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	<title>RPSC Archives - TIS Media</title>
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	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
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	<title>RPSC Archives - TIS Media</title>
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		<title>IPS के हाथों में फिर दी RPSC की कमान, जयपुर रेंज के आईजी संजय कुमार श्रोत्रिय बने चेयरमैन</title>
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		<pubDate>Mon, 14 Feb 2022 11:28:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आयोग के 38 वें अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे श्रोतिया  आयोग को करीब 2 माह 12 दिन बाद मिलेगा स्थाई अध्यक्ष TISMedia@Jaipur जयपुर रेंज के आईजी रहे संजय कुमार को राज्यपाल ने राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे संभवत: मंगलवार अथवा बुधवार को कार्यभार संभालेंगे। आयोग को करीब 2 माह &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>आयोग के 38 वें अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे श्रोतिया </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>आयोग को करीब 2 माह 12 दिन बाद मिलेगा स्थाई अध्यक्ष </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Jaipur</strong></span> जयपुर रेंज के आईजी रहे संजय कुमार को राज्यपाल ने राजस्थान लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे संभवत: मंगलवार अथवा बुधवार को कार्यभार संभालेंगे। आयोग को करीब 2 माह 12 दिन बाद स्थाई अध्यक्ष मिलेगा। श्रोत्रिय आयोग के 38 वें अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/up-election-phase-2-live-update-51-93-percent-polling-till-3-pm/11666/">UP Election Phase 2 : तीन बजे तक 51.93 फीसदी मतदान, मुरादाबाद में सपा और बसपा समर्थकों में मारपीट</a></strong></p>
<p>2 दिसंबर 2021 को डॉ. भूपेंद्र यादव का कार्यकाल पूरा होने के बाद से राजस्थान लोक सेवा आयोग स्थाई अध्यक्ष के इंतजार में था। आयोग का कामकाज देखने के लिए 29 जनवरी को आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. शिवसिंह राठौड़ को कार्यवाहक प्रभार दिया गया था, लेकिन सरकार को उन्हें भी हटाना पड़ा और उसके बाद डॉ. जसवंत राठी को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया। खासी माथापच्ची के बाद सोमवार को राज्य सरकार ने एक बार फिर किसी शैक्षणिक एवं रोजगारपर संस्था की कमान पुलिस अधिकारी के हाथों में सोंपने का फैसला लिया। जिसके बाद सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल कलराज मिश्र ने जयपुर रेंज के आईजी संजय कुमार श्रोत्रिय को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/india/indian-government-banned-54-mobile-apps-of-china/11658/">चीन पर फिर हुई डिजिटल स्ट्राइक: AppLock और Garena Free Fire समेत 54 चाइनीज ऐप्स भारत में बैन</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">साल 2013 में प्रमोट हुए थे आईपीएस </span></strong><br />
चित्तौडगढ़़ निवासी संजय कुमार श्रोत्रिय मूलत: राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। साल 2013 में यह पदोन्नत होकर आईपीएस बने। श्रोत्रिय 5 मार्च 2014 से 19 जून 2015 तक अजमेर में एसीबी के एसपी रह चुके हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि श्रोतिय साल 2018 से कुछ दिनों पहले तक वह लगातार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सुरक्षा में विजिलेंस पद पर तैनात रहे। हाल में इन्हें जयपुर रेंज आईजी लगाया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/entertainment/history-and-culture/valentines-day-special-love-story-of-mumal-and-mahendra/11655/">Valentines Day Special Story: मूमल, महेंद्र और हर रोज सौ कोस का प्रेम सफर&#8230;</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>उम्र आड़े आने पर छोड़ना पड़ा था यादव को पद</strong> </span><br />
श्रोतिय से पहले भी गहलोत सरकार ने राजस्थान लोक सेवा आयोग की कमान आईपीएस अधिकारी को सौंपी थी। डीजीपी पद से सेवानिवृत होने के बाद सीएम गहलोत ने डॉ. भूपेंद्र यादव को आयोग का अध्यक्ष बनाया था, लेकिन आयोग के नियमों के अनुसार अध्यक्ष अथवा सदस्य 62 साल की उम्र तक ही पद पर रह सकते हैं। इस लिहाज से डॉ. भूपेंद्र यादव का कार्यकाल 1 दिसंबर को पूरा हो गया और उन्हें पद छोड़कर जाना पड़ा।</p>
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		<title>ACB RAJASTHAN: 20 लाख दो RAS Interview में मनचाहे नंबर लो, ACB  फिर दबोचे 3 घूसखोर</title>
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		<pubDate>Thu, 29 Jul 2021 10:01:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>घूसखोरों में आरएएस परीक्षार्थी का चाचा और सरकारी स्कूल का प्रिंसिपल शामिल  घूस की रकम लौटाने बाड़मेर आ रहे तीनों दलालों को एसीबी जोधपुर ने दबोचा   TISMedia@Jaipur राजस्थान में  घूसखोरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB Rajasthan) ने गुरुवार को आरएएस (RAS 2018) परीक्षाओं में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा खुलासा &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-rajasthan-arrested-three-people-who-were-taking-bribe-to-qualify-the-ras-2018-interview/10186/">ACB RAJASTHAN: 20 लाख दो RAS Interview में मनचाहे नंबर लो, ACB  फिर दबोचे 3 घूसखोर</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong>घूसखोरों में आरएएस परीक्षार्थी का चाचा और सरकारी स्कूल का प्रिंसिपल शामिल </strong></li>
<li><strong>घूस की रकम लौटाने बाड़मेर आ रहे तीनों दलालों को एसीबी जोधपुर ने दबोचा  </strong></li>
</ul>
<p><strong>TISMedia@Jaipur</strong> राजस्थान में  घूसखोरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB Rajasthan) ने गुरुवार को आरएएस (RAS 2018) परीक्षाओं में भ्रष्टाचार का एक और बड़ा खुलासा किया। एसीबी के डीजी बीएस सोनी और एडीजी दिनेश एमएन के नेतृत्व में एसीबी जोधपुर की टीम ने बाड़मेर जिले के कल्याणपुर में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल सहित तीन घूसखोरों को धर दबोचा। इन तीनों ने आरएएस 2018 के इंटरव्यू में मनचाहे नंबर दिलाने के लिए 20 लाख की घूस ली थी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-caught-red-handed-rpsc-junior-clerk-taking-bribe-to-clear-ras-2018-interview/9827/">23 लाख रुपए में बनो RAS, प्री और मेन्स से लेकर इंटरव्यू पास कराने तक की गारंटी</a></strong></p>
<p>एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ विष्णुकांत ने बताया कि बाड़मेर निवासी हरीश जाट ने आरएएस भर्ती 2018 की मुख्य परीक्षा पास कर ली थी। प्रशासनिक अधिकारी बनने के लिए उसे सिर्फ इंटरव्यू क्वालिफाई करना था। जिसके लिए उसे कम से कम 70 से 75 प्रतिशत नंबर चाहिए थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/kota-acb-arrested-the-jailer-of-jhalawar-district-jail-red-handed-taking-a-bribe-of-10-thousand-rupees/10166/">झालावाड़ः एसीबी ने दबोचा 10 हजार की घूस लेता जेलर</a></strong></p>
<p><strong>सरकारी स्कूल का प्रिंसिपल ने की दलाली </strong><br />
हरीश के मेन्स क्वालिफाई करने की जानकारी जब उसके चाचा ठाकराराम जाट को लगी तो उसने अपने परिचित के जरिए 20 लाख में उसे इंटरव्यू क्वालिफाई कराने का लालच दिया। ठाकराराम बाड़मेर रीको के मदर टेरेसा सीनियर सैकण्डरी स्कूल का संचालक है। जोगाराम सारण बायतु पंचायत समिति राउमावि का प्राचार्य है। हरीश के हामी भरने पर ठाकराराम सारण ने उसे इंटरव्यू में 70-75 अंक के लिए बायतु पंचायत समिति स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य जोगाराम सारण से बात की। जोगाराम ने बासनी तम्बोलिया निवासी किशनाराम जाट से सम्पर्क किया था। किशनाराम ने आरपीएससी में कार्यरत अपने परिचित के माध्यम से अच्छे अंक दिलाने का भरोसा दिलाते हुए बीस लाख रुपए मांगे। हरीश के चाचा ने प्राचार्य जोगाराम के मार्फत बीस लाख रुपए किशनाराम को दे दिए थे, लेकिन इंटरव्यू में हरीश को सिर्फ 54 प्रतिशत नम्बर ही मिले।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-rajasthan-ras-2018-bribery-investigation-reaches-rpsc-member-rajkumari-gurjar/9851/">RPSC घूस कांडः तो, आयोग की सदस्य राजकुमारी गुर्जर घूस लेकर पास करवा रहीं थी RAS का इंटरव्यू! </a></strong></p>
<p><strong>दलाल ने लौटाई घूस </strong><br />
हरीश के सिर्फ 54 प्रतिशत अंक आने के बाद दलालों ने उसे पैसे लौटाने का दिलाया दिया। इसी बीच एसीबी को पूरे मामले की भनक लग गई और घूस की रकम को लौटाने आ रहे तीनों दलालों को रंगे हाथ दबोचने के लिए बाड़मेर के कल्याणपुरा थाने के सामने जाल बिछा दिया। जैसे ही तीनों दलाल बुलेरो में सवार हो कर घूस की रकम लौटाने के लिए कल्याणपुरा थाने के सामने से गुजरे पहले से मुस्तैद एसीबी ने उन्हें धर दबोचा। एसीबी ने तीनों को गिरफ्तार कर उनकी कार से 19.95 लाख रुपए जब्त कर लिए। एसीबी ने आरएएस परीक्षा में घूसखोरी का मामला दर्ज कर बाड़मेर में रामनगर निवासी ठाकराराम सारण (45) पुत्र मूलाराम जाट, बाड़मेर में भूरटिया पंचायत समिति निवासी प्राचार्य जोगाराम सारण (40) पुत्र हनुमानराम जाट व बासनी तम्बोलिया निवासी मध्यस्थ किशनाराम (46) पुत्र उगमाराम जाट को गिरफ्तार कर लिया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/india/kota-acb-arrested-irs-shashank-yadav-general-manager-of-neemuch-opium-factory/9986/">Kota ACB ने दबोचा देश का सबसे बड़ा घूसखोर IRS, 250 करोड़ की अवैध वसूली का खुलासा</a></strong></p>
<p><strong>आरपीएससी पर कसा शिकंजा </strong><br />
आरएएस परीक्षा 2018 के साक्षात्कारों में घूसखोरी के मामले में एसीबी की यह दूसरी बड़ी कार्यवाही है। इससे पहले आयोग की सदस्य और भाजपा नेता राजकुमारी के नाम पर 25 लाख की घूस लेने वाले आयोग के एकाउंटेंट सज्जन सिंह और नरेद्र पोसवाल को गिरफ्तार किया था। घूसखोरी के दूसरे मामले में तीन गिरफ्तारियां और होने के बाद आयोग की साक्षात्कार प्रक्रिया सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं मंत्री गोविंद सिंह डोटेसरा के परिजनों को 80-80 अंक मिलने का मामला भी तूल पकड़ चुका है। जिसके बाद एसीबी पूरी परीक्षा प्रक्रिया की जांच करने के लिए आयोग पर शिकंजा कसने में जुट गई है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-rajasthan-arrested-three-people-who-were-taking-bribe-to-qualify-the-ras-2018-interview/10186/">ACB RAJASTHAN: 20 लाख दो RAS Interview में मनचाहे नंबर लो, ACB  फिर दबोचे 3 घूसखोर</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>23 लाख रुपए में बनो RAS, प्री और मेन्स से लेकर इंटरव्यू पास कराने तक की गारंटी</title>
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		<pubDate>Fri, 09 Jul 2021 16:28:22 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>आरएएस का इंटरव्यू पास करवाने के लिए आरपीएससी के कनिष्ठ लिपिक ने मांगी 23 लाख की घूस  एसीबी ने घूस लेते रंगे हाथ दबोचा, इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए एसीबी ने ट्रेप में इस्तेमाल किए नकली नोट  TIS Media@Ajmer सिरोही से शुरू हुआ राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ( ACB) का Blockbuster Friday शुक्रवार की &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-caught-red-handed-rpsc-junior-clerk-taking-bribe-to-clear-ras-2018-interview/9827/">23 लाख रुपए में बनो RAS, प्री और मेन्स से लेकर इंटरव्यू पास कराने तक की गारंटी</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>आरएएस का इंटरव्यू पास करवाने के लिए आरपीएससी के कनिष्ठ लिपिक ने मांगी 23 लाख की घूस </strong></span></li>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>एसीबी ने घूस लेते रंगे हाथ दबोचा, इतनी बड़ी रकम जुटाने के लिए एसीबी ने ट्रेप में इस्तेमाल किए नकली नोट </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TIS Media@Ajmer</strong> </span>सिरोही से शुरू हुआ राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ( ACB) का Blockbuster Friday शुक्रवार की शाम को अजमेर जाकर खत्म हुआ। गारंटी के साथ राजस्थान प्रशासनिक सेवा (Rajasthan Administrative Service) में चयन करवा रहे राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के छोटे बाबू साहब को 23 लाख रुपए की घूस लेते हुए धर दबोचा। चौंकाने वाली बात यह थी कि लोगों को &#8220;लाट साब&#8221; बनाने की गारंटी लेने वाला बाबू नकली नोट तक नहीं पहचान सका।</p>
<p>आरएएस (RAS) 2018 परीक्षा पर छाए मुसीबतों के बादल छंटने का नाम ही नहीं ले रहे। सालों तक कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने के बाद जैसे-तैसे मेन्स एग्जाम क्वालिफाई करने वाले कैंडिटेड्स के इंटरव्यू शुरु हुई थे, लेकिन शुक्रवार को उन पर भी भ्रष्टाचार का साया पड़ गया। हुआ यूं कि प्री और मेन्स के बाद आरएएस 2018 परीक्षा का इंटरव्यू क्वालिफाई कराने के नाम पर आरपीएससी के बाबू जमकर मलाई काट रहे हैं। आरपीएससी में व्याप्त भ्रष्टाचार का आलम यह है कि एक जूनियर क्लर्क सज्जन सिंह गुर्जर  भावी &#8220;लाट साहबों&#8221; को परीक्षा की वैतरणी पार कराने यानि इंटरव्यू में पास कराने की गारंटी ले रहा था। कई अभ्यार्थी इसके झांसे में फंस भी गए, लेकिन इसी बीच एक परिवादी ने एसीबी में इसकी शिकायत कर दी।</p>
<p><strong>Read More:</strong> <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-arrested-the-bribe-takers-red-handed-in-four-districts-of-rajasthan/9813/"><strong>ACB Blockbuster Friday: घूसखोर डाल-डाल, एसीबी पात-पात, एक साथ चार जिलों में दबोचे घूसखोर</strong></a></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>23 दो आरएएस बनो </strong></span><br />
एसीबी को शिकायत मिली थी कि राजस्थान लोक सेवा आयोग में पदस्थापित कनिष्ठ लिपिक सज्जन सिंह गुर्जर आरएएस 2018 का इंटरव्यू अच्छे नंबरों से क्वालिफाई कराने के लिए 50 लाख रुपए प्रति कैंडिडेट मांग रहा है। 23 लाख रुपए में वह परिवादी के साथ डील करने को भी राजी हो गया। हाईप्रोफाईल मामला होने के कारण एसीबी के डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन ने पूरे प्रकरण को खासा गंभीरता से लिया और जब शिकायत का सत्यापन कराया गया तो वह सही निकली। अजमेर में इस परीक्षा के साक्षात्कार भी चल रहे हैं। ऐसे में मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आला अफसरों ने जयपुर एसीबी के एएसपी हिमांशु सिंह को ट्रैप की कार्यवाही सौंपी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/top-stories/acb-kota-caught-municipal-corporation-kota-south-councilor-kamal-meena-taking-bribe-from-sweeper/9624/">सफाई कर्मचारियों से भी घूस लेने से बाज नहीं आ रहे कांग्रेसी, एसीबी ने दो को रंगे हाथ दबोचा</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>आयोग की नाक के नीचे ली घूस </strong></span><br />
जयपुर एसीबी के एएसपी हिमांशु सिंह ने बताया कि सज्जन ने परिवादी को 23 लाख की घूस देने के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग के पास ही किराए के कमरे पर बुलाया। परिवादी 23 लाख रुपए से भरे बैग लेकर जब जूनियर क्लर्क के पास पहुंचा तो उसने नोट गिनने के बाद उसे सिलेक्शन की गारंटी तक दे डाली। परिवादी जैसे ही घूस की रकम देकर बाहर आया पहले से जाल बिछाए बैठी एसीबी ने सज्जन को घूस की रकम के साथ रंगे हाथ दबोच लिया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-raids-at-15-places-in-rajasthan/9598/">15 जगहों पर एसीबी की रेड, मर्सिडीज से लेकर महंगी विदेशी शराब, सोना-चांदी और करोड़ों की संपत्ति मिली</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>नकली नोटों से हुआ ट्रैप </strong></span><br />
पूरे देश में शायद यह पहली कार्यवाही को जिसकी घूस का इंतजाम करने में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानि एसीबी के पसीने छूट गए हों। हुआ यह कि ट्रैप के लिए 23 लाख रुपए चाहिए थे, लेकिन इतनी बड़ी रकम फंसती देख परिवादी ने अपने पैर पीछे खींच लिए। मामला आला अफसरों तक पहुंचा तो उन्होंने नकली नोटों से ट्रैप करने की तरकीब निकाली। एसीबी ने बैग में नीचे नकली नोट रखे और ऊपर से एक लाख रुपए के असली नोट रखकर घूसखोर आरपीएससी के जूनियर क्लर्क तक पहुंचाए। देश का यह पहला मामला है जिसमें घूसखोर को जाली नोटों के जरिए पकड़ा गया हो। चौंकाने वाली बात यह रही कि लाट साब बनाने की गारंटी ले रहा सज्जन खुद भी इन नकली और असली नोटों के बीच अंतर नहीं कर पाया और उसने 23 लाख रुपए समझ नोटों की पूरी खेप घर में रख ली।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-sanjay-nagar-councilor-assaulted-kedl-jen-and-contract-worker/9797/">चोरी और सीनाजोरीः कोटा में बिजली चोरों पर शिकंजा कसना पड़ा KEDL कर्मचारियों को भारी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>आयोग के आला अफसरों की मिली भगत </strong></span><br />
जयपुर एसीबी के एएसपी हिमांशु सिंह ने बताया कि आरोपी सज्जन सिंह गुर्जर ने परिवादी को बताया था कि आयोग के सदस्य और बड़े अधिकारियों तक इस घूस का हिस्सा पहुंचता है। ट्रैप के बाद इस मामले में आयोग के सदस्य और अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। आयोग के आला हाकिमों की हकीकत जानने के लिए एसीबी गहनता से जांच में जुट गई है। अभी आरएएस मुख्य परीक्षा 2018 के साक्षात्कार चल रहे हैं। ऐसे में आरएएस मुख्य परीक्षा 2018 की सुचिता को लेकर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/rajasthan/acb-caught-red-handed-rpsc-junior-clerk-taking-bribe-to-clear-ras-2018-interview/9827/">23 लाख रुपए में बनो RAS, प्री और मेन्स से लेकर इंटरव्यू पास कराने तक की गारंटी</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>तनाव से मुक्ति, जीवन में तंदरुस्ती</title>
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		<pubDate>Wed, 19 May 2021 07:21:13 +0000</pubDate>
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				<span class="fa tie-shortcode-boxicon"></span>बीते कुछ वर्षों में, विद्यार्थी जीवन के सम्पूर्ण प्रतिमान बदल गए है | वर्तमान में चल रही नौकरी व एडमिशन के कॉम्पिटिशन के अंधाधुंध दौड़ में विद्यार्थियों ने अपना वो जीवन जीना ही छोड़ दिया है जो हमारे दादा परदादाओं ने जिया था | पहले जहाँ विद्यार्थी गुरुकुल के आश्रम के जाकर शिक्षा 24 घंटे वही रहकर गुरूजी के सानिध्य में ग्रहण करता था वही शिक्षा अब विद्यालयों में 5-6 घंटों में सिमट गई है आज विद्यालयों और महाविद्यालयों का स्थान कोचिंग संस्थानों ने ले लिया है |
			</div>
		</div>
	
<p>पहली कक्षा से लेकर 12वीं व कॉलेज के विद्यार्थी कोचिंग का रास्ता चुन रहा है | बच्चा स्कूल कम और कोचिंग संस्थानों के चक्कर ज्यादा कटता नजर आता है जिसमें राजस्थान का कोटा शहर आई.आई.टी., जे.ई.ई., नीट, एम्स की कॉम्पिटिशन परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक लोकप्रिय कोचिंग गंतव्य के रूप में उभरा है जहाँ व्यापक रूप से कोचिंग संस्थानों में पूरे देश और पड़ौसी देशों के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है, वही दिल्ली, बेंगलोर, मुंबई, पुणे, कोलकाता, प्रयागराज, जयपुर, लखनऊ, पटना, इंदौर, हैदराबाद आदि यू.पी.एस.सी. की तैयारी के लिए अपनी पहचान बना चुके है | लेकिन यहाँ की बेस्ट फैकल्टी, बेस्ट कोर्स मटेरियल, बेस्ट रिजल्ट्स, बेस्ट रहने की सुविधाएँ, बेस्ट वातावरण, बेस्ट खाना आदि होने के बावजूद भी बहुत से विद्यार्थी अपने अध्ययन और प्रवेश परीक्षा के समय गंभीर तनाव के शिकार हो जाते है और सही समय पर काउन्सलिंग न मिल पाने व परिणामों के दबाव के चलते उनका तनाव बढता चला जाता जिसके परिणामस्वरुप विद्यार्थियों को अनेकों अनेक मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक, मानसिक, शारीरिक और बौद्धिक नकारात्मक परिवर्तन झेलने पड़ते है | कई पढ़ाई के दौरान अपनी तैयारी छोड़ देते है, तो कई अपने घर वापस चले जाते, कई तो बहुत ही कठोर कदम उठाते हुए अपनी जीवन लीला ही आत्महत्या करके समाप्त कर देते है | वर्तमान में भी कोरोना के संक्रमण के कारण दीर्घकालीन समय से बंद हुई शिक्षण गतिविधियाँ, बार-बार स्थागित होने वाली यूनिवर्सिटी, यू.पी.एस.सी., आई.आई.टी., जे.ई.ई., नीट, एम्स, बोर्ड परीक्षाओं से विद्यार्थियों का तनाव बहुत बढता जा रहा है | ये तनाव एक स्तर पर प्रेरणा का कार्य करता है परन्तु इसकी मात्रा बढ़ने पर यह जानलेवा हो जाता है ऐसे में यह नितांत आवश्यक है की विद्यार्थियों के तनाव को दूर किया जाये जिससे उनके बढ़ते हुए तनाव का हल मिल सके और वे अपनी क्षमताओं का अधिकतम उपयोग कर सकें |</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/tis-utility/environment/article-by-kirti-sharma-on-human-activities-has-destroyed-the-environment/8377/">मानव जाति को पड़ा महंगा पर्यावरण के साथ खिलवाड़</a></span></span></strong></p>
<p><strong>योग:</strong> विद्यार्थियों के तनाव को कम करने के लिए सबसे सरल, सटीक और सीधा रास्ता है योग, शांतिपूर्ण व चिंतारहित जीवन जीने के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को योग करना चाहिए । योग अभ्यास सकारात्मक और रचनात्मक विचारों के साथ शरीर और मन को विकसित करने और नियंत्रित करने में मदद करता है | यह विद्यार्थियों की सहज क्षमता को बढ़ाता है साथ ही इसकी समझ भी देता है की क्या सही है और क्या गलत क्या करना चाहिए और क्या नहीं, सकारात्मक परिणाम कैसे प्राप्त किये जा सकते है प्राप्त करने के लिए क्या, कैसे और कब किया जाना चाहिए । यह योग ही है जो सकारात्मक रूप से साथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और रिश्तेदारों के साथ जुड़ाव को बढ़ा सकता है | यह मन को प्रफुल्लित और शांत रखने से संबंधित है | यह जीवन से निराशा की चिंता का दूर करते हुए हमारे जीवन और शरीर के साथ हमारा सम्बन्ध स्थापित करता है | विभिन्न प्रकार की योग मुद्राएँ मन और तन दोनों की दुःख तकलीफ समाप्त करती है | डॉक्टरों का सुझाव है कि तनाव से जूझ रहे छात्रों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की भलाई के लिए योग करना चाहिए यह उनके लिए रामबाण के समान कार्य करेगा | यह मन व शरीर उत्कृष्ट शक्ति, संवेदनशीलता, जागरूकता, शांति व लचीलापन प्रदान करता है साथ ही असाधारण व्यक्तित्व का निर्माण करता है |<br />
<strong>ध्यान:</strong> योग साथ समानांतर स्तर पर तनाव को दूर करने का और अपनी आंतरिक दुनिया में झाँकने का साधन है ध्यान | ध्यान विश्राम, पूर्ण विश्राम और सभी गतिविधियों का पूर्ण विराम है- शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक। ध्यान का अर्थ है अपनी विचार प्रक्रिया से जो शेष, अशांत, शांत, जीवन है जो बीत गया और जो भी बीत रहा है उसे देखना । &#8220;छात्रों को ध्यान के बारे में बहुत जागरूक होना चाहिए, उन्हें जीवन का आनंद और आनंद के साथ आनंद लेने के लिए इसे सीखना चाहिए । उन्हें खुद के बारे में पता होना चाहिए कि उनकी आंतरिक आत्मा में क्या चल रहा है | ध्यान, विद्यार्थियों को यह सिखाता कि वे दिमाग से न लड़ें, इसे नियंत्रित करने की कोशिश न करें। जो कुछ भी वे कर रहे हैं वह सिर्फ उसका ध्यान रख सकते है । जीवन जो स्वाभाविक है और उन्हें दुर्घटनाओं के प्रति उदासीन रवैया दिखाना होगा । फिर कुछ भी गलत या अच्छा, बदसूरत या सुंदर, कठोर या नरम नहीं होगा । ध्यान की मदद से, छात्र निर्णय लें सकेंगे । ध्यान रिफ्रेशिंग, कायाकल्प करने वाला होता है और छात्रों को जागरूक करता है कि वे क्या हैं? और क्या कर सकते हैं । ध्यान के बाद छात्रों को मन से मुक्त किया जाएगा । वे किसी भी पूर्वाग्रह से खुद को आंक सकते हैं ।<br />
<strong>हॉबी का साथ:</strong> छात्रों को अपने जीवन में कम से कम अपना एक शौक रखना चाहिए । हॉबी उनके सर्वांगीण विकास में उनकी मदद कर सकती हैं । यह हर स्वतंत्र विकास में अपने तरीके से मदद करता है । अध्ययन के उबाऊ, तनावपूर्ण जीवन से छुटकारा पाने के लिए यह सबसे अच्छा उपकरण है । छात्र किसी भी स्थिति में खुद को समायोजित कर सकते हैं । वे मानसिक रूप से मजबूत हो जाते हैं । शौक की मदद से विद्यार्थी आत्मविश्वास हासिल कर सकते हैं जो प्रतियोगिताओं और अच्छे परिणाम के लिए सबसे महत्वपूर्ण है । हॉबी व्यक्तियों की छिपी प्रतिभा को भी खोजती हैं और मन को शांति प्रदान करती हैं । हॉबी क्लासेस के जरिए छात्र अपनी भावनाओं को संभाल सकते हैं । यह बच्चों को तनावपूर्ण वातावरण से आज़ादी देता है क्योंकि जिस कम में मन सम्मिलित होता है उसे करने में आनंद की अनुभूति है । विद्यार्थियों का आत्म-सम्मान और महत्वाकांक्षा तब बढ़ सकती है जब उनकी हॉबी का प्रयोग वे नियमित रूप से करे |<br />
<strong>उचित आराम करना:</strong> विद्यार्थियों को उचित आराम करना चाहिए यह हमारे सीखने और चीजों को याद रखने के लिए आवश्यक है । नींद की कमी हमारी मानसिक स्थिति, शारीरिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु को प्रभावित करती है । प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. एम. एल. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा है कि नींद की कमी और आराम न करने के कारण विद्यार्थी जीवन के गलत रास्ते पर मुड़ सकते हैं और वे ड्रग्स, अपराध, धूम्रपान के अंधेरे में घिर सकते है, वे शराबी हो जाते हैं और अंततः आत्महत्या के बारे में सोचते हैं । हार्वर्ड मेडिकल स्कूल में स्लीप मेडिसिन डिवीजन के अनुसार, हमारे शरीर को सही देखरेख और आराम की आवश्यकता होती है क्योंकि यही आराम हमें खाने, पीने और अन्य गतिविधियाँ करने के लिए आवश्यक निर्देश देता है । पर्याप्त आराम के बिना, निर्णय, मन की स्थिति, सीखने और धारण करने की क्षमता कमजोर होती है, जबकि ये घटक भविष्य की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण हैं । आराम शरीर और मन की मरम्मत करता है यहां तक ​​कि यह याददाश्त को भी बढ़ाता है ।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-kalpana-prajapati-on-childline-is-a-sanjeevani-for-children-trapped-in-trouble/8390/">मुसीबत में फंसे बच्चों के लिए है संजीवनी बूटी है चाइल्ड लाइन</a></span></span></strong></p>
<p><strong>सकारात्मक सोचना:</strong> छात्रों को हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए क्योंकि शोधों ने साबित किया है कि सकारात्मक सोच से व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है, अवसाद कम हो सकता है और निम्न स्तर का तनाव पैदा हो सकता है जो उसकी प्रस्तुति लिए अच्छा है । यदि हम किसी भी बुरी परिस्थिति में सकारात्मक सोचते हैं, तो तनाव नहीं होगा । सकारात्मक सोच वाले विद्यार्थियों के काम की गति, जुनून, धैर्य, आशावाद, नवाचार, खुद पर भरोसा, समय प्रबंधन, बुद्धिमत्ता, पहल, जीत की दृष्टि, अपने समय के मूल्य, जीवंत रचनात्मकता और प्रभावी प्रयासों अन्य से श्रेष्ठ होता है ।<br />
<strong>भावनाओं को साझा करे:</strong> यह कहा गया है कि &#8220;दुःख को साझा करने कम होता है&#8221; इसलिए विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को साझा करना चाहिए है । विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, माता-पिता, संरक्षक, परामर्शदाताओं को उनके लिए एक खुला मंच बनाना चाहिए ताकि वे अपनी सहायता स्वयं कर सके, भविष्यवाणी कर खुद का पता लगा सकें की आगे कैसे बढ़ना है । मनोवैज्ञानिकों और परामर्शदाताओं ने सुझाव दिया कि जब भी छात्र तनाव महसूस कर रहे हों, तो उन्हें अपने माता-पिता, दोस्तों, शिक्षकों, काउंसलर, मेंटर्स, अभिभावक आदि के साथ अपनी भावनाओं को साझा करना चाहिए । विद्यार्थियों को तनाव से दूर रखने के लिए अभिभावकों के साथ खुला मन रखना चाहिए । यह और बेहतर करने के लिए सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा देता है । विद्यार्थियों को अपने अध्ययन के अनुभवों, प्रदर्शन, क्षमता, कैलिबर और प्राप्त लक्ष्य पर चर्चा करनी चाहिए ।<br />
<strong>अपनी क्षमता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित करना:</strong> हर बच्चा अपने कैलिबर को जानता है क्योंकि कोई भी व्यक्ति खुद को दूसरों से ज्यादा जनता है । किसी भी लक्ष्य या लक्ष्य को तय करने से पहले छात्रों को अपनी ओर देखना चाहिए और स्वॉट(SWOT) विश्लेषण के माध्यम से खुद को परख लेना चाहिए । स्वॉट विश्लेषण में अपनी ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों से ज्ञान होने के बाद अपने लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए । इसके बाद, उन्हें अपने विषयों को तय करना चाहिए और सीमित समय सीमा में हासिल करने का लक्ष्य रखना चाहिए । अपनी ताकत के अनुसार, छात्रों को अपने भविष्य के बारे में सपने देखना चाहिए । इससे विद्यार्थी के आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प में भी वृद्धि होती है ।<br />
<strong>रिवीजन पर ध्यान</strong>: विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद उसका रिवीजन करने के लिए अपनी योजना बनानी चाहिए । रिवीजन में ही वे ही यह समझ पाएंगे कि वे किन विषयों में मजबूत या कमजोर हैं, किन विषयों में अधिक प्रयासों की आवश्यकता है, किन विषयों और टॉपिक्स को छोड़ा जा सकता है | इस समय चूँकि सभी के अपार समय है तो अपनी सभी परीक्षाओं के सिलेबस का पुन: रिवीजन करते रहे | रिवीजन हम निम्न रूप में कर सकते है &#8211;<br />
<img decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-8482" src="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/05/ग्फ्फ्फ़.jpg" alt="" width="700" height="202" srcset="https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/05/ग्फ्फ्फ़.jpg 700w, https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/05/ग्फ्फ्फ़-300x87.jpg 300w" sizes="(max-width: 700px) 100vw, 700px" /></p>
<ul>
<li><strong> पढ़ें:</strong> इस स्तर पर विद्यार्थियों को अधिगम सामग्री का चयन करना चाहिए क्योंकि जो कुछ भी किताबों और संदर्भों में लिखा गया है वह सब कुछ महत्वपूर्ण नहीं है । तो सामग्री का चयन करने के लिए छात्र स्वयं से ये मौलिक प्रश्न पूछें: क्यों पढ़ना है? कैसे पढ़ें ?, क्या पढ़ें ?, कब पढ़ें? कहां पढ़ें? आदि |</li>
<li><strong style="background-color: initial;">याद करे:</strong><span style="background-color: initial; font-weight: lighter;"> सामग्री को चुनने और पढ़ने के बाद रिवीजन का दूसरा चरण शुरू होता है, अर्थात् याद करना । याद करने के दौरान, वातावरण अध्ययन की प्रभावशीलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । याद करना बहुत से कारकों पर निर्भर होता है जैसे: उचित प्रकाश, ताजी हवा, ताजा-स्वस्थ और पौष्टिक भोजन, बाहरी शोर, परिवार और सामाजिक जीवन के सदस्य, सोशल मीडिया की व्यस्तता, समाजिक कार्य, उत्साह, थकान, चिंता, दबाव, रुचि, समय आदि । याद करने में, विद्यार्थियों को याद करने और रिवीजन की अलग से नोटबुक / रजिस्टर बनानी चाहिए ताकि रोज की अध्ययन सामग्री और रिवीजन में कोई उलझन न हो ।</span></li>
<li><strong> खुद का स्वयं टेस्ट लेना:</strong> पढ़ने और सीखने के बाद छात्र को अपनी परीक्षा खुद लेनी चाहिए |</li>
<li><strong> विश्लेषण:</strong> स्व-परीक्षण याद करने की प्रगति का वास्तविक स्थिति प्रदान करेगा । बच्चों को अब खुद से अपने अध्ययन का विश्लेषण करना चाहिए । उन्हें किन बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए: वे कहां कमजोर हैं? अधिक जानने की गुंजाइश कहाँ है? वे कौन से बिंदु, तथ्य, आंकड़े, तत्व भूल रहे हैं? पिछली बार की तुलना में प्रदर्शन कम या अच्छा क्यों है? परीक्षा को पूरा करने में कितना समय लगता है? आदि का विश्लेषण करने के बाद, छात्रों को फिर से याद करना चाहिए।</li>
<li><strong>री-टेस्ट:</strong> इस अंतिम चरण में पुनः याद व खुद का विश्लेषण करने के बाद, छात्रों को फिर से एक और परीक्षा देनी चाहिए और फिर उन्हें पिछले प्रदर्शन के साथ अपने प्रदर्शन की तुलना करनी चाहिए ।</li>
</ul>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: <span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-pankaj-nagar-thoughts-are-combination-of-mind-brain-and-experiences/8361/">मन, मस्तिष्क व अनुभवों का संयोजन है विचाराभिव्यक्ति</a></span></span></strong></p>
<p><strong>समयावधि:</strong> विद्यार्थियों को अध्ययन करने के लिए अपने समय को तय करना चाहिए क्योंकि जीवन में सफलता सही समय प्रबंधन पर ही निर्भर है । यह जीवन का एकमात्र तत्व है जो अगर एक बार चला गया तो कभी नहीं लौटेगा । इसलिए लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए छात्रों को अपने समय का प्रबंधन करना चाहिए । उन्हें पहले अपना अंतिम लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसके बाद उसे छोटे-छोटे क्रमबद्ध तरीके से उन्हें विभाजित करना चाहिए | JEE, AIIMS, NEET, IIT, बोर्ड की तैयारी के लिए जहाँ प्रतिदिन 5 से 6 घंटे का अध्ययन आवश्यक है, वही IAS, IPS, UPSC की तैयारी के 8-10 घंटे का पढाई करना जरुरी है जो आपके स्कूल और कोचिंग समय से अलग होना चाहिए । विद्यार्थियों को अपने कीमती समय की बर्बादी नहीं करनी चाहिए जैसे कि मूवी देखना, लंबे समय तक फोन पर बातचीत करना आदि । विद्यार्थियों को एक निश्चित समय सारिणी का पालन करना चाहिए जिसमें जीवन के हर पहलू जैसे- आत्मचिंतन-मंथन, स्वास्थ्य और स्वच्छता, खेल, सामाजिक जीवन, शौक, कोचिंग, अध्ययन, संशोधन, भोजन आदि के लिए पर्याप्त समय हो । अध्ययन का समय व्यक्तिगत क्षमता या आदत पर निर्भर करता है, कोई व्यक्ति सुबह जल्दी रिवीजन की योजना बना सकता है जबकि कोई रात या शाम को कर सकते हैं । पढ़ाई के दौरान, उन्हें छोटे ब्रेक देने चाहिए और हल्के, ऊर्जावान, स्वस्थ स्नैक्स जैसे मूंगफली, चिप्स, जूस आदि लेने चाहिए । रोजाना एक-दो मिनट के लिए, छात्रों को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि वर्तमान में क्या हो रहा है, थोड़ी देर टहलने जाना चाहिए |<br />
<strong>सोशल मीडिया से दूर रहना:</strong> जैसा कि हमने देखा है कि इंटरनेट युग में हर कोई क्लाउड कंप्यूटिंग में व्यस्त है । हर कोई दुनिया में एक्सपोजर चाहता है; हर कोई दुनिया से जुड़ना चाहता है, अपडेट रहना चाहता है, पसंद करना चाहता है, तारीफ पाना चाहता है, पॉजिटिव कमेंट करना चाहता है आदि, इसके लिए अब विद्यार्थी सोशल मीडिया से बहुत ज्यादा जुड़ गए हैं । वे वर्तमान सोशल मीडिया पोर्टल जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर, हाइक, स्नैप चैट, वाइबर आदि पर अपनी हर घटना को अपडेट करते हैं, लेकिन सफलता की इच्छा रखने वालों को खुद से सोशल मीडिया से दूर रखना चाहिए | छात्रों में नकारात्मकता पैदा करते है । शोधों ने साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया लोगों को नकारात्मक बनाता है क्योंकि वहाँ बहुत सारे नकारात्मक सामाजिक तत्व जो सिर्फ खुद की सुनते हैं दूसरों की बात समझना ही नहीं चाहते । यहां तक ​​कि जब भी किसी को कोई प्रतिक्रिया जैसे पसंद, टिप्पणी, शेयर और प्यार नहीं मिलती है, यह अवसाद और चिंता का कारण बन सकता है ।<br />
<strong>नियमित ऑनलाइन टेस्ट सीरीज:</strong>  स्थगित होती परीक्षाओं और परिणाम के तनाव से बचने के लिए अभी सभी को नियमित रूप से ऑनलाइन टेस्ट सीरीज का उपयोग करते हुए अपने ज्ञान की निरंतरता को बनाये रखना चाहिए | छात्रों को नियमित अध्ययन और कक्षाओं को छोड़ना नहीं चाहिए । जब भी उन्हें कोई संदेह हो, तो उन्हें मेंटर्स और टीम के साथियों से सलाह लेनी चाहिए । परीक्षणों की नियमित प्रतिक्रिया वास्तविक समझ और अध्ययन की स्थिति (कागज़ी, 2015) प्रदान करेगी ।<br />
<strong>सरकार द्वारा प्रकाशित किताबों से अध्ययन:</strong> विभिन्न प्रवेश परीक्षा के टॉपर्स ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा की प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रतिभागियों को सरकार व सरकारी संस्थाओं जैसे एन.सी.ई.आर.टी., बोर्ड्स, द्वारा प्रकाशित किताबों से अध्ययन करना चाहिए । जेईई मेन्स के टॉपर मास्टर कल्पित वीरवाल ने कहा कि प्रश्न पत्र की तैयारी के लिए एनसीईआरटी की किताबें सबसे अच्छी हैं, एक भी विषय का प्रश्न एन.सी.ई.आर.टी के सिलेबस के बाहर से प्रश्नपत्र में नहीं आया ।<br />
<strong>नियमित अभ्यास:</strong> विद्यार्थियों को जीवन से तनाव से बचने के लिए नियमित रूप से वर्कशीट, दैनिक अभ्यास पत्र, प्रश्न, सूत्र आदि पर अभ्यास करना चाहिए । नियमित अभ्यास लिखित रूप में करना चाहिए बजाये इसके की केवल याद किया जाये | नियमित अभ्यास आत्मविश्वास का निर्माण करेगा और परीक्षा और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण लाएगा ।<br />
<strong>शांत रहे: </strong>अंतिम परीक्षा हमेशा तनाव के साथ आती है । इसलिए परीक्षा से पहले छात्रों को खुद को शांत रखना चाहिए । उन्हें हाइपर और किसी भी चीज़ पर गुस्सा करना चाहिए क्योंकि यह ऊर्जा और एकाग्रता को कम करता है ।<br />
<strong>अंतिम दिन कुछ भी नया प्रारंभ न करे:</strong>  आम तौर पर, छात्र अंतिम दिनों के लिए कठिन विषयों को याद करने के लिए रखते हैं लेकिन यह तनाव लाता है । अंतिम क्षण में, छात्रों को कुछ भी नया याद नहीं रहता इसके विपरीत जो ज्ञान ग्रहण करने की कोशिश को जाती वो अस्थिर रहता है ।<br />
<strong>पौष्टिक भोजन करे:</strong>  वर्तमान में हर विद्यार्थी के खाने की पसंद में जंक / फास्ट फूड आदि है जो वे कहीं से भी, किसी भी मेस, किसी भी विक्रेता, दुकान या सड़क के किनारे से खाते लेते है, जो उन्हें अस्वस्थ और बीमार बनाता है । इसलिए उन्हें अपने भोजन के बारे में बहुत सचेत होना चाहिए । उन्हें स्वच्छ स्थानों से खाना चाहिए और एक संतुलित आहार चार्ट का पालन करना चाहिए जो उनके अध्ययन के लिए उपयुक्त है क्योंकि अस्वस्थ भोजन भी तनाव का एक कारण है । अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के अध्ययन के अनुसार, पुरुषों की तुलना में महिलाओं की एक बड़ी संख्या (प्रत्येक तीन में से एक) अपने स्वाद के लिए नई नई चीजे अपनाती है, उदाहरण के लिए, जमे हुए दही, ठंडे खाद्य पदार्थों और दबाव को कम करने के लिए व्यवहार करती है । महिलाओं के लिए अपने सबसे पसंदीदा खाने की आदतों से खुद को रोकना बहुत आम है क्योंकि वे अधिक फिट होने का प्रयास हमेशा करती रहती हैं ।<br />
<strong>नियमित प्रतिक्रिया:</strong>  यदि विद्यार्थी फैकल्टी, परामर्शदाता और अपने अध्यापकों से प्रतिदिन प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकते हैं, तो यह उनके परिणामों के बारे में चिंता और तनाव को कम करता है । उसके बाद परिणाम के विषय को लेकर विद्यार्थियों के लिए कोई नई बात नहीं होगी । विद्यार्थियों को अपने परिणामों पर कभी आश्चर्य नहीं होगा ।<br />
<strong>सकारात्मक संगीत सुने:</strong> आर.के. वर्मा निदेशक रेजोनेंस, गोविंद माहेश्वरी एलन कोचिंग संस्थान के निदेशक और कई प्रकार के शोधों से यह साबित हो चूका है की कि तनाव से बचने के लिए संगीत एक अच्छा साधन है । विद्यार्थियों को प्रेरक गीतों को सुनना चाहिए जैसे- &#8220;रुक जाना नहीं तू कही हार के&#8230;..&#8221;, &#8220;जो भी हो गया फिर आएगा &#8230;&#8221;, &#8220;डर के आगे जीत हैं&#8221;। ! ”,“ बार-बार हो बोलो यार है अपनी जीत हो…। ”,“ जिंदगी की ना टूटे लाडी…। ”,“ जिन्दगी हर कदम एक नई जंग है…। ”, जिंदा है तोह…।”, “अये। साला अभी अभी हुआ यकीन, &#8230; &#8220;,&#8221; कंधो से कांधे मिलते है, कदमों से कदम मिलते है &#8230;.. &#8220;,&#8221; धुन्धला जाये जो मंजिले । &#8220;&#8230;&#8221;, &#8220;कुछ करिए कुछ करिए &#8230;&#8221;, &#8220;ये होसला कैसे रुके&#8230;.। &#8220;, &#8220;कुछ पाने की हो आस-आस&#8230;आशाएं आशाएं &#8230;&#8221;, &#8220;ओ मितवा सुन मितवा तुझे क्या डर है रे&#8230;&#8221;, &#8220;इकतारा वोतारा सबतारा&#8230;।&#8221; आदि | इस प्रकार के गीत ऊर्जा को बढ़ावा देंगे और अध्ययन और सीखने की नई भावना भरेंगे ।<br />
<strong>एकाग्रता:</strong> विद्यार्थियों को पूरी एकाग्रता के साथ एक समय में एक काम ही करना चाहिए क्योंकि अगर वे कई काम करेंगे और अपने दिमाग को अन्य दिशाओं में मोड़ेंगे, तो उनके प्रयास प्रभावी नहीं होंगे और जो परिणाम वे चाहते हैं वे कभी नहीं मिलेंगे जिससे तनाव में वृद्धि होगी । तनाव अपरिहार्य है, और विफलता दुनिया का सबसे बड़ा शिक्षक है । प्रत्येक विद्यार्थी को यह समझना चाहिए कि यदि उन्हें असफलता मिलती है, तो वह जीवन का अंत नहीं है, यह भविष्य की सफलता के लिए एक खुले द्वार की तरह है । स्थिति को संभालने के लिए उन्हें अपने तरीके खोजने चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति दूसरों से अलग होता है और जीवन के प्रति उनकी धारणा होती है । इसलिए एक सामान्य उपाय सभी पर काम नहीं कर सकता है ।<br />
<strong>खर्चों पर नियंत्रण:</strong>  विद्यार्थी धन की कमी के कारण भी तनाव में हैं, इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए विद्यार्थी को एटीएम से अपनी नकद निकासी की प्रवृत्ति को सीमित करना चाहिए । यहां तक कि उन्हें अपने खर्च को अपने दोस्तों की तुलना में मोबाइल, कपड़े, फास्ट/जंक फूड, व्यक्तिगत संबंधों, युवाओं की बुरी आदतों (धूम्रपान, बंक करना, शराब पीना) आदि पर सीमित करना चाहिए ।<br />
<strong>भूतकाल की उपलब्धियों और सफलताओं को याद करे:</strong> निराशा की परिस्थिति में विद्यार्थियों को अपने पिछले सफल, सुखदायी अनुभवों और घटनाओं को याद करना चाहिए साथ ही ध्यान देना चाहिए कि उन्होंने अन्य तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना कैसे किया था- जैसे कि ब्रेक अप, परीक्षा परिणाम, घर या भोजन की आदतों को बदलना, दोस्तों के झगड़े आदि । वाशिंगटन, डीसी के स्वास्थ्य विभाग की सलाह है कि साथियों के साथ बातचीत करना एक बुरी घटना के बाद महीनों एक-एक करके निर्देशन की तुलना में अधिक लाभकारी है ।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">READ MORE: </span><span style="color: #0000ff;"><a style="color: #0000ff;" href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-k-vikram-rao-about-malerkotla/8427/">मालेरकोटला पर विवाद ? क्या कारण है ?</a></span></strong></p>
<p>सारांश में हम ये कह सकते है की योग, ध्यान, सकारात्मक सोच, तनाव को दूर करने के लिए अपना स्वयं का पढने का तरीका, उचित आराम और पर्याप्त नींद, हॉबी गतिविधियों में संलग्न रहना, अपनी भावनाएं साझा करना, माता-पिता या अभिभावकों के साथ संपर्क में रहना, स्वस्थ भोजन लेना, योग्यता और रुचि के अनुसार लक्ष्य तय करना, एक व्यवस्थित तरीके से संशोधन पर ध्यान देना, अध्ययन के लिए उचित समय तय करना, समय सारणी का पालन करना, सोशल मीडिया से दूर रहना, नियमित परीक्षण और कक्षाओं में भाग लेना, प्रेरणादायक पुस्तकों का अध्ययन करना, परीक्षा के एक दिन पहले शांत और तनावमुक्त रहना, संकाय सदस्यों द्वारा वर्तमान प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया प्राप्त करना, भविष्य के लिए योजना बनाना, सकारात्मक संगीत सुनना, खर्चों को सीमित करना, सहपाठियों के साथ अवकाश के समय का आनंद लेना और प्रतिकूल समय के दौरान सर्वश्रेष्ठ पिछली सफलताओं को याद करना निश्चित रूप से विद्यार्थियों के तनाव को जीवन की हर परिस्थिति में चाहे कोरोना जैसी विकट स्थिति ही क्यों न हो कम कर सकता है ।</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">लेखक:</span></strong> <span style="color: #0000ff;"><strong>डॉ. निधि प्रजापति</strong></span><br />
<span style="color: #0000ff;"><strong>वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर</strong></span><br />
<span style="color: #0000ff;"><strong>अध्यक्ष-सोसाइटी हैस ईव शी इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट </strong></span></p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/editorial/article/article-by-dr-nidhi-prajapati-on-stress-management-of-students/8481/">तनाव से मुक्ति, जीवन में तंदरुस्ती</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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		<title>RPSC SI Vacancy:  राजस्थान पुलिस में निकली भर्ती जानिए पूरी प्रक्रिया&#8230;</title>
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		<pubDate>Fri, 05 Feb 2021 12:52:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>-आरपीएससी ने निकाली राजस्थान पुलिस एस आइ के 857 पदों के लिए भर्ती TISMedia@Career. राजस्थान पब्लिक सर्विस कॅमिशन (आरपीएससी) ने राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर एपी, प्लाटून कमांडर और सब इंस्पेक्टर एमबीसी के 857 पदों के लिए भर्ती कि अधिसुचना 3 फरवरी 2021 को वेबसाइट पर जारी की है। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते &#8230;</p>
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										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>-आरपीएससी ने निकाली राजस्थान पुलिस एस आइ के 857 पदों के लिए भर्ती</strong></span></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">TISMedia@Career.</span></strong> राजस्थान पब्लिक सर्विस कॅमिशन (आरपीएससी) ने राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर एपी, प्लाटून कमांडर और सब इंस्पेक्टर एमबीसी के 857 पदों के लिए भर्ती कि अधिसुचना 3 फरवरी 2021 को वेबसाइट पर जारी की है। इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। राजस्थान पुलिस के तहत भर्ती होने वाले अभ्यर्थीयों को पे-मैट्रिक्स लेवल-11 में नियुक्त किया जाएगा।</p>
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<p><span style="color: #ff0000;"><strong>READ MORE : </strong></span><a href="https://tismedia.in/career/online-application-form-of-ugc-net-released-by-nta/4041/">UGC NET EXAM ऑनलाइन होगी परीक्षा, 02 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन, जानिए पूरी प्रक्रिया…</a></p>
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<p><strong>पद – 857</strong></p>
<table style="height: 411px;" width="474">
<tbody>
<tr>
<td width="191"><strong>पद का नाम</strong></td>
<td width="191"><strong>क्षेत्र का नाम</strong></td>
<td width="191"><strong>कुल पद</strong></td>
</tr>
<tr>
<td rowspan="2" width="191">सब इंस्पेक्टर एपी</td>
<td width="191">टीएसपी</td>
<td width="191">81</td>
</tr>
<tr>
<td width="191">गैर टीएसपी</td>
<td width="191">663</td>
</tr>
<tr>
<td rowspan="2" width="191">सब इंस्पेक्टर आईबी</td>
<td width="191">टीएसपी</td>
<td width="191">1</td>
</tr>
<tr>
<td width="191">गैर टीएसपी</td>
<td width="191">63</td>
</tr>
<tr>
<td width="191">प्लाटून कमांडर</td>
<td width="191">गैर टीएसपी</td>
<td width="191">38</td>
</tr>
<tr>
<td width="191">सब इंस्पेक्टर एमबीसी</td>
<td width="191">टीएसपी</td>
<td width="191">11</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p><strong>योग्यता</strong></p>
<p>किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्याल या महाविद्यालय से स्नातक।</p>
<p>देवनागरी लिपी में लिखी गई हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान और राजस्थानी संस्कृति का ज्ञान।</p>
<p><strong>शारीरीक योग्यता</strong></p>
<p>ऊंचाई- 168 से.मी.</p>
<p>सीना – बिना फुलाये 81 से.मी, तथा फुलाने पर 86 से.मी. (सीने के न्यूनतम 5 से.मी. के साथ) से कम नहीं</p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>READ MORE : </strong></span><a href="https://tismedia.in/education-2/cbse-released-class-10th-12th-board-exams-date-sheet-with-these-major-changes/4010/">CBSE Board Exam: बोर्ड ने जारी की डेट शीट, जानिए क्या हुए बड़े बदलाव</a></p>
<p><strong>आयु सीमा</strong></p>
<p>1 जनवरी 2022 को 20 वर्ष से अधिक लेकिन 25 वर्ष से कम</p>
<p><strong>चयन मानदंड</strong></p>
<ol>
<li>लिखित परिक्षा</li>
<li>शारीरिक दक्षता परीक्षा</li>
<li>एप्टीट्यूड टेस्ट और साक्षात्कार</li>
</ol>
<p><strong>एग्जाम पैटर्न</strong></p>
<p>परीक्षा में 2 पेपर होंगे पहला सामान्य हिंदी दुसरा सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान। प्रत्येक पेपर 200 अंको का होगा । परीक्षा में बहुविकल्पीय और वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक पेपर 2 घंटे का होगा। गलत उत्तर पर 1/3 मार्क की निगेटिव मार्किंग होगी। दोनों पेपर में 36 प्रतिशत और कुल 40 प्रतिशत प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को उत्तीर्ण माना जाएगा। आयोग रिक्तियों की संख्या से 20 गुना तक ऐसे अभ्यर्थी की सूची लिखित परीक्षा में प्राप्त कुल अंको कि योग्यता के आधार पर भेजेगा।</p>
<p><strong>आवेदन शुल्क</strong></p>
<p>सामान्य अभ्यर्थी के लिए / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: 350/- रु</p>
<p>राजस्थान अधिवास के एससी / एसटी अभ्यर्थी के लिए: 250/- रु</p>
<p>सामान्य अभ्यर्थी / ईडब्ल्यूएस / ओबीसी (जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख से कम है): 150/- रु</p>
<p>भुगतान मोड: ऑनलाइन</p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">Watch More:</span> </strong><a href="https://youtu.be/brvsP0n8Qv0">सीबीएसई के सिटी कॉर्डिनेटर प्रदीप सिंह गौड़ से सुनिए बोर्ड परीक्षाओं में हुए बदलाव की जानकारी</a></p>
<p><strong>ऐसे कर सकते है आवेदन</strong></p>
<p>आवेदन की प्रक्रिया 09 फरवरी 2021 से शुरू होंगी। इसके लिए अधिकृत वेबसाइट <a href="https://rpsc.rajasthan.gov.in/">https://rpsc.rajasthan.gov.in/</a> पर जाकर आवेदन करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तारीख 10 मार्च 2021 है।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/career/rpsc-recruitment-for-857-posts-in-rajasthan-police-department/4059/">RPSC SI Vacancy:  राजस्थान पुलिस में निकली भर्ती जानिए पूरी प्रक्रिया&#8230;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
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