<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Mass Resignation Against Sachin Pilot Reason Archives - TIS Media</title>
	<atom:link href="https://tismedia.in/tag/mass-resignation-against-sachin-pilot-reason/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://tismedia.in/tag/mass-resignation-against-sachin-pilot-reason/</link>
	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
	<lastBuildDate>Mon, 26 Sep 2022 04:24:19 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/04/cropped-tis-media-logo-scaled-2-32x32.jpg</url>
	<title>Mass Resignation Against Sachin Pilot Reason Archives - TIS Media</title>
	<link>https://tismedia.in/tag/mass-resignation-against-sachin-pilot-reason/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>कांग्रेस के सियासी संकट को भाजपा ने बताया &#8220;इस्तीफों का सियासी पाखंड&#8221;</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Sep 2022 04:05:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[ashok gehlot]]></category>
		<category><![CDATA[ashok Gehlot MLA]]></category>
		<category><![CDATA[Bharatiya Janata Party]]></category>
		<category><![CDATA[Cm Ashok Gehlot]]></category>
		<category><![CDATA[Mass Resignation Against Sachin Pilot Reason]]></category>
		<category><![CDATA[rajasthan 90 mla resign]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan BJP]]></category>
		<category><![CDATA[rajasthan congress]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[rajasthan news]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Political Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Politics]]></category>
		<category><![CDATA[sachin Pilot as CM]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12323</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Jaipur राजस्थान में कांग्रेस के सियासी संकट ने विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को गहलोत सरकार को घेरने का सबसे आसान मौका दे दिया है। सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों को भाजपा ने भ्रष्टाचारियों को बचाने की रिटायरमेंट पॉलिसी तक करार दे दिया है। भाजपा &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/">कांग्रेस के सियासी संकट को भाजपा ने बताया &#8220;इस्तीफों का सियासी पाखंड&#8221;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Jaipur</span></strong> राजस्थान में कांग्रेस के सियासी संकट ने विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को गहलोत सरकार को घेरने का सबसे आसान मौका दे दिया है।</p>
<p>सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों को भाजपा ने भ्रष्टाचारियों को बचाने की रिटायरमेंट पॉलिसी तक करार दे दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि बीते पांच साल से राजस्थान में सरकार या तो होटलों में मिलती है या फिर राजभवन में। इसके बाद जो वक्त बचता है वो दिल्ली में दरबार लगा कर बर्बाद किया जा रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/">राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>राजस्थान में लगेगा राष्ट्रपति शासन!</strong></span><br />
राजस्थान में ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि ऐसे हालाज राज्य में राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं। भाजपा के वरिष्&#x200d;ठ नेता और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने रविवार रात को कहा कि राज्य में मौजूदा राजनीतिक हालात राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं। राठौड़ ने ट्वीट किया, &#8216;राजस्थान में मौजूदा राजनीतिक हालात राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी, आप नाटक क्यों कर रहे हों। मंत्रिमंडल के इस्तीफे के बाद अब देरी कैसी। आप भी इस्तीफा दे दीजिए।&#8217; गहलोत समर्थक विधायकों के अपना इस्&#x200d;तीफा विधानसभा अध्&#x200d;यक्ष डॉ. सीपी जोशी को सौंपे जाने की खबरों पर उन्&#x200d;होंने कहा, &#8216;किसके इशारे पर त्यागपत्र देने का खेल चल रहा है इसे जनता भली-भांति समझ चुकी है। इस्तीफा-इस्तीफा का खेल कर समय जाया ना करें, अगर इस्तीफा देना ही है तो मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग का प्रस्ताव राज्यपाल महोदय को तत्काल भेजें।&#8217;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-politics-revolt-in-rajasthan-congress-90-mlas-resigned/12316/">Rajasthan Politics: गहलोत समर्थक विधायकों का विद्रोह, 90 ने दिया इस्तीफा</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">पूनियां बोले- यह इस्तीफों का सियासी पाखंड</span></strong><br />
भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनियां ने ताजा घटनाक्रम पर ट्वीट किया, &#8216;रुझान आने प्रारंभ… 2023 में जय भाजपा-तय भाजपा&#8217;। एक अन्य ट्वीट में उन्&#x200d;होंने कहा, &#8216;इतनी अनिश्चितता तो आज भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच में भी नहीं है, जितनी राजस्थान की कांग्रेस पार्टी में नेता को लेकर है। विधायकों की बैठकें अलग चल रही है, इस्तीफों का सियासी पाखंड अलग चल रहा है। ये क्या राज चलाएंगे, कहां ले जाएंगे ये राजस्थान को, अब तो भगवान बचाए राजस्थान को…।&#8217;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-ready-to-become-the-national-president-of-congress/12273/">ना नहीं कहूंगा: बड़ी जिम्मेदारी के लिए गहलोत तैयार, खुलकर पेश की दावेदारी</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">गजेन्द्र सिंह का &#8216;बाड़ाबंदी&#8217; पर तंज</span></strong><br />
वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, &#8216;बाड़ेबंदी की सरकार ..एक बार फिर बाड़े में जाने को तैयार।&#8217; उल्&#x200d;लेखनीय है कि दो साल पहले राजनीतिक संकट खड़ा होने पर कांग्रेस के विधायक महीने भर से अधिक समय तक विभिन्&#x200d;न होटलों में रहे थे जिसे स्&#x200d;थानीय भाषा में &#8216;बाड़ाबंदी&#8217; कहा गया था।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/">कांग्रेस के सियासी संकट को भाजपा ने बताया &#8220;इस्तीफों का सियासी पाखंड&#8221;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 26 Sep 2022 03:34:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[ashok gehlot]]></category>
		<category><![CDATA[ashok Gehlot MLA]]></category>
		<category><![CDATA[Cm Ashok Gehlot]]></category>
		<category><![CDATA[Mass Resignation Against Sachin Pilot Reason]]></category>
		<category><![CDATA[rajasthan 90 mla resign]]></category>
		<category><![CDATA[rajasthan congress]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Political Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan Politics]]></category>
		<category><![CDATA[sachin Pilot as CM]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12319</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Jaipur हर तरफ यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर राजस्थान में चल क्या रहा है? गहलोत समर्थक विधायकों के विधानसभा स्पीकर को इस्तीफा सौंपने का क्या असर होगा? क्या राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर कोई खतरा पैदा हो गया है? इसके अलावा अगर सचिन पायलट अलग-थलग पड़ जाते हैं तो उनके पास आगे क्या &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/">राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Jaipur</span></strong> हर तरफ यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर राजस्थान में चल क्या रहा है? गहलोत समर्थक विधायकों के विधानसभा स्पीकर को इस्तीफा सौंपने का क्या असर होगा? क्या राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर कोई खतरा पैदा हो गया है? इसके अलावा अगर सचिन पायलट अलग-थलग पड़ जाते हैं तो उनके पास आगे क्या विकल्प होंगे? आइये जानते हैं, राजस्थान में चल रही सियासी ड्रामेबाजी का हर वो पहलू जिसका आपकी जिंदगी पर भी असर पड़ेगा।</p>
<p>कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी शुरू ही हुई थीं कि राजस्थान में पार्टी में नया अंदरूनी ड्रामा शुरू हो गया। दरअसल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के एलान के बाद ही सचिन पायलट को यह पद मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, गहलोत समर्थक विधायकों ने उन्हें नेता मानने से इनकार कर दिया और अपना इस्तीफा लेकर विधानसभा स्पीकर के पास पहुंच गए। राहुल गांधी के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत का हवाला देते हुए सचिन पायलट ने सीएम पद के लिए दावेदारी पेश की है। वहीं, गहलोत गुट ने पायलट को रोकने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। गहलोत समर्थक विधायकों ने कहा है कि सिर्फ अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बनेंगे, अगर वे इस पद पर नहीं रहे तो सरकार खतरे में आ जाएगी। इतना ही नहीं पार्टी की बैठक में मांग उठी है कि 2020 में बगावत करने वाले 18 विधायकों में से किसी को भी</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-politics-revolt-in-rajasthan-congress-90-mlas-resigned/12316/">Rajasthan Politics: गहलोत समर्थक विधायकों का विद्रोह, 90 ने दिया इस्तीफा</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>क्या है राजस्थान में विधानसभा का गणित?</strong></span><br />
राजस्थान में मौजूदा समय में 200 विधानसभा सीटें हैं और कोई भी सीट खाली नहीं है। यानी राज्य में बहुमत का आंकड़ा 101 विधायकों का है। सबसे ज्यादा 108 विधायक कांग्रेस के पास हैं। इसके बाद भाजपा के पास 71 विधायक हैं। इसके बाद 13 विधायक निर्दलीय हैं। इनमें से अधिकतर का समर्थन कांग्रेस के पास है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के पास 3 एमएलए हैं। वहीं भारतीय ट्राइबल पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पास 2-2 विधायक हैं। राष्ट्रीय लोकदल के पास 1 विधायक है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/cover-stories/know-about-pfi-and-why-nia-raids-across-the-country/12301/">NIA Raid on PFI: क्या है PFI और इसके ठिकानों पर NIA ने क्यों की देश भर में छापेमारी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>इस्तीफा सौंपने का क्या असर होगा?</strong></span><br />
आमतौर पर किसी विधायक को विधानसभा से अपनी सदस्यता छोड़ने के लिए एक तय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। संविधान के अनुच्छेद 190 (3)(b) के तहत अगर किसी विधायक को अपनी सीट छोड़नी है तो वह स्पीकर को चिट्ठी लिखकर इस्तीफा दे सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तभी होगी, जब विधानसभा अध्यक्ष इस्तीफा मंजूर कर ले।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/india/newspaper-advertisement-viral-on-social-media-man-lost-death-certificate/12308/">इट हैपंस ओनली इन इंडिया: &#8216;मेरा डेथ सर्टिफिकेट खो गया है&#8230; मिले तो लौटा देना&#8217;</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">क्या-क्या हैं संभावनाएं</span></strong><br />
<span style="color: #ff0000;"><strong>1. भाजपा की सरकार कैसे बन सकती है?</strong></span><br />
राजस्थान की बात करें तो कहा जा रहा है कि कांग्रेस के 80 से ज्यादा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंप दिया है। अगर इस संख्या को 80 मान लिया, तो पार्टी के पास राजस्थान में सिर्फ 28 विधायक बचेंगे। अगर स्पीकर इन 80 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लें, तो राजस्थान में विधानसभा सदस्यों की संख्या 120 पहुंच जाएगी। इस स्थिति में भाजपा 71 सीटों के साथ सदन में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाएगी और राजस्थान में नई सरकार का गठन होगा। इस स्थिति में अगर पार्टी को किसी से समर्थन नहीं मिलता है तो भी उसकी सरकार बनी रहेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/nia-and-ed-raid-on-pfi/12282/">PFI के खिलाफ 10 राज्यों में NIA और ED की छापेमारी, 100 से ज्यादा संदिग्ध गिरफ्तार</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">2. स्पीकर मंजूर न करें इस्तीफा?</span></strong><br />
एक संभावना यह भी है स्पीकर विधायकों का इस्तीफा मंजूर न करें। जब तक विधानसभा अध्यक्ष संतुष्ट न हो जाएं कि विधायकों ने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है, तब तक वह इस्तीफा मंजूर करने से इनकार भी कर सकते हैं। माना जा रहा है कि गहलोत कैंप फिलहाल इसी तरकीब को अपना रहा है। स्पीकर की कुर्सी पर सीपी जोशी हैं, जो कि गहलोत कैंप की ओर से सीएम पद के सबसे बड़े दावेदार हैं। ऐसे में संभावना है कि गहलोत कैंप अपना सीएम बनाए रखने और पायलट को इस पद पर न आने देने के लिए आलाकमान को संदेश दे रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/congress-president-election-update/12250/">Congress President: राहुल गांधी, अशोक गहलोत या शशि थरुर&#8230; किसके हाथ में होगी कांग्रेस की पतवार?</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">3. क्या कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है?</span></strong><br />
इस पूरे खेल में भाजपा बड़ा रोड़ा अटका सकती है। इस पूरे खेल के बीच अगर भाजपा विधानसभा में कांग्रेस के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करती है और बहुमत परीक्षण की मांग करती है तो गहलोत सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, इस स्थिति में कांग्रेस को बहुमत साबित करना होगा। हालांकि, यहां से आगे का खेल सचिन पायलट की सियासी पकड़ पर निर्भर होगा। अगर पायलट कांग्रेस के दो-तिहाई विधायकों को तोड़ लेते हैं और भाजपा को समर्थन देते हैं तो बिना दल-बदल कानून की जद में आए वे अपनी विधायकी बचा सकते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/bjp-will-contest-the-assembly-elections-in-gujarat-on-the-formula-of-up/12288/">Gujarat Assembly Election 2022: यूपी के फार्मूले से भाजपा फिर फतेह करेगी गुजरात</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>4.लग सकता है राष्ट्रपति शासन </strong></span><br />
हालांकि, अगर पायलट इससे कम विधायक भी तोड़ते हैं और अपने समर्थक विधायकों (करीब 20-30 विधायकों) से इस्तीफा भी करवा लेते हैं, तो कांग्रेस के पास 78-88 सीटें बचेंगी और वह अल्पमत में आ जाएगी। इस स्थिति में भाजपा (71 विधायक) निर्दलीयों और अन्य पार्टियों के साथ बहुमत हासिल कर सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है। अगर इस स्थिति में सरकार गठन नहीं हो पाता है और दोनों ही पार्टियां अल्पमत में रहती हैं तो राज्यपाल विधानसभा को भंग कर सकते हैं और राष्ट्रपति शासन की अपील कर सकते हैं। अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नए सिरे से चुनाव लड़ेंगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-ready-to-become-the-national-president-of-congress/12273/">ना नहीं कहूंगा: बड़ी जिम्मेदारी के लिए गहलोत तैयार, खुलकर पेश की दावेदारी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>5.गहलोत किंग तो हैं, किंग मेकर नहीं </strong></span><br />
राजनीति के जानकारों का मानना है कि गहलोत समर्थक विधायक विद्रोह के बाद सरकार गिराने की स्थिति में तो हैं, मगर बनाने की नहीं। सरकार बनाने के लिए 101 विधायकों की जरूरत है। 90 उनके साथ हैं, मगर 28 विधायक गहलोत समर्थकों के साथ जाने के बजाय विधायक दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। ऐसे में कहा जा सकता है कि वे पायलट समर्थक ही होंगे। यदि वे गहलोत के खेमे में नहीं गए तो वे सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा नहीं पा सकते। दूसरी तरफ, पायलट अगर इन विधायकों को लेकर भाजपा से मिल जाएं तो आसानी से सरकार बना सकते हैं, क्योंकि भाजपा के पास 73 विधायक हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/">राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
