जनसेवा बनी पहचान, रक्तदान बना सम्मान: प्रहलाद गुंजल का जन्मदिन मानवता के नाम

3764 यूनिट रक्तदान के साथ जन्मदिन बना मानवता का महापर्व, प्रदेशभर से नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं ने दी शुभकामनाएं

कोटा। राजनीति में जन्मदिन अक्सर शक्ति प्रदर्शन और भव्य आयोजनों के लिए याद किए जाते हैं, लेकिन पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रहलाद गुंजल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जनसेवा ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है। उनके जन्मदिवस पर पूरे कोटा संभाग में सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकारों का ऐसा अनूठा दृश्य देखने को मिला, जिसने इस दिन को केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि मानवता के महापर्व में बदल दिया।

अशोक गहलोत, सचिन पायलट, डोटासरा, टीकाराम जूली सहित प्रदेश के नेताओं ने दी शुभकामनाएं

गुंजल के जन्मदिन पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित एक दर्जन से अधिक विशाल रक्तदान शिविरों में 3764 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। भीषण गर्मी और रक्त संकट के दौर में यह उपलब्धि न केवल कोटा बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक मिसाल बन गई। हजारों युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रक्तदान कर यह संदेश दिया कि किसी भी उत्सव का सबसे बड़ा स्वरूप जरूरतमंदों की मदद करना है।

नाहरसिंगी माता के आशीर्वाद से हुई दिन की शुरुआत

प्रहलाद गुंजल ने अपने जन्मदिवस की शुरुआत धर्मपुरा स्थित नाहरसिंगी माता मंदिर में पूजा-अर्चना से की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने माता का आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली, समाज की समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में वेद विद्यालय के विद्यार्थियों ने वैदिक मंत्रों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद बच्चों के बीच सादगीपूर्वक केक काटकर उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जीवन में सबसे बड़ा आशीर्वाद जनता का विश्वास और सेवा का अवसर है।

रक्तदान बना जन्मदिन की सबसे बड़ी पहचान

पिछले कई वर्षों से प्रहलाद गुंजल के समर्थक उनके जन्मदिन को रक्तदान दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस वर्ष भी शहर के एसी के गणेशजी दादाबाड़ी, नयापुरा प्रधान कार्यालय, सिंधी धर्मशाला स्टेशन, एग्जॉटिका मैरिज गार्डन कुन्हाड़ी, न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल, सुधा हॉस्पिटल, कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र, सिमलिया, इंद्रगढ़ सहित अनेक स्थानों पर विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। 27 और 28 जून से शुरू हुए इन शिविरों का समापन जन्मदिन के दिन हुआ, जिसमें कुल 3764 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ।

शिविरों में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। बड़ी संख्या में पहली बार रक्तदान करने वाले युवा भी पहुंचे। कई महिलाओं ने भी रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। चिकित्सकों ने इसे कोटा के इतिहास के महत्वपूर्ण रक्तदान अभियानों में से एक बताया।

‘मेरे लिए इससे बड़ा सौभाग्य कोई नहीं’

रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए प्रहलाद गुंजल भावुक नजर आए। उन्होंने कहा—

“मैं जन्मदिन मनाने की परंपरा का व्यक्ति नहीं हूं। लेकिन जब मेरे कार्यकर्ता मेरे जन्मदिन को समारोह के बजाय रक्तदान दिवस के रूप में मनाते हैं, तो इससे बड़ा सौभाग्य मेरे लिए कुछ नहीं हो सकता। मेरा जन्मदिन यदि किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का माध्यम बन जाए, तो यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।”

उन्होंने कहा कि गर्मियों के दिनों में राजस्थान में रक्त की भारी कमी रहती है। ऐसे समय में हजारों यूनिट रक्त एकत्रित होना समाज के लिए अमूल्य योगदान है। उन्होंने प्रत्येक रक्तदाता, चिकित्सक, स्वयंसेवक और कार्यकर्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका दिया हुआ रक्त किसी अनजान व्यक्ति के जीवन में नई उम्मीद लेकर आएगा।

प्रदेश के शीर्ष नेताओं ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

प्रहलाद गुंजल को जन्मदिन पर प्रदेशभर से शुभकामनाओं का सिलसिला दिनभर चलता रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, वरिष्ठ नेता भंवर जितेंद्र सिंह सहित प्रदेश के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने दूरभाष पर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

इन शुभकामनाओं ने यह स्पष्ट किया कि गुंजल की राजनीतिक स्वीकार्यता केवल कोटा तक सीमित नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में सम्मानजनक स्थान रखती है।

ग्रामीण अंचलों में भी दिखा अपार जनस्नेह

जन्मदिन के अवसर पर कोलाना, आवली, रोजड़ी, नयागांव, रामराजपुरा सहित अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुंजल का भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया तथा उनके दीर्घायु और उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की। कई स्थानों पर महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक तरीके से स्वागत कर उन्हें अपना आशीर्वाद और स्नेह दिया।

ग्रामीणों ने कहा कि प्रहलाद गुंजल हमेशा आमजन के सुख-दुख में साथ खड़े रहने वाले जनप्रतिनिधि रहे हैं, इसलिए उनके जन्मदिन को पूरे उत्साह से मनाया गया।

ओबीसी विभाग ने किए सेवा कार्य

शहर जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के अध्यक्ष दीपक नामदेव के नेतृत्व में भी जन्मदिन के अवसर पर विभिन्न सेवा कार्य किए गए। कार्यकर्ताओं ने गौशालाओं में गायों को हरा चारा खिलाया, उनके गले में रेडियम बेल्ट पहनाई ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके अलावा गरीब बच्चों को कपड़े, चप्पल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रहलाद गुंजल की प्रेरणा से समाजसेवा का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

दिनभर लगा शुभचिंतकों का तांता

सुबह से लेकर देर रात तक गुंजल के निवास पर शुभचिंतकों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और हजारों कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। सभी ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और शीघ्र “राजयोग” की कामना की। कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और मिठाइयों के साथ जन्मदिन मनाया गया।

सेवा और संवेदना की राजनीति का संदेश

पूरे आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कहीं भी शक्ति प्रदर्शन या भव्य उत्सव की बजाय समाजसेवा को प्राथमिकता दी गई। रक्तदान, गौसेवा, गरीब बच्चों की सहायता, धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता ने इस जन्मदिन को एक नई पहचान दी।

प्रहलाद गुंजल ने अपने संदेश में कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाना होना चाहिए। यदि उनके जन्मदिन से हजारों लोगों का जीवन बचाने की दिशा में योगदान मिलता है, तो यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान और सबसे बड़ा उपहार है।

मानवता का संदेश बन गया जन्मदिन

 

3764 यूनिट रक्तदान, हजारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी, प्रदेश के शीर्ष नेताओं की शुभकामनाएं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का अभूतपूर्व जनस्नेह तथा सेवा कार्यों की श्रृंखला ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रहलाद गुंजल का जन्मदिन केवल व्यक्तिगत उत्सव नहीं रहा, बल्कि समाज को जोड़ने, मानवता की सेवा करने और जनकल्याण का संदेश देने वाला प्रेरणादायी अभियान बन गया। राजनीति और समाजसेवा का यह संगम आने वाले समय में भी जनभागीदारी और सेवा के ऐसे ही नए आयाम स्थापित करता रहेगा।

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