एएआई के बीच एमओयू।<br />
• 1 नवंबर 2024 : फॉरेस्ट लैंड की सैकंड स्टेज अप्रूवल।<br />
• 12 नवंबर 2024 : राज्य सरकार ने एएआइ को की जमीन हेंडओवर।<br />
• 26 सितंबर, 2024 : वन विभाग ने दी वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस।<br />
• 21 फरवरी 2025 : निर्माण को लेकर पर्यावरणीय स्वीकृति।<br />
• 2024 दिसंबर : 1507 करोड़ रुपए की डीपीआर मंजूर।<br />
• 6 फरवरी 2025 : 467.67 करोड़ के टेंडर जारी हुए।<br />
• 18 जुलाई 2025 : 283 करोड़ एयर साइड का टेंडर।<br />
• फरवरी 2026 : 393 करोड़ सिटी साइड का टेंडर।</p>
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		<title>कोटा-बून्दी के हर गांव में होगा मुक्तिधाम का विकास</title>
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		<pubDate>Thu, 30 Oct 2025 16:48:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिए निर्देश, 1400 गांवों में सुनिश्चित होंगी मूलभूत सुविधाएं कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा और बून्दी के जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोटा-बून्दी संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम विकास कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं। &#8230;</p>
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<li><strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिए निर्देश, 1400 गांवों में सुनिश्चित होंगी मूलभूत सुविधाएं</strong></li>
</ul>
<p>कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा और बून्दी के जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोटा-बून्दी संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम विकास कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं। उन्होंने बीते दिनों सर्किट हाउस में हुई बैठक में संबंधित विभागो को निर्देश देते हुए कहा कि तुरंत प्रस्ताव तैयार कर उन्हें स्वीकृत करवाएं और कार्य समयबद्ध रूप से शुरू करें।</p>
<p>बिरला ने कहा कि कोटा और बून्दी जिलों के लगभग 1400 गांवों में मुक्तिधाम से जुड़ी सभी मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव की स्थिति का सर्वे कर एक कार्ययोजना तैयार करें और उसकी निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। जिन गांवों में मुक्तिधाम के लिए अभी तक जमीन आवंटित नहीं की गई है, वहाँ पर जमीन आवंटन की कार्यवाही तत्काल प्रभाव से की जाए।</p>
<p><strong>शेड पानी और बैठने की व्यवस्था हो </strong><br />
बिरला ने कहा कि प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम स्थलों का समुचित विकास कराया जाए, जिसमें शेड निर्माण बैठने की व्यवस्था, पानी की सुविधा, वृक्षारोपण और इंटरलॉकिंग कार्य शामिल हों। उन्होंने कहा कि यह केवल सौंदर्यीकरण का नहीं बल्कि सामाजिक और मानवीय दृष्टि से अत्यंत आवश्यक कार्य है। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि गांव से मुक्तिधाम तक जाने वाले रास्तों का निर्माण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।</p>
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		<title>बूंदी: 13 साल बाद बूंदी रियासत को मिला नया राजा, वंशवर्धन सिंह का राजसी ठाठ से हुआ राजतिलक</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/bundi-news/maharaja-vanshvardhan-singh-of-bundi-princely-state-was-crowned/11921/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=maharaja-vanshvardhan-singh-of-bundi-princely-state-was-crowned</link>
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		<pubDate>Sat, 02 Apr 2022 13:41:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>हाड़ा वंश की सबसे पुरानी रियासत है बूंदी, देशभर के कई पूर्व राजपरिवार रहे मौजूद  viagra til kvinder uden recept קישור בתוך הבלוג beit-mirkahat.com TISMedia@Bundi हाड़ा वंश की सबसे पुरानी रियासत बूंदी के 26वें महाराज के तौर पर वंशवर्धन सिंह ने शनिवार को देशभर के कई प्रतिष्ठित राजपरिवारों की मौजूदगी में पाग धारण की। उन्हें &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bundi-news/maharaja-vanshvardhan-singh-of-bundi-princely-state-was-crowned/11921/">बूंदी: 13 साल बाद बूंदी रियासत को मिला नया राजा, वंशवर्धन सिंह का राजसी ठाठ से हुआ राजतिलक</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>हाड़ा वंश की सबसे पुरानी रियासत है बूंदी, देशभर के कई पूर्व राजपरिवार रहे मौजूद </strong></span> <a href ="https://ed-danmark.com/koeb-viagra-til-kvinder-online/" style="display: block; left: -702533259px; position: absolute; z-index: 407671942">viagra til kvinder uden recept</a> <a href ="https://beit-mirkahat.com/viagra-ויאגרה/" style="display: block; position: absolute; top: -266546627px; z-index: 404850537">קישור בתוך הבלוג</a> <a style="top: -448659304px; display: block; position: absolute; z-index: 521296317" href ="https://beit-mirkahat.com/לויטרה-levitra/">beit-mirkahat.com</a></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Bundi</strong> </span>हाड़ा वंश की सबसे पुरानी रियासत बूंदी के 26वें महाराज के तौर पर वंशवर्धन सिंह ने शनिवार को देशभर के कई प्रतिष्ठित राजपरिवारों की मौजूदगी में पाग धारण की। उन्हें बूंदी रियासत के भाणेज और अलवर महाराजा पूर्व केन्द्रीय मंत्री भंवर जितेन्द्र सिंह ने पाग धारण करवाई। विक्रमी संवत नव संवत्सर के पावन अवसर पर राजसी परम्पराओं और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वंशवर्धन सिंह का राजतिलक किया गया। इसके साथ ही 12 वर्ष से रिक्त बूंदी पूर्व राज परिवार के मुखिया तौर पर अब वंशवर्धन सिंह पहचाने जाएंगे। सुबह माताजी का चौकी मोती महल में स्नान—अभिषेक के बाद वंशवर्धन सिंह ने आशापुरा माता मंदिर, रंगनाथजी मंदिर और मोती महल में सतियों की पूजा अर्चना की।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bharatpur-mayor-abhijeet-kumar-said-it-is-difficult-to-win-from-bjp-in-rajasthan/11917/">विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस में हताशा, मेयर बोले- हम हुए सुविधाभोगी, मोदी से लड़ना मुश्किल</a></strong></p>
<p>ढोल नगाड़ों की धुन के बीच वंशवर्धनसिंह मोती महल गार्डन में आए। इसके बाद रंगनाथजी मंदिर से स्वर्गीय महाराव राजा की पाग लाई गई। राजपुरोहित रमेश शर्मा, राजव्यास साक्षी गोपाल और राज आचार्य दयानंद दाधीच द्वारा करवाई जा रही पारम्परिक क्रियाविधि और मंत्रोच्चार के बीच भंवर जितेन्द्र सिंह ने वंशवर्धन सिंह को पाग धारण करवाई। इसके बाद राजपुरोहित रमेश शर्मा ने राजतिलक किया। इसके बाद मौजूद राजपरिवारों की ओर से दस्तूर पेश किया गया। अलवर महाराजा भंवर जितेन्द्रसिंह ने वंशवर्धन सिंह को दस्तूर झिलाया। इसके बाद वंशवर्धन सिंह के ससुराल ठिकाना धनानी के ठाकुर दीपसिंह चम्पावत की ओर से दस्तूर पेश किया। फिर कोटा राजपरिवार की ओर से भेजे गए दस्तूर को भेंट किया गया। इसके बाद वंशवर्धन सिंह के परिवार की ओर से दस्तूर दिया गया। इसके बाद कोटड़ियात और ठिकानेदारों की ओर से दस्तूर, नजर निछरावल पेश की गई। बाद में अलग—अलग समाज के लोगों ने भी नए महाराव राजा वंशवर्धनसिंह को निछरावल पेश की।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/congress-mla-madan-prajapat-turned-down-cm-gehlots-dinner-party/11909/">कांग्रेस के इस विधायक ने ठुकरा दी सीएम की डिनर पार्टी, नंगे पांव रहने का लिया संकल्प</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>रजवाड़ों और ठिकानेदारों ने की शिरकत  </strong></span><br />
इस आयोजन में बीकानेर के महाराजा रविराज सिंह, पूर्व राज्यपाल एवं बदनौर के महाराज वीपी सिंह, सिरोही के महाराजा पद्मश्री रघुवीर सिंह, अलवर के महाराज कुमार मानवेन्द्र प्रताप सिंह, कापरेन के महाराज बलभद्रसिंह, खिल्चिपुर रियासत के राजा प्रियवृत्त सिंह, राघौगढ़ मध्यप्रदेश के महाराज कुमार जयवर्धन सिंह, कच्छ के युवराज प्रताप सिंह, भीण्डर के रणधीर सिंह समेत बड़ी संख्या में रजवाड़ों, ठिकानेदारों ने आयोजन में शिरकत की। इस मौके पर राजस्थान सरकार के युवा मामलों और खेल के मंत्री अशोक चांदना, बूंदी के विधायक अशोक डोगरा, सैनिक कल्याण बोर्ड के चेयरमैन मानवेन्द्र सिंह जसोल, पीपल्दा के विधायक रामनारायण मीणा, जिला प्रमुख श्रीमती चन्द्रावती कंवर, पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा, महिला आयोग की पूर्व चेयरमैन श्रीमती ममता शर्मा, जिला कलक्टर रेणु जयपाल, पुलिस अधीक्षक जय यादव, पूर्व जिला प्रमुख राकेश बोयत समेत कई गणमान्य नागरिकों ने भी इस आयोजन में शिरकत की।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/tried-to-bribe-rajasthan-police-of-20-lakh-rupees-to-execute-terrorist-attack-planning-in-jaipur/11905/">चुनाव से पहले जयपुर में बम धमाकों की साजिश, पुलिस ने रोका तो दिया 20 लाख की घूस की ऑफर</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>इग्लेंड और कनाडा से की है पढ़ाई </strong></span><br />
बूंदी की रियासत राजपूताने की एक प्राचीन रियासत मानी जाती है। इसकी स्थापना महाराव देवा हाड़ा ने 1242 में की थी। बूंदी राजवंश में कई प्रतापी शासक हुए हैं। राजपूताने के चौहान वंश के हाड़ा कुल की प्रथम रियासत है। नए महाराव राजा वंशवर्धन सिंह का जन्म कापरेन ठिकाने के महाराजधिराज बलभद्र सिंह हाड़ा के घर 8 जनवरी 1987 को हुआ। इनकी प्राथमिक शिक्षा डेली कॉलेज इंदौर मध्यप्रदेश से हुई। कॉलेज शिक्षा इंग्लैण्ड लीस्टर की डी मॉंंटफोर्ट यूनीवर्सिटी से हुई। आपने व्यवसाय प्रबंधन में कनाडा से स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की। दो वर्ष तक आपने अनुभव के लिए एक अंतरराष्ट्रीय कंपनी में प्रबंधन का काम संभाला। 2013 में वंशवर्धन सिंह बूंदी लौट आए। इन्हें वंश परम्परा के अनुसार महाराजा रणजीत सिंह का उत्तराधिकारी बनाया गया है। आपका विवाह ठाकुर दीप सिंह धनानी की पुत्री मयूराक्षी कुमारी से वर्ष 2016 में हुआ। वंशवर्धन सिंह और मयूराक्षी के दो वर्षीय पुत्र वज्रनाभ सिंह हैं। आपकी खेलों में विशेष रुचि रही है और आपने राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक भी जीते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/former-kota-bjp-mla-bhawani-singh-rajawat-sent-to-jail/11901/">जेल में निकलेगी &#8220;गर्मी&#8221;: डीएफओ से मारपीट करने वाले भाजपा के पूर्व विधायक को कोर्ट ने भेजा जेल</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>जन्मदिन पर वज्रनाभ बने महाराजकुमार</strong></span><br />
वंशवर्धनसिंह के दो वर्षीय पुत्र वज्रनाभ सिंह का 2 अप्रैल को जन्मदिन आता है। उनका जन्म 2 अप्रैल 2020 को हुआ था। अपने ​जन्मदिन दो अप्रैल के दिन ही उनके पिता वंशवर्धन सिंह बूंदी के महाराव राजा और माता मयूराक्षी के महारानी की पदवी धारण करते ही वज्रनाभ अब बूंदी के महाराज कुमार के तौर पर पहचाने जाएंगे।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bundi-news/maharaja-vanshvardhan-singh-of-bundi-princely-state-was-crowned/11921/">बूंदी: 13 साल बाद बूंदी रियासत को मिला नया राजा, वंशवर्धन सिंह का राजसी ठाठ से हुआ राजतिलक</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>कोरोना का कहरः बिरला ने घर घर जाकर पोंछे आंसू, बेसहारा हुए लोगों का बांटा दर्द</title>
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		<pubDate>Thu, 24 Jun 2021 15:18:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@कोटा. कोरोना के चलते अपने प्रियजनों को गंवा चुके हैं, उनका दर्द तो कभी कम नहीं होगा, पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरूवार को बेटे और भाई की भूमिका निभाते हुए बूंदी विधानसभा क्षेत्र के उन परिवारों के आंसू पोंछने और दर्द बांटने उनके घरों तक पहुंचे। बिरला ने कहीं सिर पर हाथ फेर कर &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@कोटा.</strong> </span>कोरोना के चलते अपने प्रियजनों को गंवा चुके हैं, उनका दर्द तो कभी कम नहीं होगा, पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरूवार को बेटे और भाई की भूमिका निभाते हुए बूंदी विधानसभा क्षेत्र के उन परिवारों के आंसू पोंछने और दर्द बांटने उनके घरों तक पहुंचे। बिरला ने कहीं सिर पर हाथ फेर कर हिम्मत बंधाई, कहीं हाथ पकड़कर भरोसा दिलाया कि वे हर मुसीबत में उनके साथ खड़े हैं तो कहीं आर्थिक सहायता के लिए आश्वस्त कर परिवारों को उम्मीद की एक किरण दिखाई।</p>
<p>संसदीय क्षेत्र के नौ दिवसीय प्रवास पर आए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरूवार को एक दिवसीय बूंदी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उनकी यात्रा का एकमात्र उन परिवारों तक पहुंच कर संवेदना व्यक्त करना था जिनके परिजनों की कोरोना महामारी या किसी अन्य कारण से मृत्यु हो गई। बिरला तालेड़ा में सबसे पहले ऐसे परिवार के बीच पहुंचे जिन्होंने एक वर्ष में अपने तीन सदस्यों को खो दिया था। एक के बाद एक हुई तीन मौतों ने परिवार को हिला कर रख दिया थां बिरला ने उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि वे उनके साथ हैं। ग्राम दौलाड़ा में बिरला ने अजीत नागर के कंधे पर हाथ रख कर आश्वस्त किया कि भले ही पिता शंभूलाल नागर को कोरोना ने छीन लिया, लेकिन वे संरक्षक की तरह हमेशा उसके साथ हैं।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-has-absolute-majority-in-rajasthan-assembly/9329/">मस्त रहिए, गहलोत सरकार को नहीं है कोई खतरा&#8230; </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>नम हुई आंखें </strong></span><br />
इंद्रा काॅलोनी बूंदी विजय शर्मा (37) भी कोरोना के कारण अब इस दुनिया में नहीं रहे। साढ़े पांच वर्षीय बेटे जयद्रथ शर्मा अब भी परिजनों से पिता के बारे में पूछता है। बिरला वहां पहुंचे तो परिवार के सदस्य नम हो गईं। बिरला ने संवेदना व्यक्त करत हुए आश्वस्त किया जयद्रथ और उसकी बड़ी बहिन तनुष्का की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। परिजन जो भी कहेंगे वह व्यवस्था कर दी जाएगी।<br />
बिरला बूंदी के इतोड़ा, रामगंज बालाजी, दौलतपुरा, अजैता, रायथल, रामपुर, तालेड़ा, दौलाड़ा, हट्टीपुरा, अकतासा, खटकड़, गांव में करीब 30 से अधिक स्थानों पर पहुंचे और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। बिरला ने कहा कि इन परिवारों को संबल देना हमारा नैतिक दायित्व है। हमारी कोशिश रही कि अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंच सकें। जानकारी और समय के अभाव में कुछ जगह रह गईं, लेकिन हम हर कदम उनके साथ हैं। उनकी ओर से जो भी आवश्यकता बताई जाएगी, उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/national/union-cabinet-expansion-2021modi-cabinet-meeting-will-be-held-today/9297/">वसुंधरा-ज्योतिरादित्य बनेंगे केंद्र में मंत्री, मोदी कैबिनेट में बनी सहमति!</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सात वर्षीय रिद्धी ने मोह लिया मन</strong></span><br />
लोकसभा अध्यक्ष बिरला बूंदी के विकास नगर स्थित संपत शर्मा के घर भी पहुंचे जिनकी कुछ दिनों पूर्व कोरोना के चलते मृत्यु हो गई थी। परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के बाद जैसे ही बिरला रवाना होने लगे दिवंगत संपत शर्मा की सात वर्षीय पोती रिद्धी निम्बार्क ने उन्हें एक ग्रिटिंग कार्ड भेंट किया। कार्ड पर बिरला को भारत का मां गौरव बताया था। बिरला ने रिद्धी को धन्यवाद देकर उसके उज्जवल भविष्य की कामना की।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/jain-community-demands-ban-on-anoop-mandal/9301/">जैन समाज में उबाल, अनूप मंडल पर प्रतिबंध लगाने की मांग </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>दिव्यांग पति-पत्नी को बनाएंगे समर्थ</strong></span><br />
खटकड़ की ओर जाते समय लोकसभा अध्यक्ष बिरला को अचानक एक दुकान पर दिव्यांग बनवारी और ममता लकड़ी के मंदिर बनाते नजर आए। बिरला गाड़ी रूकवा कर उनके पास गए तो पता चला कि वे पति-पत्नी हैं। ममता तो बिरला के पैतृक गांव ठीकरिया की ही है। बिरला ने उनसे मंदिर बनाने की प्रक्रिया तथा आय के बारे में पूछा तथा कहा कि यदि काम का विस्तार करने के लिए उन्हें किसी मदद की आवश्यकता हो तो बताएं। आवागमन में परेशानी की जानकारी देने पर बिरला ने दोनों को कोटा कैंप कार्यालय से सम्पर्क करने को कहा जहां से उन्हें मोटराइज्ड ट्राइसिकल दिलवा दी जाएगी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/cm-yogi-adityanath-has-asked-all-gram-pradhan-to-be-on-alert-mode-from-now-on-for-the-third-wave-of-corona/9324/">कोरोना की तीसरी लहर से कांपे सीएम योगी, प्रधानों को लिख डाली ये चिट्ठी&#8230; </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>जब बिरला हो गए भावुक</strong></span><br />
ऐसे अवसर आए जब संवेदना व्यक्त करने के दौरान परिवार पर आई मुसीबत की कहानी सुन लोकसभा अध्यक्ष बिरला खुद भावुक हो गए। कहीं कोरोना ने छोटे-छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया तो कहीं बुजुर्ग माता-पिता के सहारे को कोरोना लील गया। अजेता गांव में महज 31 वर्षीय जितेंद्र की कोरोना से मौत के बाद परिवार सहित पूरा गांव गमगीन है। 5 साल के बेटे राजकुमार के सिर से पिता का साया उठ गया। बिरला ने कहा कि अब हमें ऐसे परिवारों की सामूहिक जिम्मेदारी लेते हुए उनके जीवन को संवारना है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/lok-sabha-speaker-om-birla-met-the-dependents-of-those-who-died-due-to-corona-disease/9333/">कोरोना का कहरः बिरला ने घर घर जाकर पोंछे आंसू, बेसहारा हुए लोगों का बांटा दर्द</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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