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	<title>Rajasthan Crisis Archives - TIS Media</title>
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	<title>Rajasthan Crisis Archives - TIS Media</title>
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		<title>Rajasthan Congress Crisis: दोनों हाथ में लड्डू चाहते हैं अशोक गहलोत, बढ़ सकती हैं मुश्किलें</title>
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		<pubDate>Mon, 26 Sep 2022 19:57:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Jaipur राजस्थान के सीएम की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस में जंग छिड़ी हुई है। जयपुर से लेकर दिल्ली तक पूरी पार्टी अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खेमों में बंट चुकी है। गहलोत खेमा दिल्ली से आए दूतों के सामने बगावत तेवर दिखाने के बाद बैकफुट पर हैं। वह सोनिया को सरताज &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Jaipur</span> </strong>राजस्थान के सीएम की कुर्सी पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेस में जंग छिड़ी हुई है। जयपुर से लेकर दिल्ली तक पूरी पार्टी अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खेमों में बंट चुकी है। गहलोत खेमा दिल्ली से आए दूतों के सामने बगावत तेवर दिखाने के बाद बैकफुट पर हैं। वह सोनिया को सरताज बता अनुशासन की दुहाई दे रहे हैं। भले ही अशोक गहलोत पूरे विवाद से खुद को अलग दिखाने की कोशिश कर रहे हों लेकिन, हर कोई जानता है कि कांग्रेस के राजस्थान कांड के पीछे &#8216;सियासत के जादूगर&#8217; का ही दिमाग है। बड़ी बात यह है, गहलोत और उनका धड़ा दोनों हाथों में लड्डू चाहता है। जिसकी संभावना अब दिनों दिन कम होती चली जा रही हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/dhariwal-accuses-maken-of-being-involved-in-conspiracy-to-remove-gehlot/12333/">धारीवाल का माकन पर साजिश का आरोप, पायलट के साथ रचा गहलोत को हटाने का षड्यंत्र</a></strong></p>
<p>दरअसल अशोक गहलोत कांग्रेस के नए चीफ की दौड़ में है। उनके खिलाफ शशी थरूर का नाम सामने आ चुका है। माना जा रहा कि अशोक गहलोत नहीं चाहते हैं, कांग्रेस अध्यक्ष बने बिना वो सीएम पद से इस्तीफा दे दें। राजस्थान में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए पार्टी आलाकमान गहलोत से नाखुश है। पहले कहा जा रहा था कि कांग्रेस के नए चीफ के लिए गांधी परिवार के साथ पार्टी के अन्य नेताओं का भी गहलोत को समर्थन है। ऐसे में गहलोत आसानी से कांग्रेस के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं। लेकिन, मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर मचे बवाल के बाद अब समीकरण बदल गए हैं। गहलोत के कांग्रेस चीफ की राह मुश्किल ही नहीं, असंभव सी होती दिख रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/what-will-do-sachin-pilot-if-he-does-not-get-the-post-of-chief-minister/12342/">Rajasthan Political Crisis: मुख्यमंत्री का पद नहीं मिला तो क्या करेंगे सचिन पायलट?</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>दो निशाने लगाना चाहते हैं गहलोत</strong></span><br />
गहलोत गुट के विधायकों का खुलकर बगावत करना और इस्तीफे की धमकी देना पार्टी आलाकमान का रास नहीं आया है। माना जा रहा है कि सीएम गहलोत को इस बात की आशंका है कि पार्टी के नए चीफ के लिए उनकी राह मुश्किल हो गई है। ऐसे में गहलोत 19 अक्टूबर के फॉर्मूल से दो निशाने लगाना चाहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के लिए 17 अक्टूबर को वोटिंग है और चुनाव परिणाम 19 अक्टूबर को घोषित होगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/phed-chief-engineer-arrested-for-taking-bribe-of-rs-10-lakh/12339/">PHED के चीफ इंजीनियर को ACB ने 10 लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथों दबोचा</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">दोनों हाथों में &#8216;लड्डू&#8217; रखना चाहते हैं गहलोत</span></strong><br />
अशोक गहलोत इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि अगर वे पार्टी के नए आलाकमान बनेंगे तो राजस्थान में अपनी पसंद का सीएम बना सकते हैं। इसके लिए 19 अक्टूबर के बाद विधायक दल की बैठक होगी। इसमें बैठक में विधायकों के बहुमत के आधार पर फैसला होगा। बैठक में तय रणनीति के तहत एक लाइन का प्रस्ताव पास होगा- &#8216;सीएम का फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करें।&#8217; फिर गेंद गहलोत के पाले में होगी। अगर अशोक गहलोत पार्टी ने नए बॉस नहीं बन पाते हैं तब वो सीएम बने रहेंगे।</p>
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		<title>Rajasthan Political Crisis: मुख्यमंत्री का पद नहीं मिला तो क्या करेंगे सचिन पायलट?</title>
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		<pubDate>Mon, 26 Sep 2022 19:31:16 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Jaipur राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी उठापठक जारी है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे के बीच जबरदस्त खींचतान चल रही है। गहलोत खेमे ने सचिन पायलट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन बनेगा राजस्थान का नया मुख्यमंत्री? अगर सीएम पद नहीं मिला तो सचिन &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Jaipur</strong></span> राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी उठापठक जारी है। अशोक गहलोत और सचिन पायलट खेमे के बीच जबरदस्त खींचतान चल रही है। गहलोत खेमे ने सचिन पायलट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन बनेगा राजस्थान का नया मुख्यमंत्री? अगर सीएम पद नहीं मिला तो सचिन पायलट क्या करेंगे? कांग्रेस आलाकमान गहलोत खेमे के विधायकों की मांग मानेगा या फिर पर कतरेगा? इन सभी सवालों के बीच जो सबसे बड़ा सवाल है वह यह कि आखिर अब सचिन पायलट क्या करेंगे? आइए समझते हैं उन सभी संभावनाओं को जो फिलहाल राजस्थान से सियासी संकट के बीच आ खड़ी हुई हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/dhariwal-accuses-maken-of-being-involved-in-conspiracy-to-remove-gehlot/12333/">धारीवाल का माकन पर साजिश का आरोप, पायलट के साथ रचा गहलोत को हटाने का षड्यंत्र</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">अभी क्या हालात हैं? </span></strong><br />
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की चर्चा चल रही है। 29 सितंबर तक इसके लिए नामांकन करना है। इससे पहले राजस्थान में नए मुख्यमंत्री का एलान होना बाकी है। इसी को लेकर काफी खींचतान शुरू हुई है। रविवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी थी। इसके लिए पार्टी हाईकमान ने वरिष्ठ नेता अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा था। बैठक शुरू होने से पहले अशोक गहलोत खेमे के विधायकों ने बागी रूख अख्तियार कर लिया। गहलोत समर्थक विधायक मंत्री शांति धारीवाल के घर पहुंच गए और बैठक शुरू कर दी। इसके बाद सभी विधायकों ने स्पीकार से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, ये इस्तीफा अभी तक स्पीकर ने मंजूर नहीं किया है। ये सभी विधायक किसी भी हालत में सचिन पायलट या उनके खेमे से किसी को मुख्यमंत्री नहीं बनने देना चाहते हैं। इन विधायकों की संख्या 80 से 92 तक बताई जा रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/phed-chief-engineer-arrested-for-taking-bribe-of-rs-10-lakh/12339/">PHED के चीफ इंजीनियर को ACB ने 10 लाख रुपए की घूस लेते रंगे हाथों दबोचा</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">गहलोत खेमे के विधायकों की क्या है मांग?</span></strong><br />
इस्तीफा देने बाद गहलोत खेमे के विधायकों का प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस नेता अजय माकन से मिलने पहुंचा। इसमें मंत्री प्रताप खाचरियावास, शांति धारीवाल थे। इस प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस हाईकमान के सामने अपनी शर्तें रखीं। पहली, 19 अक्तूबर को कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के बाद नया मुख्यमंत्री चुना जाए। दूसरी, यह कि नया सीएम उन 102 विधायकों में से चुना जाना चाहिए, जो 2020 में हुई बगावत के वक्त गहलोत के प्रति वफादार रहे थे, न कि सचिन पायलट या उनके समूह में से। इस पर माकन ने कहा कि  सारी बातें हम पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को बताएंगे और वहीं फैसला करेंगी। माकन ने यह भी कहा कि कांग्रेस के इतिहास में कभी भी शर्तों के साथ कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया है। इतना ही नहीं उन्होंने धारीवाल के घर बैठक और फिर इस्तीफे की ड्रामेबाजी को अनुशासनहीनता तक बता दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/">राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">मुख्यमंत्री नहीं बने तो क्या करेंगे सचिन पायलट? </span></strong><br />
इसको लेकर हमने वरिष्ठ पत्रकार अशोक शर्मा से बात की। उन्होंने कहा, &#8216;कांग्रेस हाईकमान फिलहाल असमंजस में है। विधायकों के बागी रूख से पता चलता है कि इनके पास कोई ज्यादा विकल्प नहीं बचा है। वहीं, वह सचिन पायलट गुट को भी नाराज नहीं करना चाहते हैं। यही कारण है कि बीच का रास्ता निकालने की कोशिश हो रही है।&#8217; मुख्यमंत्री न बनाए जाने के बाद सचिन पायलट क्या कर सकते हैं? इस सवाल पर अशोक शर्मा कहते हैं, &#8216;सचिन को लेकर अभी तीन तरह की बातें हो सकती हैं। हालांकि, वह अपने फैसले का एलान भी तभी करेंगे जब पूरी तरह से पार्टी हाईकमान का फैसला आ जाएगा&#8217;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/">कांग्रेस के सियासी संकट को भाजपा ने बताया &#8220;इस्तीफों का सियासी पाखंड&#8221;</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">पायलट को मुख्यमंत्री, गहलोत खेमे के दो से तीन विधायकों को डिप्टी सीएम </span></strong><br />
अशोक गहलोत के सामने कांग्रेस हाईकमान ये विकल्प रख सकता है। पार्टी चाहेगी कि इसके जरिए गहलोत अपने समर्थन में आए विधायकों को मनाएं। इसके बदले में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री तो गहलोत खेमे से दो या तीन को डिप्टी सीएम बना दिया जाए। हालांकि, जिस तरह से गहलोत खेमे के विधायक बागी रूख अपनाए हुए हैं, उसे देखकर इसकी संभावना कम ही लग रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-politics-revolt-in-rajasthan-congress-90-mlas-resigned/12316/">Rajasthan Politics: गहलोत समर्थक विधायकों का विद्रोह, 90 ने दिया इस्तीफा</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">गहलोत खेमे से मुख्यमंत्री, पायलट को प्रदेश अध्यक्ष </span></strong><br />
यह भी संभव है कि अशोक गहलोत खेमे की नाराजगी देखकर पार्टी हाईकमान सचिन पायलट को प्रदेश अध्यक्ष बना दे। वहीं, गहलोत खेमे से किसी को मुख्यमंत्री बनाया जाए। ऐसा होने पर पायलट खेमे से किसी को डिप्टी सीएम भी बनाया जा सकता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/congress-president-election-update/12250/">Congress President: राहुल गांधी, अशोक गहलोत या शशि थरुर, किसके हाथ में होगी कांग्रेस की पतवार?</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">पायलट को केंद्र में लाकर गहलोत को सीएम बने रहने दें</span> </strong><br />
यह भी संभव है कि सचिन पायलट को पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव या फिर अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है। ऐसी स्थिति में अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/bjp-will-contest-the-assembly-elections-in-gujarat-on-the-formula-of-up/12288/">Gujarat Assembly Election 2022: यूपी के फार्मूले से भाजपा फिर फतेह करेगी गुजरात</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी बना सकते हैं सचिन पायलट</span> </strong><br />
लगातार अपनी ही पार्टी के विधायकों से सचिन पायलट घिर गए हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में सचिन पायलट को जो भी पद मिले, उन्हें राजस्थान के कई नेताओं का विरोध झेलना ही पड़ेगा। ऐसी स्थिति में सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों का पार्टी में रहना मुश्किल हो सकता है। संभव है कि इस हालात में सचिन पायलट कांग्रेस छोड़ दें और नई पार्टी का गठन कर लें।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-ready-to-become-the-national-president-of-congress/12273/">ना नहीं कहूंगा: बड़ी जिम्मेदारी के लिए गहलोत तैयार, खुलकर पेश की दावेदारी</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">भाजपा में शामिल हो जाएं </span></strong><br />
सचिन पायलट का फिलहाल कांग्रेस में रहना काफी मुश्किल हो रहा है। उनकी ही पार्टियों के विधायक और नेता लगातार उनका विरोध कर रहे हैं। ऐसे में नई पार्टी बनाकर चुनाव लड़ना भी सचिन पायलट के लिए थोड़ा कठिन हो सकता है। ऐसी स्थिति में वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं। भाजपा भी राजस्थान में एक बड़े और तेज तर्रार चेहरे की तलाश में है। सचिन वह चेहरा बन सकते हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/what-will-do-sachin-pilot-if-he-does-not-get-the-post-of-chief-minister/12342/">Rajasthan Political Crisis: मुख्यमंत्री का पद नहीं मिला तो क्या करेंगे सचिन पायलट?</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>धारीवाल का माकन पर साजिश का आरोप, पायलट के साथ रचा गहलोत को हटाने का षड्यंत्र</title>
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		<pubDate>Mon, 26 Sep 2022 18:28:38 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Jaipur राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कांग्रेस महासचिव व पार्टी के प्रदेश प्रभारी अजय माकन पर संगीन आरोप लगाया कि वह सचिन पायलट के साथ मिलकर अशोक गहलोत को राजस्थान के मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने की साजिश रच रहे हैं। धारीवाल ने कहा कि माकन ने पार्टी के विधायकों से पक्षपातपूर्ण &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/dhariwal-accuses-maken-of-being-involved-in-conspiracy-to-remove-gehlot/12333/">धारीवाल का माकन पर साजिश का आरोप, पायलट के साथ रचा गहलोत को हटाने का षड्यंत्र</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Jaipur</strong></span> राजस्थान के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कांग्रेस महासचिव व पार्टी के प्रदेश प्रभारी अजय माकन पर संगीन आरोप लगाया कि वह सचिन पायलट के साथ मिलकर अशोक गहलोत को राजस्थान के मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने की साजिश रच रहे हैं। धारीवाल ने कहा कि माकन ने पार्टी के विधायकों से पक्षपातपूर्ण तरीके से बात की, जिससे पूरा मामला बिगड़ा। इससे पहले अजय माकन ने गहलोत के वफादार विधायकों द्वारा विधायक दल की बैठक का बहिष्कार करने को अनुशासनहीनता बताते हुए धारीवाल के घर हुई बैठक की आलोचना की थी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/">कांग्रेस के सियासी संकट को भाजपा ने बताया &#8220;इस्तीफों का सियासी पाखंड&#8221;</a></strong></p>
<p>राजस्थान में सियासी संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस ही कांग्रेस के खिलाफ मैदान में है। आलम यह है कि राजस्थान के कांग्रेस नेता दिल्ली में बैठे आलाकमान को भी चुनौती देने लगे हैं। प्रदेश प्रभारी के बुलावे पर विधायक दल की बैठक छोड़कर संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल के घर बैठक करने और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की आशंका के चलते विधानसभा अध्यक्ष को अपने इस्तीफे देने की अप्रत्याशित घटना को अजय माकन ने खासा गंभीरता से लिया है। उन्होंने गहलोत के वफादार विधायकों द्वारा विधायक दल की बैठक ही नहीं उसमें लिए जाने वाले प्रस्ताव के लिए भी शर्तें रखे जाने की आलोचना की। इतना ही नहीं माकन ने यहां तक कह दिया कि इन विधायकों का विधायक दल की आधिकारिक बैठक में शामिल न होकर उसके समानांतर अन्य बैठक करना ‘‘अनुशासनहीनता’’ है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/">राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>माकन के खिलाफ धारीवाल का मोर्चा </strong></span><br />
माकन की तल्खी के बाद अशोक गहलोत और उनके समर्थक विधायकों का बचाव करने के लिए राजस्थान सरकार के संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने खुलकर मोर्चा खोल दिया। धारीवाल ने सोमवार शाम अपने आवास पर पत्रकारों से बात की। जिसमें उन्होंने कहा कि ‘‘महासचिव व प्रदेश प्रभारी अजय माकन पर मेरा आरोप है कि वह पक्षपातपूर्ण तरीके से यहां के विधायकों से बात कर रहे थे। कई दिनों से लगातार ये सूचनाएं आ रही थीं कि वे सचिन पायलट के पक्ष में प्रचार करने के लिए कहा करते थे। वे विधायकों को उनसे जुड़ने के लिए कहा करते थे, हमारे पास इसके सबूत हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-politics-revolt-in-rajasthan-congress-90-mlas-resigned/12316/">Rajasthan Politics: गहलोत समर्थक विधायकों का विद्रोह, 90 ने दिया इस्तीफा</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">षडयंत्र में शामिल थे माकन </span></strong><br />
यह पूछे जाने पर कि क्या अशोक गहलोत को हटाने का कोई षड्यंत्र था, धारीवाल ने कहा, ‘‘सौ प्रतिशत वही था और उस षड्यंत्र में महासचिव और प्रदेश प्रभारी अजय माकन शामिल थे। उन्होंने कहा कि &#8220;मैं दूसरों के लिए नहीं कहता, मैं सिर्फ महासचिव पर आरोप लगा रहा हूं .. खड़गे साहब पर कोई आरोप नहीं है..खड़गे साहब का कोई मुकाबला नहीं है। वो तो बिलकुल ईमानदार और निष्पक्ष आदमी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम सोनिया गांधी के सिपाही हैं। मेरे पर बीते 50 साल में एक बार भी अनुशासनहीनता का आरोप नहीं लगा। पार्टी महासचिव व प्रभारी ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री बनाने का मिशन लेकर आया है तो विधायकों को तो नाराज होना ही था।’’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/congress-president-election-update/12250/">Congress President: राहुल गांधी, अशोक गहलोत या शशि थरुर, किसके हाथ में होगी कांग्रेस की पतवार?</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">गद्दारों को पुरस्कार बर्दास्त नहीं </span></strong><br />
धारीवाल ने कहा, ‘‘मैंने विधायकों का रोष सुना, उनकी बातें तीन घंटे तक सुनी। वो क्या चाहते हैं यह सुना। वो यह चाहते हैं कि अगर मुख्यमंत्री ही बनाना है तो कांग्रेस का निष्ठावान आदमी जो 2020 में राज्य में राजनीतिक संकट के दौरान साथ रहा, 102 विधायक जो होटलों में 34 दिन तक साथ रहे थे, उनमें से बनाया जाना चाहिए।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘राजस्थान का मुख्यमंत्री वही होगा जिसके लिए सोनिया जी कहेंगी, सोनिया जी का हुक्म माना जाएगा। कोई चुनौती नहीं दे सकता सोनिया जी के हुक्म को।’’ धारीवाल ने कहा कि गद्दारी करने वालों को पुरस्कार दिया जा रहा है जिसे यहां का विधायक कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/bjp-will-contest-the-assembly-elections-in-gujarat-on-the-formula-of-up/12288/">Gujarat Assembly Election 2022: यूपी के फार्मूले से भाजपा फिर फतेह करेगी गुजरात</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">अब जो होगा देखा जाएगा </span></strong><br />
धारीवाल ने कहा, ‘‘विधायकों की बैठक कोई आयोजित बैठक नहीं थी, विधायक एक-एक कर आते गए और अपनी बात सुनते सुनाते गए। आखिर 92 विधायक इकट्ठे हुए और इकट्ठे होकर उनकी बात सुनने में समय तो लगता है।’’ यह पूछे जाने पर कि वह विधायक दल की बैठक में क्यों नहीं गए, उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए नहीं गए क्योंकि विधायक यहां मेरे पास आने वाले थे। टेलीफोन आ रहे थे कि पहले हमारी बात सुनो उसके बाद बैठक में चलेंगे।’’ इस प्रश्न पर कि अगर आप पर कार्यवाही होती है, आपको नोटिस दिया जाता है तो वह जवाब में क्या कहेंगे, धारीवाल ने कहा कि काल्पनिक सवाल सवाल मत पूछिए। आने दीजिए जो कुछ होगा वो दिख जाएगा।&#8221;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-ready-to-become-the-national-president-of-congress/12273/">ना नहीं कहूंगा: बड़ी जिम्मेदारी के लिए गहलोत तैयार, खुलकर पेश की दावेदारी</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">यह थी विवाद की वजह </span></strong><br />
कांग्रेस विधायक दल की बैठक रविवार रात मुख्यमंत्री निवास पर होनी थी लेकिन गहलोत के वफादार अनेक विधायक इसमें नहीं आए। इन विधायकों ने संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल के बंगले पर बैठक की और फिर वहां से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी से मिलने गए और उन्हें अपने इस्तीफे सौंप दिए। विधायक दल की बैठक के लिए जयपुर आए पार्टी पर्यवेक्षक माकन एवं मल्लिकार्जुन खड़गे मुख्यमंत्री निवास पर विधायकों का इंतजार करते रहे और विधायक दल की बैठक नहीं हुई।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/dhariwal-accuses-maken-of-being-involved-in-conspiracy-to-remove-gehlot/12333/">धारीवाल का माकन पर साजिश का आरोप, पायलट के साथ रचा गहलोत को हटाने का षड्यंत्र</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>कांग्रेस के सियासी संकट को भाजपा ने बताया &#8220;इस्तीफों का सियासी पाखंड&#8221;</title>
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		<pubDate>Mon, 26 Sep 2022 04:05:40 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Jaipur राजस्थान में कांग्रेस के सियासी संकट ने विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को गहलोत सरकार को घेरने का सबसे आसान मौका दे दिया है। सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों को भाजपा ने भ्रष्टाचारियों को बचाने की रिटायरमेंट पॉलिसी तक करार दे दिया है। भाजपा &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/">कांग्रेस के सियासी संकट को भाजपा ने बताया &#8220;इस्तीफों का सियासी पाखंड&#8221;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Jaipur</span></strong> राजस्थान में कांग्रेस के सियासी संकट ने विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को गहलोत सरकार को घेरने का सबसे आसान मौका दे दिया है।</p>
<p>सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने के विरोध में कांग्रेस विधायकों के इस्तीफों को भाजपा ने भ्रष्टाचारियों को बचाने की रिटायरमेंट पॉलिसी तक करार दे दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि बीते पांच साल से राजस्थान में सरकार या तो होटलों में मिलती है या फिर राजभवन में। इसके बाद जो वक्त बचता है वो दिल्ली में दरबार लगा कर बर्बाद किया जा रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/">राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>राजस्थान में लगेगा राष्ट्रपति शासन!</strong></span><br />
राजस्थान में ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि ऐसे हालाज राज्य में राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं। भाजपा के वरिष्&#x200d;ठ नेता और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने रविवार रात को कहा कि राज्य में मौजूदा राजनीतिक हालात राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं। राठौड़ ने ट्वीट किया, &#8216;राजस्थान में मौजूदा राजनीतिक हालात राष्ट्रपति शासन की ओर इशारा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी, आप नाटक क्यों कर रहे हों। मंत्रिमंडल के इस्तीफे के बाद अब देरी कैसी। आप भी इस्तीफा दे दीजिए।&#8217; गहलोत समर्थक विधायकों के अपना इस्&#x200d;तीफा विधानसभा अध्&#x200d;यक्ष डॉ. सीपी जोशी को सौंपे जाने की खबरों पर उन्&#x200d;होंने कहा, &#8216;किसके इशारे पर त्यागपत्र देने का खेल चल रहा है इसे जनता भली-भांति समझ चुकी है। इस्तीफा-इस्तीफा का खेल कर समय जाया ना करें, अगर इस्तीफा देना ही है तो मंत्रिमंडल की बैठक बुलाकर विधानसभा भंग का प्रस्ताव राज्यपाल महोदय को तत्काल भेजें।&#8217;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-politics-revolt-in-rajasthan-congress-90-mlas-resigned/12316/">Rajasthan Politics: गहलोत समर्थक विधायकों का विद्रोह, 90 ने दिया इस्तीफा</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">पूनियां बोले- यह इस्तीफों का सियासी पाखंड</span></strong><br />
भाजपा की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनियां ने ताजा घटनाक्रम पर ट्वीट किया, &#8216;रुझान आने प्रारंभ… 2023 में जय भाजपा-तय भाजपा&#8217;। एक अन्य ट्वीट में उन्&#x200d;होंने कहा, &#8216;इतनी अनिश्चितता तो आज भारत-ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट मैच में भी नहीं है, जितनी राजस्थान की कांग्रेस पार्टी में नेता को लेकर है। विधायकों की बैठकें अलग चल रही है, इस्तीफों का सियासी पाखंड अलग चल रहा है। ये क्या राज चलाएंगे, कहां ले जाएंगे ये राजस्थान को, अब तो भगवान बचाए राजस्थान को…।&#8217;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-ready-to-become-the-national-president-of-congress/12273/">ना नहीं कहूंगा: बड़ी जिम्मेदारी के लिए गहलोत तैयार, खुलकर पेश की दावेदारी</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">गजेन्द्र सिंह का &#8216;बाड़ाबंदी&#8217; पर तंज</span></strong><br />
वहीं, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह ने ट्वीट किया, &#8216;बाड़ेबंदी की सरकार ..एक बार फिर बाड़े में जाने को तैयार।&#8217; उल्&#x200d;लेखनीय है कि दो साल पहले राजनीतिक संकट खड़ा होने पर कांग्रेस के विधायक महीने भर से अधिक समय तक विभिन्&#x200d;न होटलों में रहे थे जिसे स्&#x200d;थानीय भाषा में &#8216;बाड़ाबंदी&#8217; कहा गया था।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/bjp-leaders-took-a-dig-at-the-political-crisis-of-congress/12323/">कांग्रेस के सियासी संकट को भाजपा ने बताया &#8220;इस्तीफों का सियासी पाखंड&#8221;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</title>
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		<pubDate>Mon, 26 Sep 2022 03:34:27 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Jaipur हर तरफ यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर राजस्थान में चल क्या रहा है? गहलोत समर्थक विधायकों के विधानसभा स्पीकर को इस्तीफा सौंपने का क्या असर होगा? क्या राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर कोई खतरा पैदा हो गया है? इसके अलावा अगर सचिन पायलट अलग-थलग पड़ जाते हैं तो उनके पास आगे क्या &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-can-bring-down-the-government-in-rajasthan-but-cannot-make-it/12319/">राजस्थान का सियासी सर्कस: पायलट के बगैर गहलोत सरकार गिरा तो सकते हैं, लेकिन बना नहीं सकते</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Jaipur</span></strong> हर तरफ यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर राजस्थान में चल क्या रहा है? गहलोत समर्थक विधायकों के विधानसभा स्पीकर को इस्तीफा सौंपने का क्या असर होगा? क्या राजस्थान में कांग्रेस सरकार पर कोई खतरा पैदा हो गया है? इसके अलावा अगर सचिन पायलट अलग-थलग पड़ जाते हैं तो उनके पास आगे क्या विकल्प होंगे? आइये जानते हैं, राजस्थान में चल रही सियासी ड्रामेबाजी का हर वो पहलू जिसका आपकी जिंदगी पर भी असर पड़ेगा।</p>
<p>कांग्रेस में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां अभी शुरू ही हुई थीं कि राजस्थान में पार्टी में नया अंदरूनी ड्रामा शुरू हो गया। दरअसल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के एलान के बाद ही सचिन पायलट को यह पद मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, गहलोत समर्थक विधायकों ने उन्हें नेता मानने से इनकार कर दिया और अपना इस्तीफा लेकर विधानसभा स्पीकर के पास पहुंच गए। राहुल गांधी के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत का हवाला देते हुए सचिन पायलट ने सीएम पद के लिए दावेदारी पेश की है। वहीं, गहलोत गुट ने पायलट को रोकने के लिए कोशिशें शुरू कर दी हैं। गहलोत समर्थक विधायकों ने कहा है कि सिर्फ अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बनेंगे, अगर वे इस पद पर नहीं रहे तो सरकार खतरे में आ जाएगी। इतना ही नहीं पार्टी की बैठक में मांग उठी है कि 2020 में बगावत करने वाले 18 विधायकों में से किसी को भी</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/rajasthan-politics-revolt-in-rajasthan-congress-90-mlas-resigned/12316/">Rajasthan Politics: गहलोत समर्थक विधायकों का विद्रोह, 90 ने दिया इस्तीफा</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>क्या है राजस्थान में विधानसभा का गणित?</strong></span><br />
राजस्थान में मौजूदा समय में 200 विधानसभा सीटें हैं और कोई भी सीट खाली नहीं है। यानी राज्य में बहुमत का आंकड़ा 101 विधायकों का है। सबसे ज्यादा 108 विधायक कांग्रेस के पास हैं। इसके बाद भाजपा के पास 71 विधायक हैं। इसके बाद 13 विधायक निर्दलीय हैं। इनमें से अधिकतर का समर्थन कांग्रेस के पास है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) के पास 3 एमएलए हैं। वहीं भारतीय ट्राइबल पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पास 2-2 विधायक हैं। राष्ट्रीय लोकदल के पास 1 विधायक है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/cover-stories/know-about-pfi-and-why-nia-raids-across-the-country/12301/">NIA Raid on PFI: क्या है PFI और इसके ठिकानों पर NIA ने क्यों की देश भर में छापेमारी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>इस्तीफा सौंपने का क्या असर होगा?</strong></span><br />
आमतौर पर किसी विधायक को विधानसभा से अपनी सदस्यता छोड़ने के लिए एक तय प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। संविधान के अनुच्छेद 190 (3)(b) के तहत अगर किसी विधायक को अपनी सीट छोड़नी है तो वह स्पीकर को चिट्ठी लिखकर इस्तीफा दे सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तभी होगी, जब विधानसभा अध्यक्ष इस्तीफा मंजूर कर ले।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/india/newspaper-advertisement-viral-on-social-media-man-lost-death-certificate/12308/">इट हैपंस ओनली इन इंडिया: &#8216;मेरा डेथ सर्टिफिकेट खो गया है&#8230; मिले तो लौटा देना&#8217;</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">क्या-क्या हैं संभावनाएं</span></strong><br />
<span style="color: #ff0000;"><strong>1. भाजपा की सरकार कैसे बन सकती है?</strong></span><br />
राजस्थान की बात करें तो कहा जा रहा है कि कांग्रेस के 80 से ज्यादा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंप दिया है। अगर इस संख्या को 80 मान लिया, तो पार्टी के पास राजस्थान में सिर्फ 28 विधायक बचेंगे। अगर स्पीकर इन 80 विधायकों का इस्तीफा मंजूर कर लें, तो राजस्थान में विधानसभा सदस्यों की संख्या 120 पहुंच जाएगी। इस स्थिति में भाजपा 71 सीटों के साथ सदन में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाएगी और राजस्थान में नई सरकार का गठन होगा। इस स्थिति में अगर पार्टी को किसी से समर्थन नहीं मिलता है तो भी उसकी सरकार बनी रहेगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/nia-and-ed-raid-on-pfi/12282/">PFI के खिलाफ 10 राज्यों में NIA और ED की छापेमारी, 100 से ज्यादा संदिग्ध गिरफ्तार</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">2. स्पीकर मंजूर न करें इस्तीफा?</span></strong><br />
एक संभावना यह भी है स्पीकर विधायकों का इस्तीफा मंजूर न करें। जब तक विधानसभा अध्यक्ष संतुष्ट न हो जाएं कि विधायकों ने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से इस्तीफा दिया है, तब तक वह इस्तीफा मंजूर करने से इनकार भी कर सकते हैं। माना जा रहा है कि गहलोत कैंप फिलहाल इसी तरकीब को अपना रहा है। स्पीकर की कुर्सी पर सीपी जोशी हैं, जो कि गहलोत कैंप की ओर से सीएम पद के सबसे बड़े दावेदार हैं। ऐसे में संभावना है कि गहलोत कैंप अपना सीएम बनाए रखने और पायलट को इस पद पर न आने देने के लिए आलाकमान को संदेश दे रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/congress-president-election-update/12250/">Congress President: राहुल गांधी, अशोक गहलोत या शशि थरुर&#8230; किसके हाथ में होगी कांग्रेस की पतवार?</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">3. क्या कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है?</span></strong><br />
इस पूरे खेल में भाजपा बड़ा रोड़ा अटका सकती है। इस पूरे खेल के बीच अगर भाजपा विधानसभा में कांग्रेस के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करती है और बहुमत परीक्षण की मांग करती है तो गहलोत सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, इस स्थिति में कांग्रेस को बहुमत साबित करना होगा। हालांकि, यहां से आगे का खेल सचिन पायलट की सियासी पकड़ पर निर्भर होगा। अगर पायलट कांग्रेस के दो-तिहाई विधायकों को तोड़ लेते हैं और भाजपा को समर्थन देते हैं तो बिना दल-बदल कानून की जद में आए वे अपनी विधायकी बचा सकते हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/bjp-will-contest-the-assembly-elections-in-gujarat-on-the-formula-of-up/12288/">Gujarat Assembly Election 2022: यूपी के फार्मूले से भाजपा फिर फतेह करेगी गुजरात</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>4.लग सकता है राष्ट्रपति शासन </strong></span><br />
हालांकि, अगर पायलट इससे कम विधायक भी तोड़ते हैं और अपने समर्थक विधायकों (करीब 20-30 विधायकों) से इस्तीफा भी करवा लेते हैं, तो कांग्रेस के पास 78-88 सीटें बचेंगी और वह अल्पमत में आ जाएगी। इस स्थिति में भाजपा (71 विधायक) निर्दलीयों और अन्य पार्टियों के साथ बहुमत हासिल कर सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है। अगर इस स्थिति में सरकार गठन नहीं हो पाता है और दोनों ही पार्टियां अल्पमत में रहती हैं तो राज्यपाल विधानसभा को भंग कर सकते हैं और राष्ट्रपति शासन की अपील कर सकते हैं। अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नए सिरे से चुनाव लड़ेंगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-ready-to-become-the-national-president-of-congress/12273/">ना नहीं कहूंगा: बड़ी जिम्मेदारी के लिए गहलोत तैयार, खुलकर पेश की दावेदारी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>5.गहलोत किंग तो हैं, किंग मेकर नहीं </strong></span><br />
राजनीति के जानकारों का मानना है कि गहलोत समर्थक विधायक विद्रोह के बाद सरकार गिराने की स्थिति में तो हैं, मगर बनाने की नहीं। सरकार बनाने के लिए 101 विधायकों की जरूरत है। 90 उनके साथ हैं, मगर 28 विधायक गहलोत समर्थकों के साथ जाने के बजाय विधायक दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। ऐसे में कहा जा सकता है कि वे पायलट समर्थक ही होंगे। यदि वे गहलोत के खेमे में नहीं गए तो वे सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा नहीं पा सकते। दूसरी तरफ, पायलट अगर इन विधायकों को लेकर भाजपा से मिल जाएं तो आसानी से सरकार बना सकते हैं, क्योंकि भाजपा के पास 73 विधायक हैं।</p>
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