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	<title>NEET Archives - TIS Media</title>
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		<title>एलन कोटा देगा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को नीट की निःशुल्क कोचिंग</title>
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		<pubDate>Tue, 23 Dec 2025 14:09:08 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>&#8211; एलन शिक्षा संबल अभियान के तीसरे सत्र के रजिस्ट्रेशन शुरू कोटा. एलएन माहेश्वरी परमार्थ न्यास एवं एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एलन शिक्षा संबल अभियान निःशुल्क नीट कोचिंग के तीसरे सत्र की प्रवेश प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। एलन परिवार के पितृ पुरूष लक्ष्मीनारायण माहेश्वरी की पुण्यतिथि के &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<h6><strong>&#8211; एलन शिक्षा संबल अभियान के तीसरे सत्र के रजिस्ट्रेशन शुरू</strong></h6>
<p><strong>कोटा.</strong> एलएन माहेश्वरी परमार्थ न्यास एवं एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में संचालित एलन शिक्षा संबल अभियान निःशुल्क नीट कोचिंग के तीसरे सत्र की प्रवेश प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। एलन परिवार के पितृ पुरूष लक्ष्मीनारायण माहेश्वरी की पुण्यतिथि के अवसर पर यह शुरूआत की गई। एलन के निदेशक डॉ.गोविन्द माहेश्वरी, राजेश माहेश्वरी, नवीन माहेश्वरी व डॉ.बृजेश माहेश्वरी ने संकल्प कैम्पस में वीडियो बटन दबाकर व पोस्टर विमोचन कर यह शुरुआत की। इच्छुक विद्यार्थी https://lnmpnyas.org/ पर आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p><strong>वीडियो देखेंः</strong>&#8211; <a href="https://www.facebook.com/share/v/1Bvhit8xZJ/">शिक्षा संबल अभियान की लांचिंग </a></p>
<p>इस योजना के तहत उत्तर भारत के हिन्दी भाषी प्रदेशों के सरकारी स्कूलों के चयनित 126 विद्यार्थियों को नीट-यूजी के लिए निशुल्क कोचिंग के साथ-साथ निशुल्क आवास व भोजन भी उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसमें 81 छात्राएं एवं 45 छात्र शामिल हैं। योजना के तहत एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट की ओर से कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी की एक साल के लिए निशुल्क कोचिंग (100 प्रतिशत स्कॉलरशिप) दी जा रही है। वहीं एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास की ओर से इन विद्यार्थियों के निशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है।</p>
<p>निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बताया कि पिता श्री एलएन माहेश्वरी जी ने हमेशा शिक्षा के लिए प्रेरित किया। वे बच्चों की पढ़ाई के प्रति बहुत सरोकार रखते थे और इसके लिए मदद भी किया करते थे। इन्हीं संस्कारों से प्रेरित होकर, उनके विचारों को आगे बढ़ाते हुए यह पहल शुरू की गई है। ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों तक शिक्षा का उजियारा पहुंचाते हुए उनके सपने सच करना ही ध्येय है।</p>
<p>शिक्षा संबल योजना के तहत मध्य भारत के राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड राज्यों के हिन्दी माध्यम के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रवेश परीक्षा में प्रदर्शन की वरीयता के आधार पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी की तैयारी के लिए चुना जाता है। विद्यार्थियों को एलन कोटा के बारां रोड नया नोहरा स्थित सुपथ कैम्पस में निशुल्क कोचिंग दी जाती है। इसके साथ ही एल एन माहेश्वरी परमार्थ न्यास की ओर से निकट के हॉस्टल्स में निशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था की जाती है। पहले वर्ष में 105 विद्यार्थियों ने नीट की परीक्षा दी, जिसमें से 103 ने नीट क्वालीफाई किया। दो स्टूडेंट्स राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत हैं। दूसरे वर्ष के विद्यार्थी नीट-2026 में प्रवेशित होंगे।</p>
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		<title>NEET खत्म करने के फैसले पर अड़ा तमिलनाडु, सीएम स्टॉलिन ने उठाई संविधान संशोधन की मांग</title>
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		<pubDate>Sun, 13 Feb 2022 07:34:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@NewDelhi तमिलनाडु सरकार मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए देश भर में एक साथ आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा  यानि NEET को खत्म करने के फैसले पर अड़ गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस परीक्षा में छूट की मांग करते हुए संविधान संशोधन की मांग कर डाली है। &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> </span>तमिलनाडु सरकार मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए देश भर में एक साथ आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा  यानि NEET को खत्म करने के फैसले पर अड़ गई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इस परीक्षा में छूट की मांग करते हुए संविधान संशोधन की मांग कर डाली है। तमिलनाडु विधानसभा के विशेष शेष सत्र में स्टालिन ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार के कामकाज में केंद्र सरकार के हस्तक्षेप को रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए। बीती आठ फरवरी को मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नीट विरोधी विधेयक पेश किया गया था। जिसे पास कर दिया गया है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-congress-mission-2023-the-party-will-find-a-way-to-repeat-government-in-state/11616/">Rajasthan Congress Mission 2023: फिर से सूबे की सत्ता हासिल करने के तलाशे जाएंगे रास्ते</a></strong></span></p>
<p>दरअसल, तमिलनाडु विधानसभा ने पिछले राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा विरोधी विधेयक मंगलवार को फिर से पारित कर दिया, जिसे तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने कुछ दिन पहले लौटा दिया था। सत्तारूढ़ द्रमुक और मुख्य विपक्षी दल अन्ना द्रमुक ने द्रविड़ विचारधारा के आधार पर इस परीक्षा के विरोध का संकल्प लिया था। इसी पर बोलते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने अपने भाषण में केंद्र सरकार से संविधान में संशोधन की मांग की है।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">यह भी पढ़ेंः</span>  <a href="https://tismedia.in/rajasthan/hijab-controversy-in-jaipur-rajasthan/11604/">Hijab Controversy: हिजाब विवाद की राजस्थान में एंट्री, बुरका पहनी छात्राओं को रोकने पर मचा बवाल </a></strong></p>
<p>अपने भाषण में मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कहा कि नीट शुरू करने की केंद्र सरकार की पहल संघीय ढांचे के विपरीत है और राज्य सरकारों के अधिकारों को कम कर संवैधानिक संतुलन कायम रखने का उल्लंघन है। अपने 24 पन्नों के भाषण में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 254 (1) द्वारा विधानमंडल को दी गई विधायी शक्ति पर सवाल उठाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच प्रोटोकॉल संबंधों को संशोधित किया जाना चाहिए।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/lok-sabha-speaker-got-rs-1254-crore-approved-for-payment-of-mnrega-workers-of-rajasthan/11609/">लोकसभा अध्यक्ष की बड़ी पहलः राजस्थान के मनरेगा श्रमिकों के भुगतान के लिए 1254 करोड़ स्वीकृत</a></strong></span></p>
<p>स्टालिन ने यह भी कहा है कि नीट से छूट वाले विधेयक को राष्ट्रपति की सहमति के बिना 27 महीने के लिए रोक दिया गया था। बाद में राज्यपाल ने बिल वापस कर दिया जो विधानसभा के भावनाओं के खिलाफ है। इस तरह के टकराव न हो इसलिए केंद्र सरकार को इस संबंध में उपाय करना चाहिए। बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में नीट से छूट को लेकर आठ फरवरी को सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया गया था। यह विधेयक दोबारा फिर लाया गया था जब राज्यपाल आर एन रवि ने सितंबर 2021 में पारित इसी तरह के एक बिल को वापस लौटा दिया था।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/crime/kota-police-busted-sex-racket/11613/">कोटा पुलिस ने किया सेक्स रैकेट का खुलासा, देह व्यापार को पश्चिम बंगाल से मंगाते थे लड़कियां</a></strong></span></p>
<p>इससे पहले मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने नीट को मारक परीक्षा बताया और कहा कि उन्हें लगता है कि राज्यपाल फिर से पारित किए गए विधेयक को बिना किसी देरी के अब राष्ट्रपति के पास उनकी मंजूरी के लिए भेजेंगे। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति के पास इसे भेजना राज्यपाल का संवैधानिक कर्तव्य है। मुझे उम्मीद है कि राज्यपाल कम से कम अब इस कर्तव्य का पालन करेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/national/tamil-nadu-cm-stalin-adamant-on-the-decision-to-abolish-neet-raised-the-demand-for-constitutional-amendment/11620/">NEET खत्म करने के फैसले पर अड़ा तमिलनाडु, सीएम स्टॉलिन ने उठाई संविधान संशोधन की मांग</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>तनाव से मुक्ति, जीवन में तंदरुस्ती</title>
		<link>https://tismedia.in/editorial/article/article-by-dr-nidhi-prajapati-on-stress-management-of-students/8481/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=article-by-dr-nidhi-prajapati-on-stress-management-of-students</link>
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		<pubDate>Wed, 19 May 2021 07:21:13 +0000</pubDate>
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		<div class="box info  aligncenter">
			<div class="box-inner-block">
				<span class="fa tie-shortcode-boxicon"></span>बीते कुछ वर्षों में, विद्यार्थी जीवन के सम्पूर्ण प्रतिमान बदल गए है | वर्तमान में चल रही नौकरी व एडमिशन के कॉम्पिटिशन के अंधाधुंध दौड़ में विद्यार्थियों ने अपना वो जीवन जीना ही छोड़ दिया है जो हमारे दादा परदादाओं ने जिया था | पहले जहाँ विद्यार्थी गुरुकुल के आश्रम के जाकर शिक्षा 24 घंटे वही रहकर गुरूजी के सानिध्य में ग्रहण करता था वही शिक्षा अब विद्यालयों में 5-6 घंटों में सिमट गई है आज विद्यालयों और महाविद्यालयों का स्थान कोचिंग संस्थानों ने ले लिया है |
			</div>
		</div>
	
<p>पहली कक्षा से लेकर 12वीं व कॉलेज के विद्यार्थी कोचिंग का रास्ता चुन रहा है | बच्चा स्कूल कम और कोचिंग संस्थानों के चक्कर ज्यादा कटता नजर आता है जिसमें राजस्थान का कोटा शहर आई.आई.टी., जे.ई.ई., नीट, एम्स की कॉम्पिटिशन परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक लोकप्रिय कोचिंग गंतव्य के रूप में उभरा है जहाँ व्यापक रूप से कोचिंग संस्थानों में पूरे देश और पड़ौसी देशों के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है, वही दिल्ली, बेंगलोर, मुंबई, पुणे, कोलकाता, प्रयागराज, जयपुर, लखनऊ, पटना, इंदौर, हैदराबाद आदि यू.पी.एस.सी. की तैयारी के लिए अपनी पहचान बना चुके है | लेकिन यहाँ की बेस्ट फैकल्टी, बेस्ट कोर्स मटेरियल, बेस्ट रिजल्ट्स, बेस्ट रहने की सुविधाएँ, बेस्ट वातावरण, बेस्ट खाना आदि होने के बावजूद भी बहुत से विद्यार्थी अपने अध्ययन और प्रवेश परीक्षा के समय गंभीर तनाव के शिकार हो जाते है और सही समय पर काउन्सलिंग न मिल पाने व परिणामों के दबाव के चलते उनका तनाव बढता चला जाता जिसके परिणामस्वरुप विद्यार्थियों को अनेकों अनेक मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक, मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक नकारात्मक परिवर्तन झेलने पड़ते है | कई पढ़ाई के दौरान अपनी तैयारी छोड़ देते है, तो कई अपने घर वापस चले जाते, कई तो बहुत ही कठोर कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला ही आत्महत्या करके समाप्त कर देते है | वर्तमान में भी कोरोना के संक्रमण के कारण दीर्घकालीन समय से बंद हुई शिक्षण गतिविधियाँ, बार-बार स्थागित होने वाली यूनिवर्सिटी, यू.पी.एस.सी., आई.आई.टी., जे.ई.ई., नीट, एम्स, बोर्ड परीक्षाओं से विद्यार्थियों का तनाव बहुत बढता जा रहा है | ये तनाव एक स्तर पर प्रेरणा का कार्य करता है परन्तु इसकी मात्रा बढ़ने पर यह जानलेवा हो जाता है ऐसे में यह नितांत आवश्यक है की विद्यार्थियों के तनाव को दूर किया जाये जिससे उनके बढ़ते हुए तनाव का हल मिल सके और वे अपनी क्षमताओं का अधिकतम उपयोग कर सकें |</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/tis-utility/environment/article-by-kirti-sharma-on-human-activities-has-destroyed-the-environment/8377/">मानव जाति को पड़ा महंगा पर्यावरण के साथ खिलवाड़</a></span></span></strong></p>
<p><strong>योग:</strong> विद्यार्थियों के तनाव को कम करने के लिए सबसे सरल, सटीक और सीधा रास्ता है योग, शांतिपूर्ण व चिंतारहित जीवन जीने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को योग करना चाहिए । योग अभ्यास सकारात्मक और रचनात्मक विचारों के साथ शरीर और मन को विकसित करने और नियंत्रित करने में मदद करता है | यह विद्यार्थियों की सहज क्षमता को बढ़ाता है साथ ही इसकी समझ भी देता है की क्या सही है और क्या गलत क्या करना चाहिए और क्या नहीं, सकारात्मक परिणाम कैसे प्राप्त किये जा सकते है प्राप्त करने के लिए क्या, कैसे और कब किया जाना चाहिए । यह योग ही है जो सकारात्मक रूप से साथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और रिश्तेदारों के साथ जुड़ाव को बढ़ा सकता है | यह मन को प्रफुल्लित और शांत रखने से संबंधित है | यह जीवन से निराशा की चिंता का दूर करते हुए हमारे जीवन और शरीर के साथ हमारा सम्बन्ध स्थापित करता है | विभिन्न प्रकार की योग मुद्राएँ मन और तन दोनों की दुःख तकलीफ समाप्त करती है | डॉक्टरों का सुझाव है कि तनाव से जूझ रहे छात्रों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की भलाई के लिए योग करना चाहिए यह उनके लिए रामबाण के समान कार्य करेगा | यह मन व शरीर उत्कृष्ट शक्ति, संवेदनशीलता, जागरूकता, शांति व लचीलापन प्रदान करता है साथ ही असाधारण व्यक्तित्व का निर्माण करता है |<br />
<strong>ध्यान:</strong> योग साथ समानांतर स्तर पर तनाव को दूर करने का और अपनी आंतरिक दुनिया में झाँकने का साधन है ध्यान | ध्यान विश्राम, पूर्ण विश्राम और सभी गतिविधियों का पूर्ण विराम है- शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक। ध्यान का अर्थ है अपनी विचार प्रक्रिया से जो शेष, अशांत, शांत, जीवन है जो बीत गया और जो भी बीत रहा है उसे देखना । &#8220;छात्रों को ध्यान के बारे में बहुत जागरूक होना चाहिए, उन्हें जीवन का आनंद और आनंद के साथ आनंद लेने के लिए इसे सीखना चाहिए । उन्हें खुद के बारे में पता होना चाहिए कि उनकी आंतरिक आत्मा में क्या चल रहा है | ध्यान, विद्यार्थियों को यह सिखाता कि वे दिमाग से न लड़ें, इसे नियंत्रित करने की कोशिश न करें। जो कुछ भी वे कर रहे हैं वह सिर्फ उसका ध्यान रख सकते है । जीवन जो स्वाभाविक है और उन्हें दुर्घटनाओं के प्रति उदासीन रवैया दिखाना होगा । फिर कुछ भी गलत या अच्छा, बदसूरत या सुंदर, कठोर या नरम नहीं होगा । ध्यान की मदद से, छात्र निर्णय लें सकेंगे । ध्यान रिफ्रेशिंग, कायाकल्प करने वाला होता है और छात्रों को जागरूक करता है कि वे क्या हैं? और क्या कर सकते हैं । ध्यान के बाद छात्रों को मन से मुक्त किया जाएगा । वे किसी भी पूर्वाग्रह से खुद को आंक सकते हैं ।<br />
<strong>हॉबी का साथ:</strong> छात्रों को अपने जीवन में कम से कम अपना एक शौक रखना चाहिए । हॉबी उनके सर्वांगीण विकास में उनकी मदद कर सकती हैं । यह हर स्वतंत्र विकास में अपने तरीके से मदद करता है । अध्ययन के उबाऊ, तनावपूर्ण जीवन से छुटकारा पाने के लिए यह सबसे अच्छा उपकरण है । छात्र किसी भी स्थिति में खुद को समायोजित कर सकते हैं । वे मानसिक रूप से मजबूत हो जाते हैं । शौक की मदद से विद्यार्थी आत्मविश्वास हासिल कर सकते हैं जो प्रतियोगिताओं और अच्छे परिणाम के लिए सबसे महत्वपूर्ण है । हॉबी व्यक्तियों की छिपी प्रतिभा को भी खोजती हैं और मन को शांति प्रदान करती हैं । हॉबी क्लासेस के जरिए छात्र अपनी भावनाओं को संभाल सकते हैं । यह बच्चों को तनावपूर्ण वातावरण से आज़ादी देता है क्योंकि जिस कम में मन सम्मिलित होता है उसे करने में आनंद की अनुभूति है । विद्यार्थियों का आत्म-सम्मान और महत्वाकांक्षा तब बढ़ सकती है जब उनकी हॉबी का प्रयोग वे नियमित रूप से करे |<br />
<strong>उचित आराम करना:</strong> विद्यार्थियों को उचित आराम करना चाहिए यह हमारे सीखने और चीजों को याद रखने के लिए आवश्यक है । नींद की कमी हमारी मानसिक स्थिति, शारीरिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु को प्रभावित करती है । प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. एम. एल. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा है कि नींद की कमी और आराम न करने के कारण विद्यार्थी जीवन के गलत रास्ते पर मुड़ सकते हैं और वे ड्रग्स, अपराध, धूम्रपान के अंधेरे में घिर सकते है, वे शराबी हो जाते हैं और अंततः आत्महत्या के बारे में सोचते हैं । हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में स्लीप मेडिसिन डिवीजन के अनुसार, हमारे शरीर को सही देखरेख और आराम की आवश्यकता होती है क्योंकि यही आराम हमें खाने, पीने और अन्य गतिविधियाँ करने के लिए आवश्यक निर्देश देता है । पर्याप्त आराम के बिना, निर्णय, मन की स्थिति, सीखने और धारण करने की क्षमता कमजोर होती है, जबकि ये घटक भविष्य की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं । आराम शरीर और मन की मरम्मत करता है यहां तक ​​कि यह याददाश्त को भी बढ़ाता है ।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-kalpana-prajapati-on-childline-is-a-sanjeevani-for-children-trapped-in-trouble/8390/">मुसीबत में फंसे बच्चों के लिए है संजीवनी बूटी है चाइल्ड लाइन</a></span></span></strong></p>
<p><strong>सकारात्मक सोचना:</strong> छात्रों को हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए क्योंकि शोधों ने साबित किया है कि सकारात्मक सोच से व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है, अवसाद कम हो सकता है और निम्न स्तर का तनाव पैदा हो सकता है जो उसकी प्रस्तुति लिए अच्छा है । यदि हम किसी भी बुरी परिस्थिति में सकारात्मक सोचते हैं, तो तनाव नहीं होगा । सकारात्मक सोच वाले विद्यार्थियों के काम की गति, जुनून, धैर्य, आशावाद, नवाचार, खुद पर भरोसा, समय प्रबंधन, बुद्धिमत्ता, पहल, जीत की दृष्टि, अपने समय के मूल्य, जीवंत रचनात्मकता और प्रभावी प्रयासों अन्य से श्रेष्ठ होता है ।<br />
<strong>भावनाओं को साझा करे:</strong> यह कहा गया है कि &#8220;दुःख को साझा करने कम होता है&#8221; इसलिए विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को साझा करना चाहिए है । विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, माता-पिता, संरक्षक, परामर्शदाताओं को उनके लिए एक खुला मंच बनाना चाहिए ताकि वे अपनी सहायता स्वयं कर सके, भविष्यवाणी कर खुद का पता लगा सकें की आगे कैसे बढ़ना है । मनोवैज्ञानिकों और परामर्शदाताओं ने सुझाव दिया कि जब भी छात्र तनाव महसूस कर रहे हों, तो उन्हें अपने माता-पिता, दोस्तों, शिक्षकों, काउंसलर, मेंटर्स, अभिभावक आदि के साथ अपनी भावनाओं को साझा करना चाहिए । विद्यार्थियों को तनाव से दूर रखने के लिए अभिभावकों के साथ खुला मन रखना चाहिए । यह और बेहतर करने के लिए सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा देता है । विद्यार्थियों को अपने अध्ययन के अनुभवों, प्रदर्शन, क्षमता, कैलिबर और प्राप्त लक्ष्य पर चर्चा करनी चाहिए ।<br />
<strong>अपनी क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना:</strong> हर बच्चा अपने कैलिबर को जानता है क्योंकि कोई भी व्यक्ति खुद को दूसरों से ज्यादा जनता है । किसी भी लक्ष्य या लक्ष्य को तय करने से पहले छात्रों को अपनी ओर देखना चाहिए और स्वॉट(SWOT) विश्लेषण के माध्यम से खुद को परख लेना चाहिए । स्वॉट विश्लेषण में अपनी ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों से ज्ञान होने के बाद अपने लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए । इसके बाद, उन्हें अपने विषयों को तय करना चाहिए और सीमित समय सीमा में हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए । अपनी ताकत के अनुसार, छात्रों को अपने भविष्य के बारे में सपने देखना चाहिए । इससे विद्यार्थी के आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प में भी वृद्धि होती है ।<br />
<strong>रिवीजन पर ध्यान</strong>: विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उसका रिवीजन करने के लिए अपनी योजना बनानी चाहिए । रिवीजन में ही वे ही यह समझ पाएंगे कि वे किन विषयों में मजबूत या कमजोर हैं, किन विषयों में अधिक प्रयासों की आवश्यकता है, किन विषयों और टॉपिक्स को छोड़ा जा सकता है | इस समय चूँकि सभी के अपार समय है तो अपनी सभी परीक्षाओं के सिलेबस का पुन: रिवीजन करते रहे | रिवीजन हम निम्न रूप में कर सकते है &#8211;<br />
<img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-8482" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/05/ग्फ्फ्फ़.jpg" alt="" width="700" height="202" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/05/ग्फ्फ्फ़.jpg 700w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/05/ग्फ्फ्फ़-300x87.jpg 300w" sizes="(max-width: 700px) 100vw, 700px" /></p>
<ul>
<li><strong> पढ़ें:</strong> इस स्तर पर विद्यार्थियों को अधिगम सामग्री का चयन करना चाहिए क्योंकि जो कुछ भी किताबों और संदर्भों में लिखा गया है वह सब कुछ महत्वपूर्ण नहीं है । तो सामग्री का चयन करने के लिए छात्र स्वयं से ये मौलिक प्रश्न पूछें: क्यों पढ़ना है? कैसे पढ़ें ?, क्या पढ़ें ?, कब पढ़ें? कहां पढ़ें? आदि |</li>
<li><strong style="background-color: initial;">याद करे:</strong><span style="background-color: initial; font-weight: lighter;"> सामग्री को चुनने और पढ़ने के बाद रिवीजन का दूसरा चरण शुरू होता है, अर्थात् याद करना । याद करने के दौरान, वातावरण अध्ययन की प्रभावशीलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । याद करना बहुत से कारकों पर निर्भर होता है जैसे: उचित प्रकाश, ताजी हवा, ताजा-स्वस्थ और पौष्टिक भोजन, बाहरी शोर, परिवार और सामाजिक जीवन के सदस्य, सोशल मीडिया की व्यस्तता, समाजिक कार्य, उत्साह, थकान, चिंता, दबाव, रुचि, समय आदि । याद करने में, विद्यार्थियों को याद करने और रिवीजन की अलग से नोटबुक / रजिस्टर बनानी चाहिए ताकि रोज की अध्ययन सामग्री और रिवीजन में कोई उलझन न हो ।</span></li>
<li><strong> खुद का स्वयं टेस्ट लेना:</strong> पढ़ने और सीखने के बाद छात्र को अपनी परीक्षा खुद लेनी चाहिए |</li>
<li><strong> विश्लेषण:</strong> स्व-परीक्षण याद करने की प्रगति का वास्तविक स्थिति प्रदान करेगा । बच्चों को अब खुद से अपने अध्ययन का विश्लेषण करना चाहिए । उन्हें किन बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए: वे कहां कमजोर हैं? अधिक जानने की गुंजाइश कहाँ है? वे कौन से बिंदु, तथ्य, आंकड़े, तत्व भूल रहे हैं? पिछली बार की तुलना में प्रदर्शन कम या अच्छा क्यों है? परीक्षा को पूरा करने में कितना समय लगता है? आदि का विश्लेषण करने के बाद, छात्रों को फिर से याद करना चाहिए।</li>
<li><strong>री-टेस्ट:</strong> इस अंतिम चरण में पुनः याद व खुद का विश्लेषण करने के बाद, छात्रों को फिर से एक और परीक्षा देनी चाहिए और फिर उन्हें पिछले प्रदर्शन के साथ अपने प्रदर्शन की तुलना करनी चाहिए ।</li>
</ul>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-pankaj-nagar-thoughts-are-combination-of-mind-brain-and-experiences/8361/">मन, मस्तिष्क व अनुभवों का संयोजन है विचाराभिव्यक्ति</a></span></span></strong></p>
<p><strong>समयावधि:</strong> विद्यार्थियों को अध्ययन करने के लिए अपने समय को तय करना चाहिए क्योंकि जीवन में सफलता सही समय प्रबंधन पर ही निर्भर है । यह जीवन का एकमात्र तत्व है जो अगर एक बार चला गया तो कभी नहीं लौटेगा । इसलिए लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए छात्रों को अपने समय का प्रबंधन करना चाहिए । उन्हें पहले अपना अंतिम लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसके बाद उसे छोटे-छोटे क्रमबद्ध तरीके से उन्हें विभाजित करना चाहिए | JEE, AIIMS, NEET, IIT, बोर्ड की तैयारी के लिए जहाँ प्रतिदिन 5 से 6 घंटे का अध्ययन आवश्यक है, वही IAS, IPS, UPSC की तैयारी के 8-10 घंटे का पढाई करना जरुरी है जो आपके स्कूल और कोचिंग समय से अलग होना चाहिए । विद्यार्थियों को अपने कीमती समय की बर्बादी नहीं करनी चाहिए जैसे कि मूवी देखना, लंबे समय तक फोन पर बातचीत करना आदि । विद्यार्थियों को एक निश्चित समय सारिणी का पालन करना चाहिए जिसमें जीवन के हर पहलू जैसे- आत्मचिंतन-मंथन, स्वास्थ्य और स्वच्छता, खेल, सामाजिक जीवन, शौक, कोचिंग, अध्ययन, संशोधन, भोजन आदि के लिए पर्याप्त समय हो । अध्ययन का समय व्यक्तिगत क्षमता या आदत पर निर्भर करता है, कोई व्यक्ति सुबह जल्दी रिवीजन की योजना बना सकता है जबकि कोई रात या शाम को कर सकते हैं । पढ़ाई के दौरान, उन्हें छोटे ब्रेक देने चाहिए और हल्के, ऊर्जावान, स्वस्थ स्नैक्स जैसे मूंगफली, चिप्स, जूस आदि लेने चाहिए । रोजाना एक-दो मिनट के लिए, छात्रों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि वर्तमान में क्या हो रहा है, थोड़ी देर टहलने जाना चाहिए |<br />
<strong>सोशल मीडिया से दूर रहना:</strong> जैसा कि हमने देखा है कि इंटरनेट युग में हर कोई क्लाउड कंप्यूटिंग में व्यस्त है । हर कोई दुनिया में एक्सपोजर चाहता है; हर कोई दुनिया से जुड़ना चाहता है, अपडेट रहना चाहता है, पसंद करना चाहता है, तारीफ पाना चाहता है, पॉजिटिव कमेंट करना चाहता है आदि, इसके लिए अब विद्यार्थी सोशल मीडिया से बहुत ज्यादा जुड़ गए हैं । वे वर्तमान सोशल मीडिया पोर्टल जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, हाइक, स्नैप चैट, वाइबर आदि पर अपनी हर घटना को अपडेट करते हैं, लेकिन सफलता की इच्छा रखने वालों को खुद से सोशल मीडिया से दूर रखना चाहिए | छात्रों में नकारात्मकता पैदा करते है । शोधों ने साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया लोगों को नकारात्मक बनाता है क्योंकि वहाँ बहुत सारे नकारात्मक सामाजिक तत्व जो सिर्फ खुद की सुनते हैं दूसरों की बात समझना ही नहीं चाहते । यहां तक ​​कि जब भी किसी को कोई प्रतिक्रिया जैसे पसंद, टिप्पणी, शेयर और प्यार नहीं मिलती है, यह अवसाद और चिंता का कारण बन सकता है ।<br />
<strong>नियमित ऑनलाइन टेस्ट सीरीज:</strong>  स्थगित होती परीक्षाओं और परिणाम के तनाव से बचने के लिए अभी सभी को नियमित रूप से ऑनलाइन टेस्ट सीरीज का उपयोग करते हुए अपने ज्ञान की निरंतरता को बनाये रखना चाहिए | छात्रों को नियमित अध्ययन और कक्षाओं को छोड़ना नहीं चाहिए । जब भी उन्हें कोई संदेह हो, तो उन्हें मेंटर्स और टीम के साथियों से सलाह लेनी चाहिए । परीक्षणों की नियमित प्रतिक्रिया वास्तविक समझ और अध्ययन की स्थिति (कागज़ी, 2015) प्रदान करेगी ।<br />
<strong>सरकार द्वारा प्रकाशित किताबों से अध्ययन:</strong> विभिन्न प्रवेश परीक्षा के टॉपर्स ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रतिभागियों को सरकार व सरकारी संस्थाओं जैसे एन.सी.ई.आर.टी., बोर्ड्स, द्वारा प्रकाशित किताबों से अध्ययन करना चाहिए । जेईई मेन्स के टॉपर मास्टर कल्पित वीरवाल ने कहा कि प्रश्न पत्र की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबें सबसे अच्छी हैं, एक भी विषय का प्रश्न एन.सी.ई.आर.टी के सिलेबस के बाहर से प्रश्नपत्र में नहीं आया ।<br />
<strong>नियमित अभ्यास:</strong> विद्यार्थियों को जीवन से तनाव से बचने के लिए नियमित रूप से वर्कशीट, दैनिक अभ्यास पत्र, प्रश्न, सूत्र आदि पर अभ्यास करना चाहिए । नियमित अभ्यास लिखित रूप में करना चाहिए बजाये इसके की केवल याद किया जाये | नियमित अभ्यास आत्मविश्वास का निर्माण करेगा और परीक्षा और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण लाएगा ।<br />
<strong>शांत रहे: </strong>अंतिम परीक्षा हमेशा तनाव के साथ आती है । इसलिए परीक्षा से पहले छात्रों को खुद को शांत रखना चाहिए । उन्हें हाइपर और किसी भी चीज़ पर गुस्सा करना चाहिए क्योंकि यह ऊर्जा और एकाग्रता को कम करता है ।<br />
<strong>अंतिम दिन कुछ भी नया प्रारंभ न करे:</strong>  आम तौर पर, छात्र अंतिम दिनों के लिए कठिन विषयों को याद करने के लिए रखते हैं लेकिन यह तनाव लाता है । अंतिम क्षण में, छात्रों को कुछ भी नया याद नहीं रहता इसके विपरीत जो ज्ञान ग्रहण करने की कोशिश को जाती वो अस्थिर रहता है ।<br />
<strong>पौष्टिक भोजन करे:</strong>  वर्तमान में हर विद्यार्थी के खाने की पसंद में जंक / फास्ट फूड आदि है जो वे कहीं से भी, किसी भी मेस, किसी भी विक्रेता, दुकान या सड़क के किनारे से खाते लेते है, जो उन्हें अस्वस्थ और बीमार बनाता है । इसलिए उन्हें अपने भोजन के बारे में बहुत सचेत होना चाहिए । उन्हें स्वच्छ स्थानों से खाना चाहिए और एक संतुलित आहार चार्ट का पालन करना चाहिए जो उनके अध्ययन के लिए उपयुक्त है क्योंकि अस्वस्थ भोजन भी तनाव का एक कारण है । अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अध्ययन के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं की एक बड़ी संख्या (प्रत्येक तीन में से एक) अपने स्वाद के लिए नई नई चीजे अपनाती है, उदाहरण के लिए, जमे हुए दही, ठंडे खाद्य पदार्थों और दबाव को कम करने के लिए व्यवहार करती है । महिलाओं के लिए अपने सबसे पसंदीदा खाने की आदतों से खुद को रोकना बहुत आम है क्योंकि वे अधिक फिट होने का प्रयास हमेशा करती रहती हैं ।<br />
<strong>नियमित प्रतिक्रिया:</strong>  यदि विद्यार्थी फैकल्टी, परामर्शदाता और अपने अध्यापकों से प्रतिदिन प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकते हैं, तो यह उनके परिणामों के बारे में चिंता और तनाव को कम करता है । उसके बाद परिणाम के विषय को लेकर विद्यार्थियों के लिए कोई नई बात नहीं होगी । विद्यार्थियों को अपने परिणामों पर कभी आश्चर्य नहीं होगा ।<br />
<strong>सकारात्मक संगीत सुने:</strong> आर.के. वर्मा निदेशक रेजोनेंस, गोविंद माहेश्वरी एलन कोचिंग संस्थान के निदेशक और कई प्रकार के शोधों से यह साबित हो चूका है की कि तनाव से बचने के लिए संगीत एक अच्छा साधन है । विद्यार्थियों को प्रेरक गीतों को सुनना चाहिए जैसे- &#8220;रुक जाना नहीं तू कही हार के&#8230;..&#8221;, &#8220;जो भी हो गया फिर आएगा &#8230;&#8221;, &#8220;डर के आगे जीत हैं&#8221;। ! ”,“ बार-बार हो बोलो यार है अपनी जीत हो…। ”,“ जिंदगी की ना टूटे लाडी…। ”,“ जिन्दगी हर कदम एक नई जंग है…। ”, जिंदा है तोह…।”, “अये। साला अभी अभी हुआ यकीन, &#8230; &#8220;,&#8221; कंधो से कांधे मिलते है, कदमों से कदम मिलते है &#8230;.. &#8220;,&#8221; धुन्धला जाये जो मंजिले । &#8220;&#8230;&#8221;, &#8220;कुछ करिए कुछ करिए &#8230;&#8221;, &#8220;ये होसला कैसे रुके&#8230;.। &#8220;, &#8220;कुछ पाने की हो आस-आस&#8230;आशाएं आशाएं &#8230;&#8221;, &#8220;ओ मितवा सुन मितवा तुझे क्या डर है रे&#8230;&#8221;, &#8220;इकतारा वोतारा सबतारा&#8230;।&#8221; आदि | इस प्रकार के गीत ऊर्जा को बढ़ावा देंगे और अध्ययन और सीखने की नई भावना भरेंगे ।<br />
<strong>एकाग्रता:</strong> विद्यार्थियों को पूरी एकाग्रता के साथ एक समय में एक काम ही करना चाहिए क्योंकि अगर वे कई काम करेंगे और अपने दिमाग को अन्य दिशाओं में मोड़ेंगे, तो उनके प्रयास प्रभावी नहीं होंगे और जो परिणाम वे चाहते हैं वे कभी नहीं मिलेंगे जिससे तनाव में वृद्धि होगी । तनाव अपरिहार्य है, और विफलता दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षक है । प्रत्येक विद्यार्थी को यह समझना चाहिए कि यदि उन्हें असफलता मिलती है, तो वह जीवन का अंत नहीं है, यह भविष्य की सफलता के लिए एक खुले द्वार की तरह है । स्थिति को संभालने के लिए उन्हें अपने तरीके खोजने चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति दूसरों से अलग होता है और जीवन के प्रति उनकी धारणा होती है । इसलिए एक सामान्य उपाय सभी पर काम नहीं कर सकता है ।<br />
<strong>खर्चों पर नियंत्रण:</strong>  विद्यार्थी धन की कमी के कारण भी तनाव में हैं, इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए विद्यार्थी को एटीएम से अपनी नकद निकासी की प्रवृत्ति को सीमित करना चाहिए । यहां तक कि उन्हें अपने खर्च को अपने दोस्तों की तुलना में मोबाइल, कपड़े, फास्ट/जंक फूड, व्यक्तिगत संबंधों, युवाओं की बुरी आदतों (धूम्रपान, बंक करना, शराब पीना) आदि पर सीमित करना चाहिए ।<br />
<strong>भूतकाल की उपलब्धियों और सफलताओं को याद करे:</strong> निराशा की परिस्थिति में विद्यार्थियों को अपने पिछले सफल, सुखदायी अनुभवों और घटनाओं को याद करना चाहिए साथ ही ध्यान देना चाहिए कि उन्होंने अन्य तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना कैसे किया था- जैसे कि ब्रेक अप, परीक्षा परिणाम, घर या भोजन की आदतों को बदलना, दोस्तों के झगड़े आदि । वाशिंगटन, डीसी के स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि साथियों के साथ बातचीत करना एक बुरी घटना के बाद महीनों एक-एक करके निर्देशन की तुलना में अधिक लाभकारी है ।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: </span><span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-k-vikram-rao-about-malerkotla/8427/">मालेरकोटला पर विवाद ? क्या कारण है ?</a></span></strong></p>
<p>सारांश में हम ये कह सकते है की योग, ध्यान, सकारात्मक सोच, तनाव को दूर करने के लिए अपना स्वयं का पढने का तरीका, उचित आराम और पर्याप्त नींद, हॉबी गतिविधियों में संलग्न रहना, अपनी भावनाएं साझा करना, माता-पिता या अभिभावकों के साथ संपर्क में रहना, स्वस्थ भोजन लेना, योग्यता और रुचि के अनुसार लक्ष्य तय करना, एक व्यवस्थित तरीके से संशोधन पर ध्यान देना, अध्ययन के लिए उचित समय तय करना, समय सारणी का पालन करना, सोशल मीडिया से दूर रहना, नियमित परीक्षण और कक्षाओं में भाग लेना, प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन करना, परीक्षा के एक दिन पहले शांत और तनावमुक्त रहना, संकाय सदस्यों द्वारा वर्तमान प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया प्राप्त करना, भविष्य के लिए योजना बनाना, सकारात्मक संगीत सुनना, खर्चों को सीमित करना, सहपाठियों के साथ अवकाश के समय का आनंद लेना और प्रतिकूल समय के दौरान सर्वश्रेष्ठ पिछली सफलताओं को याद करना निश्चित रूप से विद्यार्थियों के तनाव को जीवन की हर परिस्थिति में चाहे कोरोना जैसी विकट स्थिति ही क्यों न हो कम कर सकता है ।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">लेखक:</span></strong> <span style="color: #0000ff;"><strong>डॉ. निधि प्रजापति</strong></span><br />
<span style="color: #0000ff;"><strong>वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर</strong></span><br />
<span style="color: #0000ff;"><strong>अध्यक्ष-सोसाइटी हैस ईव शी इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट </strong></span></p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-dr-nidhi-prajapati-on-stress-management-of-students/8481/">तनाव से मुक्ति, जीवन में तंदरुस्ती</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>लॉकडाउन का एक साल: कोटा ने पकड़ी पहले जैसी रफ्तार, 50 हजार स्टूडेंट्स लौटे</title>
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		<pubDate>Sun, 21 Mar 2021 17:10:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p> स्वस्थ, स्वच्छ और सुरक्षित माहौल पर पूरे देश ने जदाया पहले जैसा भरोसा  स्टूडेंट्स के साथ पेरेन्ट्स के भरोसे पर भी खरा उतरा कॅरियर सिटी कोटा कोटा. कॅरियर सिटी से केयर सिटी के रूप में पहचना बना चुका कोटा फिर से अपनी रंगत में है। शहर की गलियां और सड़कें स्टूडेंट्स से गुलजार हो गई &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/kota-coaching/kota-coaching-successfully-open-after-lock-down-55-thousand-students-reached-in-coaching-classroom/5445/">लॉकडाउन का एक साल: कोटा ने पकड़ी पहले जैसी रफ्तार, 50 हजार स्टूडेंट्स लौटे</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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<li><span style="color: #ff0000;"><strong> स्वस्थ, स्वच्छ और सुरक्षित माहौल पर पूरे देश ने जदाया पहले जैसा भरोसा </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>स्टूडेंट्स के साथ पेरेन्ट्स के भरोसे पर भी खरा उतरा कॅरियर सिटी कोटा</strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कोटा.</strong></span> कॅरियर सिटी से केयर सिटी के रूप में पहचना बना चुका कोटा फिर से अपनी रंगत में है। शहर की गलियां और सड़कें स्टूडेंट्स से गुलजार हो गई हैं। ठीक एक साल पहले जिस वैश्विक संकट के चलते डर फैला और 22 मार्च के बाद लॉकडाउन की घोषणा हुई, इसके बाद कॅरियर सिटी कोटा पूरे देश में नई पहचान के साथ जाना जाने लगा। कोविड लॉकडाउन के दौरान स्वस्थ व स्वच्छ माहौल देने के साथ 50 हजार से अधिक स्टूडेंट्स को सकुशल अपने माता-पिता के पास घर भेजा गया। लॉकडाउन में देश में कोटा से कोचिंग स्टूडेंट्स की यह सबसे बड़ी घर वापसी रही।</p>

		<div class="box info  aligncenter">
			<div class="box-inner-block">
				<span class="fa tie-shortcode-boxicon"></span><span style="color: #ff0000;"><strong>क्यों है कोटा कोविड फ्री:-  1.25 लाख से अधिक सिंगल रूम हैं कोटा में. स्टूडेंट्स के लिए जहां होम आइसोलेशन में होती है पढ़ाई. 31 बेड का कोचिंग स्टूडेंट्स को समर्पित अस्पताल है कोटा में. हर हॉस्टल में स्टूडेंट्स के लिए अलग से आइसोलेशन एरिया. स्टूडेंट्स की केयरिंग के लिए हर कोचिंग में चिकित्सक व स्टाफ मौजूद.  5 हजार से अधिक स्टूडेंट्स पेरेन्ट्स के साथ रह रहे हैं.  3 हजार से अधिक हॉस्टल्स हैं कोटा में  2 हजार से अधिक मैस सुरक्षित पहुंचा रहे स्टूडेंट्स को गुणवत्तायुक्त भोजन.</strong></span>
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<figure id="attachment_5447" aria-describedby="caption-attachment-5447" style="width: 700px" class="wp-caption aligncenter"><img decoding="async" class="wp-image-5447 size-full" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media1.jpeg" alt="kota coaching Successfully open after lock down, 55 thousand students reached in coaching classroom " width="700" height="500" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media1.jpeg 700w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media1-300x214.jpeg 300w" sizes="(max-width: 700px) 100vw, 700px" /><figcaption id="caption-attachment-5447" class="wp-caption-text">कोटा के एलन कोचिंग में सुरक्षित पढ़ाई का इंतजाम।</figcaption></figure>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कोटा पहुंचे करीब 55 हजार विद्यार्थी </strong></span><br />
इसके बाद सालभर लॉकडाउन, ऑनलाइन एजुकेशन, कर्फ्यू सहित कई विपरीत परिस्थितियों के बावजूद कोटा ने इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में न केवल अपनी साख कायम रखी, बल्कि श्रेष्ठ परिणाम भी जारी रखे। यही कारण है कि जनवरी में जैसे ही ऑफलाइन कोचिंग शुरू हुई, स्टूडेंट्स का कोटा आना भी शुरू हो गया। जनवरी के बाद जहां पिछले वर्षों में स्टूडेंट्स घर लौटते थे, इस वर्ष उसके उलट स्टूडेंट्स वापस कोटा आ रहे हैं। सालभर पहले घर लौटे 50 हजार से अधिक स्टूडेंट्स लॉकडाउन हटने के साथ ही कोटा लौट आए और यहीं रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। वर्तमान में कोटा में करीब 55 हजार स्टूडेंट्स हैं।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>श्रेष्ठ परिणाम बरकरार</strong></span><br />
हाल ही में जारी हुए जेईई-मेन फरवरी के परिणामों में कोटा कोचिंग के दो स्टूडेंट्स ने 100 पर्सेन्टाइल में 300 में से 300 अंक प्राप्त किए। वहीं आल इंडिया में टॉप 6 में कोटा कोचिंग के 4 स्टूडेंट्स रहे। नीट के परिणामों में एलन के छात्र शोएब आफताब ने इतिहास रचते हुए 720 में से 720 नम्बर प्राप्त किए। किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में भी कोटा में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स ने टॉप किया। ओलम्पियाड के क्वालीफाइंग राउण्ड में भी कोटा से सबसे अधिक संख्या में स्टूडेंट्स क्वालीफाई हुए।</p>
<figure id="attachment_5448" aria-describedby="caption-attachment-5448" style="width: 300px" class="wp-caption alignleft"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-5448 size-medium" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media3-300x214.jpeg" alt="kota coaching Successfully open after lock down, 55 thousand students reached in coaching classroom " width="300" height="214" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media3-300x214.jpeg 300w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media3.jpeg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-5448" class="wp-caption-text">कोटा के कोचिंग संस्थानों में तेजी से बढ़ रही दाखिलों की संख्या।</figcaption></figure>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">आने की उत्सुकता बरकरार</span></strong><br />
कोविड के चलते स्टूडेंट्स द्वारा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के परीक्षा केन्द्र अपने गृह जिलों में ही भरे गए। यही कारण रहा कि ज्यादातर स्टूडेंट्स परीक्षा देने के लिए अभी घरों पर है। स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षाओं के लिए भी घर रुककर तैयारी कर रहे हैं। इसके बावजूद स्टूडेंट्स व परिजन लगातार फोन करके कोटा में कोचिंग के बैच की जानकारी ले रहे हैं और यहां आने के लिए उत्साहित हैं। रोजाना हजारों फोन और वेबसाइट के माध्यम से इनक्वायरी आ रही है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बोर्ड परीक्षाओं के बाद बढ़ेगी संख्या</strong></span><br />
एक्सपर्ट्स की मानें तो बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के साथ ही नए बैच की घोषणा कोटा के कोचिंग संस्थानों द्वारा की जाएगी। इसके बाद कोटा में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स आने के लिए तैयारी में है। माना जा रहा है कि इस सत्र में कोटा बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स आएंगे। स्टूडेंट्स के साथ उनके अभिभावक भी आ रहे हैं और अपने बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ माहौल पर विश्वास जता रहे हैं।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कौन-कौन से इलाकों में लौटे स्टूडेंट्स</strong></span><br />
शहर के इन्द्रविहार, जवाहर नगर, तलवंडी, महावीर नगर, इलेक्ट्रोनिक कॉम्पलेक्स, विज्ञान नगर, दादाबाड़ी, कुन्हाड़ी लैंडमार्क सिटी, सिद्धि-सिद्धि नगर, कमलाउद्यान, कृष्णा विहार, अम्बिका नगर, बारां रोड स्थित कोरल पार्क, नयानोहरा क्षेत्रों में कोचिंग क्लासेज व हॉस्टल्स शुरू हो गए हैं और यहां हॉस्टल्स में स्टूडेंट्स नजर आने लगे हैं।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>डाउट सेशन्स में पा रहे समाधान</strong></span><br />
स्टूडेंट्स को कम समय में ज्यादा बेहतर तैयारी करवाने के लिए डाउट साल्विंग सेशन्स भी लगातार हो रहे हैं। यहां स्टूडेंट्स एक्सपर्ट फैकल्टीज के साथ व्यक्तिगत रूप से न केवल अपने डाउट हल कर रहे हैं, वरन परीक्षा में तैयारी के लिए गाइडेंस भी ले रहे हैं। स्टूडेंट रोजाना ऑनलाइन अपना डाउट सेशन्स का समय तय कर सकते हैं, फैकल्टीज के साथ समय निर्धारित कर सकते हैं, जिससे वे डाउट क्लीयर कर सकें।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>पेरेन्ट्स भी आ रहे साथ</strong></span><br />
कोविड के चलते कोटा लौट रहे स्टूडेंट्स के साथ पेरेन्ट्स भी आ रहे हैं। पेरेन्ट्स यहां आकर कोविड गाइड लाइन की पालना के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की सुनिश्चितता देख रहे हैं। कोटा आकर पेरेन्ट्स अपेक्षा से बेहतर स्थिति पा रहे हैं। यही कारण है कि वे अन्य स्टूडेंट्स को भी यहां आने के लिए कह रहे हैं। कई पेरेन्ट्स कोटा में रहकर ही बच्चों की परीक्षा की तैयारी करवा रहे हैं, ताकि उनकी सेहत ही नहीं वरन उनके खान-पान की व्यवस्था भी अनुकूल रह सके।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कोटा ने की हर सुविधा</strong></span><br />
कोटा में स्टूडेंट्स को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दृष्टि से हर प्रयास किया गया है। यहां एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा 31 बेड का आरोग्यम अस्पताल शुरू किया गया है जो कि पूरी तरह से स्टूडेंट्स को ही समर्पित होगा और सुबह 10 से शाम 7 बजे तक यहां निशुल्क परामर्श दिया जा रहा है। यही नहीं यहां के अस्पतालों व डिस्पेंसरीज में भी स्टूडेंट्स की स्वास्थ्य जांच के लिए सरकारी क्षेत्र के चिकित्सक व स्टाफ तत्पर हैं। कोचिंग संस्थानों में भी रोजाना थर्मल चैकिंग और सेनेटाइजेशन किया जा रहा है। यदि कोई स्टूडेंट बीमार होता है तो उसे हॉस्टल में ही क्वारेंटाइन करने की व्यवस्था तक की हुई है। इसके अलावा स्टूडेंट्स को दिए जाने वाले भोजन में भी पोषण का ध्यान रखा जा रहा है।</p>
<figure id="attachment_5449" aria-describedby="caption-attachment-5449" style="width: 300px" class="wp-caption alignright"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-5449 size-medium" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media4-300x214.jpeg" alt="kota coaching Successfully open after lock down, 55 thousand students reached in coaching classroom " width="300" height="214" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media4-300x214.jpeg 300w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media4.jpeg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-5449" class="wp-caption-text">कोटा के कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की हो रही पूरी पालना।</figcaption></figure>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>क्रेश कोर्स मजबूत कर रहे तैयारी</strong></span><br />
कोविड के चलते परीक्षा की व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव आ रहा है। ऐसे में कोटा में भी कोचिंग संस्थानों द्वारा स्टूडेंट्स की सुविधा और उनके इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के टारगेट को देखते हुए अलग-अलग समयावधि के कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इससे कम समय में स्टूडेंट अपने टारगेट के लिए तैयार हो रहे हैं। इसमें इंजीनियरिंग व मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए क्रेश कोर्स के साथ-साथ टेस्ट सीरिज और अन्य स्पेशल कोर्सेज शामिल है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कोटा पर कायम है भरोसा</strong></span><br />
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन महेश्वरी कहते हैं कि कोटा के सिस्टम और कोटा की पढ़ाई पर देशभर के स्टूडेंट्स और पेरेन्ट्स भरोसा कायम है। कोटा के बेहतर परिणाम भी आए हैं। यहां स्टूडेंट्स लगातार आ रहे हैं और अपना कॅरियर बनाने की तैयारी में जुट रहे हैं। यहां कोविड टाइम में हमने 31 बेडेड अस्पताल तैयार करवाया जो कि स्टूडेंट्स के लिए समर्पित है। एलन के लिए विद्यार्थी का स्वास्थ्य व सुरक्षा प्राथमिकता है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>स्टूडेंट्स के लिए समर्पित है कोटा</strong></span><br />
रिलायबल इंस्टीट्यूट के एचओडी आयुष गोयल ने बताया कि कोटा शहर स्टूडेंट्स के कॅरियर निर्माण के साथ-साथ केयरिंग के लिए भी पहचान बना चुका है। बेहतर केयरिंग का ही नतीजा है कि लगातार स्टूडेंट्स आ रहे हैं और बैच शुरू हो रहे हैं। कोटा स्टूडेंट्स के लिए समर्पित रहा है। क्लासेज शुरू होने के बाद अच्छे रिव्यूज भी आ रहे हैं।</p>
<figure id="attachment_5450" aria-describedby="caption-attachment-5450" style="width: 300px" class="wp-caption alignleft"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-5450 size-medium" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media2-300x214.jpeg" alt="kota coaching Successfully open after lock down, 55 thousand students reached in coaching classroom " width="300" height="214" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media2-300x214.jpeg 300w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/corona-free-kota-coaching-tis-media2.jpeg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><figcaption id="caption-attachment-5450" class="wp-caption-text">एलन में डाउट क्लासेज के लिए किए गए विशेष इंतजाम।</figcaption></figure>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>हॉस्टल्स में हर मदद</strong></span><br />
कोरलपार्क हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने बताया कि हम हर मदद देने के लिए तत्पर हैं। कोशिश कर रहे हैं कि स्टूडेंट्स को घर जैसा माहौल ही नहीं वरन विश्वास भी यहां मिले, जिससे वे यहां रूककर कॅरियर निर्माण की तैयारी कर सकें। इसके लिए हॉस्टल्स में कोविड सुरक्षा के मापदण्डों के साथ-साथ आइसोलेशन तक की व्यवस्था की गई है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>पेरेन्ट्स का भी जीत रहे भरोसा</strong></span><br />
लैंडमार्क हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवान बिड़ला ने बताया कि कोटा में इस बार स्टूडेंट्स के साथ पेरेन्ट्स भी आ रहे हैं। वे भी यहां की व्यवस्थाएं देखकर खुश हैं। उन्हें लग रहा है कि जो सुरक्षित, स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण घर में मिलता है, वही वातावरण कोटा में भी मिल रहा है। यही कारण है कि लगातार स्टूडेंट्स यहां आ रहे हैं और अपने कॅरियर बनाने में जुट रहे हैं।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/kota-coaching/kota-coaching-successfully-open-after-lock-down-55-thousand-students-reached-in-coaching-classroom/5445/">लॉकडाउन का एक साल: कोटा ने पकड़ी पहले जैसी रफ्तार, 50 हजार स्टूडेंट्स लौटे</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>बड़ी खबर : JEE Main Entrance Exam 2021 का नहीं बदलेगा syllabus</title>
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		<pubDate>Tue, 19 Jan 2021 16:57:30 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@ नई दिल्ली. आईआईटी में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा और चिकित्सा संकाय में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के पाठ्यक्रम वर्ष 2021 में अपरिवर्तित रहेंगे। छात्रों के जेईई और नीट परीक्षा में सीमित प्रश्नों का उत्तर देने का विकल्प दिया जाएगा।  शिक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार जेईई-मेंस 2021 का &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>TISMedia@ नई दिल्ली.</strong> आईआईटी में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा और चिकित्सा संकाय में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के पाठ्यक्रम वर्ष 2021 में अपरिवर्तित रहेंगे। छात्रों के जेईई और नीट परीक्षा में सीमित प्रश्नों का उत्तर देने का विकल्प दिया जाएगा।  शिक्षा मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार जेईई-मेंस 2021 का पाठ्यक्रम पिछले वर्ष के समान ही रहेगा। हालांकि छात्रों को प्रश्नपत्र के 90 सवालों में से 75 सवालों का जवाब देने का विकल्प होगा। प्रश्नपत्र में 90 सवालों में 30-30 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी से रहेंगे और उनमें से 75 सवालों (25-25 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी) से देने होंगे।</p>
<p><strong>Read More :</strong> <a href="https://tismedia.in/state/congress-mp-digvijaya-singh-donated-rs-1-lakh-rupees-for-ram-mandir-construction/3727/"><strong>RSS &amp; BJP के कट्‌टर विरोधी Congress सांसद ने राम मंदिर निर्माण के लिए दिया 1 लाख का चंदा</strong></a></p>
<p>गौरतलब है कि जेईई-मेंस 2020 में 75 सवालों पूछे गए थे और छात्रों को सभी सवालों के जवाब (25-25 सवाल के गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी) से देने थे। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नीट (यूजी) 2021 परीक्षा के पैटर्न की अभी घोषणा की जानी है। देश के कुछ बोर्डो द्वारा पाठ्यक्रम कम करने को ध्यान में रखते हुए नीट (यूजी) 2021 प्रश्नपत्र में भी जेईई मेंस की तर्ज पर विकल्प दिए जाएंगे।</p>
<p><strong>Read More :</strong> <a href="https://tismedia.in/state/rajasthan/surat-accident-truck-crushed-laborers-in-gujarat-15-labourers-deaths-in-surat-gujarat/3722/"><strong>फुटपाथ पर सो रहे 23 मजदूरों को बेकाबू ट्रक ने कुचला, 15 लोगों की मौत, 8 की हालत नाजुक</strong></a></p>
<p>केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पिछले महीने घोषणा की थी कि जेईई (मेंस) के संबंध में प्राप्त सुझावों के आधार कुछ फैसले किए गए हैं और अब परीक्षा 4 बार आयोजित की जाएगी। इसका पहला चरण 23 से 26 फरवरी, 2021 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद मार्च, अप्रैल और मई 2021 में अगले तीन सत्र होंगे।</p>
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		<title>पूरा शरीर बेजान, फिर भी टॉप किया जेईई मेंस, मिलिए कोटा के स्टीफन हॉकिंस से&#8230;</title>
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		<pubDate>Thu, 19 Nov 2020 13:06:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>कोटा. कुछ कर दिखाने का हौसला हो तो हर बाधा अवसर में बदल जाती है। यह साबित किया सेरीब्रल पाल्सी बीमारी से ग्रसित तुहिन डे ने। कोटा में रहकर एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ( Allen Career Institute ) से तीन साल तक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के बाद अब तुहिन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/jee-main-success-story-of-student-tuhin-dey-allen-career-institute/2227/">पूरा शरीर बेजान, फिर भी टॉप किया जेईई मेंस, मिलिए कोटा के स्टीफन हॉकिंस से&#8230;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>कोटा. कुछ कर दिखाने का हौसला हो तो हर बाधा अवसर में बदल जाती है। यह साबित किया सेरीब्रल पाल्सी बीमारी से ग्रसित तुहिन डे ने। कोटा में रहकर एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ( <a href="https://bit.ly/2Txo3IX"><strong>Allen Career Institute</strong> </a>) से तीन साल तक इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने के बाद अब तुहिन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी (आईआईईएसटी) शिबपुर पश्चिम बंगाल से इनफोर्मेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करेगा। तुहीन ने जेईई-मेंस में कैटेगिरी रैंक 438 प्राप्त की है। सेरीब्रल पाल्सी तुहिन के शरीर में ऑर्थो ग्रिपोसिस मल्टीप्लेक्स कॉन्जीनेटा विकार है, जिसमें मांसपेशियां इतनी कमजोर होती हैं कि शरीर का भार नहीं उठा सकती।</p>
<p>तुहिन न हाथ हिला सकता है और न ही अपने पैरों पर खड़ा हो सकता है। सिर्फ गर्दन से ऊपर सिर का हिस्सा सक्रिय रहता है।<br />
तीन साल पहले दसवीं पास करने के बाद इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड की तैयारी करने अपने पैतृक नगर पश्चिम बंगाल के मिदनापुर से कोटा आए तुहिन ने शारीरिक विकारों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सामान्य विद्यार्थियों के साथ पढ़ाई की और सफलता हासिल की। ख्यातनाम भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिन्स को आदर्श मानने वाला तुहिन उन्हीं की तरह एस्ट्रो फिजिक्स में शोध करना चाहता है। हाथ-पैर साथ नहीं देने के बावजूद तुहिन मुंह से मोबाइल और कम्प्यूटर ऑपरेटर करता है। कॉपी में लिखता है। यही नहीं सामान्य विद्यार्थियों से ज्यादा बेहतर कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग जानता है।</p>
<p>Read More: <a href="http://theinsidestories.in/index.php/2020/11/19/thieves-gang-active-in-kota-gold-silver-jewelry-stolen-in-kota/"><strong>सावधान कोटावासियों! घर को न छोड़े सूना, आपकी &#8216;खून-पसीने की कमाई&#8217; पर घात लगाए बैठी है &#8216;गैंग&#8217;</strong></a></p>
<p>तुहिन ने कहा कि कोटा में जो सोचकर आया था वो सबकुछ मिला, वरन यहां तो उससे भी ज्यादा सपोर्ट मिला। एलन ने पूरी तरह से ध्यान रखा। न केवल निशुल्क पढ़ाया, मुझे लाना-ले जाना, रहना और मेरी पढ़ाई से संबंधित हर बात का ध्यान एलन के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने रखा। समय-समय पर काउंसलिंग होती रही। मेरे लिए सामान्य बच्चों के साथ क्लास में अलग से टेबल चेयर का प्रबंध करवाया, मुझे क्लास तक लाने व ले जाने के लिए हेल्पर भी रहते थे।</p>
<p><strong>तुहिन ने स्वयं सर्च किया कोटा और एलन</strong><br />
कोटा आने के पीछे तुहिन ने बताया कि उसने खुद इंटरनेट पर देश में बेस्ट इंजीनियरिंग कोचिंग के लिए कोटा का चयन किया। पहले कोटा और फिर यहां के इंस्टीट्यूट के बारे में इंटरनेट पर जानकारी ली और एलन में एडमिशन लेने का मन बनाया। इस बारे में अपने माता-पिता को बताया। तुहिन ने कहा कि यहां देश के बेहतरीन इंस्टीट्यूट हैं और अच्छे रिजल्ट आ रहे हैं। यहां के टीचर्स भी बेस्ट हैं।</p>
<p>Read More: <a href="http://theinsidestories.in/index.php/2020/11/18/vikas-pathak-appointed-sp-city-of-kota-gaurav-yadav-transferred/"><strong>गौरव यादव पर गिरी लाठीचार्ज की गाज, विकास पाठक कोटा के नए एसपी सिटी</strong></a></p>
<p><strong>न्यूरोपैथी से इलाज भी करवाया</strong><br />
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के सहयोग से तुहीन का इलाज भी करवाया गया। न्यूरोपैथी के जरिए मुम्बई के विख्यात डॉ.लाजपत राय मेहरा के मुम्बई स्थित सेंटर में इलाज करवाया। इसके बाद डॉ.लाजपत राय मेहरा द्वारा प्रशिक्षित टीम मैंबर्स ने तुहिन को थैरेपी दी तथा परिजनों को थैरेपी देना सिखाया। तीन साल तक कोटा में रहने के दौरान इलाज के बाद अब थैरेपी परिजनों द्वारा जारी रखी जाएगी। इस थैरेपी के बाद तुहिन ने शरीर में बदलाव भी महसूस किया।</p>
<p><strong>आगे की पढ़ाई के लिए एलन देगा स्कॉलरशिप</strong><br />
तुहिन ने कोटा से सपना पूरा करते हुए जा रहा है। ऐसे में अब आगे की यात्रा में भी एलन उसका सहारा रहेगा। एलन द्वारा उपलब्ध करवाई गई व्हील चेयर उसका सहारा बनेगी, ताकि आगे कॉलेज में आने-जाने में कोई समस्या नहीं हो। माता-पिता को भी परेशान नहीं होना पड़े। एलन ने तुहिन को तीन साल तक निशुल्क कोचिंग दी। यही नहीं तुहिन के संघर्ष और जज्बे को देखते हुए अब एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट द्वारा गुदड़ी के लाल स्कॉलरशिप के तहत तुहिन को आगे की पढ़ाई के लिए आगामी चार वर्षों तक प्रतिमाह स्कॉलरशिप भी दी जाएगी।</p>
<p>Read More: <a href="http://theinsidestories.in/index.php/2020/11/18/police-exposed-of-akash-murder-case-murder-in-illegal-love-affairs/"><strong>ब्लाइंड मर्डर का खुलासा: अवैध संबंध में रोड़ा बना तो कुल्हाड़े से काट डाला</strong></a></p>
<p><strong>दो बार नेशनल अवार्ड जीते</strong><br />
11 मार्च 1999 में जन्मे तुहिन ने कक्षा 9 तक आईआईटी खडग़पुर कैम्पस स्थित सेन्ट्रल स्कूल में पढ़ाई की और एनटीएसई में भी स्कॉलर बना। सी, सी$$, जावा, एचटीएमएल लैंग्वेज में प्रोग्रामिंग भी सीखा है। पश्चिम बंगाल राज्य सरकार ने कई पुरस्कार दिए। इसके अलावा मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2012 में बेस्ट क्रिएटिव चाइल्ड अवार्ड तथा 2013 में एक्सेप्शनल अचीवमेंट अवार्ड दिया गया। दोनों पुरस्कार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तुहिन को दिए। मुंह से ही मोबाइल ऑपरेट कर लेता है, मैसेज से चेटिंग कर लेता है। यही नहीं लैपटॉप भी मुंह से चला लेता है। इसके अलावा कोटा में शिक्षक दिवस के अवसर पर 2018 में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा-संघर्ष और शोर्य के सम्मान के तहत केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी तुहिन को सम्मानित किया। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी कोटा दौरे के दौरान तुहिन के हौसले को सराहा।</p>
<p>Read More: <a href="http://theinsidestories.in/index.php/2020/11/18/kota-police-exposed-of-neelima-murder-case-police-solved-neelima-murder-case-in-kota/"><strong> पति ने 2 लाख में किया था पत्नी की मौत का सौदा, पढि़ए, नीलिमा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा</strong></a></p>
<p><strong>एलन हर कदम रही साथ</strong><br />
पिता समीरन डे प्रोपर्टी एजेंट के रूप में छोटा व्यवसाय करते थे, पिछले कुछ वर्षों से तुहिन के साथ हैं, व्यवसाय छूटा हुआ है। मां सुजाता डे गृहिणी हैं। पिता समीरन ने बताया कि तुहिन के इलाज में भी कोई कमी नहीं छोड़ी। कोलकाता व वैल्लूर में कई वर्षों तक इलाज करवाया। वर्तमान में कैलीपर्स बदलते हैं। अब तक 20 ऑपरेशन हो चुके हैं। हड्डियों को सीधा रखने के लिए प्लेट तक डाली गई। तुहिन की मां सुजाता ने बताया कि कोटा में जो साथ मिला उसे जीवनभर नहीं भूल सकेंगे। यदि हमें यहां इतना साथ नहीं मिलता तो शायद तुहिन का सपना पूरा नहीं होता। कोटा में घर जैसा माहौल और लोगों का साथ मिला। एक-दो दिन तो कोई भी मदद कर देता है लेकिन यहां तो पूरे साढ़े तीन साल तक हमें घर से भी बढ़कर सहयोग मिला। कभी ऐसा लगा ही नहीं कि हम घर से हजारों किलोमीटर दूर हैं। एलन ने हर कदम पर साथ निभाया। यहां की फैकल्टी हो या स्टाफ सब ने तुहिन की केयर की। तुहिन को परीक्षा देने जाना हो या रोजाना इंस्टीट्यूट जाना हो हर जगह आने-जाने के लिए एलन ने गाड़ी एवं तुहिन को संभालने के लिए स्टाफ की व्यवस्था की। यहां न केवल पढ़ाई वरन हर तरह का ध्यान एलन द्वारा रखा गया।</p>
<p>Read More: <a href="http://theinsidestories.in/index.php/2020/11/18/jaipur-rape-victim-burn-alive-case-rape-accused-corona-positive/"><strong> खुलासा: जयपुर रेप पीडि़ता को जिंदा जलाने के बाद खानदान को मिटाने की थी साजिश</strong></a></p>
<p><strong>तुहिन सभी के लिए प्रेरणा</strong><br />
एलन इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने कहा कि तुहिन हम सबके लिए सीख है। उसका हौसला प्रेरणा देता है। ये बताता है कि कुछ भी असंभव नहीं है। एलन सदैव तुहिन के साथ रहेगा। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने तक चार वर्ष के लिए एलन स्कॉलरशिप देगा। हम चाहते हैं तुहिन का हर सपना पूरा हो। तुहिन के हौसले की जितनी सराहना की जाए कम है। वो एक अद्वितीय उदाहरण है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/jee-main-success-story-of-student-tuhin-dey-allen-career-institute/2227/">पूरा शरीर बेजान, फिर भी टॉप किया जेईई मेंस, मिलिए कोटा के स्टीफन हॉकिंस से&#8230;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>IIT-NIT Josaa Counseling 2020 : पांचवे राउण्ड का सीट आवंटन 3 नवम्बर शाम 5 बजे से</title>
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		<pubDate>Mon, 02 Nov 2020 15:12:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>कोटा. जोसा काउंसलिंग ( IIT-NIT Josaa Counseling 2020 ) के अंतिम चरणों में अब फाइनल रिपोर्टिंग होने का समय आ गया है। देश की आईआईटी, एनआईटी समेत 110 संस्थानों की 50798 सीटों के लिए हो रही काउंसलिंग में फाइनल प्रवेश की रिपोर्टिंग ऑनलाइन होने जा रही है। आईआईटी के बाद अब कई एनआईटीज ने नोटिफिकेशन &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>कोटा. जोसा काउंसलिंग ( <a href="https://bit.ly/31Ot5Fr"><strong>IIT-NIT Josaa Counseling 2020</strong></a> ) के अंतिम चरणों में अब फाइनल रिपोर्टिंग होने का समय आ गया है। देश की आईआईटी, एनआईटी समेत 110 संस्थानों की 50798 सीटों के लिए हो रही काउंसलिंग में फाइनल प्रवेश की रिपोर्टिंग ऑनलाइन होने जा रही है। आईआईटी के बाद अब कई एनआईटीज ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिए हैं। आगामी कुछ दिन में सभी एनआईटीज द्वारा इसके लिए नोटिफिकेशन जारी करने की सूचना है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://bit.ly/31Ot5Fr">JOSAA Counselling 2020 : आईआईटी की कोई भी ब्रांच नहीं छोड़ रहे स्टूडेंट्स, जानिए क्यों..</a>.</strong></p>
<p>एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट ( <a href="https://bit.ly/2Txo3IX"><strong>allen career institute kota</strong> </a>) के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के चलते इस वर्ष विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए आईआईटी एनआईटी द्वारा फाइनल प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को फिजिकल रिपोर्टिंग के बजाए ऑनलाइन रिपोर्टिंग के माध्यम से प्रवेश देना निश्चित कर लिया है। अभी तक बहुत से आईआईटी एवं एनआईटी ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग के माध्यम से फाइनल प्रवेश के लिए बची हुई फीस एवं आवश्यक दस्तावेजों की सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए वेबसाइट लिंक एवं दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। एनआईटी की ऑनलाइन रिपोर्टिंग 9 से 13 नवम्बर के मध्य प्रस्तावित है। अभी तक एनआईटी सूरतकल, इलाहाबाद, दिल्ली, सूरत, नागपुर आदि की वेबसाइट पर ऑनलाइन रिपोर्टिंग से संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।</p>
<p>Read More: <a href="https://bit.ly/2Txo3IX"><strong>IIT-NIT Josaa Counseling 2020 : आईआईटी में यूजी के पहले सेमेस्टर की पढ़ाई होगी ऑनलाइन!</strong></a></p>
<p>कोविड-19 स्थिति को देखते हुए पूर्व में आईआईटी द्वारा पहला सेमेस्टर ऑनलाइन पढ़ाने की बात कही गई थी। अब एनआईटी द्वारा भी परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि पहले सेमेस्टर में शुरुआती दिनों में ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा, इसके बाद सरकार की गाइड लाइन के अनुसार इस सिस्टम में बदलाव किया जाएगा। ऐसे में विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवंटित कॉलेजों के अनुरूप उनकी वेबसाइटों को ध्यानपूर्वक देखते रहें और आगामी सत्र से संबंधित पढ़ाई एवं रिपोर्टिंग की आवश्यक जानकारी लेते रहें। हालांकि अभी बहुत से एनआईटी की वेबसाइट पर इस संबंध में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://bit.ly/35Tk3bj">झालावाड़ में खूनी संघर्ष, दो गुटों में जमकर चली तलवारें-गंडासे और लाठियां, 12 लोग घायल</a></strong></p>
<p>आहूजा ने बताया कि जोसा काउंसलिंग के पांचवे राउण्ड का सीट आवंटन 3 नवम्बर शाम 5 बजे जारी किया जाएगा। विद्यार्थी सीट आवंटन के बाद 5 नवम्बर शाम 5 बजे तक आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड कर सीट असेप्टेंस फीस जमा कर ऑनलाइन रिपोर्टिंग कर सकते हैं। विद्यार्थी जो अपनी आवंटित सीट से संतुष्ट नहीं है वे 6 नवम्बर रात 12 बजे तक अपनी सीट छोड़कर विड्राअल करवा सकते हैं। जोसा द्वारा विड्राअल करवाने पर 2 हजार रुपए काउंसलिंग शुल्क काटकर शेष राशि लौटा दी जाएगी।</p>
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		<title>IIT-NIT Josaa Counseling 2020 : आईआईटी में यूजी के पहले सेमेस्टर की पढ़ाई होगी ऑनलाइन!</title>
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		<pubDate>Thu, 29 Oct 2020 13:15:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>कोटा. देश में आईआईटी-एनआईटी ( IIT-NIT Josaa Counseling 2020 ) में प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग प्रकिया जारी है। जैसे-जैसे यह प्रकिया अंतिम चरणों की तरफ बढ़ रही है, विद्यार्थियों में पढ़ाई को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है। साथ ही विद्यार्थी भी कॉलेजों की वेबसाइट पर फाइनल आवंटित कॉलेज में प्रवेश के लिए रिपोर्टिंग की &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>कोटा. देश में आईआईटी-एनआईटी ( <a href="https://bit.ly/31Ot5Fr"><strong>IIT-NIT Josaa Counseling 2020</strong></a> ) में प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग प्रकिया जारी है। जैसे-जैसे यह प्रकिया अंतिम चरणों की तरफ बढ़ रही है, विद्यार्थियों में पढ़ाई को लेकर उत्सुकता बढ़ रही है। साथ ही विद्यार्थी भी कॉलेजों की वेबसाइट पर फाइनल आवंटित कॉलेज में प्रवेश के लिए रिपोर्टिंग की तिथियों एवं अन्य जानकारी जुटाते नजर आ रहे हैं। इसे देखते हुए आईआईटीज द्वारा यूजी कोर्स के पहले सेमेस्टर की पढ़ाई ऑनलाइन करने का मन बना रही है। इस संबंध में कुछ आईआईटीज ने ई-मेल कर दिए हैं तो कुछ ने नोटिफिकेशन जारी कर सूचित करना शुरू कर दिया है।<a href="https://bit.ly/31Ot5Fr"><strong>एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट</strong> </a>के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते इस वर्ष जोसा काउंसलिंग प्रकिया ऑनलाइन जारी है।</p>
<p><strong>JOSAA Counselling 2020 : <a href="https://bit.ly/31Ot5Fr">आईआईटी की कोई भी ब्रांच नहीं छोड़ रहे स्टूडेंट्स, जानिए क्यों&#8230;</a></strong></p>
<p>इसी बीच तीसरे राउण्ड के सीट आवंटन के बाद कुछ आईआईटीज ने अपने पहले सेमेस्टर की पढ़ाई ऑनलाइन करते हुए विद्यार्थियों को सूचित कर रही है। ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने आईआईटी मुम्बई को स्लाइड एवं फ्रीज के माध्यम से चुन लिया है उन्हें ई-मेल के माध्यम से पहले सेमेस्टर की पढ़ाई को ऑनलाइन कर इन्ट्रोडक्टिव फार्म भरने को कहा है, साथ ही आईआईटी रूड़की द्वारा भी ऑनलाइन क्लासेज 23 नवम्बर से प्रारंभ करने के संबंध में वेबसाइट पर इनफोर्मेशन जारी कर दी है। ऐसी स्थिति में यह संभावना बढ़ गई है कि इस वर्ष सभी आईआईटीज का पहला सेमेस्टर यूजी कोर्स के लिए ऑनलाइन हो सकता है।</p>
<p><strong>Nagar Nigam Election : <a href="https://bit.ly/3jEHCJG">धारीवाल ने फिर साधा निशाना: बोले- हार के डर से घरों में दुबके भाजपाई</a></strong></p>
<p>आहूजा ने बताया कि विद्यार्थी जिन्हें जोसा काउंसलिंग में आईआईटी सीट का आवंटन हो रहा है, उनके आवंटित आईआईटी में फाइनल प्रवेश के लिए ऑनलाइन रिपोर्टिंग की संभावना भी बढ़ रही है। इसलिए विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवंटित कॉलेज की वेबसाइट्स पर समयानुसार जानकारी प्राप्त करते रहें। ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने अपने आवंटित कॉलेज को फ्रीज एवं स्लाइड के विकल्प के लिए चुना है उन्हें आवंटित कॉलेज से संपर्क कर इस संबंध में जानकारी ले सकते हैं। वहीं, ऐसे विद्यार्थी जिन्होंने अपने काउंसलिंग विकल्प फ्लॉट को चुना है, उन्हें छठे राउण्ड के अंतिम आवंटित कॉलेज का इंतजार करना होगा। चौथे राउण्ड का सीट आवंटन 30 अक्टूबर शाम 5 बजे जारी किया जाएगा एवं रिपोर्टिंग एक नवम्बर शाम 5 बजे तक हो सकेगी।</p>
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		<title>JOSAA Counselling 2020 : आईआईटी की कोई भी ब्रांच नहीं छोड़ रहे स्टूडेंट्स, जानिए क्यों&#8230;</title>
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		<pubDate>Wed, 28 Oct 2020 11:08:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>कोटा. आईआईटी व एनआईटी के लिए हो रही जोसा काउंसलिंग में इस वर्ष अलग ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। देश की110 संस्थानों की 50798 सीटों के लिए हो रही काउंसलिंग में स्टूडेंट्स आईआईटी की कोई भी ब्रांच नहीं छोड़ रहे। जबकि, पिछले वर्षों में आईआईटी की कई ब्रांचें ऐसी रही हैं, जिन्हें छोड़कर &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p>कोटा. आईआईटी व एनआईटी के लिए हो रही जोसा काउंसलिंग में इस वर्ष अलग ही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। देश की110 संस्थानों की 50798 सीटों के लिए हो रही काउंसलिंग में स्टूडेंट्स आईआईटी की कोई भी ब्रांच नहीं छोड़ रहे। जबकि, पिछले वर्षों में आईआईटी की कई ब्रांचें ऐसी रही हैं, जिन्हें छोड़कर स्टूडेंट्स टॉप एनआईटी की कोर ब्रांचों में एडमिशन लिया करते थे।</p>
<p>एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट { Allen Career Institute } के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपटर्् अमित आहूजा ने बताया कि जोसा काउंसलिंग के दूसरे एवं तीसरे राउण्ड में सीट आवंटन का विश्लेषण करने पर सामने आया कि आईआईटी की ओपन से जेंडर न्यूट्रलपूल कोटे से क्लोजिंग रैंक में मात्र 2 एआईआर का अंतर आया है। द्वितीय राउण्ड में आईआईटी की क्लोजिंग रैंक 12343 एआईआर थी, जबकि तृतीय राउण्ड में 12345 पर आईआईटी की अंतिम सीट का आवंटन हुआ, जबकि ओपन में फीमेल पूल कोटे से आईआईटी की क्लोजिंग रैंक में कोई अंतर नहीं आया। इस कोटे से 20092 एआईआर पर छात्रा को आईआईटी की अंतिम सीट का आवंटन तीसरे राउण्ड में भी हुआ।</p>
<p><strong>Read More:</strong> <a href="https://bit.ly/320fQlh"><strong>आखिर क्यों किसान ने बसने से पहले ही उजाड़ दिया 6 बीघा संतरे का बाग, पढि़ए, सपने और गुस्से का कनेक्शन</strong></a></p>
<p>इसी तरह ईडब्ल्यूएस में जेंडर न्यूट्रल पूल कोटे में मात्र 4 कैटेगिरी रैंक का, ओबीसी में 29 कैटेगिरी रैंक एवं एससी में 8 कैटेगिरी रैंक का अंतर आया। जबकि, फीमेल पूल कोटे से केवल ओबीसी कैटेगिरी में ही 51 कैटेगिरी रैंक का अंतर आया है, फीमेल पूल से ईडब्ल्यूएस, एससी, एसटी तथा जेंडर न्यूट्रलपूल कोटे से एसटी कैटेगिरी की तीसरे राउण्ड में क्लोजिंग रैंक में कोई अंतर नहीं आया है।</p>
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<p><strong>स्टूडेंट्स इसलिए नहीं छोड़ रहे कोई भी ब्रांच</strong><br />
आहूजा ने बताया कि काउंसलिंग में आईआईटी की हर ब्रांच को प्राथमिकता देने के कारण आईआईटी के बेहतर एक्सपोजर, वातावरण, सुविधाएं, प्लेसमेंट माना जा सकता है। आईआईटी में स्टूडेंट्स अपनी ब्रांच के विषयों के साथ-साथ माइनर विषय के रूप में दूसरे ब्रांचों के विषय को भी पढ़ता है। प्लेसमेंट के दौरान बहुत सी बड़ी कंपनियां सभी विद्यार्थियों को अपनी योग्यता के अनुरूप जॉब ऑफर करती है, जिससे अपनी ली हुई ब्रांच के अलावा भी विद्यार्थी बड़ी कंपनियों में कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग सीखकर प्लेस हो जाते हैं। इसके अलावा आईआईटी में प्लेसमेंट के लिए एनआईटी की तुलना में ज्यादा कंपनियां आती हैं, जिससे विद्यार्थियों के पास प्लेसमेंट के अवसर अधिक होते हैं।</p>
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<p><strong>चौथे राउण्ड का आवंटन</strong><br />
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जोसा काउंसलिंग में तीसरे राउण्ड के आवंटन में आई क्वेरी का रेस्पोंस एवं सीट छोडऩे के लिए आवेदन 29 अक्टूबर शाम 5 बजे तक कर सकते हैं। चौथे राउण्ड का सीट आवंटन 30 अक्टूबर शाम 5 बजे किया जाएगा।</p>
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