<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Lok Sabha Archives - TIS Media</title>
	<atom:link href="https://tismedia.in/tag/lok-sabha/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://tismedia.in/tag/lok-sabha/</link>
	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
	<lastBuildDate>Thu, 12 Aug 2021 17:29:07 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/04/cropped-tis-media-logo-scaled-2-32x32.jpg</url>
	<title>Lok Sabha Archives - TIS Media</title>
	<link>https://tismedia.in/tag/lok-sabha/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</title>
		<link>https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior</link>
					<comments>https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Aug 2021 17:15:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Editorial]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[V Talk]]></category>
		<category><![CDATA[Viral]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Pandemic]]></category>
		<category><![CDATA[Electricity Amendment Bill]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers Protest]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Speaker]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon Session 2021 Live Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Om Birla]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament Monsoon Session 2021]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[rajya sabha mp anil desai]]></category>
		<category><![CDATA[rajya sabha mp chhaya verma]]></category>
		<category><![CDATA[rajya sabha mp elamaran kareem]]></category>
		<category><![CDATA[rajya sabha mp phulo devi]]></category>
		<category><![CDATA[security assistants in rajya sabha blames opposition mps for misbehavior]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[Vice-President M Venkaiah Naidu]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10354</guid>

					<description><![CDATA[<p>विपक्षी पार्टियों का आरोप: राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई, सत्ता पक्ष: विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की नायडू और बिरला ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का लिया फैसला, बवाली सांसदों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही  TISMedia@NewDelhi राज्यसभा में बुधवार को जमकर बवाल काटना और फिर सांसदों के साथ मारपीट का आरोप लगाने वाले &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/">Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>विपक्षी पार्टियों का आरोप: राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई, सत्ता पक्ष: विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>नायडू और बिरला ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का लिया फैसला, बवाली सांसदों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही </strong></span></li>
</ul>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@NewDelhi</span></strong> राज्यसभा में बुधवार को जमकर बवाल काटना और फिर सांसदों के साथ मारपीट का आरोप लगाने वाले पूरे विपक्ष की एक सीसीटीवी फुटेज ने पोल खोलकर रख दी है। राज्यसभा में लगे इस सीसीटीवी ने वो सबकुछ कैद कर लिया, जिसे मीडिया के कैमरों से दूर रखा गया। अब इस सीसीटीवी फुटेज के बाहर आते ही पूरे विपक्ष में हडकंप मच गया है। वहीं संसद के सुरक्षाकर्मियों ने राज्य सभा के सभापति वैंकया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सांसदों के दुर्व्यवहार की शिकायत की है। जिसके बाद संसद में बवाल काटने वाले सांसदों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।</p>
<p><iframe title="Rajya Sabha। सांसद जी! कुछ तो शर्म करो, पहलवानी के लिए संसद नहीं अखाड़े हैं..." width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/K0QoWK8qb7k?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>राज्यसभा में बुधवार को सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को सदन में हंगामे के बीच पारित किया गया, जबकि विपक्ष विधेयक को एक प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रहा था। जब सरकार ने हंगामे के बीच बिल पर चर्चा के लिए दबाव डाला, तो सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने रिपोर्टर की मेज पर चढ़ने की कोशिश की तो सदन को तुरंत स्थगित कर दिया गया। जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया था। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ सांसद मार्शलों का रास्ता रोक रहे हैं। इतना ही नहीं सांसद मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की तक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="#LokSabha 17 दिनों में सिर्फ 21 घंटे ही किया सांसदों ने काम... दुखी हुए अध्यक्ष" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/XkkWEmn_FTQ?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर </strong></span><br />
मानसून सत्र खत्म होने के बाद अब संसद में हुए हंगामे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई तो सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की। विपक्ष ने महिला सांसदों से धक्कामुक्की का आरोप लगाया है तो सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्षी सांसदों ने मार्शलों से हाथापाई की की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वो संसद में सुरक्षित नहीं थे जिसे सत्ता पक्ष ने झूठ करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने संसद नहीं चलने दी, इस पर सरकार का कहना है कि विपक्ष ने संसद को सड़क बना दिया। विपक्ष ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है तो सरकार ने विपक्ष पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/">लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सांसदों पर गाज गिरना तय </strong></span><br />
इसी बीच संसद में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन तक किया। लेकिन, मामला उस वक्त गंभीर हो गया जब सारे घटनाक्रम को लेकर गुरुवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बैठक हुई। इस बैठक में दोनों ने मानसून सत्र के दौरान सदन में हुई घटनाओं पर गहनता से विचार विमर्श किया। सूत्रों की मानें तो दोनों सदनों के सभापतियों के बीच संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर एक राय बन चुकी है। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस बात से खासे आहत थे कि दो दिन पहले लोकसभा स्थगित करने के बाद सत्ता और विपक्ष के सभी नेताओं ने उनसे मुलाकात कर सदन की भावी कार्यवाहियों को बिना किसी व्यवधान के संचालित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अगले ही रोज राज्यसभा में विपक्ष ने इस कदर हंगामा किया कि बेकाबू हुए सांसदों को रोकने के लिए मार्शल तक बुलाने पड़े। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद दोनों ही सदनों के सभापतियों के बीच पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराने की सहमति बन चुकी है और जल्द ही इसका असर भी दिखाई देने लगेगा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/">वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सुरक्षा कर्मियों ने की शिकायत, कार्यवाही की मांग</strong>  </span><br />
राज्यसभा में हंगामे के बाद विपक्ष ने मार्शलों पर हाथापाई करने के आरोप लगाया। जिसके बाद सदन में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने भी बवाल काटने वाले सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदन में सुरक्षा सहायक-ग्रेड 2 के पद पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी अक्षिता भट्ट ने राज्यसभा सचिवालय में सांसदों के खिलाफ शिकायत दी है। अक्षिता ने संसद के सुरक्षा निदेशक को दी अपनी इस लिखित शिकायत में कहा है कि महिला सांसदों ने बांह पकड़कर उसे घसीटा। यह दोनों महिला सांसद अपने पुरुष सांसद साथियों की मदद करना चाहती थीं ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ कर आसन की ओर जा सकें। प्रदर्शन में शामिल कई पुरुष सांसद सुरक्षा घेरा तोड़ने के लिए उनकी ओर बढ़े। जब उन्हें रोकने की कोशिश की तब सांसद छाया वर्मा और फुलो देवी नेताम आगे आईं और उन्होंने अपने पुरुष सहयोगियों के लिए रास्ता बनाया ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ सकें और टेबल तक पहुंच सकें।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/how-was-the-goonda-act-made-in-india/10308/">कौन है गुंडा? कैसे बना गुंडा एक्ट? जानिए हैरतंगेज हकीकत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सांसद जी! ये कैसा बर्ताव है </strong></span><br />
अकेली अक्षिता भट्ट ही नहीं हंगामे के दौरान सदन में मौजूद सुरक्षा सहायक राकेश नेगी ने भी संसद के सुरक्षा निदेशक को लिखित शिकायत दी है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि &#8220;बुधवार को मेरी ड्यूटी राज्यसभा के अंदर बतौर मार्शल लगी हुई थी। सांसद एलमाराम करीम और अनिल देसाई ने मार्शलों के द्वारा बनाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की। हंगामे के दौरान एलमारन करीम ने मेरी गर्दन पकड़ी और मुझे घसीटने लगे ताकि वो मुझे सुरक्षा घेरा बनाने से रोक सकें। इस दौरान मेरी गर्दन चौक हो गई और मुझे घुटन होने लगी। मैने जैसे तैसे अपनी गर्दन छुड़ाई तब जाकर लगा कि छोड़ी देर और होती तो आज जान ही चली जाती।&#8221;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/">Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</title>
		<link>https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons</link>
					<comments>https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Aug 2021 06:26:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Article]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Do You Know]]></category>
		<category><![CDATA[Editorial]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Knowledge]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[V Talk]]></category>
		<category><![CDATA[17th Lok Sabha work report of all six seasons]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Pandemic]]></category>
		<category><![CDATA[Electricity Amendment Bill]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers Protest]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Speaker]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon Session 2021 Live Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Om Birla of]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament Monsoon Session 2021]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10347</guid>

					<description><![CDATA[<p>दो दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुई लोकसभा, लोकसभा अध्यक्ष से मिले सभी दलों के मुखिया  सरकार ने 7 विधेयक बिना चर्चा के ही करा लिए पारिए, दिवालियापन संहिता में भी हो गया संशोधन   TISMedia@Kota 17 वीं लोकसभा का छठवां सत्र सिर्फ 17 दिन ही चल सका। इस बीच विपक्ष पर सिर्फ और &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/">लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>दो दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुई लोकसभा, लोकसभा अध्यक्ष से मिले सभी दलों के मुखिया </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>सरकार ने 7 विधेयक बिना चर्चा के ही करा लिए पारिए, दिवालियापन संहिता में भी हो गया संशोधन  </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong> </span>17 वीं लोकसभा का छठवां सत्र सिर्फ 17 दिन ही चल सका। इस बीच विपक्ष पर सिर्फ और सिर्फ खुद की जासूसी ही तारी रही। भयावह कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बुलाए गए संसद के इस सत्र में जनता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। न किसी ने तीसरी लहर के दौरान सुरक्षा और बचाव के इंतजामों पर बात करना जरूरी समझा और ना ही दो साल से घरों में बंद पड़े नौनिहालों को स्कूलों तक लाने का रास्ता दिखाने की किसी ने जहमत उठाई। पूरे सत्र में माननीयों को सिर्फ और सिर्फ एक ही चिंता तारी थी कि कहीं सरकार उनकी जासूसी तो नहीं करा रही। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर माननीय ऐसा क्या करते हैं जिन्हें सार्वजनिक जीवन में भी गोपनीयता की इस कदर जरूरत आन पड़ी है।</p>
<p>17वीं लोकसभा का यह छठा सत्र 19 जुलाई को शुरू हुआ। इसे 13 अगस्त तक चलना था, लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे और बवाल के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दो दिन पहले ही यानि 11 अगस्त को इसे खत्म करने की घोषणा कर दी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/">वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>वक्त और पैसों की बर्बादी </strong></span><br />
मानसून सत्र में जनता के वक्त और पैसे की जमकर बर्बादी हुई।  17वीं लोकसभा में अब तक आयोजित हुए सत्रों की बात करें तो पहले सत्र में 37 बैठकें हुईं। जबकि दूसरे सत्र में 20, तीसरे में 23, चौथे सत्र में 10 और पांचवें सत्र में 24 बैठकें हो सकीं। जबकि छठवें सत्र में सिर्फ 17 बैठकें ही हुईं। यानि चौथा और छठवां सत्र जनता के वक्त और पैसों की बर्बादी ही साबित हुआ। इस दौरान माननीयों ने कुल 21 घंटे और 14 मिनट ही काम किया। काम के नाम पर भी विपक्ष तो सिर्फ और सिर्फ हंगामा ही करता रहा। काम के मामले में लोकसभा का पहला सत्र सबसे बेहतर साबित हुआ। इस सत्र में 280 घंटे काम हुआ था। जबकि दूसरे सत्र में यह आंकड़ा 130.45, तीसरे सत्र में 110.15, चौथे सत्र में 60 और पांचवें सत्र में 132 घंटे ही रहा। यानि अपनी जासूसी की चिंता में डूबे माननीयों ने जनता के मुद्दों को दरकिनार कर 74 घंटे 46 मिनट का समय बर्बाद किया। पहले सत्र को छोड़ दिया जाए तो वक्त की बर्बादी अब शायद संसदीय कार्य प्रणाली का हिस्सा ही बन चुकी है। लोकसभा सचिवालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो दूसरे सत्र में माननीयों ने छह घंटे 39 मिनट समय बर्बाद किया। वहीं, तीसरे सत्र में 30 घंटे तीन मिनट और चौथे सत्र में तीन घंटे 51 मिनट की बर्बादी हुई।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/how-was-the-goonda-act-made-in-india/10308/">कौन है गुंडा? कैसे बना गुंडा एक्ट? जानिए हैरतंगेज हकीकत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>शून्य काल में पसरा शून्य</strong> </span><br />
17वीं लोकसभा के छठे सत्र में शून्य काल के दौरान &#8220;शून्य&#8221; ही पसरा रहा। देश ही नहीं करोड़ों लोग रोजी-रोटी से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए बेकल हैं, लेकिन माननीयों ने इस दौरान &#8220;तत्काल सार्वजनिक महत्व&#8221; का एक भी मामला नहीं उठाया। जबकि, लोकसभा सचिवालय के आंकड़ों के मुताबिक 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में शून्य काल के दौरान तत्काल सार्वजनिक महत्व के कुल 1066 मामले उठाए गए थे। दूसरे सत्र में 934, तीसरे में 436, चौथे में 370 और पांचवें सत्र में 583 मामले उठाए गए थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/flood-in-kota-lok-sabha-speaker-reached-the-flood-affected-areas/10292/">Flood In Kota: बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष, लोगों तक पहुंचाई मदद</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>नियम 193 के तहत एक भी चर्चा नहीं हुई</strong></span><br />
मंत्रियों की ओर से कुल 52 बयान दिए गए। इसके अलावा इस सत्र में संसदीय समितियों की ओर से कुल 60 रिपोर्ट पेश की गईं। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में एक भी रिपोर्ट नहीं पेश की गई थी। दूसरे सत्र में यह संख्या 48, तीसरे सत्र में 58, चौथे सत्र में दो और पांचवें सत्र में 171 रही थी। लोकसभा के छठे सत्र में 320 चिह्नित प्रश्न स्वीकार किए गए। इनमें से 66 सवालों का मौखिक रूप से उत्तर दिया गया। वहीं, स्वीकार किए गए गैर चिह्नित सवालों की संख्या 3680 रही। चिह्नित प्रश्नों की बात करें तो पहले सत्र में 500 सवाल स्वीकार गए थे और 183 का मौखिक उत्तर दिया गया था। दूसरे सत्र में यह आंकड़ा 380 और 140 का रहा था। तीसरे सत्र में यह संख्या 420 और 98, पांचवें सत्र में 440 और 84 रही थी। चौथे सत्र में दोनों आंकड़े शून्य रहे थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/story-of-youngest-martyr-of-indian-independence-movement-khudiram-bose/10330/">सुनो! मौका देकर तो देखो&#8230; जज साहब, मैं तुम्हें भी बम बनाना सिखा सकता हूं&#8230;</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">नियम 317 के तहत उठाए 331 मामले</span></strong><br />
नियम 317 के तहत कुल 331 मामले उठाए गए। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में नियम 317 के तहत सबसे ज्यादा 488 मामले उठाए गए थे। दूसरे सत्र में यह संख्या 364, तीसरे सत्र में 399, चौथे सत्र में 183 और पांचवें सत्र में 405 रही थी। बता दें कि नियम 377 में प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य सदन के ध्यान में कोई ऐसा मामला लाना चाहता है जो व्यवस्था का विषय न हो, तो इसके लिए उसे सचिव को लिखित नोटिस देना होता है। इसमें मामले का स्पष्ट और सटीक रूप से उल्लेख होना चाहिए। सदस्य को इसे उठाने की अनुमति तभी दी जा सकती है जब अध्यक्ष ने सहमति दे दी हो। इसका समय और तारीख अध्यक्ष तय करता है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/indian-army-rescued-34-people-trapped-in-flood-affected-areas-of-sangod-kota/10283/">Flood in Kota: जलजले में फंसे लोगों को बचाने सांगोद में उतरी सेना, 34 लोगों का किया रेस्क्यू</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बिना चर्चा के पास हो गए 7 विधेयक </strong></span><br />
मानसून सत्र में सरकार ने लोकसभा में कुल 13 विधेयक पेश किए और 20 विधेयक पारित हुए। यानी कि सात विधेयक बिना चर्चा के ही पारिए कर दिए गए। 17वीं लोकसभा के बाकी सत्रों की बात करें तो पहले सत्र में 33 विधेयक पेश हुए थे और 35 पारित हुए थे। दूसरे में 18 पेश हुए थे और 14 पारित हुए थे। तीसरे सत्र में 18 पेश हुए थे और 15 पारित हुए थे। चौथे सत्र में 16 विधेयक पेश हुए थे और 25 पारित हुए थे। पांचवें में 17 पेश हुए थे और 18 विधेयक पारित हुए थे।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>छठे सत्र में पेश किए गए ये 13 विधेयक</strong></span><br />
<strong><span style="color: #000000;"><span style="color: #ff0000;">तारीख &#8211;</span> पेश किए गए विधेयक </span></strong><br />
<strong><span style="color: #ff0000;">22 जुलाई &#8211;</span></strong> अंतरदेशीय पोत विधेयक, 2021<br />
<span style="color: #ff0000;"><strong>22 जुलाई &#8211;</strong></span> आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">26 जुलाई &#8211;</span></strong> दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">28 जुलाई &#8211;</span></strong> विनियोग (नंबर 4) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">28 जुलाई &#8211;</span></strong> विनियोग (नंबर 3) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">30 जुलाई &#8211;</span></strong> एनसीआर और आसपास के क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">30 जुलाई &#8211;</span></strong> सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">02 अगस्त &#8211;</span></strong> न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">05 अगस्त &#8211;</span></strong> केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">05 अगस्त &#8211;</span></strong> कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/">लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</title>
		<link>https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done</link>
					<comments>https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 11 Aug 2021 07:34:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Article]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Business]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Do You Know]]></category>
		<category><![CDATA[Editorial]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[Knowledge]]></category>
		<category><![CDATA[KOTA NEWS]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[V Talk]]></category>
		<category><![CDATA[VTalk]]></category>
		<category><![CDATA[Central Agricultural Act]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Speaker Om Birla]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon Session of Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament adjourned indefinitely]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament Monsoon Session]]></category>
		<category><![CDATA[Pegasus espionage case]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[TIS National News]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10324</guid>

					<description><![CDATA[<p>19 जुलाई को शुरु हुई थी 17वीं लोकसभा की छठवीं बैठक, 17 दिनों में सिर्फ 96 घंटे करना था काम   विपक्ष के हंगामे की भेंट चला पूरा मानसून सत्र, कोरोना की तीसरी लहर और बच्चों की पढ़ाई जैसे गंभीर मुद्दे उठे ही नहीं  TISMedia@NewDelhi हर महीने करीब 1.70 लाख रुपए का वेतन और भत्ता लेने &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/">वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>19 जुलाई को शुरु हुई थी 17वीं लोकसभा की छठवीं बैठक, 17 दिनों में सिर्फ 96 घंटे करना था काम  </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>विपक्ष के हंगामे की भेंट चला पूरा मानसून सत्र, कोरोना की तीसरी लहर और बच्चों की पढ़ाई जैसे गंभीर मुद्दे उठे ही नहीं </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@NewDelhi</strong></span> हर महीने करीब 1.70 लाख रुपए का वेतन और भत्ता लेने वाले देश के सांसदों ने 17 दिनों में सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट ही काम किया। पेगासस जासूसी मामले से लेकर कृषि कानूनों पर बवाल माचने वाले विपक्ष ने कोरोना के कहर से जूझ रहे करोड़ों लोगों को सुरक्षा और राहत देने का रास्ता तलाशना तो दूर तीसरी लहर के कहर से निपटने के लिए जरूरी तैयारियों तक पर चर्चा नहीं की। पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था तो किसी के एजेंडे में ही शामिल नहीं रही। देश की आवाम को एक बार फिर उसके हालात पर छोड़, 17 वीं लोकसभा का दूसरा मानसून सत्र बिना काम काज के ही खत्म हो गया।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="#LokSabha 17 दिनों में सिर्फ 21 घंटे ही किया सांसदों ने काम... दुखी हुए अध्यक्ष" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/XkkWEmn_FTQ?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/how-was-the-goonda-act-made-in-india/10308/">कौन है गुंडा? कैसे बना गुंडा एक्ट? जानिए हैरतंगेज हकीकत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>लोकसभा अध्यक्ष ने जताई निराशा </strong></span><br />
संसद के मॉनसून सत्र के लिए लोकसभा की बैठक बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। पेगासस जासूसी मामला, तीन केंद्रीय कृषि कानून को वापस लेने की मांग सहित अन्य मुद्दों पर विपक्षी दलों के शोर-शराबे के कारण पूरे सत्र में सदन में कामकाज बाधित रहा और सिर्फ 22 प्रतिशत कार्य निष्पादन हो सका। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सुबह कार्यवाही शुरू होने पर बताया कि 17वीं लोकसभा की छठी बैठक 19 जुलाई 2021 को शुरू हुई और इस दौरान 17 बैठकों में सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट कामकाज हुआ। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि सदन में कामकाज अपेक्षा के बिल्कुल भी अनुरूप भी नहीं रहा। बिरला ने बताया कि व्यवधान के कारण 96 घंटे में करीब 74 घंटे कामकाज नहीं हो सका।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/flood-in-kota-lok-sabha-speaker-reached-the-flood-affected-areas/10292/">Flood In Kota: बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष, लोगों तक पहुंचाई मदद</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सिर्फ 22 फीसदी काम हुआ </strong></span><br />
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विपक्ष के लगातार व्यवधान के कारण महज 22 प्रतिशत कार्य हो सका। सत्र के दौरान चार नये सांसदों को शपथ दिलाई गई। 127वें संविधान संशोधन  विधेयक सहित कुल 20 विधेयक पारित किये गए। मॉनसून सत्र के दौरान 66 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर दिये गए और सदस्यों ने नियम 377 के तहत 331 मामले उठाए। बिरला ने बताया कि मानसून सत्र में विभिन्न स्थायी समितियों ने 60 प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। 22 मंत्रियों ने वक्तव्य दिये और विपक्ष के हंगामे के कारण बड़ी संख्या में जवाबों और पत्रों को बिना पढ़े ही सभा पटल पर रखना पड़ा। उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान अनेक वित्तीय एवं विधायी कार्य निष्पादित किये गए। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के वक्तव्य के बाद वंदे मातरम की धुन बजाई गयी और सदन की बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मानसून सत्र की इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/">वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लोकसभाः विपक्षी सदस्यों का हंगामा, सदन की कार्यवाही दो बार हुई स्थगित</title>
		<link>https://tismedia.in/breaking/opposition-uproar-in-lok-sabha-om-birla-adjourns-the-proceedings-of-the-house/10219/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=opposition-uproar-in-lok-sabha-om-birla-adjourns-the-proceedings-of-the-house</link>
					<comments>https://tismedia.in/breaking/opposition-uproar-in-lok-sabha-om-birla-adjourns-the-proceedings-of-the-house/10219/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 02 Aug 2021 07:24:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Citizen Journalist]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[TIS Utility]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Utility News]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Pandemic]]></category>
		<category><![CDATA[Electricity Amendment Bill]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers Protest]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Speaker]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon Session 2021 Live Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Om Birla]]></category>
		<category><![CDATA[Opposition uproar in Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament Monsoon Session 2021]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10219</guid>

					<description><![CDATA[<p>स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा विपक्ष, लोकसभा अध्यक्ष ने सारे प्रस्ताव किए खारिज  विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सोमवार को दो बार स्थगित करनी पड़ी लोकसभा की कार्यवाही  TISMedia@NewDelhi लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते सोमवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/breaking/opposition-uproar-in-lok-sabha-om-birla-adjourns-the-proceedings-of-the-house/10219/">लोकसभाः विपक्षी सदस्यों का हंगामा, सदन की कार्यवाही दो बार हुई स्थगित</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा विपक्ष, लोकसभा अध्यक्ष ने सारे प्रस्ताव किए खारिज </strong></li>
<li><strong>विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सोमवार को दो बार स्थगित करनी पड़ी लोकसभा की कार्यवाही </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते सोमवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओमबिरला ने सदस्यों को कार्यवाही बाधित न करने की नसीहत दी, लेकिन सारी कोशिशें अनदेखी होती देख करीब 40 मिनट की कार्यवाही चलने के बाद ही सदन स्थगित करना पड़ा। इसके बाद 12.30 बजे दोबारा कार्यवाही शुरु हुई लेकिन, हंगामे के चलते दोबारा दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, इस बीच सदन में सरकार ने कई महत्वपूर्ण बिल भी पास करने में सफलता हासिल की।</p>
<p>लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सबसे पहले ओलंपिक खेलों में बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू के कांस्य पदक जीतने का उन्हें बधाई दी। बिरला ने कहा कि सिंधु ने ओलंपिक खेलों में भारत के लिए व्यक्तिगत मुकाबलों में लगातार दूसरे ओलंपिक में मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा की ओर से सिंधु को बधाई दी। जिस पर सदन में मौजूद सांसदों ने मेज थपथपाकर सिंधु को साधुवाद दिया। इसके बाद बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करवाया, वैसे ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए उनके आसन के निकट पहुंच गए। विपक्षी सांसद ‘जासूसी करना बंद करो’ और ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ के नारे लगा रहे थे।</p>
<p><strong>सदन चर्चा के लिए, नारेबाजी के लिए नहीं </strong><br />
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए। सदन में हंगामा जारी रहने पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता ने आप को चुनकर भेजा है। दो सप्ताह से सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। जनता का करोड़ों रुपये खर्च हो रहा है। यह सदन चर्चा के लिए है, नारेबाजी के लिए नहीं। आप नारेबाजी कर रहे हैं और तख्तियां दिखा रहे हैं। यह ससंदीय परंपराओं के लिए उपयुक्त नहीं है। आप अपने स्थान पर जाइए, आपको चर्चा का पूरा समय दिया जाएगा।’’ लेकिन इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा तो उन्होंने करीब 11 बजकर 40 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p><strong>बिरला ने नकारा स्थगन प्रस्ताव </strong><br />
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष को स्थगन प्रस्ताव भेजा, लेकिन जैसे ही दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो चेयर संभाल रहे किरीट प्रेमजीभाई सोलंकी ने सदन को बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सभी स्थगन प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। जिसके बाद विपक्ष फिर हंगामा करने लगा, लेकिन सोलंकी ने सदन की कार्यवाही जारी रखी और वित्त विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिल इसी हंगामे के बीच पास करवाए। हालांकि हंगामा बढ़ता देख कुछ देर बाद फिर से सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/breaking/opposition-uproar-in-lok-sabha-om-birla-adjourns-the-proceedings-of-the-house/10219/">लोकसभाः विपक्षी सदस्यों का हंगामा, सदन की कार्यवाही दो बार हुई स्थगित</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/breaking/opposition-uproar-in-lok-sabha-om-birla-adjourns-the-proceedings-of-the-house/10219/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Parliament Monsoon Session 2021: TMC के बवाली सांसद शांतनु सेन पूरे सेशन के लिए सस्पेंड</title>
		<link>https://tismedia.in/india/parliament-monsoon-session-2021-tmc-mp-santanu-sen-suspended-for-the-entire-session/10107/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=parliament-monsoon-session-2021-tmc-mp-santanu-sen-suspended-for-the-entire-session</link>
					<comments>https://tismedia.in/india/parliament-monsoon-session-2021-tmc-mp-santanu-sen-suspended-for-the-entire-session/10107/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 23 Jul 2021 09:59:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Pandemic]]></category>
		<category><![CDATA[Electricity Amendment Bill]]></category>
		<category><![CDATA[Farmers Protest]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Speaker]]></category>
		<category><![CDATA[Monsoon Session 2021 Live Updates]]></category>
		<category><![CDATA[Narendra Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Om Birla of]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament Monsoon Session 2021]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament Monsoon Session 2021 TMC MP Santanu Sen]]></category>
		<category><![CDATA[PM Modi]]></category>
		<category><![CDATA[Rajya Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[TMC MP suspended for the Monsoon Session]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10107</guid>

					<description><![CDATA[<p>सभापति वेंकैया नायडू भड़के, बोलेः  शांतनु सेन की हरकत निचले स्तर पर गिरने वाली  कांग्रेस सांसदों ने किया संसद के बाहर प्रदर्शन, राहुल गांधी बोलेः मेरा भी फोन हुआ टेप  TISMedia@NewDelhi संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। कोरोना काल में हुई मोतों, पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून और अखबारी समूहों पर आयकर &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/parliament-monsoon-session-2021-tmc-mp-santanu-sen-suspended-for-the-entire-session/10107/">Parliament Monsoon Session 2021: TMC के बवाली सांसद शांतनु सेन पूरे सेशन के लिए सस्पेंड</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>सभापति वेंकैया नायडू भड़के, बोलेः  शांतनु सेन की हरकत निचले स्तर पर गिरने वाली </strong></li>
<li><strong>कांग्रेस सांसदों ने किया संसद के बाहर प्रदर्शन, राहुल गांधी बोलेः मेरा भी फोन हुआ टेप </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। कोरोना काल में हुई मोतों, पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून और अखबारी समूहों पर आयकर विभाग के छापों को लेकर मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जमकर बवाल काटा। विपक्ष के रवैये से नाराज राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू ने मंत्री के हाथ से कागज छीनकर फाड़ने वाले तृणमूल कांग्रेस के बवाली सांसद शांतनु सेन को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। वहीं कांग्रेसी सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। जिसमें राहुल गांधी ने अपना फोन भी टेप किए जाने का दावा किया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/opposition-parties-protest-in-parliament-against-income-tax-raids-on-dainik-bhaskar/10083/">भास्कर पर दबिश के विरोध में संसद ठप, विपक्ष ने बोला सरकार पर तीखा हमला</a></strong></p>
<p>मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही जैसे ही शुरु हुई विपक्ष हंगामा स्थगन प्रस्ताव पर पहले चर्चा कराने के लिए अड़ गया। सरकार से कोई जवाब नहीं मिलता देख विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इतने के बाद भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कार्यवाही जारी रखी तो विपक्षी सांसद वेल में आकर बवाल मचाने लगे।</p>
<p><strong>Read More:<a href="https://tismedia.in/india/controversy-on-covid-patients-death-due-to-oxygen-lack-in-india/10045/"> सांसों पर सियासतः सरकारों ने उड़ाया मौत का मजाक, ऑक्सीजन थी तो फिर क्यों मरे हजारों लोग  </a></strong></p>
<p><strong>लोकसभा सोमवार तक स्थगित </strong><br />
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया कोविड वैक्सीनेशन की जानकारी देने लगे। उन्होंने जैसे ही कहा कि इसे लेकर हम लोगों का साथ मिलकर काम करना चाहिए। टीकाकरण को लेकर जो भ्रम फैला रहे हैं उन्हें भी समझाने की जरूरत है। मंडाविया का बयान सुनते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा थमता न देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी, लेकिन दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष फिर हंगामा करने लगा तो लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/dainik-bhaskar-published-a-piece-of-news-and-counter-attacked-the-government-in-the-case-of-income-tax-raid/10068/">खबरों का खौफ: तो! भास्कर की तीखी पत्रकारिता से डरी सरकार, आप भी देखिए कौन सी हैं वह खबरें</a></strong></p>
<p><strong>वेंकैया नायडूः लोकतंत्र पर हमला  </strong><br />
राज्यसभा का हाल भी लोकसभा जैसा ही रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष हंगामा करने लगा। जिसके बाद सभापति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष के रवैये से नाराज राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन के घटनाक्रम से बहुत व्यथित हूं। दुर्भाग्य से, सदन की कार्यवाही के दौरान आईटी मंत्री से पेपर छिनकर उसे कई टुकड़ों में फाड़ दिया गया। ऐसा कृत्&#x200d;य सदन की कार्यवाही को निचले स्&#x200d;तर पर गिराने वाला है। इस तरह की कार्रवाई हमारे संसदीय लोकतंत्र पर स्पष्ट हमला है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/famous-poet-munavwar-rana-gave-controversial-statement-on-the-proposed-population-policy-of-uttar-pradesh/10008/">कुतर्कः दो बच्चे एनकाउंटर में मार देते हो, एक कोरोना में मर जाता है, कम से कम एक तो बच जाए</a></strong></p>
<p><strong>TMC सांसद शांतनु सेन पूरे सत्र के लिए निलंबित</strong><br />
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने तृणमूल सांसद शांतनु सेन को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। सरकार ने उनके निलंबन का प्रस्ताव राज्यसभा में रखा। सेन ने गुरुवार को आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव के हाथ से दस्तावेज लेकर फाड़ दिए थे। घटना पर शर्मिंदगी जताने की बजाय शुक्रवार को सेन फिर हंगामा करने लगे तो वैष्णव ने कटाक्बेष करते हुए कहा कि तृणमूल का बंगाल में हिंसा का कल्चर है और यही कल्चर वह सदन में लाने की कोशिश कर रही है। जिसके बाद फिर हंगामा होने लगा। वा में फेंक दिए।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-acb-arrested-irs-shashank-yadav-general-manager-of-neemuch-opium-factory/9986/">Kota ACB ने दबोचा देश का सबसे बड़ा घूसखोर IRS, 250 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा</a></strong></p>
<p><strong>मंत्रियों ने किया हमला: शांतनु सेन</strong><br />
राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी विपक्षी सदस्यों के पास पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि मंत्री अपना बयान देने के बाद उनके सवालों का जवाब देंगे, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। वैष्णव पूरा बयान नहीं पढ़ पाए तो इसे पटल पर रख दिया गया। वहीं, शांतनु सेन ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने राज्यसभा में उन्हें अपशब्द कहे और वे मारपीट करने वाले थे, लेकिन सहयोगियों ने उनको बचा लिया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/priyanka-gandhi-protested-in-lucknow-police-filed-a-case-against-500-congress-workers/9980/">प्रियंका गांधी ने पर्ची पर ऐसा क्या लिख दिया कि दर्ज हो गई 500 लोगों के खिलाफ एफआईआर</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेस ने दिया स्थगन प्रस्ताव का नोटिस</strong><br />
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने पेगासस जासूसी के मामले पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। वहीं, राज्&#x200d;यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने किसान आंदोलन के मामले पर चर्चा के लिए राज्&#x200d;यसभा में नोटिस भेजा है। इससे पहले कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले अपने सांसदों के साथ बैठक कर आगामी रणनीति बनाई। इतना ही नहीं कांग्रेस सांसदों ने सदन के बाहर गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन भी किया। जिसमें राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनका भी फोन टेप करवाया है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/parliament-monsoon-session-2021-tmc-mp-santanu-sen-suspended-for-the-entire-session/10107/">Parliament Monsoon Session 2021: TMC के बवाली सांसद शांतनु सेन पूरे सेशन के लिए सस्पेंड</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/india/parliament-monsoon-session-2021-tmc-mp-santanu-sen-suspended-for-the-entire-session/10107/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लोकसभाः व्यवधान और हंगामे के बाद भी रही 114 फीसदी उत्पादकता</title>
		<link>https://tismedia.in/india/114-percent-productivity-in-lok-sabha-proceedings-even-after-disruption/5713/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=114-percent-productivity-in-lok-sabha-proceedings-even-after-disruption</link>
					<comments>https://tismedia.in/india/114-percent-productivity-in-lok-sabha-proceedings-even-after-disruption/5713/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Mar 2021 14:54:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[17th Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Budget Session of Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[kota]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Question Hour]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha Speaker]]></category>
		<category><![CDATA[Om Birla]]></category>
		<category><![CDATA[Om Birla News]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament News]]></category>
		<category><![CDATA[Parliament of India]]></category>
		<category><![CDATA[Rajasthan]]></category>
		<category><![CDATA[the inside stories]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=5713</guid>

					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली. लोकसभा का बजट सत्र गुरूवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। व्यवधान और हंगामे के बीच भी बजट सत्र की उत्पादकता 114 प्रतिशत रही। सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का कुशल नेतृत्व अनेक अवसरों पर दिखा, जिसकी वजह से न सिर्फ नष्ट हुए समय की भरपाई हो सकी बल्कि सदन &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/114-percent-productivity-in-lok-sabha-proceedings-even-after-disruption/5713/">लोकसभाः व्यवधान और हंगामे के बाद भी रही 114 फीसदी उत्पादकता</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">नई दिल्ली.</span> </strong>लोकसभा का बजट सत्र गुरूवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। व्यवधान और हंगामे के बीच भी बजट सत्र की उत्पादकता 114 प्रतिशत रही। सत्र के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का कुशल नेतृत्व अनेक अवसरों पर दिखा, जिसकी वजह से न सिर्फ नष्ट हुए समय की भरपाई हो सकी बल्कि सदन की कार्यवाही निर्धारित अवधि से 48 घंटे 23 मिनट अधिक चली।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/politics/union-ministers-and-mps-in-lok-sabha-wished-speaker-om-birla-to-get-well-soon/5487/">लोकसभा: बिरला के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना, सांसद बोलेः लग रहा है सूनापन </a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>देर रात तक चली कार्यवाही </strong></span><br />
सत्रहवीं लोक सभा का पांचवा सत्र, 29 जनवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ आरम्भ हुआ था। दो भागों में विभाजित इस सत्र का पहला सत्र 13 फरवरी तक चला। लेकिन इस भाग का पहला सप्ताह विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन सुचारू रूप से चले इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रयास किए। बिरला की कोशिशों से सरकार तथा विपक्ष में सहमति बनी। उसके बाद बिरला ने देर रात तक कार्यवाही का संचालन किया तथा नष्ट हुए समय की भरपाई करते हुए उत्पादकता को 99.5 प्रतिशत तक पहुंचाया।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-coaching/jee-main-march-2021-allens-students-again-made-record-4-students-got-100-percentile/5674/">JEE Main March 2021: एलन ने फिर मारी बाजी, 4 स्टूडेंट्स ने हासिल किए 100 परसेंटाइल </a></strong></span></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">हुआ लाजवाब काम </span></strong><br />
बजट सत्र का दूसरा भाग 8 मार्च से प्रारंभ हुआ। इस बार भी पहले सप्ताह में विपक्ष ने कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न किया। हंगामे और गतिरोध के बीच इस बार भी लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने संकटमोचक बनते हुए सरकार और विपक्ष को एक मंच पर लाने में कामयाब हुए। इसके बाद एक बार पुनः सदन की कार्यवाही ने गति पकड़ी और दूसरे भाग के समाप्त होते-होते उत्पादकता 114 प्रतिशत हो गई। बजट सत्र के दौरान 17 विधेयक पुरःस्थापित किए गए जबकि 18 विधेयकों को विस्तृत चर्चा के बाद पास किया गया।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/sirohi-tehsildar-kalpesh-jain-burned-20-lakh-rupees-in-rajasthan/5693/">एसीबी तोड़ती रही दरवाजा, घूसखोर तहसीलदार जलाता रहा नोटों की गड्डियां </a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>जीरो ऑवर के हीरो बने लोकसभा अध्यक्ष</strong></span><br />
सत्र के दौरान अनेक अवसरों पर सदन ने देर रात तक बैठक की। प्रथम भाग में अलग-अलग अवसरों पर सदन की कार्यवाही देर रात 12 बजे या उसके बाद तक चली। सत्र के पहले भाग में सबसे अधिक उत्पादकता 9 फरवरी को 180 प्रतिशत जबकि दूसरे भाग में 16 मार्च को 203 प्रतिशत रिकाॅर्ड की गई। जीरो आवर के हीरो बन चुके लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस बार भी अधिक से अधिक सदस्यों को शून्यकाल में बोलने का अवसर देने की अपनी पहल को जारी रखा। बजट सत्र के दौरान निर्धारित 440 सदस्यों के स्थान पर इस बार 543 सदस्यों ने अविलंबनीय लोक महत्व के मुद्दों पर शून्य काल के दौरान सरकार का ध्यान आकर्षित किया। 24 मार्च को सर्वाधिक 92 सदस्यों को शून्यकाल में बोलने का अवसर मिला। 78 महिला सांसदों में से 44 सांसदों ने जीरो आवर में अपनी बात रखी।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/election-in-reform-in-india-make-election-task-force/5691/">सुनो! सरकारः ‘इलेक्शन टॉस्क फोर्स‘ बनाकर करो चुनाव सुधार </a> </strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>17वीं लोकसभा में कुल 122 प्रतिशत उत्पादकता</strong></span><br />
उत्पादकता के मामले में 17वीं लोकसभा ओम बिरला के नेतृत्व में नए रिकाॅर्ड बना रही है। अब तक आयोजित 5 सत्रों में लोकसभा की कुल उत्पादकता 122 प्रतिशत रही है। पहले सत्र में उत्पादकता 125 प्रतिशत, दूसरे में 115, तीसरे में 95, चैथे में लोकसभा इतिहास की सर्वाधिक 167 प्रतिशत तथा पांचवे में 114 प्रतिशत रही है। 17वीं लोकसभा के 5 में से चार सत्रों में उत्पादकता 100 प्रतिशत से अधिक रही है।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-police-expose-honey-trap-gang-who-frauds-with-men-of-13-states-by-porn-video-chat/5544/">13 राज्यों के हजारों लोग हुए हनीट्रेप का शिकार, पढ़ लीजिए यह खबर कहीं इनमें आप भी तो नहीं </a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बजट पर 10 की जगह पौने 15 घंटे चर्चा</strong></span><br />
सत्र के दौरान केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया गया। केंद्रीय बजट पर चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया था। परन्तु अधिक से अधिक सदस्य बजट पर अपना अभिमत रख सकें, इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने चर्चा को 14 घंटे 42 मिनट तक जारी रखा। राष्ट्रपति अभिभाषण पर भी निर्धारित 10 घंटे की जगह लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने 16 घंटे 39 मिनट चर्चा का अवसर दिया।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/corona-outbreak-in-rajasthan-two-corona-patients-died-and-80-positive-cases-found-in-kota-today/5712/">अब मौत बनकर टूटा कोरोना, कोटा में 2 लोगों की मौत, 80 नए मरीज मिले </a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>महिला दिवस पर अनूठी पहल</strong></span><br />
एक अनूठी पहल करते हुए लोक सभा अध्यक्ष, ओम बिरला ने 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर संसद भवन परिसर में महिला सांसदों और महिला पत्रकारों के साथ मुलाकात की । इस अवसर पर केंद्रीय वित्त और कारपोरेट कार्य मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण तथा केंद्रीय महिला एवं बाल विकास तथा वस्त्र मंत्री, श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी भी मौजूद थीं । इसके बाद श्री बिरला ने लोक सभा सचिवालय की महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मुलाकात की तथा सभा के निर्विघ्न संचालन में उनके योगदान की सराहना की।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/114-percent-productivity-in-lok-sabha-proceedings-even-after-disruption/5713/">लोकसभाः व्यवधान और हंगामे के बाद भी रही 114 फीसदी उत्पादकता</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/india/114-percent-productivity-in-lok-sabha-proceedings-even-after-disruption/5713/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सुनो! सरकारः ‘इलेक्शन टॉस्क फोर्स‘ बनाकर करो चुनाव सुधार</title>
		<link>https://tismedia.in/editorial/article/election-in-reform-in-india-make-election-task-force/5691/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=election-in-reform-in-india-make-election-task-force</link>
					<comments>https://tismedia.in/editorial/article/election-in-reform-in-india-make-election-task-force/5691/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 25 Mar 2021 10:29:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Article]]></category>
		<category><![CDATA[Editorial]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Democracy]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Subhodh Agnihotri]]></category>
		<category><![CDATA[Election]]></category>
		<category><![CDATA[Election Commission]]></category>
		<category><![CDATA[Election Commission of India]]></category>
		<category><![CDATA[Election Reform]]></category>
		<category><![CDATA[Election Task Force]]></category>
		<category><![CDATA[hindi news]]></category>
		<category><![CDATA[kota news]]></category>
		<category><![CDATA[Lok Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[political News]]></category>
		<category><![CDATA[Political Reform in India]]></category>
		<category><![CDATA[TISMedia]]></category>
		<category><![CDATA[Tismedia Editorial]]></category>
		<category><![CDATA[Vidhan Sabha]]></category>
		<category><![CDATA[VMOU]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=5691</guid>

					<description><![CDATA[<p>देश में सरकार गठन चाहे केन्द्र में हो या राज्यों में, चुनाव आयोग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वास्तव में चुनाव आयोग की शक्तियों और उसके दिशा-निर्देशों की अनुपालना के विषय में पूरे देश में जागरूकता तब आई जब टीएन शेषन वर्ष 1990 में देश के 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त बने। चुनाव आयोग या &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/editorial/article/election-in-reform-in-india-make-election-task-force/5691/">सुनो! सरकारः ‘इलेक्शन टॉस्क फोर्स‘ बनाकर करो चुनाव सुधार</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
		<div class="box info  aligncenter">
			<div class="box-inner-block">
				<span class="fa tie-shortcode-boxicon"></span>यह आलेख लिखने का मेरा उद्देश्य केवल इतना है कि देश में जब-जब चुनावी रिफॉर्म की बात उठती है तो इस बिंदु को या तो नजरंदाज कर दिया जाता है या फिर अब तक इस ओर किसी की निगाह ही नहीं गई है। इस लेख के जरिए मैं आपका ध्यान इस ओर लाना चाहता हूं कि देश में जब भी लोकसभा-विधानसभा के चुनावों के अलावा स्थानीय निकायों के चुनाव होते हैं तो सरकारी मुलाजिमों को चुनाव ड्यूटी पर लगा दिया जाता है। जिससे उनका काम तो प्रभावित होता ही साथ जनता भी परेशान होती है। क्यों न हम बेरोजगारों को इस काम से जोड़कर उन्हें रोजगार के अच्छे अवसर दें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में युवाओं को योदगान का अवसर दें। 
			</div>
		</div>
	
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-5698 size-full" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/election-reform-in-india-tismedia.jpg" alt="" width="800" height="600" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/election-reform-in-india-tismedia.jpg 800w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/election-reform-in-india-tismedia-300x225.jpg 300w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/election-reform-in-india-tismedia-768x576.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 800px) 100vw, 800px" /></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>देश</strong> </span>में सरकार गठन चाहे केन्द्र में हो या राज्यों में, चुनाव आयोग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वास्तव में चुनाव आयोग की शक्तियों और उसके दिशा-निर्देशों की अनुपालना के विषय में पूरे देश में जागरूकता तब आई जब टीएन शेषन वर्ष 1990 में देश के 10वें मुख्य चुनाव आयुक्त बने। चुनाव आयोग या जिसे निर्वाचन आयोग भी कहा जाता है, अपनी शक्तियों और संवैधानिक नियमों के दायरे में रहकर बहुत ही मजबूती से अपने काम को अंजाम दे रहा है। निर्विवाद कहा जाए तो अब इस निकाय ने भारतीय लोकतंत्र में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है, जिसे दूसरी दुनिया के देश भी ‘फालो‘ करते हैं।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">व्यवस्था की बड़ी खामी </span></strong><br />
मैं आपका ध्यान इस ओर लाना चाहता हूं कि देश में जब भी लोकसभा/विधानसभा के चुनावों के अलावा स्थानीय निकायों के चुनाव होते हैं तो सरकारी मुलाजिमों मसलन कॉलेज, स्कूलों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों-कर्मचारियों के अलावा अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों के अधिकारियों-कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी पर लगा दिया जाता है। मसलन चुनाव आयोग की वही शक्तियां यहां आड़े आती हैं जिनका लोकतंत्र में कोई सक्षम विरोध नहीं कर पाता और जिला अधिकारी जो कि जिला निर्वाचन अधिकारी की हैसियत से शक्ति संपन्न होकर अपने कठोर तरीकों से आदेशों को तामीला कराकर चुनाव कराते हैं। आचार संहिता लगने के बाद शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों में जहां अपने मूल कार्य से विरत होकर अपनी मूल संस्था के कार्य नुकसान की पीड़ा होती है वहीं चुनावी ड्यूटी की वह पीड़ा भी सामने होती है जिसमें उनसे निचले कैडर का अधिकारी या कर्मचारी उन्हें बेवजह डांट पिलाता है और बेइज्जत करता है। कुल मिलाकर इस भेड़िया-धसान स्थिति में किसी तरह अपनी इज्जत बचाकर ये सभी कार्मिक या तो ड्यूटी करते हैं और इनमें से कुछ ही ऐसे होते हैं जो प्रशासनिक नजदीकियों का फायदा उठाकर अपनी ड्यूटी कटवा लेते हैं। मेडिकल ग्राउंड पर कुछ लोगों को जरूर छूट मिल जाती है, लेकिन उसके लिए पूरे मेडिकल बोर्ड के सामने ‘एक्सरसाइज‘ करनी पड़ती है। कभी-कभी दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और मृत सरकारी कर्मियों की चुनावी ड्यूटी भी अखबारों की सुर्खियों में रहती है। ये तो रहा पूरा चुनावी राग जिसमें चुनाव प्रक्रिया निपटाना जिला कलेक्टर की मजबूरी होती है और सरकारी प्रतिष्ठान अपने कर्मियों के बगैर जैसे-तैसे इज्जत बचाकर कार्य निपटाते रहते हैं।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/kota-news/kota-police-expose-honey-trap-gang-who-frauds-with-men-of-13-states-by-porn-video-chat/5544/">13 राज्यों के हजारों लोग हुए हनीट्रेप का शिकार, पढ़ लीजिए यह खबर कहीं इनमें आप भी तो नहीं</a></span></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बेरोजगारों की फौज होगी खत्म </strong></span><br />
अब बात एक नए पक्ष की करते हैं। देश में जब-जब चुनावी रिफॉर्म की बात उठती है तो इस बिंदु को या तो नजरंदाज कर दिया जाता है या फिर अब तक इस ओर किसी की निगाह ही नहीं गई है। सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानियों के देश में 65 फीसदी से ऊपर युवा फौज है जिसकी उम्र 30 से 40 वर्ष के बीच है। देश के हर प्रांत के हर जिले में रोजगार पंजीकरण कार्यालय भी खोले गए हैं और उनमें इंटरमीडिएट उत्तीर्ण से लेकर परास्नातक और पीएचडी किए हुए बेरोजगार युवाओं ने अपना पंजीकरण क्रमांक ले रखा है। गाहे-बगाहे कभी-कभार कुछ बेरोजगारों के पास साक्षात्कार के कॉल लेटर भी आ जाते हैं। अगर चुनाव आयोग चाहे तो वह हर जिले में शिक्षित बेरोजगार स्नातकों-परास्नातकों की पूरी फौज में से चार-पांच हजार युवाओं को चिन्हित कर उन्हें अपर जिला कलेक्टर या उसके किसी समकक्ष अधिकारी के निर्देशन में पूरी वैधानिक प्रक्रिया के साथ उन्हें चुनावी प्रक्रिया का प्रशिक्षण प्रदान करे। इसे कई चरणों में किया जा सकता है। इस कार्य के लिए बेरोजगार युवाओं की टीमों का पंजीकरण 50 से लेकर 100 के ‘स्लाट‘ में किया जाए। हर युवा साथी का आधार कार्ड, बैंक खाते का ब्योरा, मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड संबंधी ब्योरा कंप्यूटरीकृत करके रखा जाए। मतदाता सूचियों से लेकर मतगणना तक के कार्यों का पूरी शिद्दत के साथ उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए। जो मानदेय निर्वाचन आयोग आज शिक्षकों और कर्मचारियों के अलावा सरकारी प्रक्रमों के अधिकारियों पर खर्च कर रहा है, उसे उन प्रशिक्षित बेरोजगारों के मध्य बैंक के माध्यम से उनके खातों में भेजा जाए।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;"><img loading="lazy" decoding="async" class=" wp-image-5695 alignleft" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/election-commission-of-india-tismedia-300x150.jpg" alt="" width="378" height="189" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/election-commission-of-india-tismedia-300x150.jpg 300w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/election-commission-of-india-tismedia-768x384.jpg 768w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/election-commission-of-india-tismedia.jpg 900w" sizes="auto, (max-width: 378px) 100vw, 378px" />इलेक्शन टास्क फोर्स के फायदे </span></strong><br />
मेरा मानना है कि ऐसे ‘टास्क फोर्स‘ के गठन से जहां सालभर बेरोजगार घूमने वाली फौज को तीन से चार महीने का रोजगार मिलेगा वहीं उन्हें देश की ऐसी सांविधानिक संस्था से जुड़कर कार्य करने को मौका मिलेगा जो वास्तव में उनके कॅरियर को एक नई दिशा भी देगा। हर चुनाव में ऐसे अनेक आरोप-प्रत्यारोपों का सामना चुनाव आयोग को करना पड़ता है जिसमें शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की चुनाव कार्यों में ड्यूटी लगने के बाद उनके मूल प्रतिष्ठानों का कार्य बुरी तरह प्रभावित होता है। और तो और सरकारी स्कूलों में जहां शिक्षकों की तादाद वैसे ही कम होती है और उन स्कूलों के दो-तीन शिक्षकों की ड्यूटी बीएलओ यानी बूथ लेवल ऑफिसर के तौर पर चुनाव के कार्यों के निस्तारण या फिर जनगणना में लगा दी जाती है तो हमारी प्राथमिक शिक्षा पर इससे बड़ा कुठाराघात और कुछ नहीं हो सकता है। ये कार्य कुछ बेरोजगार युवा साथी एक कम अवधि का सरकारी प्रशिक्षण पाने के बाद आसानी से कर सकते हैं। वहीं डिग्री कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की चुनावी ड्यूटी लगने के बाद इन जगहों पर भी शिक्षा व्यवस्था और रोजमर्रा के कामों पर ताला जड़ जाता है। इसके अलावा एक राज्य के युवा टास्क फोर्स को दूसरे राज्य में भी लगाए जाने से चुनावी प्रक्रिया पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगा पाएगा।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/kota-news/acb-arrested-senior-section-engineer-for-taking-bribe-in-kota-railway-division/5620/">एसीबी ने रेलवे का सीनियर सेक्शन इंजीनियर को 35 हजार की घूस लेते रंगे हाथ दबोचा</a></span></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>साबित होगा मील का पत्थर </strong></span><br />
कहने का तात्पर्य ये है कि शायद यह उतना बड़ा कार्य नहीं होगा जितना बड़ा कार्य मतदाता पहचान पत्र बनाने में किया गया था। एक पहल तो आयोग को ही करनी होगी। टीएन शेषन ने जब कहा था सभी के पास मतदाता पहचान पत्र होना चाहिए तो इसे ‘पागलपन का फैसला‘ कहने वालों की पूरी फौज देश में खड़ी थी, लेकिन उनका हठ कहें या फिर मजबूत इच्छाशक्ति, उनके इस फैसले को आगे के सभी अधिकारियों का समर्थन मिला और देश में मतदाता पहचान पत्र को एक नई पहचान मिली। हर नए कदम का पहले स्तर पर तो विरोध होगा ही लेकिन अगर मजबूती से उसे निभाया जाएगा तो उसका परिणाम अच्छा ही होगा। केन्द्र और राज्य सरकारें भी युवा शक्ति को रोजगार देने के लिए चिन्तित दिखाई देती हैं। एक मौका सामने है, सभी देखें, समझें और मंथन कर फैसला करें। वैसे गेंद तो चुनाव आयोग के पाले में है, निर्णय उसे करना है कि चुनावी रिफार्म में वह कहां तक और आगे जा सकता है।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>लेखकः <span style="color: #000000;">डॉ. सुबोध अग्निहोत्री, निदेशक, पत्रकारिता एवं जनसंचार, वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा</span></strong></span><span style="color: #000000;"> </span><br />
(<span style="color: #ff0000;"><strong>ये लेखक के अपने निजी विचार हैं।</strong></span>)</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/editorial/article/election-in-reform-in-india-make-election-task-force/5691/">सुनो! सरकारः ‘इलेक्शन टॉस्क फोर्स‘ बनाकर करो चुनाव सुधार</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/editorial/article/election-in-reform-in-india-make-election-task-force/5691/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>1</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
