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	<title>Corona Pandemic Archives - TIS Media</title>
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	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
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	<title>Corona Pandemic Archives - TIS Media</title>
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		<title>Union Budget 2022: आपके लिए बजट में क्या है खास? जानिए, सिर्फ एक क्लिक में</title>
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		<pubDate>Tue, 01 Feb 2022 11:07:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@NewDelhi केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश कर दिया है। एक तरफ सरकार इसे भावी भविष्य की आधारशिला बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे फुस्स पटाखा। आर्थिक विशेषज्ञ भी अभी इसे समझने में माथा पच्ची कर रहे हैं, लेकिन बाजार है &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/union-budget-2022-know-what-is-special-for-you-in-budget-2022/11459/">Union Budget 2022: आपके लिए बजट में क्या है खास? जानिए, सिर्फ एक क्लिक में</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@NewDelhi</strong></span> केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए बजट पेश कर दिया है। एक तरफ सरकार इसे भावी भविष्य की आधारशिला बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे फुस्स पटाखा। आर्थिक विशेषज्ञ भी अभी इसे समझने में माथा पच्ची कर रहे हैं, लेकिन बाजार है कि बजट आने के बाद से ही स्टॉक एक्सचेंज खुशी के मारे झूमा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इस बजट में ऐसा क्या खास है जो आम आदमी के सीधे काम का है। तो आइए जानते हैं बजट 2022 में किसको क्या मिला?</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>टैक्स में कोई राहत नहीं</strong></span><br />
टैक्सपेयर्स को इस बार बजट से कोई भी नयी रियायत नहीं मिली है। वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने बजट भाषण में आयकर दरों और स्लैब में कोई बदलाव नहीं करने का प्रस्ताव रखा है। मंत्री ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी नहीं बढ़ाया। स्टैंडर्ड डिडक्श वर्तमान में ₹50,000 है। कॉरपोरेट टैक्स की दर भी उसी स्तर पर रखी गई थी। हालांकि, नई इन-कॉरपोरेट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए 15 प्रतिशत की रियायती दर को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। हालांकि, इनकम टैक्स के नियमों में बड़े सुधार किए जाएंगे। IT रिटर्न अपडेट करने के लिए टैक्सपेयर्स को ज्यादा मौका मिलेगा। जुर्माना भरकर पिछले 2 साल का इनकम टैक्स रिटर्न अपडेट कर सकेंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/india/union-budget-2022-union-finance-minister-has-promised-60-lakh-new-jobs-in-the-budget-announcement/11456/">Union Budget 2022: मोदी सरकार ने किया 60 लाख नई नौकरियां देने का वादा</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>मोबाइल फोन और हीरे के गहने होंगे सस्ते</strong></span><br />
2022-23 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तावित के रूप में, मोबाइल फोन और मोबाइल फोन चार्जर समेत आमतौर पर उपयोग की जाने वाली बड़ी संख्या में सामान सस्ता होने के लिए तैयार हैं। वित्त मंत्री ने भारत में निर्मित कृषि क्षेत्र के लिए उपकरणों और उपकरणों पर छूट के विस्तार की घोषणा की। यानी अब खेती का सामान सस्ता होगा। इसके अलावा बजट में कट और पॉलिश्ड डायमंड पर कस्टम ड्यूटी में 5% की कटौती की गई है। यानी गहने सस्ते हो जाएंगे। इसके अलावा चमड़े का सामान और स्टील सस्ती होगी। बटन, ज़िपर, चमड़ा, पैकेजिंग बॉक्स, सस्ता होगा। श्रिंप एक्वा कल्चर पर ड्यूटी कम की गई है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>ये सामान होगा सस्ता </strong></span><br />
कपड़ा<br />
जेम स्टोन और हीरे के गहने<br />
इमीटेशन जूलरी (आर्टिफिशियल जूलरी)<br />
मोबाइल फोन<br />
मोबाइल फ़ोन चार्जर<br />
कृषि उपकरण और औजार<br />
मेंथा ऑयल</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>इन पर पड़ेगी महंगाई की मार</strong> </span><br />
भारत में बनाई जा सकने वाली और इम्पोर्ट होने वाली दवा महंगी होगी।<br />
सभी आयातित आइटम महंगे होंगे।<br />
बिना ब्लेंडिंग वाले फ्यूल<br />
छाते पर ड्यूटी बढ़ी, यानी आपको छाता खरीदना महंगा पड़ेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/tis-utility/health/union-budget-2022-modi-government-will-provide-tele-mental-health-program-for-24-hours-free/11462/">Union Budget 2022: क्या है नेशनल टेली-मेंटल हेल्थ प्रोग्राम? मोदी सरकार मुफ्त देगी 24 घंटे सुविधा</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>NPS में टैक्स कटौती की सीमा बढ़ी</strong></span><br />
कर्मचारियों को एनपीएस में कुछ सौगात दी गई है। एनपीएस में नियोक्ता के योगदान के लिए कटौती केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए पहले के 10% से बढ़कर 14% हो गई है। हालांकि, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पहले से 14 फीसदी की टैक्स डिडक्शन लिमिट का फायदा मिल रहा है। सरकार का यह कदम राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच समानता लाने का काम करेगा। साथ ही, इससे सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट्स में बढ़ोतरी होगी। प्राइवेट सेक्टर के एंप्लॉयीज के लिए टैक्स बेनेफिट अभी 10 फीसदी ही है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>मिलेंगी 60 लाख नई नौकरियां</strong></span><br />
2022 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि सरकार का अगला लक्ष्य 60 लाख नौकरियां पैदा करना है। पीएम गति शक्ति अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाएगी जिससे युवाओं को अधिक नौकरियां और अवसर मिलेंगे। FM ने कहा कि केंद्र देश में युवाओं, महिलाओं और गरीबों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत 16 लाख नौकरियां दी जाएंगी। मेक इन इंडिया के तहत 60 लाख नौकरियां आएंगी।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>क्रिप्टो आय पर 30% का टैक्स</strong></span><br />
तमाम नानुकुर के बाद आखिरकार सरकार को क्रिप्टोकरंसी के लिए देश के दरवाजे खोलने ही पड़े। हालांकि सरकार ने भारतीय डिजिटल करेंसी लाने की भी घोषणा की है। आरबीआई इसी वित्त वर्ष में देशी डिजिटल करंसी चालू करेगी। हालांकि, डिजिटल करंसी (क्रिप्टोकरंसी) से इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगाया गया है। इसके अलावा वर्चुअल करंसी के ट्रांसफर पर 1 फीसदी TDS भी लगेगा।डिजिटल करेंसी को लेकर वित्त मंत्री ने बजट में बड़ी घोषणा की है। सरकार डिजिटल संपत्ति हस्तांतरण से होने वाली आय पर 30% कर लगाएगी। इसके अलावा डिजिटल करेंसी के उपहार पर प्राप्तकर्ता के अंत में कर लगाया जाएगा। हानि को किसी अन्य लाभ से समायोजित नहीं किया जा सकता। यानि अब क्रिप्टोकरंसी में नुकसान होने पर भी इसके खरीदारों को टैक्स देना होगा।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>400 नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जाएंगी</strong></span><br />
इस आम बजट में रेलवे को बड़ी सौगात मिली है। रेल बजट को लेकर वित्त मंत्री ने कहा कि तीन साल में 400 नई वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जाएंगी। अगले 3 वर्षों के दौरान बेहतर दक्षता वाली 400 न्यू जनरेशन की वंदे भारत ट्रेनें (Vande Bharat trains) चलाई जाएंगी। अगले 3 वर्षों के दौरान 100 PM गति शक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा मेट्रो सिस्टम (Metro) के निर्माण के लिए नए तरीकों का कार्यान्वयन किया जाएगा।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>मानसिक स्वास्थ्य पर दिया जोर </strong></span><br />
बजट में हेल्थ सेक्टर के लिए घोषणाएं की गईं। सीतारमण ने ऐलान किया कि मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के लिए एक राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। IIT बैंगलोर कार्यक्रम के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। बता दें कि मानसिक बीमारियों की स्थिति में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूरसंचार या वीडियो कांफ्रेंसिंग तकनीक का उपयोग करना ही टेलीमेंटल हेल्थ है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>किसानों को मिलेंगे ये फायदे</strong></span><br />
किसानों के खातों में 2.37 लाख करोड़ रुपये की एमएसपी सीधे ट्रांसफर की जाएगी। आने वाले दिनों में कैमिकल फ्री नेचुरल फार्मिंग को प्रमोट किया जाएगा। पहले चरण में गंगा किनारे की किसानों की जमीन 5 किलोमीटर के कोरिडोर को पहले चरण में चुना जाएगा। पीपीपी मॉडल के तहत स्कीम लाई जाएंगी, जिससे किसानों तक डिजिटल और हाईटेक तकनीक पहुंचाई जाएगी। किसानों की खेती के असेसमेंट के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी की मदद ली जाएगी।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>80 लाख मकान बनाए जाएंगे</strong></span><br />
2022-23 में पीएम आवास योजना के तहत 80 लाख मकान बनाए जाएंगे। इनके लिए 48 हजार करोड़ का फंड रखा गया है। वहीं &#8216;हर घर, नल से जल&#8217; के अंतर्गत इस समय 8.7 करोड़ परिवारों को कवर किया गया है। पीएम आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मार्च 2024 तक मिलने वाला है। इसके तहत मकान खरीदने पर सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जाती है। सब्सिडी की रकम अलग आय वर्गों के लिए अलग होती है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>छोटे और मध्यम व्यापार के लिए कर्ज गारंटी</strong></span><br />
एमएसएमई में सुधार के लिए 5 वर्षीय प्रोग्राम चलाए जाएंगे। स्टार्ट-अप के जरिए ड्रोन शक्ति को बढ़ावा मिलेगा। एमएसएमई सेक्&#x200d;टर (MSME Sector) यानी छोटे और मध्यम व्यापार के लिए कर्ज गारंटी योजना मार्च 2023 तक बढ़ा दी गई है। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत 1 करोड़ 30 लाख एमएसएमई (MSME) को अतिरिक्त कर्ज दिया जाएगा, ताकि वे कोरोना महामारी से उबर सकें।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>विद्युत वाहन सेक्टर को मिला बूस्ट</strong> </span><br />
इलेक्ट्रिक व्हीकल मार्केट को बूस्ट देने के लिए सरकार ने नई योजनाओं का एलान किया है। ईवी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए इंटरऑपरेबिलिटी स्टैंडर्ड्स के साथ सरकार ने बैटरी स्वैपिंग पॉलिसी लाने की घोषणा की है। हालांकि यह बेहद खर्चीला होगा। कब तक सरकार इस दिशा में कदम उठाएगी यह आने वाले दिनों में ही स्पष्ट हो सकेगा। क्योंकि, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी लगातार चार्जिंग स्टेशन बनाए जाने पर जोर दे रहे हैं। वहीं बैटरी बदलने की प्रक्रिया बेहद जटिल होगी और इसे संभव बनाने के लिए ईवी मोटर बनाने वाली कंपनियों को तकनीकी स्तर पर बड़ा बदलाव करना होगा।</p>
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		<title>Union Budget 2022: मोदी सरकार ने किया 60 लाख नई नौकरियां देने का वादा</title>
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		<pubDate>Tue, 01 Feb 2022 10:28:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@NewDelhi संसद में साल 2022-23 का संघीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए कई घोषणाएं कीं। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट घोषणा में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के साथ-साथ 60 लाख नई नौकरियां देने का वादा किया है। सीतारमण ने कहा कि &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/union-budget-2022-union-finance-minister-has-promised-60-lakh-new-jobs-in-the-budget-announcement/11456/">Union Budget 2022: मोदी सरकार ने किया 60 लाख नई नौकरियां देने का वादा</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> </span>संसद में साल 2022-23 का संघीय बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए कई घोषणाएं कीं। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट घोषणा में डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना के साथ-साथ 60 लाख नई नौकरियां देने का वादा किया है। सीतारमण ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत अभियान को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। हमने 14 विभिन्न सेक्टर में उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए हैं। इससे देश में करीब 60 लाख नई नौकरियां सृजित हो पाएंगी।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>जानिए, बजट भाषण में शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार से जुड़ी प्रमुख बातें &#8211; </strong></span><br />
&#8211; आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत 16 लाख नौकरियां दी जाएंगी।<br />
&#8211; वहीं, मेक इन इंडिया के तहत 60 लाख नौकरियां आएंगी।<br />
&#8211; कौशल विकास कार्यक्रमों का नई सिरे से शुरू किया जाएगा, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।<br />
&#8211; नेशनल स्किल क्वालीफिकेशन प्रोग्राम उद्योगों की जरूरत के अनुसार बनाया जाएगा।<br />
&#8211; राज्यों में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों को भी जरूरत के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा।</p>
<p>&#8211;  कोरोना काल में हुए पढ़ाई के नुकसान की भरपाई करेगी पीएम ई-विद्या योजना, 200 एजुकेशन चैनल शुरू होंगे।<br />
&#8211; देश के विभिन्न इलाकों में स्कूली बच्चों की पढ़ाई के दो साल महामारी के कारण बर्बाद हुए हैं। ऐसा फिर न हो इसलिए डीटूएच प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री ई-विद्या योजना के तहत एक चैनल एक क्लास योजना को 12 से 200 टीवी चैनल योजना तक बढ़ाया जाएगा।<br />
&#8211; कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चों को उनकी क्षेत्रीय भाषा में शिक्षा सुविधा मुहैया कराई जाएगी।<br />
&#8211; एक डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी, ताकि डिजिटल टूल्स को बेहतर उपयोग कर सकें।</p>
<p>&#8211;  सभी भारतीय भाषाओं में टीवी, इंटरनेट, रेडियो और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिये गुणवत्ता पूर्ण शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि शिक्षकों को ई-कंटेंट मिल सके।<br />
&#8211; शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा।<br />
&#8211; पांच शीर्ष शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया जाएगा। इन्हें 25 हजार करोड़ का विशेष फंड दिया जाएगा।<br />
&#8211; एआईसीटीई इन संस्थानों के लिए फैकल्टी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की देखरेख करेगा।<br />
&#8211; दो लाख आंगनबाड़ी को अपग्रेड किया जाएगा।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/union-budget-2022-union-finance-minister-has-promised-60-lakh-new-jobs-in-the-budget-announcement/11456/">Union Budget 2022: मोदी सरकार ने किया 60 लाख नई नौकरियां देने का वादा</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>Uttar Pradesh: कोरोना काल में दर्ज 3 लाख मुकदमे लिए वापस</title>
		<link>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/yogi-adityanath-government-withdrew-3-lakh-cases-filed-during-the-corona-period/11198/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=yogi-adityanath-government-withdrew-3-lakh-cases-filed-during-the-corona-period</link>
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		<pubDate>Tue, 26 Oct 2021 16:11:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Lucknow उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले आज उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने बड़ा फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश की जनता को राहत देते हुए कोरोना काल के दौरान आम लोगों के खिलाफ दर्ज तीन लाख से अधिक &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/yogi-adityanath-government-withdrew-3-lakh-cases-filed-during-the-corona-period/11198/">Uttar Pradesh: कोरोना काल में दर्ज 3 लाख मुकदमे लिए वापस</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Lucknow</strong></span> उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले आज उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने बड़ा फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रदेश की जनता को राहत देते हुए कोरोना काल के दौरान आम लोगों के खिलाफ दर्ज तीन लाख से अधिक मुकदमों को वापस लेने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही बेमौसम बारिश और बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों के लिए 35 जिलों के 90 हजार से अधिक किसानों को मुआवजा देने के लिए 30.54 करोड़ रुपए जारी करने की भी घोषणा की है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः<a href="https://tismedia.in/national/now-congress-member-will-have-to-give-an-affidavit-not-to-criticize-party-on-public-forum/11171/"> Congress: पार्टी ज्वाइन करनी है तो देना होगा &#8220;मुंह बंद&#8221; रखने का हलफनामा</a></strong></p>
<p>राज्य की योगी सरकार ने कोरोना अवधि में आम लोगों के खिलाफ दर्ज लाखों आपराधिक मामलों को वापस लेने का फैसला करते हुए लोगों को बड़ी राहत दी है। इसको लेकर न्याय विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिया है। हालांकि वर्तमान में या पूर्व सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्यों को राज्य सरकार ने आज जारी फैसले से बाहर रखा है और हाई कोर्ट की अनुमति से ही उनके मामले पर अलग से विचार किया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/ministers-of-his-own-government-engaged-in-defeating-cm-yogi-in-up-assembly-elections/11046/">UP Assembly Elections 2022: योगी को चुनाव हराकर ही मानेंगे उनके ये बिगड़ैल मंत्री</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>राज्य सरकार ने जारी किए आदेश</strong></span><br />
राज्य के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों से लिखित में कहा गया है कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल और लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के मामलों को वापस लें। इसके बाद अब कोर्ट में दर्ज ऐसे मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। राज्य में ये पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में आम लोगों पर दर्ज मामलों को वापस लिया जा रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/bjp-national-vice-president-babyrani-maurya-controversial-statement-women-should-not-go-to-the-police-station-after-sunset/11041/">अंधेरा होने के बाद थाने न जाएं महिलाएं, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने उड़ाई योगी सरकार की धज्जियां</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>न्याय विभाग ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया </strong></span><br />
न्याय विभाग के प्रमुख सचिव प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रदेश भर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005, महामारी अधिनियम 1897 और आईपीसी की धारा 188 के तहत तीन लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें चार्जशीट दाखिल की गई है। उनकी वापसी की कार्यवाही शुरू की जाए। फिलहाल इस मामले में राज्य सरकार को तीन महीने में कार्रवाई करनी है और रिपोर्ट इलाहाबाद हाई कोर्ट को सौंपनी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित व्यक्ति को अधिकतम दो साल की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी लगाने का प्रावधान है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/tis-utility/technology/facebook-is-spreading-lies-and-hatred-in-india-revealed-in-the-report/11146/">खुलासाः facebook बना फेकबुक, भारत में फैला रहा झूठ और नफरत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>गृह मंत्रालय ने दी थी सलाह</strong></span><br />
फिलहाल जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को सलाह दी थी कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामलों की समीक्षा करें, ताकि आम लोगों को अनावश्यक अदालती कार्यवाही, अदालतों में लंबित आपराधिक मामलों से बचाया जा सके। इस मामले में गृह मंत्रालय को ऐसे आपराधिक मामलों की समीक्षा करने के बाद मुकदमों को वापस लेने पर विचार करने को कहा था।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/india/lok-sabha-speaker-said-accountability-of-social-media-should-also-be-fixed/11167/">सोशल मीडिया की जवाबदेही हो सुनिश्चित: लोक सभा अध्यक्ष</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>90 हजार किसानों को मिलेगा मुआवजा</strong></span><br />
इसके साथ ही राज्य सरकार ने किसानों को भी बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। इसके मुताबिक राज्य सरकार बाढ़ से खराब हुई फसलों की भरपाई के लिए 35 जिलों के 90,950 किसानों को कृषि निवेश अनुदान के तहत आर्थिक मदद देगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 30 करोड़ 54 लाख 16,203 रुपये की राशि जारी की है। इसके लिए राज्य के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/yogi-adityanath-government-withdrew-3-lakh-cases-filed-during-the-corona-period/11198/">Uttar Pradesh: कोरोना काल में दर्ज 3 लाख मुकदमे लिए वापस</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</title>
		<link>https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior</link>
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		<pubDate>Thu, 12 Aug 2021 17:15:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>विपक्षी पार्टियों का आरोप: राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई, सत्ता पक्ष: विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की नायडू और बिरला ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का लिया फैसला, बवाली सांसदों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही  TISMedia@NewDelhi राज्यसभा में बुधवार को जमकर बवाल काटना और फिर सांसदों के साथ मारपीट का आरोप लगाने वाले &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/">Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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<li><span style="color: #ff0000;"><strong>विपक्षी पार्टियों का आरोप: राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई, सत्ता पक्ष: विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>नायडू और बिरला ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का लिया फैसला, बवाली सांसदों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही </strong></span></li>
</ul>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@NewDelhi</span></strong> राज्यसभा में बुधवार को जमकर बवाल काटना और फिर सांसदों के साथ मारपीट का आरोप लगाने वाले पूरे विपक्ष की एक सीसीटीवी फुटेज ने पोल खोलकर रख दी है। राज्यसभा में लगे इस सीसीटीवी ने वो सबकुछ कैद कर लिया, जिसे मीडिया के कैमरों से दूर रखा गया। अब इस सीसीटीवी फुटेज के बाहर आते ही पूरे विपक्ष में हडकंप मच गया है। वहीं संसद के सुरक्षाकर्मियों ने राज्य सभा के सभापति वैंकया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सांसदों के दुर्व्यवहार की शिकायत की है। जिसके बाद संसद में बवाल काटने वाले सांसदों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।</p>
<p><iframe title="Rajya Sabha। सांसद जी! कुछ तो शर्म करो, पहलवानी के लिए संसद नहीं अखाड़े हैं..." width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/K0QoWK8qb7k?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>राज्यसभा में बुधवार को सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को सदन में हंगामे के बीच पारित किया गया, जबकि विपक्ष विधेयक को एक प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रहा था। जब सरकार ने हंगामे के बीच बिल पर चर्चा के लिए दबाव डाला, तो सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने रिपोर्टर की मेज पर चढ़ने की कोशिश की तो सदन को तुरंत स्थगित कर दिया गया। जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया था। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ सांसद मार्शलों का रास्ता रोक रहे हैं। इतना ही नहीं सांसद मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की तक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="#LokSabha 17 दिनों में सिर्फ 21 घंटे ही किया सांसदों ने काम... दुखी हुए अध्यक्ष" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/XkkWEmn_FTQ?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर </strong></span><br />
मानसून सत्र खत्म होने के बाद अब संसद में हुए हंगामे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई तो सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की। विपक्ष ने महिला सांसदों से धक्कामुक्की का आरोप लगाया है तो सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्षी सांसदों ने मार्शलों से हाथापाई की की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वो संसद में सुरक्षित नहीं थे जिसे सत्ता पक्ष ने झूठ करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने संसद नहीं चलने दी, इस पर सरकार का कहना है कि विपक्ष ने संसद को सड़क बना दिया। विपक्ष ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है तो सरकार ने विपक्ष पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/">लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सांसदों पर गाज गिरना तय </strong></span><br />
इसी बीच संसद में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन तक किया। लेकिन, मामला उस वक्त गंभीर हो गया जब सारे घटनाक्रम को लेकर गुरुवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बैठक हुई। इस बैठक में दोनों ने मानसून सत्र के दौरान सदन में हुई घटनाओं पर गहनता से विचार विमर्श किया। सूत्रों की मानें तो दोनों सदनों के सभापतियों के बीच संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर एक राय बन चुकी है। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस बात से खासे आहत थे कि दो दिन पहले लोकसभा स्थगित करने के बाद सत्ता और विपक्ष के सभी नेताओं ने उनसे मुलाकात कर सदन की भावी कार्यवाहियों को बिना किसी व्यवधान के संचालित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अगले ही रोज राज्यसभा में विपक्ष ने इस कदर हंगामा किया कि बेकाबू हुए सांसदों को रोकने के लिए मार्शल तक बुलाने पड़े। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद दोनों ही सदनों के सभापतियों के बीच पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराने की सहमति बन चुकी है और जल्द ही इसका असर भी दिखाई देने लगेगा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/">वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सुरक्षा कर्मियों ने की शिकायत, कार्यवाही की मांग</strong>  </span><br />
राज्यसभा में हंगामे के बाद विपक्ष ने मार्शलों पर हाथापाई करने के आरोप लगाया। जिसके बाद सदन में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने भी बवाल काटने वाले सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदन में सुरक्षा सहायक-ग्रेड 2 के पद पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी अक्षिता भट्ट ने राज्यसभा सचिवालय में सांसदों के खिलाफ शिकायत दी है। अक्षिता ने संसद के सुरक्षा निदेशक को दी अपनी इस लिखित शिकायत में कहा है कि महिला सांसदों ने बांह पकड़कर उसे घसीटा। यह दोनों महिला सांसद अपने पुरुष सांसद साथियों की मदद करना चाहती थीं ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ कर आसन की ओर जा सकें। प्रदर्शन में शामिल कई पुरुष सांसद सुरक्षा घेरा तोड़ने के लिए उनकी ओर बढ़े। जब उन्हें रोकने की कोशिश की तब सांसद छाया वर्मा और फुलो देवी नेताम आगे आईं और उन्होंने अपने पुरुष सहयोगियों के लिए रास्ता बनाया ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ सकें और टेबल तक पहुंच सकें।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/how-was-the-goonda-act-made-in-india/10308/">कौन है गुंडा? कैसे बना गुंडा एक्ट? जानिए हैरतंगेज हकीकत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सांसद जी! ये कैसा बर्ताव है </strong></span><br />
अकेली अक्षिता भट्ट ही नहीं हंगामे के दौरान सदन में मौजूद सुरक्षा सहायक राकेश नेगी ने भी संसद के सुरक्षा निदेशक को लिखित शिकायत दी है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि &#8220;बुधवार को मेरी ड्यूटी राज्यसभा के अंदर बतौर मार्शल लगी हुई थी। सांसद एलमाराम करीम और अनिल देसाई ने मार्शलों के द्वारा बनाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की। हंगामे के दौरान एलमारन करीम ने मेरी गर्दन पकड़ी और मुझे घसीटने लगे ताकि वो मुझे सुरक्षा घेरा बनाने से रोक सकें। इस दौरान मेरी गर्दन चौक हो गई और मुझे घुटन होने लगी। मैने जैसे तैसे अपनी गर्दन छुड़ाई तब जाकर लगा कि छोड़ी देर और होती तो आज जान ही चली जाती।&#8221;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/">Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</title>
		<link>https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons</link>
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		<pubDate>Thu, 12 Aug 2021 06:26:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>दो दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुई लोकसभा, लोकसभा अध्यक्ष से मिले सभी दलों के मुखिया  सरकार ने 7 विधेयक बिना चर्चा के ही करा लिए पारिए, दिवालियापन संहिता में भी हो गया संशोधन   TISMedia@Kota 17 वीं लोकसभा का छठवां सत्र सिर्फ 17 दिन ही चल सका। इस बीच विपक्ष पर सिर्फ और &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/">लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>दो दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुई लोकसभा, लोकसभा अध्यक्ष से मिले सभी दलों के मुखिया </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>सरकार ने 7 विधेयक बिना चर्चा के ही करा लिए पारिए, दिवालियापन संहिता में भी हो गया संशोधन  </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong> </span>17 वीं लोकसभा का छठवां सत्र सिर्फ 17 दिन ही चल सका। इस बीच विपक्ष पर सिर्फ और सिर्फ खुद की जासूसी ही तारी रही। भयावह कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बुलाए गए संसद के इस सत्र में जनता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। न किसी ने तीसरी लहर के दौरान सुरक्षा और बचाव के इंतजामों पर बात करना जरूरी समझा और ना ही दो साल से घरों में बंद पड़े नौनिहालों को स्कूलों तक लाने का रास्ता दिखाने की किसी ने जहमत उठाई। पूरे सत्र में माननीयों को सिर्फ और सिर्फ एक ही चिंता तारी थी कि कहीं सरकार उनकी जासूसी तो नहीं करा रही। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर माननीय ऐसा क्या करते हैं जिन्हें सार्वजनिक जीवन में भी गोपनीयता की इस कदर जरूरत आन पड़ी है।</p>
<p>17वीं लोकसभा का यह छठा सत्र 19 जुलाई को शुरू हुआ। इसे 13 अगस्त तक चलना था, लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे और बवाल के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दो दिन पहले ही यानि 11 अगस्त को इसे खत्म करने की घोषणा कर दी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/">वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>वक्त और पैसों की बर्बादी </strong></span><br />
मानसून सत्र में जनता के वक्त और पैसे की जमकर बर्बादी हुई।  17वीं लोकसभा में अब तक आयोजित हुए सत्रों की बात करें तो पहले सत्र में 37 बैठकें हुईं। जबकि दूसरे सत्र में 20, तीसरे में 23, चौथे सत्र में 10 और पांचवें सत्र में 24 बैठकें हो सकीं। जबकि छठवें सत्र में सिर्फ 17 बैठकें ही हुईं। यानि चौथा और छठवां सत्र जनता के वक्त और पैसों की बर्बादी ही साबित हुआ। इस दौरान माननीयों ने कुल 21 घंटे और 14 मिनट ही काम किया। काम के नाम पर भी विपक्ष तो सिर्फ और सिर्फ हंगामा ही करता रहा। काम के मामले में लोकसभा का पहला सत्र सबसे बेहतर साबित हुआ। इस सत्र में 280 घंटे काम हुआ था। जबकि दूसरे सत्र में यह आंकड़ा 130.45, तीसरे सत्र में 110.15, चौथे सत्र में 60 और पांचवें सत्र में 132 घंटे ही रहा। यानि अपनी जासूसी की चिंता में डूबे माननीयों ने जनता के मुद्दों को दरकिनार कर 74 घंटे 46 मिनट का समय बर्बाद किया। पहले सत्र को छोड़ दिया जाए तो वक्त की बर्बादी अब शायद संसदीय कार्य प्रणाली का हिस्सा ही बन चुकी है। लोकसभा सचिवालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो दूसरे सत्र में माननीयों ने छह घंटे 39 मिनट समय बर्बाद किया। वहीं, तीसरे सत्र में 30 घंटे तीन मिनट और चौथे सत्र में तीन घंटे 51 मिनट की बर्बादी हुई।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/how-was-the-goonda-act-made-in-india/10308/">कौन है गुंडा? कैसे बना गुंडा एक्ट? जानिए हैरतंगेज हकीकत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>शून्य काल में पसरा शून्य</strong> </span><br />
17वीं लोकसभा के छठे सत्र में शून्य काल के दौरान &#8220;शून्य&#8221; ही पसरा रहा। देश ही नहीं करोड़ों लोग रोजी-रोटी से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए बेकल हैं, लेकिन माननीयों ने इस दौरान &#8220;तत्काल सार्वजनिक महत्व&#8221; का एक भी मामला नहीं उठाया। जबकि, लोकसभा सचिवालय के आंकड़ों के मुताबिक 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में शून्य काल के दौरान तत्काल सार्वजनिक महत्व के कुल 1066 मामले उठाए गए थे। दूसरे सत्र में 934, तीसरे में 436, चौथे में 370 और पांचवें सत्र में 583 मामले उठाए गए थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/flood-in-kota-lok-sabha-speaker-reached-the-flood-affected-areas/10292/">Flood In Kota: बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष, लोगों तक पहुंचाई मदद</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>नियम 193 के तहत एक भी चर्चा नहीं हुई</strong></span><br />
मंत्रियों की ओर से कुल 52 बयान दिए गए। इसके अलावा इस सत्र में संसदीय समितियों की ओर से कुल 60 रिपोर्ट पेश की गईं। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में एक भी रिपोर्ट नहीं पेश की गई थी। दूसरे सत्र में यह संख्या 48, तीसरे सत्र में 58, चौथे सत्र में दो और पांचवें सत्र में 171 रही थी। लोकसभा के छठे सत्र में 320 चिह्नित प्रश्न स्वीकार किए गए। इनमें से 66 सवालों का मौखिक रूप से उत्तर दिया गया। वहीं, स्वीकार किए गए गैर चिह्नित सवालों की संख्या 3680 रही। चिह्नित प्रश्नों की बात करें तो पहले सत्र में 500 सवाल स्वीकार गए थे और 183 का मौखिक उत्तर दिया गया था। दूसरे सत्र में यह आंकड़ा 380 और 140 का रहा था। तीसरे सत्र में यह संख्या 420 और 98, पांचवें सत्र में 440 और 84 रही थी। चौथे सत्र में दोनों आंकड़े शून्य रहे थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/story-of-youngest-martyr-of-indian-independence-movement-khudiram-bose/10330/">सुनो! मौका देकर तो देखो&#8230; जज साहब, मैं तुम्हें भी बम बनाना सिखा सकता हूं&#8230;</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">नियम 317 के तहत उठाए 331 मामले</span></strong><br />
नियम 317 के तहत कुल 331 मामले उठाए गए। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में नियम 317 के तहत सबसे ज्यादा 488 मामले उठाए गए थे। दूसरे सत्र में यह संख्या 364, तीसरे सत्र में 399, चौथे सत्र में 183 और पांचवें सत्र में 405 रही थी। बता दें कि नियम 377 में प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य सदन के ध्यान में कोई ऐसा मामला लाना चाहता है जो व्यवस्था का विषय न हो, तो इसके लिए उसे सचिव को लिखित नोटिस देना होता है। इसमें मामले का स्पष्ट और सटीक रूप से उल्लेख होना चाहिए। सदस्य को इसे उठाने की अनुमति तभी दी जा सकती है जब अध्यक्ष ने सहमति दे दी हो। इसका समय और तारीख अध्यक्ष तय करता है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/indian-army-rescued-34-people-trapped-in-flood-affected-areas-of-sangod-kota/10283/">Flood in Kota: जलजले में फंसे लोगों को बचाने सांगोद में उतरी सेना, 34 लोगों का किया रेस्क्यू</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बिना चर्चा के पास हो गए 7 विधेयक </strong></span><br />
मानसून सत्र में सरकार ने लोकसभा में कुल 13 विधेयक पेश किए और 20 विधेयक पारित हुए। यानी कि सात विधेयक बिना चर्चा के ही पारिए कर दिए गए। 17वीं लोकसभा के बाकी सत्रों की बात करें तो पहले सत्र में 33 विधेयक पेश हुए थे और 35 पारित हुए थे। दूसरे में 18 पेश हुए थे और 14 पारित हुए थे। तीसरे सत्र में 18 पेश हुए थे और 15 पारित हुए थे। चौथे सत्र में 16 विधेयक पेश हुए थे और 25 पारित हुए थे। पांचवें में 17 पेश हुए थे और 18 विधेयक पारित हुए थे।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>छठे सत्र में पेश किए गए ये 13 विधेयक</strong></span><br />
<strong><span style="color: #000000;"><span style="color: #ff0000;">तारीख &#8211;</span> पेश किए गए विधेयक </span></strong><br />
<strong><span style="color: #ff0000;">22 जुलाई &#8211;</span></strong> अंतरदेशीय पोत विधेयक, 2021<br />
<span style="color: #ff0000;"><strong>22 जुलाई &#8211;</strong></span> आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">26 जुलाई &#8211;</span></strong> दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">28 जुलाई &#8211;</span></strong> विनियोग (नंबर 4) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">28 जुलाई &#8211;</span></strong> विनियोग (नंबर 3) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">30 जुलाई &#8211;</span></strong> एनसीआर और आसपास के क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">30 जुलाई &#8211;</span></strong> सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">02 अगस्त &#8211;</span></strong> न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">05 अगस्त &#8211;</span></strong> केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">05 अगस्त &#8211;</span></strong> कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/">लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>लोकसभाः विपक्षी सदस्यों का हंगामा, सदन की कार्यवाही दो बार हुई स्थगित</title>
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		<pubDate>Mon, 02 Aug 2021 07:24:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा विपक्ष, लोकसभा अध्यक्ष ने सारे प्रस्ताव किए खारिज  विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सोमवार को दो बार स्थगित करनी पड़ी लोकसभा की कार्यवाही  TISMedia@NewDelhi लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते सोमवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू &#8230;</p>
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<li><strong>स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा विपक्ष, लोकसभा अध्यक्ष ने सारे प्रस्ताव किए खारिज </strong></li>
<li><strong>विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सोमवार को दो बार स्थगित करनी पड़ी लोकसभा की कार्यवाही </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते सोमवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओमबिरला ने सदस्यों को कार्यवाही बाधित न करने की नसीहत दी, लेकिन सारी कोशिशें अनदेखी होती देख करीब 40 मिनट की कार्यवाही चलने के बाद ही सदन स्थगित करना पड़ा। इसके बाद 12.30 बजे दोबारा कार्यवाही शुरु हुई लेकिन, हंगामे के चलते दोबारा दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, इस बीच सदन में सरकार ने कई महत्वपूर्ण बिल भी पास करने में सफलता हासिल की।</p>
<p>लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सबसे पहले ओलंपिक खेलों में बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू के कांस्य पदक जीतने का उन्हें बधाई दी। बिरला ने कहा कि सिंधु ने ओलंपिक खेलों में भारत के लिए व्यक्तिगत मुकाबलों में लगातार दूसरे ओलंपिक में मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा की ओर से सिंधु को बधाई दी। जिस पर सदन में मौजूद सांसदों ने मेज थपथपाकर सिंधु को साधुवाद दिया। इसके बाद बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करवाया, वैसे ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए उनके आसन के निकट पहुंच गए। विपक्षी सांसद ‘जासूसी करना बंद करो’ और ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ के नारे लगा रहे थे।</p>
<p><strong>सदन चर्चा के लिए, नारेबाजी के लिए नहीं </strong><br />
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए। सदन में हंगामा जारी रहने पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता ने आप को चुनकर भेजा है। दो सप्ताह से सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। जनता का करोड़ों रुपये खर्च हो रहा है। यह सदन चर्चा के लिए है, नारेबाजी के लिए नहीं। आप नारेबाजी कर रहे हैं और तख्तियां दिखा रहे हैं। यह ससंदीय परंपराओं के लिए उपयुक्त नहीं है। आप अपने स्थान पर जाइए, आपको चर्चा का पूरा समय दिया जाएगा।’’ लेकिन इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा तो उन्होंने करीब 11 बजकर 40 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p><strong>बिरला ने नकारा स्थगन प्रस्ताव </strong><br />
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष को स्थगन प्रस्ताव भेजा, लेकिन जैसे ही दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो चेयर संभाल रहे किरीट प्रेमजीभाई सोलंकी ने सदन को बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सभी स्थगन प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। जिसके बाद विपक्ष फिर हंगामा करने लगा, लेकिन सोलंकी ने सदन की कार्यवाही जारी रखी और वित्त विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिल इसी हंगामे के बीच पास करवाए। हालांकि हंगामा बढ़ता देख कुछ देर बाद फिर से सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
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		<title>Parliament Monsoon Session 2021: TMC के बवाली सांसद शांतनु सेन पूरे सेशन के लिए सस्पेंड</title>
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		<pubDate>Fri, 23 Jul 2021 09:59:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>सभापति वेंकैया नायडू भड़के, बोलेः  शांतनु सेन की हरकत निचले स्तर पर गिरने वाली  कांग्रेस सांसदों ने किया संसद के बाहर प्रदर्शन, राहुल गांधी बोलेः मेरा भी फोन हुआ टेप  TISMedia@NewDelhi संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। कोरोना काल में हुई मोतों, पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून और अखबारी समूहों पर आयकर &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/parliament-monsoon-session-2021-tmc-mp-santanu-sen-suspended-for-the-entire-session/10107/">Parliament Monsoon Session 2021: TMC के बवाली सांसद शांतनु सेन पूरे सेशन के लिए सस्पेंड</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>सभापति वेंकैया नायडू भड़के, बोलेः  शांतनु सेन की हरकत निचले स्तर पर गिरने वाली </strong></li>
<li><strong>कांग्रेस सांसदों ने किया संसद के बाहर प्रदर्शन, राहुल गांधी बोलेः मेरा भी फोन हुआ टेप </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। कोरोना काल में हुई मोतों, पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून और अखबारी समूहों पर आयकर विभाग के छापों को लेकर मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जमकर बवाल काटा। विपक्ष के रवैये से नाराज राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू ने मंत्री के हाथ से कागज छीनकर फाड़ने वाले तृणमूल कांग्रेस के बवाली सांसद शांतनु सेन को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। वहीं कांग्रेसी सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। जिसमें राहुल गांधी ने अपना फोन भी टेप किए जाने का दावा किया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/opposition-parties-protest-in-parliament-against-income-tax-raids-on-dainik-bhaskar/10083/">भास्कर पर दबिश के विरोध में संसद ठप, विपक्ष ने बोला सरकार पर तीखा हमला</a></strong></p>
<p>मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही जैसे ही शुरु हुई विपक्ष हंगामा स्थगन प्रस्ताव पर पहले चर्चा कराने के लिए अड़ गया। सरकार से कोई जवाब नहीं मिलता देख विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इतने के बाद भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कार्यवाही जारी रखी तो विपक्षी सांसद वेल में आकर बवाल मचाने लगे।</p>
<p><strong>Read More:<a href="https://tismedia.in/india/controversy-on-covid-patients-death-due-to-oxygen-lack-in-india/10045/"> सांसों पर सियासतः सरकारों ने उड़ाया मौत का मजाक, ऑक्सीजन थी तो फिर क्यों मरे हजारों लोग  </a></strong></p>
<p><strong>लोकसभा सोमवार तक स्थगित </strong><br />
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया कोविड वैक्सीनेशन की जानकारी देने लगे। उन्होंने जैसे ही कहा कि इसे लेकर हम लोगों का साथ मिलकर काम करना चाहिए। टीकाकरण को लेकर जो भ्रम फैला रहे हैं उन्हें भी समझाने की जरूरत है। मंडाविया का बयान सुनते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा थमता न देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी, लेकिन दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष फिर हंगामा करने लगा तो लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/dainik-bhaskar-published-a-piece-of-news-and-counter-attacked-the-government-in-the-case-of-income-tax-raid/10068/">खबरों का खौफ: तो! भास्कर की तीखी पत्रकारिता से डरी सरकार, आप भी देखिए कौन सी हैं वह खबरें</a></strong></p>
<p><strong>वेंकैया नायडूः लोकतंत्र पर हमला  </strong><br />
राज्यसभा का हाल भी लोकसभा जैसा ही रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष हंगामा करने लगा। जिसके बाद सभापति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष के रवैये से नाराज राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन के घटनाक्रम से बहुत व्यथित हूं। दुर्भाग्य से, सदन की कार्यवाही के दौरान आईटी मंत्री से पेपर छिनकर उसे कई टुकड़ों में फाड़ दिया गया। ऐसा कृत्&#x200d;य सदन की कार्यवाही को निचले स्&#x200d;तर पर गिराने वाला है। इस तरह की कार्रवाई हमारे संसदीय लोकतंत्र पर स्पष्ट हमला है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/famous-poet-munavwar-rana-gave-controversial-statement-on-the-proposed-population-policy-of-uttar-pradesh/10008/">कुतर्कः दो बच्चे एनकाउंटर में मार देते हो, एक कोरोना में मर जाता है, कम से कम एक तो बच जाए</a></strong></p>
<p><strong>TMC सांसद शांतनु सेन पूरे सत्र के लिए निलंबित</strong><br />
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने तृणमूल सांसद शांतनु सेन को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। सरकार ने उनके निलंबन का प्रस्ताव राज्यसभा में रखा। सेन ने गुरुवार को आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव के हाथ से दस्तावेज लेकर फाड़ दिए थे। घटना पर शर्मिंदगी जताने की बजाय शुक्रवार को सेन फिर हंगामा करने लगे तो वैष्णव ने कटाक्बेष करते हुए कहा कि तृणमूल का बंगाल में हिंसा का कल्चर है और यही कल्चर वह सदन में लाने की कोशिश कर रही है। जिसके बाद फिर हंगामा होने लगा। वा में फेंक दिए।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-acb-arrested-irs-shashank-yadav-general-manager-of-neemuch-opium-factory/9986/">Kota ACB ने दबोचा देश का सबसे बड़ा घूसखोर IRS, 250 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा</a></strong></p>
<p><strong>मंत्रियों ने किया हमला: शांतनु सेन</strong><br />
राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी विपक्षी सदस्यों के पास पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि मंत्री अपना बयान देने के बाद उनके सवालों का जवाब देंगे, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। वैष्णव पूरा बयान नहीं पढ़ पाए तो इसे पटल पर रख दिया गया। वहीं, शांतनु सेन ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने राज्यसभा में उन्हें अपशब्द कहे और वे मारपीट करने वाले थे, लेकिन सहयोगियों ने उनको बचा लिया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/priyanka-gandhi-protested-in-lucknow-police-filed-a-case-against-500-congress-workers/9980/">प्रियंका गांधी ने पर्ची पर ऐसा क्या लिख दिया कि दर्ज हो गई 500 लोगों के खिलाफ एफआईआर</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेस ने दिया स्थगन प्रस्ताव का नोटिस</strong><br />
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने पेगासस जासूसी के मामले पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। वहीं, राज्&#x200d;यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने किसान आंदोलन के मामले पर चर्चा के लिए राज्&#x200d;यसभा में नोटिस भेजा है। इससे पहले कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले अपने सांसदों के साथ बैठक कर आगामी रणनीति बनाई। इतना ही नहीं कांग्रेस सांसदों ने सदन के बाहर गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन भी किया। जिसमें राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनका भी फोन टेप करवाया है।</p>
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		<title>&#8220;कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चे अब राज्य की संपत्ति&#8221; आखिर क्या करना चाहते हैं योगी आदित्यनाथ&#8230;  </title>
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		<pubDate>Wed, 19 May 2021 12:20:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जारी किया आदेश लखनऊ. कोरोना की दूसरी लहर के साथ ही सियासी गलियारों की बयानबाजियों ने कहर बरपा रखा है। गांव-कस्बों से लेकर शहर और राज्य ही नहीं देश और दुनिया तक इन बयानबाजियों से हलकान है। कांग्रेस की टूल किट लीक होने का मामला अभी ठंडा भी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/uttar-pradesh-government-will-raise-orphaned-children-during-the-corona-period/8504/">&#8220;कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चे अब राज्य की संपत्ति&#8221; आखिर क्या करना चाहते हैं योगी आदित्यनाथ&#8230;  </a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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<li><span style="color: #ff0000;"><strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जारी किया आदेश</strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>लखनऊ.</strong> </span>कोरोना की दूसरी लहर के साथ ही सियासी गलियारों की बयानबाजियों ने कहर बरपा रखा है। गांव-कस्बों से लेकर शहर और राज्य ही नहीं देश और दुनिया तक इन बयानबाजियों से हलकान है। कांग्रेस की टूल किट लीक होने का मामला अभी ठंडा भी न पढ़ा ता कि सोशल मीडिया पर योगी आदित्यनाथ पसर गए। कोरोना कहर की वजह से अनाथ हुए बच्चों को उन्होंने राज्य की संपत्ति घोषित कर दिया। जिसके बाद लोगों ने पूरी बात सुने बगैर ही उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।</p>
<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बयान जारी किया कि कोरोना काल के दौरान निराश्रित यानि अनाथ हुए बच्चे अब राज्य की संपत्ति होंगे। इसके बाद तो सोशल मीडिया पर सीएम योगी के बयान ने ऐसा बबंडर मचा दिया कि समंदर का ताउते ट्रोलर के हाथ लग गया हो। हर तरफ योगी की तस्वीर और उनका बयान  “महामारी के बीच अनाथ हुए बच्चे अब राज्य की संपत्ति’ ट्रोल होने लगा।</p>
<p><strong> यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/editorial/article/vikram-rao-of-veteran-journalist-reviewing-india-palestine-israel-relations/8487/">इजराइल से भारत की यारी पर इतना खौफ क्यों? </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>योगी सरकार का बड़ा फैसला</strong></span><br />
#TISMedia ने जब बयान की हकीकत जानने की कोशिश की तो माजरा कुछ और ही निकला। दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लिया। जिसके मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनाथ बच्चों के पालन पोषण से लेकर पढ़ाई लिखाई और देख भाल की जिम्मेदारी सरकार को सौंपने का फैसला किया है। दरअसल बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए गठित की गई टीम 9 के साथ हुई राजधानी लखनऊ में बैठक की। इस बैठक में कोरोना संक्रमण के चलते अनाथ और निराश्रित हुए बच्चों को लेकर एक अहम फैसला लिया गया। फैसला यह कि कोविड-19 महामारी के कारण जिन बच्चों से उनके पालनहारों का साया छिन गया होगा उनकी परवरिश की सारी जिम्मेदारी अब सरकार उठाएगी। लेकिन, बैठक के बाद जारी हुए एक लाइन के आदेश ने ट्रोलर्स को सीएम योगी और यूपी सरकार की बखिया उधेड़ने का मौका दे दिया। इस एक लाइन के आदेश में लिखा गया था कि “निराश्रित हुए बच्चे अब राज्य की संपत्ति हैं” । जिसका लोगों ने यह अर्थ लगा लिया कि सरकार अनाथ बच्चों पर कब्जा करने की सोच रही है। जबकि ध्यान रखने के लिए राज्य सरकार की ओर से सभी जिम्मेदारियां निभाने का फैसला किया गया था।</p>
<p><strong> यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/car-burned-in-kota-man-jumped-from-car-and-saved-himself/8478/">घर से कार लेकर आया और पेट्रोल छिड़कर लगा दी आग, लोग मदद को दौड़े तो खुद नाले में कूंदा </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बच्चों को राज्य सरकार मुहैया कराएगी सुविधाएं</strong></span><br />
इस बाबत जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की गई तो उन्होंने कहा कि, कोविड के कारण जिन बच्चों के माता-पिता का देहांत हुआ है, उन बच्चों के भरण-पोषण समेत सभी जिम्मेदारियां उठाने के साथ ही हर संभव सुविधाएं राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल प्रभाव से विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong> यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/honey-trap-case-woman-head-constable-arrested-for-blackmailing-rps-officer/8472/">महिला कांस्टेबल के झांसे में फंसे डीएसपी गंवा बैठे 5.64 लाख, इज्जत और नौकरी भी लगी दांव पर </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>प्रदेश में रिकवरी रेट 91.04 फ़ीसदी</strong></span><br />
उत्तर प्रदेश में अब कोरोना थमता दिखाई दे रहा है. बात अगर पिछले 24 घंटो की करे तो स्वास्थ अपर मुख्य सचिव,अमित मोहन प्रसाद के अनुसार यूपी में 7336 कोरोना पॉज़िटिव मामले सामने आए हैं।  प्रदेश में पिछले 24 घण्टे में 19,669 संक्रमित डिस्चार्ज किये गए हैं।  प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 1 लाख 23 हज़ार 579 है, इनमें से 88 हज़ार 764 संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं। अमित मोहन प्रसाद के अनुसार प्रदेश में रिकवरी रेट 91.04 फ़ीसदी है. और वहीं पॉजिटिविटी रेट 2.06 हो गया है। प्रदेश में आज 282 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है। पिछले 24 घण्टे में 2 लाख 99 हज़ार 327 सैम्पल की जांच की गई। इसके साथ ही योगी सरकार ने लॉकडाउन को लेकर अब नए निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कोविड महामारी के मद्देनजर अधिकतम 25 लोगों को शादियों और अन्य समारोहों में शामिल होने की अनुमति दी गई है।</p>
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		<title>उत्तर प्रदेशः इन शहरों में सुबह 11 बजे के बाद दूध-सब्जी तक नहीं बेची जा सकेगी&#8230;</title>
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		<pubDate>Mon, 19 Apr 2021 13:11:29 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>&#8211; इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी के पांच शहरों में लॉकडाउन लगाने का दिया आदेश प्रयागराज. “यह शर्म की बात है कि सरकार ने दूसरी लहर के क़हर की जानकारी होने के बावजूद पहले से कोई तैयारी नहीं की&#8230;.इस पर केवल हँसा जा सकता है कि हमारे पास चुनावों पर ख़र्च करने के लिए तो &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/allahabad-high-court-imposed-lockdown-in-five-cities-of-uttar-pradesh/6941/">उत्तर प्रदेशः इन शहरों में सुबह 11 बजे के बाद दूध-सब्जी तक नहीं बेची जा सकेगी&#8230;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>&#8211; इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी के पांच शहरों में लॉकडाउन लगाने का दिया आदेश</strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>प्रयागराज. </strong></span>“यह शर्म की बात है कि सरकार ने दूसरी लहर के क़हर की जानकारी होने के बावजूद पहले से कोई तैयारी नहीं की&#8230;.इस पर केवल हँसा जा सकता है कि हमारे पास चुनावों पर ख़र्च करने के लिए तो पैसा है, लेकिन जन स्वास्थ्य पर ख़र्च के लिए नहीं”। कोरोना के कहर से जूझ रहे देश और अस्पतालों की बदहाली एवं चुनावी रौनक के बीच यह तल्ख टिप्पणी की है  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने। उत्तर प्रदेश में बेकाबू होते कोरोना की लगाम कसने के लिए इलाहबाद हाई कोर्ट ने पांच प्रमुख शहरों में 26 अप्रैल तक के लिए लॉक डाउन लगाने के आदेश जारी किए हैं। सोमवार को सरकारी लापरवाही और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं की शिकायत पर पर जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की डिवीजन बेंच वीडियो कांफ्रेंस के जरिए याचिका की सुनवाई कर रही थी। जिसके बाद अदालत ने यह आदेश जारी किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः कोरोना: <a href="https://tismedia.in/tis-utility/health/what-to-do-in-covid-19-starting-symptoms-and-when-to-go-hospital/6923/">अस्पताल जाने में न करें देरी, यह लक्षण दिखते ही हो जाएं होम आइसोलेट&#8230;</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>15 दिन के लिए लगाओ सख्त लॉक डाउन</strong></span><br />
उत्तर प्रदेश सरकार को दिए गए आदेश में हाईकोर्ट ने कोरोना हब बन चुके पांच शहरों प्रयागराज, लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और गोरखपुर में एक सप्ताह तक सख्ती से लॉक डाउन लगाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सुबह 11 बजे के बाद दूध और सब्जी तक नहीं बेची जा सकेगी। कोर्ट की इस सख्ती के पीछे एक वजह यह भी बताई जा रही है कि कुछ दिन पहले भी हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को लॉकडाउन का सुझाव दिया था, लेकिन सरकार ने हालात दुरुस्त करने का वायदा कर इससे छूट हासिल कर ली थी, लेकिन इस बार सरकार और उसके नुमाइंदों के पास कोर्ट के सामने पेश करने के लिए न तो कोई ठोस दलील थी और ना ही लॉक डाउन से छूट देने की खास वजह।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः  <a href="https://tismedia.in/editorial/article/dr-bachan-singh-sikarwar-review-of-panchayat-raj-and-its-electoral-system/6917/">खरी-खरी: ऐसे पंचायती राज के क्या मायने हैं ?</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>आज से ही होगा आदेश लागू</strong></span><br />
हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक, यह लॉकडाउन सोमवार रात से ही प्रभावी हो जाएगा। इसके अलावा कोर्ट ने यूपी सरकार से 15 दिनों के कंपलीट लॉकडाउन पर विचार करने के लिए भी कहा है। कोर्ट ने कहा कि अदालतों में भी केवल जरूरी मामलों की वर्चुअल माध्यमों के जरिए सुनवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रयागराज और लखनऊ के सीएमओ को निर्देश दिया है कि वह संबंधित कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में ऑक्सीजन और दवाओं की सुविधा सुनिश्चित करें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/curfew-for-15-days-in-rajasthan-after-increase-of-corona-cases/6911/">राजस्थान में तीन मई तक जनता कर्फ्यू, दफ्तर बाजार रहेंगे बंद </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>लगातार बढ़ाई जा रही बेड्स की संख्या</strong></span><br />
राजधानी में लगातार बेड़ों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या के सामने यह नाकाफी साबित हो रहे हैं। कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या 5000 से अधिक होने के सप्ताह भर बाद डिस्चार्ज होने वालों का ग्राफ भी बढ़ने लगा है। रविवार को कोरोना से जंग जीतकर घर जाने वालों की संख्या अप्रैल में सबसे ज्यादा है। कुल मिलने वाले मरीजों की अपेक्षा डिस्चार्ज होने वालों का ग्राफ देखा जाए तो 12 अप्रैल को कुल मिले मरीजों की अपेक्षा 24 फीसदी लोग डिस्चार्ज हुए थे। जो 18 अप्रैल को बढ़कर 42.29 तक पहुंच गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/editorial/article/second-wave-of-covid-19-and-treatment-resources-in-india-review-by-prof-ps-bisen/6830/">सोचकर देखिए! 0.001 फीसद आबादी का इलाज करने में यह हाल तो&#8230; क्या होगा जब </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>दिल्ली में लॉकडाउन, राजस्थान में जनता कर्फ्यू</strong></span><br />
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और बिगड़ते हालात के बीच बड़ा फैसला लिया गया है। सप्ताहांत में लगाए जाने वाले कर्फ्यू के बजाय अब दिल्ली में आज रात से लेकर अगले सोमवार की सुबह तक लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर इस संबंध में जानकारी दी। जबकि राजस्थान में रविवार देर रात गृह मंत्रालय ने तीन मई तक जनता कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी कर दिए। हालांकि लोगों की मुश्किलों को देखते हुए इसमें तमाम रियायतें दी गई हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/allahabad-high-court-imposed-lockdown-in-five-cities-of-uttar-pradesh/6941/">उत्तर प्रदेशः इन शहरों में सुबह 11 बजे के बाद दूध-सब्जी तक नहीं बेची जा सकेगी&#8230;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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