<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Open University Kota Archives - TIS Media</title>
	<atom:link href="https://tismedia.in/tag/open-university-kota/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://tismedia.in/tag/open-university-kota/</link>
	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
	<lastBuildDate>Fri, 17 Jun 2022 16:21:17 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/04/cropped-tis-media-logo-scaled-2-32x32.jpg</url>
	<title>Open University Kota Archives - TIS Media</title>
	<link>https://tismedia.in/tag/open-university-kota/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>VMOU: राजभवन के आदेशों की कुलपति गोदारा ने की फिर अवहेलना, बनाईं मनमानी कमेटियां</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-vice-chancellor-r-l-godara-again-disobeyed-the-orders-of-raj-bhavan/12046/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=vmou-vice-chancellor-r-l-godara-again-disobeyed-the-orders-of-raj-bhavan</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-vice-chancellor-r-l-godara-again-disobeyed-the-orders-of-raj-bhavan/12046/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jun 2022 15:20:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Campus]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[Highly confidential files of VMOU leaked]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Open University Kota]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[Vardhman Mahaveer Open University]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU students Personal Data leaked]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12046</guid>

					<description><![CDATA[<p>कार्यकाल के अंतिम दिनों में ले रहे नीतिगत फैसले, मनमानी जांच कमेटियां बनाने में जुटे कुलपति गोदारा राजभवन ने 1 फरवरी और 3 जून को पत्र भेजकर लगाई थी रोक, राजभवन के आदेशों को भी बताया धत्ता  TISMedia@Kota चौतरफा भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आरएल गोदारा अब पूरी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-vice-chancellor-r-l-godara-again-disobeyed-the-orders-of-raj-bhavan/12046/">VMOU: राजभवन के आदेशों की कुलपति गोदारा ने की फिर अवहेलना, बनाईं मनमानी कमेटियां</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>कार्यकाल के अंतिम दिनों में ले रहे नीतिगत फैसले, मनमानी जांच कमेटियां बनाने में जुटे कुलपति गोदारा</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>राजभवन ने 1 फरवरी और 3 जून को पत्र भेजकर लगाई थी रोक, राजभवन के आदेशों को भी बताया धत्ता </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong></span> चौतरफा भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आरएल गोदारा अब पूरी मनमानी पर उतारू हैं। राजभवन के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अगर उनके गलत कामों का विरोध किया जाता है तो उसे बेइज्जत करते हैं और बाहरी व्यक्तियों से फाइलों का परीक्षण करावाकर उसे नोटिस देते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/highly-confidential-files-of-vmou-leaked-to-third-party/12044/">नाथी का बाड़ा: VMOU से चोरी हो रहीं अति गोपनीय पत्रावलियां, रोकने को रजिस्ट्रार ने निकाला आदेश</a></strong></p>
<p>शुक्रवार शाम को कुलपति गोदारा ने राजभवन द्वारा नीतिगत फैसले करने पर जो रोक लगाई गई थी, उस आदेश को एक बार फिर तार-तार कर डाला। कुलपति गोदारा ने एमपीडी विभाग में किताबों को छापने वाली कंपनी सरस्वती प्रेस मथुरा के बकाए के भुगतान के लिए 20 जनवरी 2022 को हुई प्रबंध मंडल की 100वीं बैठक में सूचित किया था कि एक आंतरिक कमेटी गठित कर भुगतान के मामले में तथ्यात्मक गणना व टिप्पणी को अगली प्रबंध मंडल की बैठक में विचार के लिए रखा जाएगा। इस बाबत कुलपति गोदारा ने प्रोफेसर यूसी सांखला की अध्यक्षता में एक भारी-भरकम 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। गौर करने वाली बात यह है कि बोर्ड की बैठक में आंतरिक स्तर पर कमेटी बनाने की बात कही गई थी, लेकिन इसमें तीन बाहरी सदस्यों को रखा गया। इनमें प्रोफेसर सांखला के अलावा संपत लाल सोनगरा और वीएमओयू एलुमिनाई एसोशिएसन के अध्यक्ष अरूण त्यागी को भी कुलपति गोदारा ने जबरन सदस्य बनाया। जबकि त्यागी विश्वविद्यालय के कर्मचारी नहीं हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked/12008/">VMOU: 30 लाख छात्रों का पर्सनल डाटा बेचने की साजिश, फोन, आधार और बैंक डिटेल भी शामिल</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बैठक का मुद्दा ही बदल डाला</strong></span><br />
कमेटी की फरवरी से अब तक छह बैठकें आयोजित की गई थीं, लेकिन तथ्यात्मक गणना और टिप्पणी का काम छोड़कर बाकी सारा काम किया गया। 17 जून 2022 को विश्वविद्यालय में हुई इस कमेटी की बैठक में कुलपति के दबाव में बैठक का ‘टर्म आफ रिफरेंस’ ही बदल दिया गया। हालांकि मजे की बात यह रही कि कमेटी के पांच सदस्य प्रस्ताव के विरोध में थे और केवल चार सदस्य ही प्रस्ताव के पक्ष में थे। बाद में कमेटी अध्यक्ष ने घालमेल कर ‘‘टर्म आफ रिफरेंस’’ बदलने का निर्णय कर दिया और कुलपति गोदारा ने पूरी कमेटी के समेकित फैसले को दरकिनार कर कमेटी के अध्यक्ष प्रोफेसर सांखला के फैसले का एकतरफा अनुमोदन भी कर दिया। इस फैसले से विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है। गौरतलब हो कि बीती 3 जून 2022 को ही विश्वविद्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों का मनमाने तरीके से तबादला करने के प्रकरण में राजभवन की फटकार खा चुके कुलपति गोदारा अब भी अपनी मनमानी करने से चूक नहीं रहे हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/228-lakhs-rupees-disappeared-from-the-financial-accounts-of-vmou/11301/">VMOU: खजाने में लगी 228.91 लाख की सेंध, न खजाना मिल रहा है न खजांची</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">परीक्षा परिणाम से मतलब नहीं, सियासत पर जोर </span></strong><br />
राजभवन ने 1 फरवरी 2022 को राज्य के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों के लिए निकाले गए पत्र का हवाला देते हुए कड़ा निर्देश दिया था कि कार्यकाल के अंतिम तीन महीनों में कुलपतिगण कोई नीतिगत निर्णय न करें। बावजूद इसके प्रोफेसर गोदारा पर राजभवन के आदेशों का कोई असर नहीं हो रहा है और वह लगातार उन आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। विवि के सूत्रों का कहना है कि कुलपति गोदारा की मनमानी से अधिकारी-कर्मचारी तो परेशान हैं ही साथ ही राज्य सरकार की भी किरकिरी हो रही है। हजारों छात्रों के रिजल्ट लंबित हैं और दिसंबर 2020 तथा जनवरी 2021 से परीक्षाएं न होने से लाखों छात्र सड़कों पर घूम रहे हैं तथा धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-vice-chancellor-r-l-godara-again-disobeyed-the-orders-of-raj-bhavan/12046/">VMOU: राजभवन के आदेशों की कुलपति गोदारा ने की फिर अवहेलना, बनाईं मनमानी कमेटियां</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-vice-chancellor-r-l-godara-again-disobeyed-the-orders-of-raj-bhavan/12046/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नाथी का बाड़ा: VMOU से चोरी हो रहीं अति गोपनीय पत्रावलियां, रोकने को रजिस्ट्रार ने निकाला आदेश</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/highly-confidential-files-of-vmou-leaked-to-third-party/12044/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=highly-confidential-files-of-vmou-leaked-to-third-party</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/highly-confidential-files-of-vmou-leaked-to-third-party/12044/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jun 2022 14:31:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Jaipur]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Kota]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Highly confidential files of VMOU leaked to third party]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Open University Kota]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[Vardhman Mahaveer Open University]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU students Personal Data leaked]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12044</guid>

					<description><![CDATA[<p>छात्रों के डाटा के बाद अब विश्वविद्यालय कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड तक पहुंचे बाहरी लोगों के हाथ  एक आला अफसर के इशारे पर थर्ड पार्टी तक पहुंचा रहीं अति गोपनीय पत्रावलियां, रिकॉर्ड तक नहीं होता दर्ज  TISMedia@Kota वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) इन दिनों नाथी का बाड़ा बना हुआ है। 30 लाख छात्रों का निजी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/highly-confidential-files-of-vmou-leaked-to-third-party/12044/">नाथी का बाड़ा: VMOU से चोरी हो रहीं अति गोपनीय पत्रावलियां, रोकने को रजिस्ट्रार ने निकाला आदेश</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>छात्रों के डाटा के बाद अब विश्वविद्यालय कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड तक पहुंचे बाहरी लोगों के हाथ </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>एक आला अफसर के इशारे पर थर्ड पार्टी तक पहुंचा रहीं अति गोपनीय पत्रावलियां, रिकॉर्ड तक नहीं होता दर्ज </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong></span> वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) इन दिनों नाथी का बाड़ा बना हुआ है। 30 लाख छात्रों का निजी डाटा चोरी करने की कोशिशों के बाद अब बाहरी लोगों के हाथ विश्वविद्यालय के अति गोपनीय दस्तावेजों तक जा पहुंचे हैं। आलम यह है कि एक आला अफसर के इशारे पर वीएमओयू के नीतिगत फैसलों से जुड़े अति गोपनीय दस्तावेज ही नहीं विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, अफसरों और शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड तक बाहरी लोग (थर्ड पार्टी) फोटो स्टेट कर विश्वविद्यालय से बाहर ले जा रहे हैं। TIS Media के खुलासे के बाद वीएमओयू के कुलसचिव ने शुक्रवार को आदेश जारी कर थर्ड पार्टी को किसी भी तरह के रिकॉर्ड और डाटा देने पर रोक लगा दी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked/12008/">VMOU: 30 लाख छात्रों का पर्सनल डाटा बेचने की साजिश, फोन, आधार और बैंक डिटेल भी शामिल</a></strong></p>
<p>राजस्थान की इकलौती ओपन यूनिवर्सिटी में अराजकता चरम पर है। बाहरी लोगों का दखल (थर्ड पार्टी) इस कदर बढ़ चुका है कि उसे रोकने के लिए विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को आदेश तक निकालना पड़ रहा है। दरअसल, सूत्रों के हवाले से कुछ दिन पहले TIS Media को जानकारी मिली थी कि विश्वविद्यालय के एक आला अफसर विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों, अफसरों और शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड ही नहीं विश्वविद्यालय के टेंडर और खरीद प्रक्रिया से जुड़ी अति गोपनीय पत्रावलियां अपने दफ्तर ही नहीं घर पर भी मंगवा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह थी कि जिन विभागों से यह पत्रावलियां मंगवाई जा रही थीं, वहां की आवक-जावक पंजिकाओं पर इस जानकारी को दर्ज न करने की सख्त हिदायत दी गई थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/228-lakhs-rupees-disappeared-from-the-financial-accounts-of-vmou/11301/">VMOU: सीखो और कमाओ नहीं &#8220;लूटो और खाओ&#8221; सरकार सो रही है&#8230;</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>&#8220;थर्ड पार्टी&#8221; को दिए जा रहे थे दस्तावेज </strong></span><br />
सूत्रों ने बताया कि आला अफसर के घर और दफ्तर भेजे जाने वाली इन अति गोपनीय पत्रावलियों का बाहरी लोग (थर्ड पार्टी) घंटों अवलोकन करते हैं। इतना ही नहीं कई रिकॉर्ड अवैध रूप से फोटो स्टेट कर वह अपने साथ भी लेकर जा रहे हैं। इस काम को अंजाम देने के लिए कोटा ही नहीं जयपुर तक से लोग आ रहे हैं। जिन लोगों को अवैध रूप से विश्वविद्यालय के अति गोपनीय दस्तावेज दिए जा रहे हैं उनमें से कुछ लोगों से जुड़ी फर्मों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) तक में मामले दर्ज हैं। वहीं कुछ लोग इन अवैध दस्तावेजों को आधार बनाकर विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के खिलाफ सरकार को झूठी शिकायतें भी भिजवा रहे हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/228-lakhs-rupees-disappeared-from-the-financial-accounts-of-vmou/11301/">VMOU: खजाने में लगी 228.91 लाख की सेंध, न खजाना मिल रहा है न खजांची</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>पहले बोला आरटीआई, फिर निकाला रोक का आदेश </strong></span><br />
वीएमओयू के अति गोपनीय दस्तावेजों की चोरी और अवैध निकासी की जानकारी मिलने के बाद TIS Media ने यूनिवर्सिटी के कस्टोडियन ऑफ रिकॉर्ड यानि कुलसचिव से इस बाबत जानकारी मांगी। कार्यवाहक कुलसचिव महेश मीणा ने यह तो माना कि बाहरी लोग विश्वविद्यालय परिसर में आकर गोपनीय दस्तावेजों की छायाप्रति करवा रहे हैं, लेकिन अपना बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि इस बाबत उन लोगों ने आरटीआई में सूचना मांगी थी। हालांकि, जब उनसे सूचना के अधिकार में जानकारी मांगने के बदले विश्वविद्यालय में जमा किए गए शुल्क और विभिन्न विभागों द्वारा अति गोपनीय पत्रावलियां और कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड की आवक और जावक का इंद्राज रजिस्टर दिखाने को कहा गया तो वह बगलें झांकने लगे। आला अफसर के मौखिक निर्देशों पर अति गोपनीय पत्रावलियां और सर्विस रिकॉर्ड की चोरी का मामला बनता देख आखिरकार रजिस्ट्रार ने शुक्रवार को परिपत्र जारी कर थर्ड पार्टी को किसी भी तरह का रिकॉर्ड और डाटा न दिए जाने का आदेश निकाल दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/education-kota-news/vmou-vice-chancellor-prof-rl-godara-accused-of-irregularities-governor-sets-up-high-level-inquiry/11284/">VMOU: कुलपति पर घोटाले की आंच, राज्यपाल ने बिठाई उच्च स्तरीय जांच</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>रजिस्ट्रार ने दी चेतावनी </strong></span><br />
वीएमओयू के कुलसचिव महेश मीणा ने 17 जून 2022 को पत्र क्रमांक एफ.2/वमखुवि/स्था./ 022/1599 से परिपत्र जारी कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी। कुलसचिव ने परिपत्र में लिखा है कि वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा के सभी इकाई अध्यक्षों, निदेशक, क्षेत्रीय केन्द्र प्रभारी अधिकारियों एवं अनुभाग अधिकारियों से अनुरोध किया जाता है कि विश्वविद्यालय का किसी भी प्रकार का डाटा या रिकार्ड अद्योहस्ताक्षरकर्ता की पूर्व अनुमति के बिना किसी तृतीय पक्ष (Third Party) को नहीं दिया जाएगा। यदि किसी इकाई अध्यक्ष, प्रभारी अधिकारी, निदेशक, क्षेत्रीय केन्द्र एवं अनुभाग अधिकारी द्वारा किसी तृतीय पक्ष को अपने स्तर से विश्वविद्यालय का कोई डाटा या दस्तावेज साझा किया जाता है, तो उसके परिणाम के लिए संबंधित व्यक्ति खुद जिम्मेदार होगा। उक्त के अतिरिक्त सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया जाता है कि एक शाखा से दूसरी शाखा को भिजवायी जाने वाली पत्रावलियाँ भी जावक पंजिका में दर्ज की जाकर भिजवायी जावे तथा पावती प्राप्त की जावे। इस परिपत्र के जारी होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में डेरा जमाए बाहरी लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः<a href="https://tismedia.in/kota-news/vice-chancellor-of-vmou-who-issued-notice-to-the-media-is-not-responding-to-the-allegations-of-corruption/11359/"> VMOU: कुलपति जी! भ्रष्टाचार के आरोपों का मीडिया को जवाब नहीं, आपको &#8220;हिसाब&#8221; देना है</a></strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/highly-confidential-files-of-vmou-leaked-to-third-party/12044/">नाथी का बाड़ा: VMOU से चोरी हो रहीं अति गोपनीय पत्रावलियां, रोकने को रजिस्ट्रार ने निकाला आदेश</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/highly-confidential-files-of-vmou-leaked-to-third-party/12044/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>VMOU: 30 लाख छात्रों का पर्सनल डाटा बेचने की साजिश, फोन, आधार और बैंक डिटेल भी शामिल</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked/12008/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked/12008/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Jun 2022 16:46:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Campus]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[University]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Jaipur]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Kota]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Data of 30 lakh students of VMOU suspected to be leaked]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[MPD Director Karan Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Open University Kota]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[Vardhman Mahaveer Open University]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU Printing Scam]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU students Personal Data leaked]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=12008</guid>

					<description><![CDATA[<p>जयपुर तक मचा हड़कंप, राजभवन ने छात्रों का डाटा निजी हाथों में सौंपने पर लगाई रोक हाड़ौती संयुक्त छात्र मोर्चा के संयोजक नागेंद्र सिंह राणावत ने की राज्यपाल से शिकायत   TISMedia@Kota वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) के 30 लाख से ज्यादा छात्रों की निजी जानकारियां (डाटा) लीक हो सकती हैं। इस डाटा में छात्रों के &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked/12008/">VMOU: 30 लाख छात्रों का पर्सनल डाटा बेचने की साजिश, फोन, आधार और बैंक डिटेल भी शामिल</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>जयपुर तक मचा हड़कंप, राजभवन ने छात्रों का डाटा निजी हाथों में सौंपने पर लगाई रोक</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>हाड़ौती संयुक्त छात्र मोर्चा के संयोजक नागेंद्र सिंह राणावत ने की राज्यपाल से शिकायत </strong></span><span style="color: #ff0000;"><strong> </strong></span></li>
</ul>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Kota</span></strong> वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) के 30 लाख से ज्यादा छात्रों की निजी जानकारियां (डाटा) लीक हो सकती हैं। इस डाटा में छात्रों के नाम और पते ही नहीं, उनके फोन नंबर, आधार कार्ड और बैंक खातों के साथ ही पढ़ाई से जुड़ी तमाम अति संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं। वीएमओयू के छात्रों का डाटा लीक होने की भनक लगते ही राजभवन तक हड़कंप मच गया। राजभवन की फटकार के बाद रजिस्ट्रार ने छात्रों से जुड़ी कोई भी जानकारी अगले आदेश तक निजी हाथों में सौंपने पर रोक लगा दी है। हालांकि अभी तक कितने छात्रों का डाटा निजी हाथों में सौंपा गया है, इस बाबत विवि के अधिकारी स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं।</p>
<p>कौशल विकास के नाम पर 8 करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले के आरोपी वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) के कुलपति प्रो. रतन लाल गोदारा और ईएमपीसी (EDUCATIONAL MEDIA PRODUCTION CENTRE) निदेशक प्रो. बी अरुण कुमार के एक और कारनामे से पूरे राजस्थान में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय के दोनों आला अधिकारियों ने प्लेसमेंट एजेंसी, स्किल डवलपमेंट सेंटर और निजी शिक्षण संस्थान के संचालकों और अनएथिकल डाटा माइनिंग करने वालों के साथ मिलकर विश्वविद्यालय के करीब 30 लाख विद्यार्थियों का डेटा बेचने की साजिश रच डाली। पूरी साजिश को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि विश्वविद्यालय में किसी को भनक तक नहीं लगी। लेकिन, जब डाटा वैरिफिकेशन का काम शुरू हुआ तो पूरे मामले की कलई खुल गई।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>ऐसे रची गई साजिश </strong></span><br />
ईएमपीसी के निदेशक एवं परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी अरुण कुमार ने 8 जून 2022 को एक कार्यालय आदेश निकाला। जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना से लेकर अब तक पढ़ाई पूरी करने वाले सभी विद्यार्थियों का संपूर्ण डाटा (जिसमें उनके नाम, पते और फोन नंबर ही नहीं बैंक एकाउंट, पुराने विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों की जानकारी, आधार कार्ड आदि की जानकारी भी शामिल होती है) एलुमनाई एसोसिएशन को सौंपने के आदेश दिए थे। इस कार्यालय आदेश में उन्होंने आगे भी छात्रों का डाटा एलुमनाई एसोसिएशन को देने के निर्देश दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए पहले तो विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया, लेकिन प्रो. बी अरुण कुमार ने 14 जून को फिर से कार्यालय आदेश निकाल संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द डाटा सौंपने के मौखिक निर्देश दिए। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>गोदारा ने दिए थे निर्देश </strong></span><br />
वीएमओयू की स्थापना साल 1987 में हुई थी। जिसके बाद बीते 35 साल में करीब 30 लाख विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। राजस्थान ही नहीं देश भर में फैले छात्रों का डाटा निजी हाथों में सौंपने की वजह स्पष्ट न होने पर जब विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने सवाल उठाने शुरू किए तो प्रो. बी. अरुण कुमार ने एक और कार्यालय आदेश निकाल कर उसमें कुलपति प्रो. रतन लाल गोदारा का हवाला देते हुए लिखा कि यह सारा काम उनकी स्वीकृति से किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय के कुछ कर्मचारियों ने डाटा तैयार करना भी शुरू कर दिया, लेकिन एलुमनाई एसोसिएशन के नाम पर डाटा ले रहे अरुण त्यागी नाम के शख्स ने इसकी वैधता पर सवाल खड़ा करते हुए कुछ छात्रों को रैंडमली फोन कर डाटा वैरिफाई करने का दवाब डाला। विवि के कर्मचारियों ने जब उन्हें फोन किया तो छात्रों को गड़बड़ी की आशंका हुई और कुछ ने जब विवि आकर जानकारी जुटाई तो पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>राजभवन ने लगाई फटकार </strong></span><br />
वीएमओयू के लाखों विद्यार्थियों की निजी जानकारी (डाटा) लीक होने की भनक लगते ही हाड़ौती संयुक्त छात्र मोर्चा के संयोजक नागेंद्र सिंह राणावत ने कुलाधिपति कलराज मिश्रा को शिकायत मेल कर दी। राजभवन भेजी शिकायत में राणावत ने लिखा है कि कुलपति प्रो. रतन लाल गोदारा लगातार का सिर्फ 65 दिन का कार्यकाल बाकी बचा है, लेकिन वह नित नए घोटालों को अंजाम देने में लगे हैं। सीखो और कमाओ योजना में 8 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप में राजभवन, मुख्यमंत्री और एसीबी जांच कर रहे हैं। इसके बावजूद अब वह खुले बाजार में डाटा बेचने और डेटा माइनिंग करने वाले लोगों के साथ मिलकर वीएमओयू के लाखों छात्रों की अति संवेदनशील गोपनीय जानकारियां बेचने की कोशिश कर रहे हैं। किसी भी विद्यार्थी के बैंक खाते, आधारकार्ड और फोननंबर जैसी जानकारियां साइबर अपराधियों के हाथों में लग गई तो उन छात्रों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। इसलिए स्टूडेंट्स का डाटा निजी हाथों में दिए जाने पर रोक लगाई जाए। इसके साथ ही बाहरी व्यक्ति अरुण त्यागी को यह डाटा क्यों दिया जा रहा है इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। शिकायत मिलने के बाद राजभवन ने वीएमओयू के अफसरों की कड़ी फटकार लगाते हुए छात्रों का डाटा किसी को भी न दिए जाने के सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बाद रजिस्ट्रार महेश मीणा ने 15 जून 2022 को आदेश जारी कर वीएमओयू के विद्यार्थियों का डाटा किसी भी व्यक्ति या संस्था को दिए जाने पर रोक लगा दी।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>छात्र खुद भरते हैं एलुमनाई फार्म </strong></span><br />
नागेंद्र राणावत ने कुलाधिपति को जानकारी दी कि किसी भी छात्र का डाटा एलुमनाई एसोसिएशन से जुड़ने के नाम पर किसी भी निजी व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता। विवि के पोर्टल पर https://online.vmou.ac.in/Alumni.aspx लिंक दिया गया है। वीएमओयू के जिन छात्रों को एलुमनाई से जुड़ना होता है वह इस लिंक के जरिए अपना फार्म भर देते हैं। इस फार्म में सिर्फ जन्म तिथि और फोन नंबर मांगा जाता है न कि कोई निजी जानकारी। इतना ही नहीं स्वेच्छा से पंजीकरण कराने वाले छात्र ही यूनिवर्सिटी की एलुमनाई का हिस्सा हो सकते हैं। ऐसे में 30 लाख से ज्यादा छात्रों का डाटा बेचने की साजिश जान पड़ती है। इसलिए पूरे मामले की रिपोर्ट दर्ज करा उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked/12008/">VMOU: 30 लाख छात्रों का पर्सनल डाटा बेचने की साजिश, फोन, आधार और बैंक डिटेल भी शामिल</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/vmou-personal-data-of-30-lakh-students-suspected-to-be-leaked/12008/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>VMOU: 12 करोड़ के प्रिंटिंग घोटाले में एमपीडी का पूर्व निदेशक गिरफ्तार</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/crime/vmou-former-mpd-director-arrested-in-12-crore-printing-scam/10935/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=vmou-former-mpd-director-arrested-in-12-crore-printing-scam</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/crime/vmou-former-mpd-director-arrested-in-12-crore-printing-scam/10935/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Oct 2021 18:16:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[Education]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Jaipur]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Kota]]></category>
		<category><![CDATA[ACB Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Kota]]></category>
		<category><![CDATA[MPD Director Karan Singh]]></category>
		<category><![CDATA[Open University Kota]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[Vardhman Mahaveer Open University]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU Printing Scam]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10935</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Kota वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (Vardhman Mahaveer Open University) में हुए 12 करोड़ रुपए के प्रिंटिंग घोटाला में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने यूनिवर्सिटी के मटेरियल, प्रोडेक्शन एंड डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट के तत्कालीन डायरेक्टर और पब्लिकेशन कंपनी के मालिक को धर दबोचा। एसीबी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एसीबी कोर्ट में पेश किया। &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/crime/vmou-former-mpd-director-arrested-in-12-crore-printing-scam/10935/">VMOU: 12 करोड़ के प्रिंटिंग घोटाले में एमपीडी का पूर्व निदेशक गिरफ्तार</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong></span> वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (Vardhman Mahaveer Open University) में हुए 12 करोड़ रुपए के प्रिंटिंग घोटाला में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने यूनिवर्सिटी के मटेरियल, प्रोडेक्शन एंड डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट के तत्कालीन डायरेक्टर और पब्लिकेशन कंपनी के मालिक को धर दबोचा। एसीबी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एसीबी कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/mla-meena-kanwar-got-angry-after-cutting-the-challan-of-a-relative-who-was-driving-drunk/10929/">‘क्या हुआ थोड़ी पी ली तो’, रिश्तेदार का चालान काटने पर भड़की कांग्रेस MLA</a></strong></p>
<p>एकेडमिक सेशन 2016-17 के लिए वीएमओयू ने पाठ्य पुस्तकों की छपाई के लिए टेंडर निकाला था। टेंडर की शर्त थी कि वार्षिक टर्नओवर 12 करोड़ रुपए से ज्यादा वाली फर्म ही इसमें शामिल हो पाएगी। जबकि यूनिवर्सिटी ने न्यूनतम दर के आधार पर 18 पैसे प्रति पेज प्रिंटिंग दर देने वाली मथुरा की फर्म सरस्वती प्रेस को कार्यादेश जारी कर दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/knowledge/do-you-know/know-who-was-the-real-turram-khan/10920/">खुद को बड़ा तुर्रम खां समझते हो, जानिए आखिर कौन थे असली तुर्रम खां?</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>टेंडर नहीं मिला तो की शिकायत </strong></span><br />
इस टेंडर के लिए मथुरा के ही प्रज्ञा पब्लिकेशन ने भी टेंडर डाला था, लेकिन उसे टेंडर नहीं मिला। जिसके बाद प्रज्ञा पब्लिकेशन के प्रफुल्ल गोयल ने इस मामले में एसीबी को घोटाले की शिकायत दी। गोयल ने आरोप लगाया कि टेंडर की सबसे प्रमुख शर्त थी कि एनुअल टर्नओवर 12 करोड़ होना चाहिए था, लेकिन यूनिवर्सिटी ने महज 5 करोड़ एनुअल टर्नओवर वाली फर्म को टेंडर दे दिया है। इसके साथ ही टेंडर की शर्त के अनुसार जिस कागज पर प्रिंटिंग होनी थी, उससे घटिया स्तर के कागज पर पाठ्य पुस्तकों की छपाई की जा रही है। इससे वीएमओयू को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/uttar-pradesh-ayodhya-bjp-mla-khabbu-tiwari-sentenced-to-five-years-in-fake-marksheet-case/10932/">BJP: फिर लगी फर्जी मार्कशीट की आग, विधायक को पांच साल की सजा</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>एसीबी ने तीन लोगों को माना दोषी</strong></span><br />
शिकायत के आधार पर एसीबी कोटा ने साल 2017 में वीएमओयू के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी। मामले की जांच जांच बारां एसीबी को सौंपी गई। जांच में बारां एसीबी ने वीएमओयू के मटेरियल, प्रोडेक्शन एंड डिस्ट्रीब्यूशन डिपार्टमेंट (एमपीडी) के तत्कालीन निदेशक करण सिंह और तत्कालीन वित्त नियंत्रक सुरेश चंद्र के साथ साथ सरस्वती प्रिंटिंग प्रेस मथुरा के अमित अग्रवाल को दोषी पाया। आरोप साबित होने के बाद अमित अग्रवाल और करण सिंह को एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया और एसीबी कोर्ट कोटा में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। मामले में आरोपी बनाए गए वीएमओयू के बाकी सभी कर्मचारियों को एसीबी ने क्लीन चिट दे दी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/shivpal-yadav-announced-that-psp-will-not-merge-with-sp/10923/">UP Assembly Election 2022: भतीजे के आगे नहीं झुकेंगे चाचा&#8230;</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>शर्मा की गिरफ्तारी बाकी </strong></span><br />
वहीं दूसरी ओर मामले में वीएमओयू के पूर्व वित्त नियंत्रक एवं घोटाले के तीसरे आरोपी सुरेश चंद्र शर्मा की गिरफ्तारी अभी बाकी है। एसीबी ने पूर्व वित्त नियंत्रक को क्यों गिरफ्तार नहीं किया इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। जबकि इस मामले में सबसे बड़ी जिम्मेदारी उनकी ही बन रही थी। क्योंकि निविदाओं के दस्तावेजों के सत्यापन का काम शर्मा ने ही किया था।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/crime/vmou-former-mpd-director-arrested-in-12-crore-printing-scam/10935/">VMOU: 12 करोड़ के प्रिंटिंग घोटाले में एमपीडी का पूर्व निदेशक गिरफ्तार</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/crime/vmou-former-mpd-director-arrested-in-12-crore-printing-scam/10935/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नई पीढ़ की रीढ़ है दूरस्थ और डिजिटल शिक्षा: कलराज मिश्र</title>
		<link>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/31077-degrees-distributed-at-the-13th-convocation-of-the-vmou/3772/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=31077-degrees-distributed-at-the-13th-convocation-of-the-vmou</link>
					<comments>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/31077-degrees-distributed-at-the-13th-convocation-of-the-vmou/3772/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 21 Jan 2021 12:57:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Education News]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Kota Coaching]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Coaching City Kota]]></category>
		<category><![CDATA[kota Coaching]]></category>
		<category><![CDATA[Open University Kota]]></category>
		<category><![CDATA[University in Kota]]></category>
		<category><![CDATA[Vardhman Mahaveer Open University]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU Convocation]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=3772</guid>

					<description><![CDATA[<p>कुलाधिपति कलराज मिश्र ने की वीएमओयू के 13वां दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता 31,077 उपाधियां बांटी, तीन को पीएचडी और 69 टॉपर्स को मिला गोल्ड मेडल TISMedia@Kota. परंपरागत शिक्षा प्रणाली में अब बदलाव करने ही होंगे। कोविड-19 जैसे वायरसों के हमले ने हमें बता दिया है कि दूरस्थ और डिजिटल शिक्षा प्रणाली शिक्षा व्यवस्था की नई &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/31077-degrees-distributed-at-the-13th-convocation-of-the-vmou/3772/">नई पीढ़ की रीढ़ है दूरस्थ और डिजिटल शिक्षा: कलराज मिश्र</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>कुलाधिपति कलराज मिश्र ने की वीएमओयू के 13वां दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>31,077 उपाधियां बांटी, तीन को पीएचडी और 69 टॉपर्स को मिला गोल्ड मेडल</strong></span></li>
</ul>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Kota.</span></strong> परंपरागत शिक्षा प्रणाली में अब बदलाव करने ही होंगे। कोविड-19 जैसे वायरसों के हमले ने हमें बता दिया है कि दूरस्थ और डिजिटल शिक्षा प्रणाली शिक्षा व्यवस्था की नई पीढ़ी की रीढ़ है। इस रीढ़ को अब मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि गांव-गांव और ढ़ांणी-ढ़ांणी बैठे गरीब एवं कमजोर तबके के बच्चों को बेहद सरल और सस्ती शिक्षा सुलभ कराई जा सके। वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (<span style="color: #ff0000;">VMOU</span>) के 13वां दीक्षांत समारोह में गुरूवार 21 जनवरी को यह बात समारोह की अध्यक्षता कर रहे राजस्थान के राज्यपाल एवं विवि के कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कही।</p>
<p><a href="https://www.facebook.com/www.theinsidestories.in/videos/399750894589147"><span style="color: #0000ff;"><strong><span style="color: #000000;">Watch:</span> देखिए वीएमओयू के 13वें दीक्षांत समारोह का पूरा प्रसारण </strong></span></a></p>
<p>कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित हाड़ौती के पहले डिजिटल कन्वोकेशन को संबोधित करते हुए मिश्र ने बेटियों को पढ़ाने-लिखाने पर जोर देकर कहा कि बेटियां ही परिवारों की रीढ़ होती हैं और उनके शिक्षित होने पर परिवार और समाज में खुशहाली आएगी। राज्यपाल ने किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए विश्वविद्यालयों को कृषि आधारित पाठ्यक्रमों के संचालन पर जोर दिया।</p>
<p><a href="https://www.youtube.com/watch?v=3x_SoOZjcnk"><strong><span style="color: #000000;">Watch: </span><span style="color: #0000ff;">दुनिया की 13 सबसे ताकतवर महिलाएं, व्हाइट हाउस में करती हैं ये काम&#8230;</span></strong></a></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>वीएमओयू ने किया सराहनीय काम</strong></span></p>
<p>उन्होंने कहा कि महामारी के दौर में मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरी है और खुला विश्वविद्यालय ने इस दौरान छात्रों के हित में काफी सराहनीय कार्य किया है। सामाजिक सरोकारों में विश्वविद्यालयों द्वारा गांवों को गोद लेकर वहां विकास कार्य कराने की पहल को भी राज्यपाल ने सराहा। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तारीफ करते हुए कहा कि इससे व्यापक वर्ग का लाभ मिल सकेगा और लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सकेगा। हर व्यक्ति को अपने संविधान के मूल कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना एवं मूल कर्तव्यों का वाचन भी किया।</p>
<p><strong>Watch: <a href="https://www.youtube.com/watch?v=LTXtjspvmTY"><span class="style-scope yt-formatted-string" dir="auto" style="color: #0000ff;">एक मुसलमान ने बचाई थी महाराणा प्रताप की जान&#8230;</span></a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कौशल विकास पर देना होगा जोर</strong></span></p>
<p>मुख्य अतिथि व भारतीय विश्वविद्यालय संघ की महासचिव डॉ पंकज मित्तल ने अपने दीक्षांत भाषण में कहा कि राज्यपाल महोदय ने विश्वविद्यालयों में भारतीय संविधान के प्रति जो संचेतना पैदा की है वह सराहनीय कदम है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जन-जन की शिक्षा नीति कहा गया है और इसमें 2.5 करोड़ लोगों की सोच का परिणाम सामने लाया गया है। उन्होंने कहा कि अब पढ़ाई और कौशल विकास दोनों पर बराबर जोर देना होगा तभी रोजगार की आस पूरी हो सकेगी। डॉ मित्तल ने विदेशी विश्वविद्यालयों के भारत में आने और शोध फाउंडेशन बनाए जाने के कदम को काफी सराहनीय पहल बताया। डॉ मित्तल ने कोविड के दौरान किए गए कार्यों के एवज में खुला विश्वविद्यालय की जमकर प्रशंसा की।</p>
<p><strong>Watch:<a href="https://www.youtube.com/watch?v=3_GS-_-qX6c&amp;t=38s"><span class="style-scope yt-formatted-string" dir="auto" style="color: #0000ff;"> दिलों पर छा गए&#8230; मोदी के यह पांच अवतार&#8230;</span></a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>जल्द शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम</strong></span></p>
<p>विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आरएल गोदारा ने प्रगति प्रतिवेदन पढ़ा। उन्होंने बीते दीक्षांत समारोह से अब तक की उपलब्धियों को कुलाधिपति महोदय के समक्ष रखा। प्रो गोदारा के कार्यकाल में विश्वविद्यालय की छात्रों की संख्या में खासा बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल महोदय की प्रेरणा से हेल्थ और फिटनेस एवेयरनेस कार्यक्रम को विश्वविद्यालय द्वारा जल्द ही शुरू किया जाएगा। प्रो गोदारा ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग दिलाने के लिए विश्वविद्यालय के विजन को दोहराया।</p>
<p><strong>Watch: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://www.youtube.com/watch?v=_eEb7sQ8PTE&amp;t=92s">कोचिंग खुलते ही कोचिंग सिटी कोटा में लौटी रौनक</a></span></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>द इनसाइड स्टोरी ने किया लाइव</strong></span></p>
<p>दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल, आयोजना मंडल और विद्यापरिषद के सदस्यों के अलावा शिक्षक, अधिकारी व कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। <strong>TIS Media</strong> ने दीक्षांत समारोह का यू-ट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित ट्विच और पीएसआईसी टीवी जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफार्म पर सीधा प्रसारण भी किया। समारोह में सभी विद्यापीठों के निदेशक, कुलसचिव एसडी मीणा और संकाय सदस्य भी जोधपुरी परिधानों में दिखाई दिए।</p>
<p><strong>Watch: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://www.youtube.com/watch?v=195rHInMvbQ&amp;t=187s">आम नहीं, ये है कुबेर का खजाना </a></span></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>31,077 उपाधियां बांटी</strong></span></p>
<p>समारोह में दिसंबर 2018 और जून 2019 की परीक्षाओं की उपाधियों के अलावा अगस्त 2019 से जुलाई 2020 तक की पीएचडी की उपाधियां प्रदान गईं। इनमें पीएचडी की तीन डिग्रियां, स्नातकोत्तर की 18,866, स्नातक कार्यक्रम की 8,871, पीजी डिप्लोमा की 1,307 तथा डिप्लोमा कार्यक्रमों की 2,030 उपाधियां शामिल हैं। दोनों परीक्षाओं को मिलाकर कुल 31,077 उपाधियों का वितरण गया। सभी उपाधियों में सुरक्षा के फीचर्स भी समाहित किए गए हैं जिससे उनका दुरूपयोग नहीं हो सकेगा।</p>
<p><strong><span style="color: #000000;">Watch: </span><span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://www.youtube.com/watch?v=MZ1UIzzPTHE">उसने मानवता पर छाए संकटों का सालों पहले पता लगा लिया था</a></span></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>69 टॉपर्स को मिले स्वर्ण पदक</strong></span></p>
<p>कुलाधिपति ने विभिन्न विषयों में 69 टॉपर विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक भी वर्चुअल माध्यम से प्रदान किए। उन्होंने दो छात्राओं को कुलाधिपति पदक भी प्रदान किए। परीक्षा नियंत्रक प्रो. बी. अरूण कुमार ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते किसी भी दीक्षार्थी को विश्वविद्यालय में नहीं बुलाया गया और स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सूचित कर उनसे उनकी तस्वीरें मंगाई गई थीं, जिन्हें पीपीटी के माध्यम से प्रमाण पत्रों के साथ वर्चुअल तरीके से कुलाधिपति महोदय के सामने प्रस्तुत किया गया तथा उन्होंने सभी को उपाधियां प्रदान कीं।</p>
<p><strong><span style="color: #3366ff;"><span style="color: #000000;">Watch:</span> <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://www.youtube.com/watch?v=P1L9o9MOFC8">क्या हुआ जब एक महिला स्वामी विवेकानंद से शादी करने पहुंच गई&#8230; </a></span></span></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">यह भी जानेः-</span></strong></p>
<ul>
<li>तीन विद्यार्थियों को कुलाधिपति ने<span style="color: #ff0000;"><strong> पीएचडी</strong></span> की उपाधि प्रदान की। इनमें भावना कुमावत को वाणिज्य में, राहुल देव को अर्थशास्त्र में तथा सुमेधा त्यागी को प्रबंध विषय में पीएचडी प्रदान की गई।</li>
<li>मोनिका पांडेय और मोनिका सोनी को मिला <strong>चांसलर गोल्ड मेडल</strong></li>
<li>दिसंबर 2018 में एम.कॉम की परीक्षा में टॉपर विद्यार्थी मोनिका पांडेय और जून 2019 की एमएलआईएस की परीक्षा की टॉपर मोनिका सोनी को <span style="color: #ff0000;"><strong>कुलाधिपति स्वर्ण पदक</strong></span> प्रदान किया गया।</li>
<li>मीनू और जनक को मिला <strong><span style="color: #ff0000;">करूणा शंकर त्रिपाठी मेमोरियल स्वर्ण पदक</span></strong></li>
<li>दिसंबर 2018 में बीजे की परीक्षा की टॉपर मीनू नागपाल तथा जून 2019 की बीजे परीक्षा के टॉपर जनक सिंह मीणा को <strong><span style="color: #ff0000;">करूणा शंकर त्रिपाठी मेमोरियल स्वर्ण पदक</span></strong> प्रदान किया गया।</li>
<li>ओम प्रकाश और दीपक को <strong><span style="color: #ff0000;">पंडित लक्ष्मी नारायण जोशी स्वर्ण पदक</span></strong></li>
<li>दिसंबर 2018 की पीजीडीएलएल परीक्षा के टॉपर ओम प्रकाश सैन तथा जून 2019 की पीजीडीएलएल परीक्षा के टॉपर दीपक पालीवाल को <strong><span style="color: #ff0000;">पंडित लक्ष्मी नारायण जोशी स्वर्ण पदक</span></strong> प्रदान किया गया।</li>
</ul>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/31077-degrees-distributed-at-the-13th-convocation-of-the-vmou/3772/">नई पीढ़ की रीढ़ है दूरस्थ और डिजिटल शिक्षा: कलराज मिश्र</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/rajasthan/kota-news/31077-degrees-distributed-at-the-13th-convocation-of-the-vmou/3772/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
