कोटा।
रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और सिलेंडर की कथित कमी से परेशान आम जनता की आवाज बनकर पूर्व विधायक Prahlad Gunjal बुधवार को हजारों कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर उतर आए।महंगाई की मार और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से जूझ रही आम जनता की पीड़ा उस समय सड़कों पर दिखाई दी, जब पूर्व विधायक Prahlad Gunjal हजारों कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ कोटा की सड़कों पर उतर आए। हाथों में गैस सिलेंडर की तख्तियां और सरकार के खिलाफ नारे लगाते लोगों की भीड़ मानो यह संदेश दे रही थी कि यह आंदोलन सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि हर उस परिवार की रसोई की लड़ाई है जो महंगाई और गैस संकट से परेशान है। नयापुरा से कलेक्ट्रेट तक निकली यह विशाल रैली शहर में जनता के आक्रोश और उम्मीद दोनों का प्रतीक बन गई, जहां लोगों ने अपने हक और राहत की मांग बुलंद आवाज में उठाई।
नयापुरा स्थित कार्यालय से शुरू हुई यह विशाल रैली कलेक्ट्रेट तक पहुंची, जहां जनसभा में बदलकर सरकार के खिलाफ तीखे विरोध का मंच बन गई।
हाथों में गैस सिलेंडर की तख्तियां, झंडे और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने पूरे रास्ते सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और सिलेंडर आपूर्ति की अनिश्चितता ने आम परिवारों की रसोई पर संकट खड़ा कर दिया है।
“जब संकट नहीं, तो एडवाइजरी क्यों?”
सभा को संबोधित करते हुए गुंजल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि देश में गैस का कोई संकट नहीं है तो फिर व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग रोकने और घरेलू सिलेंडर 25 दिन से पहले नहीं मिलने की एडवाइजरी क्यों जारी की गई।
उन्होंने कहा कि आज देश का आम नागरिक गैस की बढ़ती कीमतों और उपलब्धता की समस्या से जूझ रहा है, जबकि सरकार इस मुद्दे को हल्का दिखाने की कोशिश कर रही है।
गुंजल ने आरोप लगाया कि पहले ही सिलेंडर की कीमतों में करीब 60 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है और आने वाले समय में इसमें और बढ़ोतरी की आशंका है, जिससे आम आदमी पर महंगाई का बोझ और बढ़ेगा।
कोटा की हालत पर भी जताई चिंता
सभा के दौरान गुंजल ने कोटा की आर्थिक स्थिति और कोचिंग उद्योग में आई गिरावट को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कभी लाखों छात्रों की वजह से देशभर में पहचान बनाने वाला कोटा आज मुश्किल दौर से गुजर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गलत नीतियों और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दबावों की वजह से निवेश और उद्योगों का माहौल प्रभावित हुआ है, जिससे शहर की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है।
गुंजल ने कहा कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी से होटल, हॉस्टल और मेस संचालकों की परेशानी बढ़ गई है, जिसका असर सीधे कोटा में पढ़ने वाले छात्रों पर पड़ रहा है।
होटल और मेस संचालकों के लिए उठाई आवाज
गुंजल ने कहा कि कोटा की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा छात्रों और कोचिंग संस्थानों पर आधारित है। यदि होटल, हॉस्टल और मेस संचालकों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलेंगे तो छात्रों को भोजन तक के लिए भटकना पड़ेगा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि तुरंत व्यवस्था सुधार कर व्यावसायिक सिलेंडरों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि शहर में पढ़ने वाले छात्रों और व्यापारियों को राहत मिल सके। प्रदर्शन के अंत में गुंजल ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि जनता के हितों के लिए है। उन्होंने कहा कि जब तक आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक कांग्रेस सड़कों पर संघर्ष करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
सुबह से जुटने लगे थे कार्यकर्ता
प्रदर्शन की शुरुआत सुबह 10 बजे से ही हो गई थी। नयापुरा स्थित कार्यालय पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक एकत्रित होने लगे थे।
करीब 11 बजे प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं का काफिला रैली के रूप में कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुआ। कलेक्ट्रेट पहुंचकर यह रैली एक विशाल सभा में बदल गई, जिसमें कई नेताओं ने जनता के मुद्दों को लेकर अपने विचार रखे।
इन नेताओं ने किया संबोधन
सभा को बूंदी जिला अध्यक्ष महावीर मीणा, पूर्व देहात अध्यक्ष सरोज मीणा, ब्रजेश शर्मा नीटू, क्रांति तिवारी, अनूप ठाकुर, मंजूर तंवर, विपिन बरथूनिया, हेमंत चतुर्वेदी, राजू पहाड़ियां और राजीव आचार्य सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व पार्षद दिलीप पाठक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन रुक्मणि मीणा ने दिया।
प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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