<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Jain saint Sudha Sagar Archives - TIS Media</title>
	<atom:link href="https://tismedia.in/tag/jain-saint-sudha-sagar/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://tismedia.in/tag/jain-saint-sudha-sagar/</link>
	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
	<lastBuildDate>Tue, 30 Sep 2025 12:48:30 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/04/cropped-tis-media-logo-scaled-2-32x32.jpg</url>
	<title>Jain saint Sudha Sagar Archives - TIS Media</title>
	<link>https://tismedia.in/tag/jain-saint-sudha-sagar/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>संत सुधा सागर ने प्रो. विनय पाठक को &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से किया विभूषित</title>
		<link>https://tismedia.in/cover-stories/jain-saint-sudha-sagar-honored-prof-vinay-pathak-with-the-title-of-shiromani/12961/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=jain-saint-sudha-sagar-honored-prof-vinay-pathak-with-the-title-of-shiromani</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Sep 2025 12:49:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[MADHYA PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[UTTAR PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[AIU]]></category>
		<category><![CDATA[Chhatrapati Sahuji Maharaj University Kanpur]]></category>
		<category><![CDATA[CSJMU Kanpur]]></category>
		<category><![CDATA[Jain saint Sudha Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[Kanpur University]]></category>
		<category><![CDATA[Prof. Vinay Pathak]]></category>
		<category><![CDATA[Vardhaman Mahavir Open University Kota]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12961</guid>

					<description><![CDATA[<p>श्री दिगम्बर जैन पंचायत ने मध्य प्रदेश के अशोक नगर में आयोजित किया सम्मान समारोह  जैन समाज ने कुलपति को दिया “तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर पुरस्कार” अशोकनगर. छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/cover-stories/jain-saint-sudha-sagar-honored-prof-vinay-pathak-with-the-title-of-shiromani/12961/">संत सुधा सागर ने प्रो. विनय पाठक को &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से किया विभूषित</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ol>
<li>
<h6><strong>श्री दिगम्बर जैन पंचायत ने मध्य प्रदेश के अशोक नगर में आयोजित किया सम्मान समारोह </strong></h6>
</li>
<li>
<h6><strong>जैन समाज ने कुलपति को दिया “तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर पुरस्कार”</strong></h6>
</li>
</ol>
<p><strong>अशोकनगर.</strong> छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से विभूषित किया। इस अवसर पर जैन समाज की ओर से उन्हें &#8220;तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर पुरस्कार” भी प्रदान किया।</p>
<p>श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान की ओर से मध्यप्रदेश के अशोकनगर में अमृत वर्षा समारोह 2025 का आयोजन किया गया। समारोह में जैन समाज के प्रमुख संत पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से विभूषित किया।</p>
<p><strong>मिला श्री सुधासागर पुरस्कार</strong><br />
अमृत वर्षा समारोह के इस अवसर पर श्री दिंगम्बर जैन पंचायत की ओर से प्रो. विनय पाठक को “तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर पुरस्कार” से भी अलंकृत किया गया। यह समारोह पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें देशभर के शिक्षाविद्, संतगण और जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।</p>
<p><strong>गुरु की महिमा अपार </strong><br />
इस अवसर पर पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में चाहें जितनी उपाधियां मिल जाएं, सब व्यर्थ हैं। लेकिन, एक बार यदि गुरु ने आपको अपने हृदय में बसा लिया तो उससे बड़ा सम्मान चराचर जगत में दूसरा कोई नहीं। जीवन यापन के लिए कोई न कोई काम करना ही पड़ता है, लेकिन शिक्षक बनना उन सभी कामों में सबसे महान है। शिक्षा प्रदान करना कार्य की श्रेणी में शामिल ही नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह समाज ही नहीं राष्ट्र को गढ़ने की सर्वश्रेष्ठ कला है। प्रो. विनय पाठक ने न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए, बल्कि सामाजिक कार्यों के जरिए उन्होंने लोगों को सीख दी कि आप कितने भी उच्च पद पर पहुंच जाओ पर समाज को सही दिशा दिखाकर उसकी दशा सुधारना तुम्हारा परम कर्तव्य बन जाता है।</p>
<p>प्रो. पाठक के नेतृत्व में सीएसजेएमयू ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा A++ ग्रेड और NIRF रैंकिंग प्राप्त हुई है, जो उनकी दूरदर्शिता और नवाचारशील नेतृत्व का प्रमाण है।पूर्व में कोटा मुक्त विश्वविद्यालय (राजस्थान) में कुलपति रहते हुए भी प्रो. पाठक ने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी थी।</p>
<p><strong>परम कल्याण का मार्ग है संतों का सानिध्य </strong><br />
इस अवसर पर कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि आप किस जाति या धर्म में जन्म लेने वाले हैं यह तो तय नहीं कर सकते, लेकिन सभी जाति और धर्मों का स्नेह आपको मिले यह आपके ही हाथ में होता है। जैन संतों जिनमें भी विशेषकर आचार्य विद्यासागर और  सुधासागर जी महाराज ने हमेशा मुझे मार्गदर्शन किया। उनके साधिन्य से मिली ऊर्जा ने नवाचारों की प्रेरणा और उनके आशीर्वाद ने उन्हें साकार करने की शक्ति दी है। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा के कुलपति कार्यकाल का जिक्र करते हुए प्रो. पाठक ने कहा कि पूज्य संत श्री सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा ही थी जो विश्वविद्यालय को वर्धमान महावीर का नाम दे सके। आपकी ही प्रेरणा से विश्वविद्यालय परिसर में कीर्ति स्तंभ और सुधासागर जी सभागार की स्थापना हो सकी।</p>
<p>जब कानपुर आया तो मेरे मन में यहां भी कोटा जैसा ही कुछ करने की इच्छा थी। संत शिरोमणि का मार्गदर्शन मिला और हमने विश्वविद्यालय में आचार्य विद्यासागर सुधासागर जैन शोध पीठ की स्थापना की। यह शोधपीठ में जैन दर्शन और प्राकृत भाषा के संरक्षण एवं शोध में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। यह शोध पीठ जैन समाज की आध्यात्मिक विरासत को शैक्षणिक मंच प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/cover-stories/jain-saint-sudha-sagar-honored-prof-vinay-pathak-with-the-title-of-shiromani/12961/">संत सुधा सागर ने प्रो. विनय पाठक को &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से किया विभूषित</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
