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	<title>Rajya Sabha Archives - TIS Media</title>
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	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
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	<title>Rajya Sabha Archives - TIS Media</title>
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		<title>पीएम मोदीः कांग्रेस राज में गिरीं 90 सरकारें, अकेले इंदिरा जी ने हटा दीं 50</title>
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		<pubDate>Thu, 09 Feb 2023 13:52:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके शासन काल के दौरान 90 सरकारें गिरीं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम लेते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर कई प्रहार किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने राज्य सरकारों को बर्खास्त करने के लिए संविधान &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><strong><span style="color: #ff0000;">नई दिल्ली।</span></strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि उनके शासन काल के दौरान 90 सरकारें गिरीं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम लेते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर कई प्रहार किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने राज्य सरकारों को बर्खास्त करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 356 का 50 बार &#8216;दुरुपयोग&#8217; किया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्यसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने जैसे ही जवाब देना आरंभ किया वैसे ही कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित कुछ विपक्षी दलों के सदस्य आसन के निकट आ गए और नारेबाजी करने लगे। प्रधानमंत्री ने कहा, &#8220;शरद पवार की सरकार कांग्रेस ने गिराई। इंदिरा गांधी ने 50 बार चुनी हुई सरकार गिराई।&#8221; पीएम मोदी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने 50 बार 356 का इस्तेमाल किया और धड़ाधड़ राज्य सरकारें गिराईं।</p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सबसे पुरानी पार्टी थी जिसने संवैधानिक प्रावधानों का सबसे अधिक दुरुपयोग किया और निर्वाचित राज्य सरकारों को अपनी इच्छा से गिरा दिया। उन्होंने कांग्रेस का पक्ष लेने के लिए वामपंथी दलों पर भी निशाना साधा और उन्हें याद दिलाया कि कैसे नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार ने केरल में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई पहली कम्युनिस्ट सरकार को बर्खास्त कर दिया था।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8220;एक प्रधानमंत्री ने आर्टिकल 356 का 50 बार उपयोग किया। आधी सेंचुरी कर दी। वो नाम है श्रीमती इंदिरा गांधी का। 50 बार सरकार को गिरा दिया। केरल में जो लोग आज इनके (कांग्रेस के) साथ खड़े हैं वो लोग ध्यान से सुन लें। जब केरल में वामपंथी सरकार चुनी गई जिसे पंडित नेहरू पसंद नहीं करते थे, कुछ ही काल खंड के अंदर चुनी हुई पहली सरकार को गिरा दिया।&#8221; पीएम ने कहा, &#8220;तमिलनाडु में MGR, करुणानिधि जैसे दिग्गजों की सरकारों को इन्हीं कांग्रेस वालों ने बर्खास्त कर दिया।&#8221;</p>
<p>प्रधानमंत्री केंद्र द्वारा राज्य सरकारों को परेशान करने के आरोपों का जवाब दे रहे थे। पीएण मोदी ने कहा कि वह संघवाद के महत्व को समझते हैं क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में भी काम किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने बार-बार “सहयोगी-प्रतिस्पर्धी संघवाद” पर जोर दिया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि कांग्रेस ने साठ सालों में देश में मजबूत बुनियाद रखी और मोदी उसका श्रेय ले रहे हैं। मोदी ने कहा कि जब 2014 में वह देश के प्रधानमंत्री बने तो उन्हें नजर आया कि 60 साल में &#8221;कांग्रेस के परिवार&#8221; ने गड्ढे ही गड्ढे कर दिए हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, &#8221;हो सकता है कि उनका इरादा नेक होगा, लेकिन उन्होंने गड्ढे ही गड्ढे कर दिए हैं। जब वह गड्ढे खोद रहे थे&#8230; छह-छह दशक बर्बाद कर दिए थे उस समय दुनिया के छोटे-छोटे देश भी सफलता के शिखरों को छू रहे थे&#8230; आगे बढ़ रहे थे।&#8221; प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्षी सदस्य अडाणी समूह से जुड़े मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति गठित किए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।</p>
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		<title>आखिर किससे बोले पीएम मोदी, ओ जाने वाले!&#8230; लौट कर आना</title>
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		<pubDate>Thu, 31 Mar 2022 07:25:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>कपिल सिब्बल, पी. चिदंबर, जयराम रमेश और एके एंटनी जैसे कई दिग्गज नेताओं का हुआ कार्यकाल पूरा  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पीएम मोदी और राज्यसभा के सभापति एवं उपसभापति ने दी विदाई  TISMedia@NewDelhi राज्यसभा से रिटायर हो रहे 72 सांसदों की विदाई के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं कामना करता हूं &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>कपिल सिब्बल, पी. चिदंबर, जयराम रमेश और एके एंटनी जैसे कई दिग्गज नेताओं का हुआ कार्यकाल पूरा </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, पीएम मोदी और राज्यसभा के सभापति एवं उपसभापति ने दी विदाई </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> </span>राज्यसभा से रिटायर हो रहे 72 सांसदों की विदाई के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं कामना करता हूं कि आप सभी लोग वापस आएंगे। उन्होंने कहा कि सदन में आप लोगों का अनुभव हम सभी के बहुत काम आएगा। इसलिए हो सके तो जल्दी लौट कर आना&#8230;।</p>
<p><iframe title="PM Modi। ओ जाने वाले! लौटकर आना... पीएम मोदी ने किससे कही यह बात" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/mPj22YxK0-I?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>संसद के उच्च सदन राज्यसभा से रिटायर होने वाले 72 सांसदों में कपिल सिब्बल, पी. चिदंबर, जयराम रमेश और एके एंटनी जैसे कई दिग्गज नेता शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा के नेता सुब्रमण्यन स्वामी भी रिटायर हो गए हैं। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में विदाई भाषण के दौरान कहा कि मेरी कामना है कि आप सभी लोग वापस लौट कर सदन में आएं। पीएम मोदी ने कहा, &#8216;हमारे राज्यसभा सांसदों का लंबा अनुभव रहा है। कई बार अनुभव अकादमिक ज्ञान से भी ज्यादा अहम होता है। मैं रिटायर हो रहे सदस्यों से कहूंगा कि लौट कर आना।&#8217;</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/congress-protest-against-inflation/11862/">महंगाई पर कांग्रेस का हल्लाबोल: राहुल समेत कई बड़े नेता सड़क पर उतरे</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सभी ने बांटे अपने अनुभव </strong></span><br />
पीएम मोदी ने कहा कि हमने संसद में लंबा वक्त साथ गुजारा है। इस सदन ने हमारी जिंदगी में अहम योगदान दिया है, जितना हमने उसके लिए किया है, उससे कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि इस सदन के सदस्य के तौर पर सांसदों को देश की चारों दिशाओं का अनुभव हासिल होता है। इस दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मैं और कांग्रेस पार्टी बहुत कुछ खो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदन में आनंद शर्मा से विदेश मामलों में मैंने हमेशा सीखा था। खड़गे ने कहा कि एके एंटनी ज्यादा बोलते नहीं थे, लेकिन उनकी सलाह हमेशा अहम रही है। उन्होंने कहा कि एके एंटनी ने बहुत से काम किए, लेकिन कभी उन चीजों के लिए क्रेडिट नहीं लिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kirori-singh-bainsla-passes-away/11854/">गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला का निधन, एक इशारे पर थम जाता था पूरा राजस्थान</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>राजनीतिक शख्स कभी लोग रिटायर नहीं होते</strong></span><br />
कांग्रेस नेता ने पी <a href ="https://ed-hrvatski.com/genericka-cialis/" style="text-decoration: none; border-color: transparent; color: #333; font-weight: normal">cialis cijena</a>. चिदंबरम के रिटायरमेंट पर खड़गे ने कहा कि वह आर्थिक मामलों और कानूनी मसलों के बड़े ज्ञाता रहे हैं। राज्य सभा में उन्होंने हमेशा बेहद संजीदगी के साथ अपनी बात रखी थी। शायराना अंदाज में खड़गे ने कहा, &#8216;आपके साथ कुछ लम्हे और कई यादें बतौर इनाम मिले, आपके साथ सफर पर निकले और अनुभव तमाम मिले।&#8217; एक और शेर सुनाते हुए कांग्रेस के लीडर ने कहा, &#8216;विदाई तो है एक दस्तूर पुराना, पर ऐसी छाप छोड़ जाओ कि हर कोई गाओ आपका तराना।&#8217; कांग्रेस के नेता ने कहा कि राजनीतिक शख्स कभी लोग रिटायर नहीं होते। आप मजबूती से रहिए, हम सदैव आपके साथ रहेंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/kota-news/congress-leaders-beat-up-the-employee-of-kota-electricity-supply-company-kedl/11829/">मंत्री के चहेतों की गुंडई! बिजली कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव को पीटा, चेन लूटी, मारने की धमकी दी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा</strong></span><br />
रिटायर हो रहे सदस्यों के लिए आयोजित ग्रुप फोटो कार्यक्रम में मौजूद रहे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी सदस्यों ने मुलाकात की। काफी देर तक सदन के बेहतर संचालन के लिए चर्चा भी हुई। इस दौरान बिरला ने कहा कि जनता की आशाओं को इन सांसदों ने भली भांति पूरा किया है। लोकतंत्र को सशक्त बनाने में किए गए उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। रिटायर हो रहे सदस्यों के कार्य दोनों सदनों के नए सदस्यों को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/national/come-again-pm-narendra-modi-says-on-retirement-of-72-rajya-sabha-mp/11867/">आखिर किससे बोले पीएम मोदी, ओ जाने वाले!&#8230; लौट कर आना</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</title>
		<link>https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior</link>
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		<pubDate>Thu, 12 Aug 2021 17:15:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>विपक्षी पार्टियों का आरोप: राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई, सत्ता पक्ष: विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की नायडू और बिरला ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का लिया फैसला, बवाली सांसदों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही  TISMedia@NewDelhi राज्यसभा में बुधवार को जमकर बवाल काटना और फिर सांसदों के साथ मारपीट का आरोप लगाने वाले &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/">Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>विपक्षी पार्टियों का आरोप: राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई, सत्ता पक्ष: विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की</strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>नायडू और बिरला ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने का लिया फैसला, बवाली सांसदों के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही </strong></span></li>
</ul>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@NewDelhi</span></strong> राज्यसभा में बुधवार को जमकर बवाल काटना और फिर सांसदों के साथ मारपीट का आरोप लगाने वाले पूरे विपक्ष की एक सीसीटीवी फुटेज ने पोल खोलकर रख दी है। राज्यसभा में लगे इस सीसीटीवी ने वो सबकुछ कैद कर लिया, जिसे मीडिया के कैमरों से दूर रखा गया। अब इस सीसीटीवी फुटेज के बाहर आते ही पूरे विपक्ष में हडकंप मच गया है। वहीं संसद के सुरक्षाकर्मियों ने राज्य सभा के सभापति वैंकया नायडू और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सांसदों के दुर्व्यवहार की शिकायत की है। जिसके बाद संसद में बवाल काटने वाले सांसदों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="Rajya Sabha। सांसद जी! कुछ तो शर्म करो, पहलवानी के लिए संसद नहीं अखाड़े हैं..." width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/K0QoWK8qb7k?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>राज्यसभा में बुधवार को सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021 को सदन में हंगामे के बीच पारित किया गया, जबकि विपक्ष विधेयक को एक प्रवर समिति को भेजने की मांग कर रहा था। जब सरकार ने हंगामे के बीच बिल पर चर्चा के लिए दबाव डाला, तो सीपीआई सांसद बिनॉय विश्वम ने रिपोर्टर की मेज पर चढ़ने की कोशिश की तो सदन को तुरंत स्थगित कर दिया गया। जिसके बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया था। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि कुछ सांसद मार्शलों का रास्ता रोक रहे हैं। इतना ही नहीं सांसद मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की तक करते हुए दिखाई दे रहे हैं।</p>
<p><iframe loading="lazy" title="#LokSabha 17 दिनों में सिर्फ 21 घंटे ही किया सांसदों ने काम... दुखी हुए अध्यक्ष" width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/XkkWEmn_FTQ?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर </strong></span><br />
मानसून सत्र खत्म होने के बाद अब संसद में हुए हंगामे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि राज्यसभा में सांसदों की पिटाई हुई तो सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष ने तोड़फोड़ और बदसलूकी की। विपक्ष ने महिला सांसदों से धक्कामुक्की का आरोप लगाया है तो सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्षी सांसदों ने मार्शलों से हाथापाई की की। विपक्ष ने आरोप लगाया कि वो संसद में सुरक्षित नहीं थे जिसे सत्ता पक्ष ने झूठ करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने संसद नहीं चलने दी, इस पर सरकार का कहना है कि विपक्ष ने संसद को सड़क बना दिया। विपक्ष ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है तो सरकार ने विपक्ष पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाया है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/">लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सांसदों पर गाज गिरना तय </strong></span><br />
इसी बीच संसद में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन तक किया। लेकिन, मामला उस वक्त गंभीर हो गया जब सारे घटनाक्रम को लेकर गुरुवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की बैठक हुई। इस बैठक में दोनों ने मानसून सत्र के दौरान सदन में हुई घटनाओं पर गहनता से विचार विमर्श किया। सूत्रों की मानें तो दोनों सदनों के सभापतियों के बीच संसद की गरिमा को नुकसान पहुंचाने वाले सांसदों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर एक राय बन चुकी है। सूत्रों के मुताबिक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस बात से खासे आहत थे कि दो दिन पहले लोकसभा स्थगित करने के बाद सत्ता और विपक्ष के सभी नेताओं ने उनसे मुलाकात कर सदन की भावी कार्यवाहियों को बिना किसी व्यवधान के संचालित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अगले ही रोज राज्यसभा में विपक्ष ने इस कदर हंगामा किया कि बेकाबू हुए सांसदों को रोकने के लिए मार्शल तक बुलाने पड़े। सूत्रों के मुताबिक इसके बाद दोनों ही सदनों के सभापतियों के बीच पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कराने की सहमति बन चुकी है और जल्द ही इसका असर भी दिखाई देने लगेगा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/">वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सुरक्षा कर्मियों ने की शिकायत, कार्यवाही की मांग</strong>  </span><br />
राज्यसभा में हंगामे के बाद विपक्ष ने मार्शलों पर हाथापाई करने के आरोप लगाया। जिसके बाद सदन में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने भी बवाल काटने वाले सांसदों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदन में सुरक्षा सहायक-ग्रेड 2 के पद पर तैनात महिला सुरक्षाकर्मी अक्षिता भट्ट ने राज्यसभा सचिवालय में सांसदों के खिलाफ शिकायत दी है। अक्षिता ने संसद के सुरक्षा निदेशक को दी अपनी इस लिखित शिकायत में कहा है कि महिला सांसदों ने बांह पकड़कर उसे घसीटा। यह दोनों महिला सांसद अपने पुरुष सांसद साथियों की मदद करना चाहती थीं ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ कर आसन की ओर जा सकें। प्रदर्शन में शामिल कई पुरुष सांसद सुरक्षा घेरा तोड़ने के लिए उनकी ओर बढ़े। जब उन्हें रोकने की कोशिश की तब सांसद छाया वर्मा और फुलो देवी नेताम आगे आईं और उन्होंने अपने पुरुष सहयोगियों के लिए रास्ता बनाया ताकि वो सुरक्षा घेरे को तोड़ सकें और टेबल तक पहुंच सकें।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/how-was-the-goonda-act-made-in-india/10308/">कौन है गुंडा? कैसे बना गुंडा एक्ट? जानिए हैरतंगेज हकीकत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>सांसद जी! ये कैसा बर्ताव है </strong></span><br />
अकेली अक्षिता भट्ट ही नहीं हंगामे के दौरान सदन में मौजूद सुरक्षा सहायक राकेश नेगी ने भी संसद के सुरक्षा निदेशक को लिखित शिकायत दी है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि &#8220;बुधवार को मेरी ड्यूटी राज्यसभा के अंदर बतौर मार्शल लगी हुई थी। सांसद एलमाराम करीम और अनिल देसाई ने मार्शलों के द्वारा बनाए गए सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश की। हंगामे के दौरान एलमारन करीम ने मेरी गर्दन पकड़ी और मुझे घसीटने लगे ताकि वो मुझे सुरक्षा घेरा बनाने से रोक सकें। इस दौरान मेरी गर्दन चौक हो गई और मुझे घुटन होने लगी। मैने जैसे तैसे अपनी गर्दन छुड़ाई तब जाकर लगा कि छोड़ी देर और होती तो आज जान ही चली जाती।&#8221;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/security-assistants-in-rajya-sabha-blames-opposition-mps-elamaran-kareem-anil-desai-chhaya-verma-phulo-devi-for-misbehavior/10354/">Video राज्यसभाः एक सीसीटीवी फुटेज ने खोल दी पूरे विपक्ष की पोल, सांसदों ने दबाया मार्शल का गला</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</title>
		<link>https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons</link>
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		<pubDate>Thu, 12 Aug 2021 06:26:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>दो दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुई लोकसभा, लोकसभा अध्यक्ष से मिले सभी दलों के मुखिया  सरकार ने 7 विधेयक बिना चर्चा के ही करा लिए पारिए, दिवालियापन संहिता में भी हो गया संशोधन   TISMedia@Kota 17 वीं लोकसभा का छठवां सत्र सिर्फ 17 दिन ही चल सका। इस बीच विपक्ष पर सिर्फ और &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/17th-lok-sabha-work-report-of-all-six-seasons/10347/">लोकसभाः &#8220;शून्य&#8221; साबित हुआ शून्य काल, जनता को भूले माननीयों को सताई सिर्फ &#8220;जासूसी&#8221; की चिंता</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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<li><span style="color: #ff0000;"><strong>दो दिन पहले ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित हुई लोकसभा, लोकसभा अध्यक्ष से मिले सभी दलों के मुखिया </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>सरकार ने 7 विधेयक बिना चर्चा के ही करा लिए पारिए, दिवालियापन संहिता में भी हो गया संशोधन  </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Kota</strong> </span>17 वीं लोकसभा का छठवां सत्र सिर्फ 17 दिन ही चल सका। इस बीच विपक्ष पर सिर्फ और सिर्फ खुद की जासूसी ही तारी रही। भयावह कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बुलाए गए संसद के इस सत्र में जनता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। न किसी ने तीसरी लहर के दौरान सुरक्षा और बचाव के इंतजामों पर बात करना जरूरी समझा और ना ही दो साल से घरों में बंद पड़े नौनिहालों को स्कूलों तक लाने का रास्ता दिखाने की किसी ने जहमत उठाई। पूरे सत्र में माननीयों को सिर्फ और सिर्फ एक ही चिंता तारी थी कि कहीं सरकार उनकी जासूसी तो नहीं करा रही। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर माननीय ऐसा क्या करते हैं जिन्हें सार्वजनिक जीवन में भी गोपनीयता की इस कदर जरूरत आन पड़ी है।</p>
<p>17वीं लोकसभा का यह छठा सत्र 19 जुलाई को शुरू हुआ। इसे 13 अगस्त तक चलना था, लेकिन विपक्ष के लगातार हंगामे और बवाल के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दो दिन पहले ही यानि 11 अगस्त को इसे खत्म करने की घोषणा कर दी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/monsoon-session-of-lok-sabha-adjourned-indefinitely-only-22-percent-work-done/10324/">वाह सांसद जी! वेतन भत्ता लिया लाखों का, काम किया सिर्फ 21 घंटे 14 मिनट</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>वक्त और पैसों की बर्बादी </strong></span><br />
मानसून सत्र में जनता के वक्त और पैसे की जमकर बर्बादी हुई।  17वीं लोकसभा में अब तक आयोजित हुए सत्रों की बात करें तो पहले सत्र में 37 बैठकें हुईं। जबकि दूसरे सत्र में 20, तीसरे में 23, चौथे सत्र में 10 और पांचवें सत्र में 24 बैठकें हो सकीं। जबकि छठवें सत्र में सिर्फ 17 बैठकें ही हुईं। यानि चौथा और छठवां सत्र जनता के वक्त और पैसों की बर्बादी ही साबित हुआ। इस दौरान माननीयों ने कुल 21 घंटे और 14 मिनट ही काम किया। काम के नाम पर भी विपक्ष तो सिर्फ और सिर्फ हंगामा ही करता रहा। काम के मामले में लोकसभा का पहला सत्र सबसे बेहतर साबित हुआ। इस सत्र में 280 घंटे काम हुआ था। जबकि दूसरे सत्र में यह आंकड़ा 130.45, तीसरे सत्र में 110.15, चौथे सत्र में 60 और पांचवें सत्र में 132 घंटे ही रहा। यानि अपनी जासूसी की चिंता में डूबे माननीयों ने जनता के मुद्दों को दरकिनार कर 74 घंटे 46 मिनट का समय बर्बाद किया। पहले सत्र को छोड़ दिया जाए तो वक्त की बर्बादी अब शायद संसदीय कार्य प्रणाली का हिस्सा ही बन चुकी है। लोकसभा सचिवालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो दूसरे सत्र में माननीयों ने छह घंटे 39 मिनट समय बर्बाद किया। वहीं, तीसरे सत्र में 30 घंटे तीन मिनट और चौथे सत्र में तीन घंटे 51 मिनट की बर्बादी हुई।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/how-was-the-goonda-act-made-in-india/10308/">कौन है गुंडा? कैसे बना गुंडा एक्ट? जानिए हैरतंगेज हकीकत</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>शून्य काल में पसरा शून्य</strong> </span><br />
17वीं लोकसभा के छठे सत्र में शून्य काल के दौरान &#8220;शून्य&#8221; ही पसरा रहा। देश ही नहीं करोड़ों लोग रोजी-रोटी से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए बेकल हैं, लेकिन माननीयों ने इस दौरान &#8220;तत्काल सार्वजनिक महत्व&#8221; का एक भी मामला नहीं उठाया। जबकि, लोकसभा सचिवालय के आंकड़ों के मुताबिक 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में शून्य काल के दौरान तत्काल सार्वजनिक महत्व के कुल 1066 मामले उठाए गए थे। दूसरे सत्र में 934, तीसरे में 436, चौथे में 370 और पांचवें सत्र में 583 मामले उठाए गए थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/flood-in-kota-lok-sabha-speaker-reached-the-flood-affected-areas/10292/">Flood In Kota: बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष, लोगों तक पहुंचाई मदद</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>नियम 193 के तहत एक भी चर्चा नहीं हुई</strong></span><br />
मंत्रियों की ओर से कुल 52 बयान दिए गए। इसके अलावा इस सत्र में संसदीय समितियों की ओर से कुल 60 रिपोर्ट पेश की गईं। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में एक भी रिपोर्ट नहीं पेश की गई थी। दूसरे सत्र में यह संख्या 48, तीसरे सत्र में 58, चौथे सत्र में दो और पांचवें सत्र में 171 रही थी। लोकसभा के छठे सत्र में 320 चिह्नित प्रश्न स्वीकार किए गए। इनमें से 66 सवालों का मौखिक रूप से उत्तर दिया गया। वहीं, स्वीकार किए गए गैर चिह्नित सवालों की संख्या 3680 रही। चिह्नित प्रश्नों की बात करें तो पहले सत्र में 500 सवाल स्वीकार गए थे और 183 का मौखिक उत्तर दिया गया था। दूसरे सत्र में यह आंकड़ा 380 और 140 का रहा था। तीसरे सत्र में यह संख्या 420 और 98, पांचवें सत्र में 440 और 84 रही थी। चौथे सत्र में दोनों आंकड़े शून्य रहे थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/story-of-youngest-martyr-of-indian-independence-movement-khudiram-bose/10330/">सुनो! मौका देकर तो देखो&#8230; जज साहब, मैं तुम्हें भी बम बनाना सिखा सकता हूं&#8230;</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">नियम 317 के तहत उठाए 331 मामले</span></strong><br />
नियम 317 के तहत कुल 331 मामले उठाए गए। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में नियम 317 के तहत सबसे ज्यादा 488 मामले उठाए गए थे। दूसरे सत्र में यह संख्या 364, तीसरे सत्र में 399, चौथे सत्र में 183 और पांचवें सत्र में 405 रही थी। बता दें कि नियम 377 में प्रावधान है कि यदि कोई सदस्य सदन के ध्यान में कोई ऐसा मामला लाना चाहता है जो व्यवस्था का विषय न हो, तो इसके लिए उसे सचिव को लिखित नोटिस देना होता है। इसमें मामले का स्पष्ट और सटीक रूप से उल्लेख होना चाहिए। सदस्य को इसे उठाने की अनुमति तभी दी जा सकती है जब अध्यक्ष ने सहमति दे दी हो। इसका समय और तारीख अध्यक्ष तय करता है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/indian-army-rescued-34-people-trapped-in-flood-affected-areas-of-sangod-kota/10283/">Flood in Kota: जलजले में फंसे लोगों को बचाने सांगोद में उतरी सेना, 34 लोगों का किया रेस्क्यू</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बिना चर्चा के पास हो गए 7 विधेयक </strong></span><br />
मानसून सत्र में सरकार ने लोकसभा में कुल 13 विधेयक पेश किए और 20 विधेयक पारित हुए। यानी कि सात विधेयक बिना चर्चा के ही पारिए कर दिए गए। 17वीं लोकसभा के बाकी सत्रों की बात करें तो पहले सत्र में 33 विधेयक पेश हुए थे और 35 पारित हुए थे। दूसरे में 18 पेश हुए थे और 14 पारित हुए थे। तीसरे सत्र में 18 पेश हुए थे और 15 पारित हुए थे। चौथे सत्र में 16 विधेयक पेश हुए थे और 25 पारित हुए थे। पांचवें में 17 पेश हुए थे और 18 विधेयक पारित हुए थे।</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>छठे सत्र में पेश किए गए ये 13 विधेयक</strong></span><br />
<strong><span style="color: #000000;"><span style="color: #ff0000;">तारीख &#8211;</span> पेश किए गए विधेयक </span></strong><br />
<strong><span style="color: #ff0000;">22 जुलाई &#8211;</span></strong> अंतरदेशीय पोत विधेयक, 2021<br />
<span style="color: #ff0000;"><strong>22 जुलाई &#8211;</strong></span> आवश्यक रक्षा सेवा विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">26 जुलाई &#8211;</span></strong> दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">28 जुलाई &#8211;</span></strong> विनियोग (नंबर 4) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">28 जुलाई &#8211;</span></strong> विनियोग (नंबर 3) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">30 जुलाई &#8211;</span></strong> एनसीआर और आसपास के क्षेत्र में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">30 जुलाई &#8211;</span></strong> सामान्य बीमा व्यवसाय (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">02 अगस्त &#8211;</span></strong> न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">05 अगस्त &#8211;</span></strong> केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">05 अगस्त &#8211;</span></strong> कराधान कानून (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग (संशोधन) विधेयक, 2021<br />
<strong><span style="color: #ff0000;">09 अगस्त &#8211;</span></strong> संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021</p>
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		<title>लोकसभाः विपक्षी सदस्यों का हंगामा, सदन की कार्यवाही दो बार हुई स्थगित</title>
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		<pubDate>Mon, 02 Aug 2021 07:24:07 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा विपक्ष, लोकसभा अध्यक्ष ने सारे प्रस्ताव किए खारिज  विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सोमवार को दो बार स्थगित करनी पड़ी लोकसभा की कार्यवाही  TISMedia@NewDelhi लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते सोमवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>स्थगन प्रस्ताव पर अड़ा विपक्ष, लोकसभा अध्यक्ष ने सारे प्रस्ताव किए खारिज </strong></li>
<li><strong>विपक्षी दलों के हंगामे के कारण सोमवार को दो बार स्थगित करनी पड़ी लोकसभा की कार्यवाही </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते सोमवार को भी सदन की कार्यवाही बाधित हुई। लोकसभा की कार्यवाही शुरु होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओमबिरला ने सदस्यों को कार्यवाही बाधित न करने की नसीहत दी, लेकिन सारी कोशिशें अनदेखी होती देख करीब 40 मिनट की कार्यवाही चलने के बाद ही सदन स्थगित करना पड़ा। इसके बाद 12.30 बजे दोबारा कार्यवाही शुरु हुई लेकिन, हंगामे के चलते दोबारा दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, इस बीच सदन में सरकार ने कई महत्वपूर्ण बिल भी पास करने में सफलता हासिल की।</p>
<p>लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सबसे पहले ओलंपिक खेलों में बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधू के कांस्य पदक जीतने का उन्हें बधाई दी। बिरला ने कहा कि सिंधु ने ओलंपिक खेलों में भारत के लिए व्यक्तिगत मुकाबलों में लगातार दूसरे ओलंपिक में मेडल जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने लोकसभा की ओर से सिंधु को बधाई दी। जिस पर सदन में मौजूद सांसदों ने मेज थपथपाकर सिंधु को साधुवाद दिया। इसके बाद बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू करवाया, वैसे ही विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए उनके आसन के निकट पहुंच गए। विपक्षी सांसद ‘जासूसी करना बंद करो’ और ‘प्रधानमंत्री जवाब दो’ के नारे लगा रहे थे।</p>
<p><strong>सदन चर्चा के लिए, नारेबाजी के लिए नहीं </strong><br />
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सदस्यों की नारेबाजी के बीच ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी, जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने पूरक प्रश्नों के उत्तर दिए। सदन में हंगामा जारी रहने पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने और कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता ने आप को चुनकर भेजा है। दो सप्ताह से सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है। जनता का करोड़ों रुपये खर्च हो रहा है। यह सदन चर्चा के लिए है, नारेबाजी के लिए नहीं। आप नारेबाजी कर रहे हैं और तख्तियां दिखा रहे हैं। यह ससंदीय परंपराओं के लिए उपयुक्त नहीं है। आप अपने स्थान पर जाइए, आपको चर्चा का पूरा समय दिया जाएगा।’’ लेकिन इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा तो उन्होंने करीब 11 बजकर 40 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p><strong>बिरला ने नकारा स्थगन प्रस्ताव </strong><br />
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष को स्थगन प्रस्ताव भेजा, लेकिन जैसे ही दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो चेयर संभाल रहे किरीट प्रेमजीभाई सोलंकी ने सदन को बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ने सभी स्थगन प्रस्तावों को खारिज कर दिया है। जिसके बाद विपक्ष फिर हंगामा करने लगा, लेकिन सोलंकी ने सदन की कार्यवाही जारी रखी और वित्त विभाग से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिल इसी हंगामे के बीच पास करवाए। हालांकि हंगामा बढ़ता देख कुछ देर बाद फिर से सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/breaking/opposition-uproar-in-lok-sabha-om-birla-adjourns-the-proceedings-of-the-house/10219/">लोकसभाः विपक्षी सदस्यों का हंगामा, सदन की कार्यवाही दो बार हुई स्थगित</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>Parliament Monsoon Session 2021: TMC के बवाली सांसद शांतनु सेन पूरे सेशन के लिए सस्पेंड</title>
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		<pubDate>Fri, 23 Jul 2021 09:59:35 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>सभापति वेंकैया नायडू भड़के, बोलेः  शांतनु सेन की हरकत निचले स्तर पर गिरने वाली  कांग्रेस सांसदों ने किया संसद के बाहर प्रदर्शन, राहुल गांधी बोलेः मेरा भी फोन हुआ टेप  TISMedia@NewDelhi संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। कोरोना काल में हुई मोतों, पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून और अखबारी समूहों पर आयकर &#8230;</p>
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<li><strong>सभापति वेंकैया नायडू भड़के, बोलेः  शांतनु सेन की हरकत निचले स्तर पर गिरने वाली </strong></li>
<li><strong>कांग्रेस सांसदों ने किया संसद के बाहर प्रदर्शन, राहुल गांधी बोलेः मेरा भी फोन हुआ टेप </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@NewDelhi</strong> संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया। कोरोना काल में हुई मोतों, पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून और अखबारी समूहों पर आयकर विभाग के छापों को लेकर मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जमकर बवाल काटा। विपक्ष के रवैये से नाराज राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू ने मंत्री के हाथ से कागज छीनकर फाड़ने वाले तृणमूल कांग्रेस के बवाली सांसद शांतनु सेन को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। वहीं कांग्रेसी सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। जिसमें राहुल गांधी ने अपना फोन भी टेप किए जाने का दावा किया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/opposition-parties-protest-in-parliament-against-income-tax-raids-on-dainik-bhaskar/10083/">भास्कर पर दबिश के विरोध में संसद ठप, विपक्ष ने बोला सरकार पर तीखा हमला</a></strong></p>
<p>मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही जैसे ही शुरु हुई विपक्ष हंगामा स्थगन प्रस्ताव पर पहले चर्चा कराने के लिए अड़ गया। सरकार से कोई जवाब नहीं मिलता देख विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। इतने के बाद भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्य सभा के सभापति वेंकैया नायडू ने कार्यवाही जारी रखी तो विपक्षी सांसद वेल में आकर बवाल मचाने लगे।</p>
<p><strong>Read More:<a href="https://tismedia.in/india/controversy-on-covid-patients-death-due-to-oxygen-lack-in-india/10045/"> सांसों पर सियासतः सरकारों ने उड़ाया मौत का मजाक, ऑक्सीजन थी तो फिर क्यों मरे हजारों लोग  </a></strong></p>
<p><strong>लोकसभा सोमवार तक स्थगित </strong><br />
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया कोविड वैक्सीनेशन की जानकारी देने लगे। उन्होंने जैसे ही कहा कि इसे लेकर हम लोगों का साथ मिलकर काम करना चाहिए। टीकाकरण को लेकर जो भ्रम फैला रहे हैं उन्हें भी समझाने की जरूरत है। मंडाविया का बयान सुनते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा थमता न देख लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी, लेकिन दोबारा कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष फिर हंगामा करने लगा तो लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/dainik-bhaskar-published-a-piece-of-news-and-counter-attacked-the-government-in-the-case-of-income-tax-raid/10068/">खबरों का खौफ: तो! भास्कर की तीखी पत्रकारिता से डरी सरकार, आप भी देखिए कौन सी हैं वह खबरें</a></strong></p>
<p><strong>वेंकैया नायडूः लोकतंत्र पर हमला  </strong><br />
राज्यसभा का हाल भी लोकसभा जैसा ही रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष हंगामा करने लगा। जिसके बाद सभापति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। विपक्ष के रवैये से नाराज राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन के घटनाक्रम से बहुत व्यथित हूं। दुर्भाग्य से, सदन की कार्यवाही के दौरान आईटी मंत्री से पेपर छिनकर उसे कई टुकड़ों में फाड़ दिया गया। ऐसा कृत्&#x200d;य सदन की कार्यवाही को निचले स्&#x200d;तर पर गिराने वाला है। इस तरह की कार्रवाई हमारे संसदीय लोकतंत्र पर स्पष्ट हमला है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/famous-poet-munavwar-rana-gave-controversial-statement-on-the-proposed-population-policy-of-uttar-pradesh/10008/">कुतर्कः दो बच्चे एनकाउंटर में मार देते हो, एक कोरोना में मर जाता है, कम से कम एक तो बच जाए</a></strong></p>
<p><strong>TMC सांसद शांतनु सेन पूरे सत्र के लिए निलंबित</strong><br />
राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने तृणमूल सांसद शांतनु सेन को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया। सरकार ने उनके निलंबन का प्रस्ताव राज्यसभा में रखा। सेन ने गुरुवार को आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव के हाथ से दस्तावेज लेकर फाड़ दिए थे। घटना पर शर्मिंदगी जताने की बजाय शुक्रवार को सेन फिर हंगामा करने लगे तो वैष्णव ने कटाक्बेष करते हुए कहा कि तृणमूल का बंगाल में हिंसा का कल्चर है और यही कल्चर वह सदन में लाने की कोशिश कर रही है। जिसके बाद फिर हंगामा होने लगा। वा में फेंक दिए।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-acb-arrested-irs-shashank-yadav-general-manager-of-neemuch-opium-factory/9986/">Kota ACB ने दबोचा देश का सबसे बड़ा घूसखोर IRS, 250 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा</a></strong></p>
<p><strong>मंत्रियों ने किया हमला: शांतनु सेन</strong><br />
राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल और केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी विपक्षी सदस्यों के पास पहुंचे और उन्हें आश्वासन दिया कि मंत्री अपना बयान देने के बाद उनके सवालों का जवाब देंगे, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। वैष्णव पूरा बयान नहीं पढ़ पाए तो इसे पटल पर रख दिया गया। वहीं, शांतनु सेन ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने राज्यसभा में उन्हें अपशब्द कहे और वे मारपीट करने वाले थे, लेकिन सहयोगियों ने उनको बचा लिया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/priyanka-gandhi-protested-in-lucknow-police-filed-a-case-against-500-congress-workers/9980/">प्रियंका गांधी ने पर्ची पर ऐसा क्या लिख दिया कि दर्ज हो गई 500 लोगों के खिलाफ एफआईआर</a></strong></p>
<p><strong>कांग्रेस ने दिया स्थगन प्रस्ताव का नोटिस</strong><br />
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने पेगासस जासूसी के मामले पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया। वहीं, राज्&#x200d;यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने किसान आंदोलन के मामले पर चर्चा के लिए राज्&#x200d;यसभा में नोटिस भेजा है। इससे पहले कांग्रेस ने सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले अपने सांसदों के साथ बैठक कर आगामी रणनीति बनाई। इतना ही नहीं कांग्रेस सांसदों ने सदन के बाहर गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन भी किया। जिसमें राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनका भी फोन टेप करवाया है।</p>
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		<title>सांसों पर सियासतः सरकारों ने उड़ाया मौत का मजाक, ऑक्सीजन थी तो फिर क्यों मरे हजारों लोग  </title>
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		<pubDate>Wed, 21 Jul 2021 12:10:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>ऑक्सीजन की कमी से कोरोना काल में हुई मौतों का राज्यों ने नहीं दिया कोई आंकड़ा केंद्र ने इसी आंकड़े के आधार पर दिया संसद में जवाब, अब धींगामुस्ती में जुटे सिसायसतदार TISMedia@Kota. कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बेहद खौफ भरी खबर आई कि पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर के &#8230;</p>
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<li><strong>ऑक्सीजन की कमी से कोरोना काल में हुई मौतों का राज्यों ने नहीं दिया कोई आंकड़ा</strong></li>
<li><strong>केंद्र ने इसी आंकड़े के आधार पर दिया संसद में जवाब, अब धींगामुस्ती में जुटे सिसायसतदार</strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@Kota.</strong> कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच बेहद खौफ भरी खबर आई कि पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई। जिसने सुना वह सन्न रह गया। सोशल मीडिया पर आगरा से लेकर दिल्ली और कोटा से लेकर मुम्बई तक की तस्वीरें तैरने लगीं। कांग्रेस से लेकर सपा और बसपा जैसे सियासी संगठन तक मैदान में ताल ठोकने लगे। केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा भी संसद में दिए गए इस जवाब से सकते में थी, लेकिन जब पलटवार हुआ तो विपक्ष घुटनों पर आ गया। दो दिन से सांसों पर हो रही सियासत ने एक चीज तो साफ कर दी कि हमाम में सारे सियासी दल नंगे ही हैं। अब इस नंगई से कैसे जीता जा सकता है यह आम हिंदुस्तानी को सोचना और समझना होगा।</p>
<figure id="attachment_10048" aria-describedby="caption-attachment-10048" style="width: 730px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-10048 size-full" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/07/IMG-20210720-WA0052.jpg" alt="tis media" width="730" height="932" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/07/IMG-20210720-WA0052.jpg 730w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/07/IMG-20210720-WA0052-235x300.jpg 235w" sizes="auto, (max-width: 730px) 100vw, 730px" /><figcaption id="caption-attachment-10048" class="wp-caption-text">कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय का संसद में दिया गया जवाब।</figcaption></figure>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/700-paramedical-staff-will-be-recruited-in-kota-for-compete-with-the-third-wave-of-covid/10033/">#राजस्थान_तैयार_हैः तीसरी लहर के मुकाबले को कोटा में होगी 700 पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती</a></strong></p>
<p>राजस्थान से राज्यसभा के लिए चुने गए कांग्रेस के सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्र सरकार से पूछा था कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की कमी से कितने लोगों की मौत हुई? वेणुगोपाल के इस सवाल का मोदी कैबिनेट से हाल ही में जुड़ीं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीन पवार ने मंगलवार यानि 20  जुलाई को राज्य सभा में लिखित जवाब दिया। जवाब पढ़ते ही समूचा विपक्ष बल्लियां उछलने लगा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/famous-poet-munavwar-rana-gave-controversial-statement-on-the-proposed-population-policy-of-uttar-pradesh/10008/">कुतर्कः दो बच्चे एनकाउंटर में मार देते हो, एक कोरोना में मर जाता है, कम से कम एक तो बच जाए</a></strong></p>
<p><strong>हड़बड़ी में हुई गड़बड़ी</strong><br />
आनन-फानन में स्वास्थ्य राज्य मंत्री का जवाब मीडिया में बांट दिया गया। मीडिया संस्थानों ने भी आव देखा न ताव ब्रेकिंग चला दी&#8230; कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई किसी की मौत। मानसून सत्र के पहले दिन से ही ताल ठोक रहे विपक्ष ने भी हाहाकार मचा दिया। टीवी से चिपका हर आम हिंदुस्तानी हैरत में पड़ गया कि आखिर कोई सरकार इतनी लापरवाह कैसे हो सकती है। वह भी इतनी बड़ी त्रासदी पर जहां सैकड़ों मौत हमारे आसपास ही ऑक्सीजन की कमी से हुई हों। महीने भर तक कंधे पर ऑक्सीजन के सिलेंडर टांगे लोगों को कई किलोमीटर लंबी कतारों में खड़े देखा। सरकार तक लिक्वड सिलेंडर से भरे टैंकरों की छीना झपटी करने से पीछे नहीं हट रहीं थी। कोटा से छीनकर जयपुर ले जाए गए लिक्वड ऑक्सीजन सिलेंडर हमने खुद ही देखे थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-coaching-institutes-are-waiting-to-reopen-after-the-second-wave-of-corona/9700/">KotaCoaching: कोरोना के कहर से कराह रही शिक्षा नगरी, एक लाख लोगों की छिनी रोजी रोटी</a></strong></p>
<p><strong>अब फंसे गुलफाम</strong><br />
मामले ने असल तूल तब पकड़ा जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को निहायत नकारा और असंवेदनशील बताते हुए ट्वीट कर दिया। इस ट्वीट में उन्होंने एक न्यूज एजेंसी की खबर का हवाला दिया था, न कि अपनी ही पार्टी के सवाल पूछने वाले सांसद केसी वेणुगोपाल को मिले जवाब का। राहुल गांधी के बाद तो हर दूसरा कांग्रेसी ट्वीट और प्रेस कांफ्रेंस करता नजर आया, लेकिन फजीहत तब हुई जब भाजपा ने पलटवार करते हुए समूचे विपक्ष से राज्य सभा में सरकार की ओर से दिए गए जवाब को पढ़ने की नसीहत दे डाली। मीडिया संस्थानों को अपनी चलाई खबरों पर शक हुआ और तब जाकर उन्होंने वह जवाब पढ़ा।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/152-bjp-mlas-of-uttar-pradesh-have-more-than-2-children/9983/">UP Population Control Bill: योगी जी! पहले अपने नेताओं की तो नसबंदी करवा लो</a></strong></p>
<p><strong>पलटवार से हुए हलकान</strong><br />
स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीन पवार की ओर से केसी वेणुगोपाल के सवाल के बदले राज्य सभा में दिए गए जवाब में साफ लिखा है कि कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक किसी भी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को अपने यहां ऑक्सीजन की कमी से हुई मौत का कोई आंकड़ा नहीं भेजा है। ऐसे में जब तक राज्य यह आंकड़ा नहीं भेजते तब तक हम नहीं कह सकते कि ऑक्सीजन की कमी से किसी राज्य में किसी कोरोना पीड़ित की मौत हुई है। इतना ही नहीं किसी भी राज्य ने अपने यहां ऑक्सीजन की कमी के बारे में केंद्र को रिपोर्ट तक नहीं किया गया। इसी जवाब में उन्होंने बताया कि कोरोना की पहली हर में राज्यों की मांग के अनुरूप देश भर के अस्पतालों को 3095 मीट्रिक टन लिक्विड ऑक्सीजन दी गई थी, लेकिन इसके मुकाबले दूसरी लहर के दौरान 9000 मीट्रिक टन लिक्वड ऑक्सीजन की सप्लाई की गई।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/entertainment/art-and-literature/faiz-ahmed-faiz-poetry-selected-nazm-of-faiz/10037/">निसार मैं तेरी गलियों पे ए वतन, कि जहां चली है रस्म कि कोई न सर उठा के चले&#8230;</a></strong></p>
<p><strong>आखिर जिम्मेदार कौन</strong><br />
इसमें कोई संदेह नहीं है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश भर में सैकड़ों लोगों की ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई है। तकरीबन हर शहर और राज्य में ऑक्सीजन की कमी के बाद मचे तांडव को न सिर्फ लोगों ने नंगी आंखों से देखा है बल्कि मुर्दाघरों के बाहर बिछी लाशों की लंबी कतारों के गवाह भी बने हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर राज्यों के पास आक्सीजन की कमी नहीं थी तो फिर उन्होंने अस्पतालों को समय से ऑक्सीजन सप्लाई क्यों नहीं की? और उससे भी बड़ा सवाल यह कि यदि ऑक्सीजन की कमी थी जैसा कि हम लोगों ने देखा तो फिर राज्य सरकारों ने केंद्र को रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी? क्या मार्च और अप्रैल के महीनों में सांसों पर सियासत की गई और ऐसा है तो चिताओं पर किसी एक ने नहीं बल्कि सभी सियासी दलों ने अपनी अपनी हांड़ी चढ़ाई। ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के मामले में केंद्र को घेर रही कांग्रेस शासित राज्यों छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र ने फिर क्यों हलफनामे दिए कि उनके राज्यों में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी? क्यों दिल्ली की सरकार केंद्र के सुर में सुर मिला रही है और मंत्री सत्येंद्र जैन मोर्चा खोले हुए हैं? वहीं केंद्र सरकार के बचाव में जुटी भाजपा शासित यूपी और एमपी की सरकारें कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी का रोना रो दहाड़ें मार रही थीं वह अब ऑक्सीजन का कोटा फुल होने का दावा क्यों कर रही हैं।</p>
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		<title>RSRS 2021: भारतीय संसद में काम करने का सुनहरा मैका, 31 मार्च तक करें आवेदन</title>
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		<pubDate>Mon, 22 Mar 2021 09:51:34 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Education. RSRS 2021: कॉलेज व यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए सुनहरा मैका। राज्यसभा रिसर्च एंड स्टडी स्कीम के तहत राज्यसभा मे फेलोशिप और इंटर्नशिप करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यूजी, पीजी और पीएचडी डिग्रीधारी इस के लिए आवेदन कर सकते है। इस में विद्यार्थियों को भारतीय सांसद के साथ &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Education.</strong></span><strong> RSRS 2021: </strong>कॉलेज व यूनिवर्सिटीज में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए सुनहरा मैका। राज्यसभा रिसर्च एंड स्टडी स्कीम के तहत राज्यसभा मे फेलोशिप और इंटर्नशिप करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यूजी, पीजी और पीएचडी डिग्रीधारी इस के लिए आवेदन कर सकते है। इस में विद्यार्थियों को भारतीय सांसद के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। राज्यसभा सचिवालय ने फेलोशिप के लिए 4 पद और इंटर्नशिप के लिए 10 पद निकाले है। इस के लिए अधिकृत वेबसाइट पर अधिसुचना जारी कर दी गई है। अधिसुचना के अनुसार अभ्यर्थियों को ईमेल के जरिए आवेदन भेजने होंगे।</p>
<p><strong>कुल पद </strong><strong>– 14</strong><br />
फ़ेलोशिप – 4 पद<br />
इंटर्नशिप – 10 पद</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>READ MORE: </strong></span><span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/career/nhai-recruitment-2021-invited-application-for-42-vacancies/5468/"><strong>NHAI Recruitment 2021: यहां 2 लाख रुपए मिलेगी सैलेरी, अभी करें आवेदन</strong></a></span></p>
<p><strong>यह होनी चाहिए योग्यता</strong><br />
<strong>फ़ेलोशिप </strong><strong>–</strong> अभ्यर्थियों का पीएचडी होना अनिवार्य है। इस के लिए अभ्यर्थी की आयु 25 वर्ष से कम और 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। फेलोशिप 2 वर्ष के लिए होगी, जिसे 1 वर्ष अतिरिक्त बढ़ाया जा सकता है।<br />
<strong>इंटर्नशिप </strong><strong>–</strong> अभ्यर्थियों का किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय में ग्रेजुएट या पोर्ट ग्रेजुएट होना चाहिए। ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों के लिए 5-5 सीटों को निर्धारित किया गया है। यह इंटर्नशिप 2 महिनों की होगी। इस में अभ्यर्थियों को 10 हजार रु प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।</p>
<p><em><strong><span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/03/RSRS-2021-ऑफिशियल-नोटिफिकेशन-डाउनलोड-करने-के-लिए-क्लिक-करें.pdf">RSRS 2021 ऑफिशियल नोटिफिकेशन डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें</a></span></strong></em></p>
<p><strong>ऐसे करें आवेदन</strong><br />
आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को अधिकृत वेबसाइट <a href="https://rajyasabha.nic.in/">https://rajyasabha.nic.in/</a> पर जाकर आवेदन फार्म को डाउनलोड करना होगा। फॉर्म को भर कर सभी दस्तावेज़ों के साथ इंटर्नशिप के लिए <a href="mailto:rssei.rsrs@sansad.nic.in">rssei.rsrs@sansad.nic.in</a> और फेलोशिप के लिए <a href="mailto:rksahoo.rs@sansad.nic.in">rksahoo.rs@sansad.nic.in</a> पर ईमेल करना होगा। आवेदन ईमेल भेजने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2021 है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/education-2/rsrs-2021-rajya-sabha-invited-application-for-internship-and-fellowship/5480/">RSRS 2021: भारतीय संसद में काम करने का सुनहरा मैका, 31 मार्च तक करें आवेदन</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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