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	<title>Chhatrapati Sahuji Maharaj University Kanpur Archives - TIS Media</title>
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	<title>Chhatrapati Sahuji Maharaj University Kanpur Archives - TIS Media</title>
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		<title>संत सुधा सागर ने प्रो. विनय पाठक को &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से किया विभूषित</title>
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		<pubDate>Mon, 29 Sep 2025 12:49:49 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>श्री दिगम्बर जैन पंचायत ने मध्य प्रदेश के अशोक नगर में आयोजित किया सम्मान समारोह  जैन समाज ने कुलपति को दिया “तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर पुरस्कार” अशोकनगर. छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/cover-stories/jain-saint-sudha-sagar-honored-prof-vinay-pathak-with-the-title-of-shiromani/12961/">संत सुधा सागर ने प्रो. विनय पाठक को &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से किया विभूषित</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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<li>
<h6><strong>श्री दिगम्बर जैन पंचायत ने मध्य प्रदेश के अशोक नगर में आयोजित किया सम्मान समारोह </strong></h6>
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<li>
<h6><strong>जैन समाज ने कुलपति को दिया “तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर पुरस्कार”</strong></h6>
</li>
</ol>
<p><strong>अशोकनगर.</strong> छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक को शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से विभूषित किया। इस अवसर पर जैन समाज की ओर से उन्हें &#8220;तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर पुरस्कार” भी प्रदान किया।</p>
<p>श्री दिगंबर जैन श्रमण संस्कृति संस्थान की ओर से मध्यप्रदेश के अशोकनगर में अमृत वर्षा समारोह 2025 का आयोजन किया गया। समारोह में जैन समाज के प्रमुख संत पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों के लिए &#8220;शिरोमणि&#8221; की उपाधि से विभूषित किया।</p>
<p><strong>मिला श्री सुधासागर पुरस्कार</strong><br />
अमृत वर्षा समारोह के इस अवसर पर श्री दिंगम्बर जैन पंचायत की ओर से प्रो. विनय पाठक को “तीर्थ चक्रवर्ती निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर पुरस्कार” से भी अलंकृत किया गया। यह समारोह पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के ससंघ सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें देशभर के शिक्षाविद्, संतगण और जैन समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।</p>
<p><strong>गुरु की महिमा अपार </strong><br />
इस अवसर पर पूज्य मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने कहा कि जीवन में चाहें जितनी उपाधियां मिल जाएं, सब व्यर्थ हैं। लेकिन, एक बार यदि गुरु ने आपको अपने हृदय में बसा लिया तो उससे बड़ा सम्मान चराचर जगत में दूसरा कोई नहीं। जीवन यापन के लिए कोई न कोई काम करना ही पड़ता है, लेकिन शिक्षक बनना उन सभी कामों में सबसे महान है। शिक्षा प्रदान करना कार्य की श्रेणी में शामिल ही नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह समाज ही नहीं राष्ट्र को गढ़ने की सर्वश्रेष्ठ कला है। प्रो. विनय पाठक ने न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए, बल्कि सामाजिक कार्यों के जरिए उन्होंने लोगों को सीख दी कि आप कितने भी उच्च पद पर पहुंच जाओ पर समाज को सही दिशा दिखाकर उसकी दशा सुधारना तुम्हारा परम कर्तव्य बन जाता है।</p>
<p>प्रो. पाठक के नेतृत्व में सीएसजेएमयू ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। विश्वविद्यालय को NAAC द्वारा A++ ग्रेड और NIRF रैंकिंग प्राप्त हुई है, जो उनकी दूरदर्शिता और नवाचारशील नेतृत्व का प्रमाण है।पूर्व में कोटा मुक्त विश्वविद्यालय (राजस्थान) में कुलपति रहते हुए भी प्रो. पाठक ने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी थी।</p>
<p><strong>परम कल्याण का मार्ग है संतों का सानिध्य </strong><br />
इस अवसर पर कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि आप किस जाति या धर्म में जन्म लेने वाले हैं यह तो तय नहीं कर सकते, लेकिन सभी जाति और धर्मों का स्नेह आपको मिले यह आपके ही हाथ में होता है। जैन संतों जिनमें भी विशेषकर आचार्य विद्यासागर और  सुधासागर जी महाराज ने हमेशा मुझे मार्गदर्शन किया। उनके साधिन्य से मिली ऊर्जा ने नवाचारों की प्रेरणा और उनके आशीर्वाद ने उन्हें साकार करने की शक्ति दी है। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा के कुलपति कार्यकाल का जिक्र करते हुए प्रो. पाठक ने कहा कि पूज्य संत श्री सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा ही थी जो विश्वविद्यालय को वर्धमान महावीर का नाम दे सके। आपकी ही प्रेरणा से विश्वविद्यालय परिसर में कीर्ति स्तंभ और सुधासागर जी सभागार की स्थापना हो सकी।</p>
<p>जब कानपुर आया तो मेरे मन में यहां भी कोटा जैसा ही कुछ करने की इच्छा थी। संत शिरोमणि का मार्गदर्शन मिला और हमने विश्वविद्यालय में आचार्य विद्यासागर सुधासागर जैन शोध पीठ की स्थापना की। यह शोधपीठ में जैन दर्शन और प्राकृत भाषा के संरक्षण एवं शोध में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। यह शोध पीठ जैन समाज की आध्यात्मिक विरासत को शैक्षणिक मंच प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।</p>
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		<title>प्रो. विनय पाठकः रचा इतिहास, लगातार आठवीं बार संभालेंगे कुलपति की जिम्मेदारी</title>
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		<pubDate>Thu, 08 Apr 2021 16:26:37 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>2009 से तीन राज्यों के नामचीन विश्वविद्यालयों के कुलपति बनाए जा चुके हैं प्रो. पाठक आठवीं बार में कानपुर के छत्रपति साहू जी महाराज विश्ववविद्यालयों की मिली है जिम्मेदारी  कोटा. वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय और राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार पाठक को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी यूनीवर्सिटी छत्रपति &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/prof-vinay-pathak-became-the-chancellor-of-chhatrapati-sahu-ji-maharaj-university-kanpur/6388/">प्रो. विनय पाठकः रचा इतिहास, लगातार आठवीं बार संभालेंगे कुलपति की जिम्मेदारी</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;">2009 से तीन राज्यों के नामचीन विश्वविद्यालयों के कुलपति बनाए जा चुके हैं प्रो. पाठक</span></li>
<li><span style="color: #ff0000;">आठवीं बार में कानपुर के छत्रपति साहू जी महाराज विश्ववविद्यालयों की मिली है जिम्मेदारी </span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कोटा.</strong></span> वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय और राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके प्रोफेसर डॉ. विनय कुमार पाठक को उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी यूनीवर्सिटी छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर का कुलपति नियुक्त किया गया है। वर्तमान उच्च शिक्षा जगत के प्रकाश स्तम्भों में से एक प्रोफेसर पाठक को कुलपति बनाए जाने का आदेश उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल जी ने गुरुवार को जारी किया। एकेटीयू के कुलपति का कार्यभार भी अग्रिम आदेशों तक उनके पास ही रहेगा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/madeinkota/kotacoaching/byjus-acquires-aakash-educational-services/6235/">Edtech इंडस्ट्री की सबसे बड़ी DEAL, एक अरब डॉलर में खरीदा आकाश इंस्टीट्यूट! </a> </strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बड़ा नाम, बड़ी जिम्मेदारी</strong></span><br />
प्रोफेसर पाठक को आगामी तीन वर्षों के लिए छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही अब्दुल क़लाम तकनीकी विश्वविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार भी अग्रिम आदेशों तक उन्हीं के पास रहेगा। गौरतलब है कि इससे पूर्व प्रोफेसर पाठक वर्ष 2009 में हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड  मुक्त विश्वविद्यालय, साल 2013 में राजस्थान के कोटा स्थित वर्धमान महावीर मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति बनाए गए थे। अगले ही साल वर्ष 2014 में ही उन्हें राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा और फिर वर्ष 2017 में हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-coaching/rajasthan-government-will-prepare-digital-database-online-register-of-kota-coaching-students/6079/">कोटा कोचिंग पर शिकंजा कसने के लिए सरकार ने राजकॉम्प को दिया 68 लाख का ठेका </a> </strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>एकेटीयू में मिले लगातार दो टर्म </strong></span><br />
इसके साथ ही प्रो. पाठक उत्तर प्रदेश के इकलौते तकनीकी विश्वविद्यालय डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश लखनऊ के साल साल 2015 में कुलपति नियुक्त किए गए थे। जहां उन्हों लगातार छह साल तक यानि दो टर्म कुलपति की जिम्मेदारी संभाली। इसके साथ ही प्रो. पाठक साल 2021 में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ के भी कुलपति रह चुके हैं। उच्च शिक्षा में प्रोफेसर पाठक के कार्यों की जमकर प्रशंसा की जाती है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/madeinkota/pride-of-kota/kota-kalam-ka-kuan-village-wrote-a-new-story-of-development/6377/">कलम का कुआं: अवैध शराब का अड्डा था कभी यह गांव, सरकारी योजनाओं ने बदल डाली सूरत </a> </strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>नवाचारों ने दिलाई शौहरत </strong></span><br />
प्रो. विनय पाठक को शिक्षा जगत में नवाचारों के लिए जाना जाता है। राजस्थान के इकलौते खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए उन्होंने ऑनलाइन एडमिशन की शुरुआत की थी। जिसका नतीजा यह हुआ कि जिस विश्वविद्यालय में छात्र संख्या आठ दस हजार तक नहीं पहुंच पाती थी वहां एक ही सत्र में एक से डेढ़ लाख विद्यार्थी दाखिला लेने लगे। दाखिला होते ही पाठ्य सामग्री घरों तक पहुंचाना। स्टूडेंट वन व्यू के जरिए छात्रों को घर बैठे ही दाखिले से लेकर पाठ्य सामग्री और परीक्षा परिणामों की ट्रेकिंग तक की सुविधा दी। इतना ही नहीं मुक्त शिक्षा के क्षेत्र में वीडियो लेक्चर रिकॉर्ड करवा कर उन्हें यूट्यूब के जरिए देश और दुनिया भर के छात्रों के लिए उपलब्ध कराने का देश में पहला नवाचार भी प्रो. पाठक ने ही किया। वीएमओयू का यह डिजिटल प्लेटफार्म को यूट्यूब से सिल्वर बटन हासिल करने के साथ ही हर साल हजारों डॉलर विदेशी मुद्रा भी कमाकर विश्वविदायल को देता है। इतना ही नहीं प्रो. पाठक ने राजस्थान संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देने के लिए नामचीन लेखकों और साहित्यकारों के साक्षात्कार खुद साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित कवि ओम नागर से रिकॉर्ड करवाए। जो अब विश्वविद्यालय की थाती हैं।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/lowered-price-of-auction-for-liquor-shops/6350/">सस्ती हुई शराब! आबकारी विभाग ने 35 फीसदी तक घटाई कीमतें </a> </strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>आसान नहीं था एकेटीयू को संभालना </strong></span><br />
प्रो. पाठक को चौथे कुलपति के तौर पर देश के सबसे बड़े प्रदेश के इकलौते प्रावधिक विश्वविद्यालय एकेटीयू का कुलपति बनाया गया तो वहां के हालात बेहद खराब थे। कुकुरमुत्तों की तरह उत्तर प्रदेश के गांव-खेतों में खुले इंजीनियरिंग और बिजनेस मैनेजमेंट कॉलेज नकल, फर्जी दाखिले और वजीफे हड़पने के लिए खासे बदनाम थे। लेकिन, प्रो. पाठक ने दाखिले से लेकर परीक्षा परिणाम तक की पूरी प्रक्रिया का डिजिटलाइजेशन कर उनकी ऐसी नकेल कसी कि पूरा कॉलेज माफिया धराशाई हो गया। इसी के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें एक कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरी बार भी कुलपति की जिम्मेदारी सौंपी।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/prof-vinay-pathak-became-the-chancellor-of-chhatrapati-sahu-ji-maharaj-university-kanpur/6388/">प्रो. विनय पाठकः रचा इतिहास, लगातार आठवीं बार संभालेंगे कुलपति की जिम्मेदारी</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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