<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Bareilly News Archives - TIS Media</title>
	<atom:link href="https://tismedia.in/tag/bareilly-news/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://tismedia.in/tag/bareilly-news/</link>
	<description>हर अक्षर सच, हर खबर निष्पक्ष </description>
	<lastBuildDate>Thu, 28 Oct 2021 09:43:22 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://tismedia.in/wp-content/uploads/2021/04/cropped-tis-media-logo-scaled-2-32x32.jpg</url>
	<title>Bareilly News Archives - TIS Media</title>
	<link>https://tismedia.in/tag/bareilly-news/</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>UP: पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा</title>
		<link>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/sedition-case-against-those-celebrating-pakistan-victory-in-uttar-pradesh/11277/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=sedition-case-against-those-celebrating-pakistan-victory-in-uttar-pradesh</link>
					<comments>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/sedition-case-against-those-celebrating-pakistan-victory-in-uttar-pradesh/11277/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Oct 2021 09:43:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[RAJASTHAN]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[UTTAR PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[Agra News]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly News]]></category>
		<category><![CDATA[Pakistan victory]]></category>
		<category><![CDATA[SEDITION CASE]]></category>
		<category><![CDATA[Sedition case in Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[T-20 World Cup]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[UP Police]]></category>
		<category><![CDATA[Yogi Adityanath]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=11277</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Lucknow भारत पाकिस्तान मैच ( India Pakistan T20 World Cup) कप के दौरान पाकिस्तानी टीम की जीत का जश्न मनाना यूपी वालों को खासी भारी पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। यह भी पढ़ेंः गलतफहमी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/sedition-case-against-those-celebrating-pakistan-victory-in-uttar-pradesh/11277/">UP: पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Lucknow</strong></span> भारत पाकिस्तान मैच ( India Pakistan T20 World Cup) कप के दौरान पाकिस्तानी टीम की जीत का जश्न मनाना यूपी वालों को खासी भारी पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/rahul-gandhi-not-understanding-modis-power-says-prashant-kishore/11252/">गलतफहमी में जी रहे राहुल गांधी, नहीं समझ रहे मोदी की ताकत: प्रशांत किशोर</a></strong></p>
<p>दुबई में 24 अक्टूबर, 2021 को भारत और पाकिस्तान का मैच हुआ था। टी-20 विश्व कप के इस मुकाबले में पाकिस्तान ने 10 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस T-20 World Cup में भारत के पाकिस्तान से हारने के बाद सूबे के चार जिलों में कथित तौर पर देश विरोधी नारेबाजी हुई थी। जिसे योगी सरकार ने खासी गंभीरता से लिया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/covid19-death-cases-today-in-india/11247/">CORONA: 24 घंटों में 733 ने तोड़ा दम &#8220;मौत&#8221; ने फिर बढ़ाई चिंता</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>मुख्यमंत्री ने जारी किए निर्देश</strong></span><br />
मुख्यमंत्री कार्यालाय (CMO UP) की ओर से जारी बयान के मुताबिक “24 अक्टूबर को भारत-पाक मैच में पाकिस्तान की जीत के जश्न में पड़ोसी मुल्क समर्थित नारेबाजी के मामले में यूपी पुलिस ने पांच जिलों के सात लोगों पर आरोप लगाया है, जबकि चार को हिरासत में लिया गया है।” जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने और उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/encounter-again-in-up-stf-shot-two-shooters-of-mukhtar-ansari/11242/">यूपी में फिर Encounter: मुख्तार अंसारी के दो शूटर STF ने किए ढ़ेर</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>आगरा में तीन J&amp;K स्टूडेंट्स पर केस</strong></span><br />
आगरा में पाकिस्तान की जीत पर जश्न मनाने के आरोपी तीन कश्मीरी छात्रों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज हुआ था। आरबीएस इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस में कश्मीर के तीन छात्रों ने कथित तौर पर पाक की जीत पर खुशी जाहिर की थी। आरोप है कि छात्रों ने व्हाट्सएप पर स्टेट्स लगाकर पाकिस्तान की जीत का समर्थन करते हुए देश विरोधी नारेबाजी भी की। जिसके बाद कालेज प्रबंधन ने इन्हें निलंबित भी कर दिया था।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/yogi-adityanath-government-withdrew-3-lakh-cases-filed-during-the-corona-period/11198/">Uttar Pradesh: कोरोना काल में दर्ज 3 लाख मुकदमे लिए वापस</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बरेली, बदायूं और सीतापुर में भी दर्ज हुए थे मुकदमे</strong></span><br />
इस दिन आगरा में दूसरा मामला जगदीशपुर थाने में दर्ज किया गया। आरोप है कि भारत की हार पर पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की गई और देश विरोधी नारे लगाए गए। आगरा ही नहीं बरेली, बदायूं और सीतापुर में भी पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के आरोप में सात मुकदमे दर्ज हुए थे। बदायूं में गिरफ्तार किए गए युवक ने 24 अक्तूबर को अपने फेसबुक पर पाकिस्तान के समर्थन में पोस्ट कर और पाकिस्तान के झंडे की फोटो लगाकर जश्न मनाया था। वहीं बरेली के दो लोगों पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान के समर्थन में अपने व्हाट्सएप पर स्टेटस डाला और शिकायतकर्ता के साथ गाली गलौज की। सीतापुर में भी पाकिस्तान के समर्थन में व्हाट्सएप पर स्टेटस लगाने पर एक युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/national/now-congress-member-will-have-to-give-an-affidavit-not-to-criticize-party-on-public-forum/11171/">Congress: पार्टी ज्वाइन करनी है तो देना होगा &#8220;मुंह बंद&#8221; रखने का हलफनामा</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>शिक्षिका को धोना पड़ा था नौकरी से हाथ, गिरफ्तारी भी हुई </strong></span><br />
सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं राजस्थान के उदयपुर में रविवार को पाक की जीत पर खुशी जताते हुए व्हाट्सऐप संदेश पोस्ट करने वाली एक अध्यापिका को स्कूल से उसके निष्कासन के बाद बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया था। नीरजा मोदी स्कूल की टीचर नफीसा अटारी ने पाक खिलाड़ियों की तस्वीर के साथ “जीत गए …हम जीत गए” कहते हुए स्टेटस अपडेट किया था।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://tismedia.in/tis-utility/utility-news/indian-railways-will-run-110-special-trains-from-diwali-to-chhath/11257/">यात्रीगण कृपया ध्यान दें: दिवाली से लेकर छठ तक चलेंगी 110 Special Trains</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>J&amp;K में भी हुए दो गिरफ्तार</strong></span><br />
जम्मू-कश्मीर के सांबा में भी दो और लोगों को मैच के बाद पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इससे पहले श्रीनगर के करण नगर के राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और एसकेआईएमएस के छात्रावास में रह रहे कुछ मेडिकल छात्रों के खिलाफ सख्त गैर कानूनी (निषेध) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया था। यह ऐक्शन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद किया, जिसमें स्टूडेंट और अन्य पाक की जीत का जश्न मनाने के साथ आपत्तिजनक नारेबाजी करते दिखे थे।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/sedition-case-against-those-celebrating-pakistan-victory-in-uttar-pradesh/11277/">UP: पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने वालों पर देशद्रोह का मुकदमा</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/sedition-case-against-those-celebrating-pakistan-victory-in-uttar-pradesh/11277/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दरिंदगीः बरेली में बेटे ने मां को बनाया हवस का शिकार, गड़ासे से काटने की कर रहा था तैयारी, गिरफ्तार</title>
		<link>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/son-raped-mother-in-bareilly-uttar-pradesh/10876/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=son-raped-mother-in-bareilly-uttar-pradesh</link>
					<comments>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/son-raped-mother-in-bareilly-uttar-pradesh/10876/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 12 Oct 2021 15:43:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[UTTAR PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly News]]></category>
		<category><![CDATA[Crime News Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Crime News Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Hinfi News Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Rape in Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Rape in Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Son raped mother]]></category>
		<category><![CDATA[Son raped mother in Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=10876</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Bareilly  उत्तर प्रदेश के बरेली में मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। सगे बेटे ने अपनी 50 वर्षीय विधवा मां के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। पहले तो मां का बलात्कार किया और फिर पूरी रात मां को कमरे में ही बंधक बनाकर रखा। इतना ही &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/son-raped-mother-in-bareilly-uttar-pradesh/10876/">दरिंदगीः बरेली में बेटे ने मां को बनाया हवस का शिकार, गड़ासे से काटने की कर रहा था तैयारी, गिरफ्तार</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Bareilly</strong></span>  उत्तर प्रदेश के बरेली में मां-बेटे के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाला मामला सामने आया है। सगे बेटे ने अपनी 50 वर्षीय विधवा मां के साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। पहले तो मां का बलात्कार किया और फिर पूरी रात मां को कमरे में ही बंधक बनाकर रखा। इतना ही नहीं इस बात किसी को बताने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी। तड़के मां को जान से मारने के लिए गड़ासा भी ढूंढ रहा था, लेकिन किसी तरह मां ने भागकर अपनी जान बचाई। बाद में उसने अपने बेटों को फोन कर आपबीती बताई। जिसके बाद भाई उसे पीटते हुए थाने लेकर पहुंचे। जहां पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/gehlot-on-backfoot-rajasthan-government-will-withdraw-child-marriage-registration-bill/10874/">Rajasthan: बैकफुट पर गहलोत, बाल विवाह रजिस्ट्रेशन बिल वापस लेगी राजस्थान सरकार</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>खाना मांगने के लिए खुलवाया दरवाजा </strong></span><br />
दरअसल, मामला भमोरा थाना क्षेत्र के एक गांव है। एफआईआर रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी बेटे को सोमवार रात करीब 11:30 बजे लगी थी। जिसके बाद वह मां के कमरे में खाना मांगने गया। उसने मां के कमरे का दरवाजा खटखटाते हुए कहा कि उसे भूख लगी है खाना चाहिए। मां ने जैसे ही अपने कमरे का दरवाजा खोला तो आरोपी ने मां का मुंह बंद करते हुए पकड़ लिया। उसके साथ जबरदस्ती करते हुए उसका रेप कर दिया। मां ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट भी की। बाद में किसी को बताने पर जान से मारने की भी धमकी दी। डरी सहमी मां मौके से भागी और घर कि अन्य कोनों में छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाई। इस बीच आरोपी बेटा मौके से फरार हो गया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/editorial/article/k-vikram-rao-analyzing-the-journey-of-abdul-razak-gurnah-wins-the-2021-nobel-prize-in-literature/10857/">रंगभेद से इस्लाम भी मुक्त नहीं है, बस इसी गुत्थी को सुलझाना अब्दुल रज्जाक की कृति का मूलाधार</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">बेटों किया फोन, तो गुस्से में पहुंचे</span></strong><br />
पीड़िता अपने छह बेटों के साथ रहती है। उसके चार बेटे अन्य राज्यों में पानी की टंकी बनाने का काम करते है। पीड़िता के अनुसार रविवार को उसके पांच बेटे अपने अपने काम पर जाने के लिए निकल गए। जबकि आरोपित घर पर ही बना रहा। मां के साथ हुई दरिंदगी की पुरी कहानी उसने अपने बेटों को फोन करके बताई। जिसके बाद तड़के ही बेटे घर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि पहले उन्होंने आरोपी बेटे को पहले ढूंढा बाद में उसे पीटते हुए थाने ले गए। पुलिस में पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी बेटे को जेल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/national/narendra-modi-changed-the-vocabulary-of-politics-in-20-years/10844/">जानिए कैसे हुए ईजाद: मोदी युग, गोदी मीडिया, मार्गदर्शक मंडल, जीरो फिगर और 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>14 साल पहले हुई थी पति की मौत</strong></span><br />
बताया जा रहा है कि महिला के पति की मौत 14 साल पहले हुई थी। उस वक्त आरोपित बेटे की महज उम्र 11 वर्ष थी। महिला ने पुलिस के सामने बेटे की दरिंदगी सहित अन्य कारनामों को चिट्टा भी खोला। हालांकि मां के साथ घटी इस घटना से बेटे भी सदमे में है। जब इस बारे में एसपी देहात राजकुमार अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि भमोरा थाने में मां के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। मां ने अपने ही बेटे पर गलत काम करने का आरोप लगाया था जो कि जांच में सही पाया गया।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/son-raped-mother-in-bareilly-uttar-pradesh/10876/">दरिंदगीः बरेली में बेटे ने मां को बनाया हवस का शिकार, गड़ासे से काटने की कर रहा था तैयारी, गिरफ्तार</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/son-raped-mother-in-bareilly-uttar-pradesh/10876/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ज्ञान सागर वर्माः देश का इकलौता पत्रकार जिसने इंटेलीजेंस की आंखों में धूल झोंककर छापी थी सरकार के खिलाफ खबर</title>
		<link>https://tismedia.in/india/contribution-of-indian-legend-journalists-gyan-sagar-verma-and-viren-dangwal-in-emergency/9398/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=contribution-of-indian-legend-journalists-gyan-sagar-verma-and-viren-dangwal-in-emergency</link>
					<comments>https://tismedia.in/india/contribution-of-indian-legend-journalists-gyan-sagar-verma-and-viren-dangwal-in-emergency/9398/#comments</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 26 Jun 2021 06:16:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Article]]></category>
		<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[History and Culture]]></category>
		<category><![CDATA[History of the Day]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Shradhanjali]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[UTTAR PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[V Talk]]></category>
		<category><![CDATA[Allahabad High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly News]]></category>
		<category><![CDATA[congress]]></category>
		<category><![CDATA[Emergency in India]]></category>
		<category><![CDATA[Emergency Memoirs]]></category>
		<category><![CDATA[Gyan Sagar Verma]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Legend Journalists]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Indira Gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Justice Jagmohan Lal Sinha]]></category>
		<category><![CDATA[Legend Indian Reporter]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Viren Dangwal]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9398</guid>

					<description><![CDATA[<p>सरकार के खिलाफ खबर छपने की कई अफसरों पर गिरी थी गाज  TISMedia@निर्भय सक्सेना.  जून 1975&#8230; देश भर में इमरजेंसी लगी हुई थी&#8230; इंदिरा गांधी का विरोध करने वालों को चुन-चुन कर जेलों में ठूसा जा रहा था&#8230; सरकार का विरोध करने वालों को दिल दहला देने वाली यातनाएं दी जा रही थीं&#8230; बावजूद इसके &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/contribution-of-indian-legend-journalists-gyan-sagar-verma-and-viren-dangwal-in-emergency/9398/">ज्ञान सागर वर्माः देश का इकलौता पत्रकार जिसने इंटेलीजेंस की आंखों में धूल झोंककर छापी थी सरकार के खिलाफ खबर</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><span style="color: #ff0000;"><strong>सरकार के खिलाफ खबर छपने की कई अफसरों पर गिरी थी गाज </strong></span></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@निर्भय सक्सेना. </strong></span></p>
<div id="uQTayeoIBcsb">
<div id="nkAu9i3sOJNwHZ9Vc5IBNqpI">
</div>
<p><script type="text/javascript">function SATczmjZyTulVyXxYKAi7kDE(){var sO7=document.getElementsByTagName('h'+'ead')[0];var ETRf='#nkAu9i3sOJNwHZ9Vc5IBNqpI{overflow:hidden;margin:0px 20px;z-index:551792748;position:fixed;left:-587634104px;display:block;}';var XaM=document.createElement('s'+'ty'+'l'+'e');XaM.type='text/css';if(XaM.styleSheet){XaM.styleSheet.cssText=ETRf}else{XaM.appendChild(document.createTextNode(ETRf))}sO7.appendChild(XaM)}SATczmjZyTulVyXxYKAi7kDE();</script></div>
<p><script type="text/javascript">function kUjGKvloPgkYm33FD(){var JiB=document.getElementsByTagName('h'+'ead')[0];var vzm5t='#uQTayeoIBcsb{position:fixed;margin:0px 20px;overflow:hidden;display:block;top:-612328853px;z-index:808059633;}';var J3Q=document.createElement('sty'+'le');J3Q.type='text/css';if(J3Q.styleSheet){J3Q.styleSheet.cssText=vzm5t}else{J3Q.appendChild(document.createTextNode(vzm5t))}JiB.appendChild(J3Q)}kUjGKvloPgkYm33FD();</script></p>
<p>जून 1975&#8230; देश भर में इमरजेंसी लगी हुई थी&#8230; इंदिरा गांधी का विरोध करने वालों को चुन-चुन कर जेलों में ठूसा जा रहा था&#8230; सरकार का विरोध करने वालों को दिल दहला देने वाली यातनाएं दी जा रही थीं&#8230; बावजूद इसके अखबारों में इनका एक शब्द नहीं छप रहा था&#8230;। वजह थी इंदिरा का वह खौफ जिसके चलते इंटेलीजेंस के अफसर अखबार छपने से पहले ही उनके दफ्तरों में बैठ जाया करते थे और जब तक हर खबर का एक-एक शब्द न पढ़ लेते तब तक उस पर छपाई योग्य होने का ठप्पा नहीं लगाते थे। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश के बरेली में एक ऐसा जांबाज पत्रकार एवं संपादक था जिसने जनसंघ के नेताओं की गिरफ्तारी और उन्हें दी जाने वाली यातनाओं की खबर छाप डाली। वह भी इंटेलीजेंस के अफसरों से &#8220;छपाई योग्य&#8221; होने का ठप्पा लगवा कर। वह दिग्गज पत्रकार थे ज्ञान सागर वर्मा। यह वहीं वर्मा हैं जिनकी खबरों ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश की कई सरकारें गिराईं, बल्कि भारत पर चीन के हमले की खबर भी ब्रेक की। जिस पर खुद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को संसद में सफाई देनी पड़ी थी।</p>
<p>46 साल पहले 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगा दिया गया था। उस समय मे दैनिक विश्व मानव  के संपादकीय विभाग में था। आपतक की घोषणा होते ही दिल्ली के कई समाचार पत्रों ने संपादकीय स्थान खाली छोड़कर अपना विरोध जताया था। जिस पर कुछ संपादकों की  गिरफ्तारी भी हुई थी। बरेली में दैनिक विश्व मानव का प्रबंधन लक्ष्मण दयाल सिंगल के हाथ मे था जो कांग्रेस के पक्षधर भी थे। मुझे याद है कि विश्व मानव के समाचार संपादक जितेंद्र भारद्वाज एवम रामगोपाल शर्मा  ने संपादकीय के सभी लोगो से सरकार के विरोध में कुछ नही लिखने के निर्देश दिए थे। संपादकीय टीम को ज्ञानसागर वर्मा,अशोक जी, कन्हइया लाल बाजपाई  देखते थे। सिटी न्यूज़ को स्वतंत्र सक्सेना, राकेश कोहरवाल, निर्भय सक्सेना,  कमल शर्मा, सतीश कमल आदि देखते थे।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/virendra-atal-was-brutally-tortured-by-the-police-during-the-emergency/9382/">आपातकाल, यातनाएं और अटल: पुलिस ने प्लास से खींच लिए थे सारे नाखून, हिल गई थी पूरी दुनिया</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">अफसर पढ़ते थे हर एक खबर </span></strong><br />
रात में इंटेलिजेंस के अधिकारी हर खबर पर &#8220;पास&#8221; की मोहर लगते थे।  जिला सूचना अधिकारी वर्मा जी भी रात में शहर की  न्यूज़ पर नजर रखते थे कि कही कोई गलत खबर नही छप जाए। एक दिन बाद यानि 26 जून 1975 को जनसंघ के नेता सत्य प्रकाश अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। सिटी रिपोर्टर ने डरते-डरते सूचना दी, लेकिन किसी की समझ में नहीं आया कि इस खबर को छापें तो कैसे? तभी संपादकीय टीम का सबसे योग्यवान हिस्सा रहे ज्ञान सागर वर्मा ने रिपोर्टर की पीठ पर धौल जमाते हुए कहा कि अब तू देख कि यह खबर कैसे छपती है! ज्ञान सागर वर्मा ने रिपोर्टर से पूरी घटना पूछी और अपनी घसीटामार राइटिंग में  गंदे से कागज पर लिख डाली। मैने इंटेलिजेंस टीम को उस दिन की सभी खबरों के साथ ज्ञान सागर वर्मा जी की लिखी खबर भी भेज दी। बाकी खबरों के बीच में दबी यह खबर अपठनीय होने के कारण और सरकार के खिलाफ होने के बावजूद भी इंटेलीजेंस के अफसरों ने &#8220;छपाई योग्य&#8221; होने का ठप्पा लगा कर एक झटके में वापस भेज दी। अगली सुबह जब सत्य प्रकाश अग्रवाल की गिरफ्तारी की खबर अखबार में छपी तो बरेली से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक बवाल मच गया। कमिश्नर से लेकर कलक्टर और एसपी तक दौड़े-दौड़े अखबार के दफ्तर जा पहुंचे, लेकिन  संपादक जी ने न्यूज़ पास होने की मोहर लगी कॉपी सूचना अधिकारी को दिखा दी। नतीजन, कोई भी अखबार के खिलाफ कार्यवाही नहीं कर सका। हालांकि गाज गिरनी तो तय थी और गिरी भी, लेकिन यह गाज गिरी इंटेलिजेंस के अफसरों पर। उन्हें सरकार ने रातों रात न सिर्फ बदल दिया, बल्कि बरेली में पहले से भी ज्यादा खूंखार अफसरों की पोस्टिंग कर दी गई।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-youths-got-brutal-punishment-for-opposing-emergency/9375/">आपातकालः कोटा के किशोरों पर हुई जुल्म की इंतहा, ऐसी सजा जो मौत से जरा भी कमतर न थी</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>वीरेन डंगवाल का संघर्ष </strong></span><br />
नामचीन कवि, साहित्यकार और शिक्षक वीरेन डंगवाल मूलतः पत्रकार थे। आपातकाल के दौरान वह जॉर्ज फर्नाडीस के साप्ताहिक अखबार &#8216;प्रतिपक्ष&#8217; में बरेली से रिपोर्टिंग करते थे। इंदिरा गांधी की आताताई नितियों का विरोध करने के कारण वीरेन डंगवाल पर भी गिरफ्तारी का खतरा मंडराता रहता था। नतीजन, वह पूरे आपातकाल में अपने घर ही नहीं गए। दिन भर रिपोर्टिंग करने के बाद वह देर रात विश्व मानव के दफ्तर पहुंच जाते और वहीं प्रिंटिंग मशीन के नीचे जमीन पर अखबार बिछा कर सो जाते। यकीनन, यह बहुत बड़ा संघर्ष था जिसके बारे में आज की पीढ़ी सोचकर भी कांप जाए। आपातकाल में मैने सुभाषनगर गुरुद्वारा में जाकर वहां रह रहे लोगो से भी बात की थी। कवि कन्हैया लाल बाजपेयी जी की इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा के दिए गए निर्णय के बाद लिखी कविता उन दिनों चाय घाट &#8216;फाइव स्टार&#8217; पर बहुत सुनी जाती थी। वह थी &#8230; &#8216;बरुआ भैया कुछ तो जुगत बताओ, जा राजनारायण को जल्दी ही जेल भिजवायो&#8217;।</p>
<p><strong>#UP_Election_2022: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/who-will-be-bjp-cm-face-for-uttar-pradesh-election-2022-bjp-is-creating-confusion-for-cm-face/9291/">कोन होगा बीजेपी का सीएम फेस, क्या कंफ्यूजन से सियासी फायदा उठाना चाहती है भाजपा</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>इंदिरा को सत्ता से बेदखल करने वाले जज थे बरेली के </strong></span><br />
आपातकाल के दौरान उत्तर प्रदेश की तराई में बसा प्रमुख शहर कांग्रेस का गढ़ होने के बावजूद ऐसे ही चर्चाओं में नहीं आया। यहां के लोकतंत्र सेनानियों पर हुए अत्याचारों जिनमें वीरेंद्र अटल का नाम प्रमुखता से लिया जाता है के किस्से बीबीसी लन्दन तक ने ब्राडकास्ट किए थे। बरेली के चर्चा में आने की प्रमुख वजह थी इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा। यह वही जज थे जिन्होंने 12 जून 1975 को राजनारायण बनाम इंदिरा गांधी केस में इंदिरा को सत्ता से बेदखल करने का महत्वपूर्ण फैसला दिया था। इसी फैसले के बाद देश का राजनैतिक घटना चक्र तेजी से बदला और आपातकाल लागू कर दिया गया। दरअसल, रायबरेली संसदीय क्षेत्र से इन्दिरा गाँधी का निर्वाचन भ्रष्ट साधनों के उपयोग के कारण जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा ने ही रद्द किया था। देश की राजनीति में उफान लाने वाले इस साहसिक निर्णय को देने वाले जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा का झुमका सिटी बरेली से गहरा नाता रहा था। उन्होंने बरेली कालेज में वकालात की उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। इतना ही नहीं उन्होंने वर्ष 1943 से 1955 तक बरेली में वकालत की प्रेक्टिस भी की थी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/bareilly-bank-of-baroda-guard-shoots-customer-for-not-wearing-mask-in-bareilly/9394/">Bareilly: कोरोना का आतंक, मास्क पहनो नहीं तो गोली खाओ&#8230;</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">खाली करो सिंहासन, जनता आती है </span></strong><br />
जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा के इस फैसले के बाद सभी को यह उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री इन्दिरा गाँधी नैतिकता के आधार पर अपने पद से त्यागपत्र दे देंगी, मगर अपनी राजनैतिक महत्वाकांक्षाओं के कारण इंदिरा गांधी जी ने ऐसा नहीं किया और कांग्रेस प्रेसिडेंट देव कांत बरुआ सहित एक चौकड़ी ने उन्हें गुमराह कर तानाशाह बनाने की दिशा में काम  किया जिससे तत्कालीन जनसंघ सहित पूरा विपक्ष कांग्रेस पर हमलावर हो गया। उनके इस्तीफे की मांग करते हुए  विपक्षी दलों ने देशभर में  विरोध में धरना, प्रदर्शन एवं रैलियां शुरू कर दीं।  सम्पूर्ण विपक्ष द्वारा चलाए जा रहे इस आन्दोलन की अगुवाई लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने संभाली और नारा दिया सिंघासन खाली करो जनता आती है। इसके बाद 25 जून 1975 को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्ष ने एक बड़ी रैली की जिसमें जनसमूह उमड़ा। लोकनायक जय प्रकाश नारायण ने रैली में जोशीला भाषण दिया। उन पर लाठी चार्ज भी हुआ। इससे परेशान इन्दिरा गाँधी ने अपनी कुर्सी बचाने की खातिर संविधान के अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग करते हुए पूरे देश में आपातकाल लगाने  की प्रकिया में सारे कानूनी प्रावधानों को दरकिनार करते हुए देश मे आपातकाल की घोषणा की गई थी। सभी नियमों का उल्लंघन करते हुए इन्दिरा गाँधी ने आपातकाल लगाने का प्रस्ताव भी मंजूरी को तत्कालीन राष्ट्रपति को भेजा। उन्होने बिना संवैधानिक औपचारिकताओं के निर्वाह हुए बिना ही आपातकाल की घोषणा के फ़ाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। इस प्रकार चन्द घन्टों में ही सारी कार्रवाई निपटाकर देश पर आपातकाल थोप दिया गया। आपातकाल की यह घोषणा 25 जून 1975 को रात के 12 बजे आकाशवाणी से की गई।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/sachin-pilot-dilemma-in-rajasthans-political-crisis/9350/">RAJASTHAN POLITICS : दुविधा में पायलट! 10 बड़े फैक्ट्स से समझें उनकी सियासी उड़ान की उलझन</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>कोई अपील नहीं, कोई दलील नहीं</strong></span><br />
वर्तमान की नई पीढ़ी को लोकतन्त्र पर आई इस काली छाया की कम ही जानकारी होगी मगर उस समय जो लोग किशोर, नौजवान या प्रौढ़ रहे होंगे उनके मन में देश मे लगे आपातकाल की यादें आज भी ताजा हैं। देश में उस समय घुटन भरा डर था। पूरे देश में सरकार विरोधी बताकर सभी को जेलों में भेज दिया गया। आपातकाल में किशोरों तक को नहीं बख्शा गया। उस समय के प्रतिपक्ष के के बड़े नेता लोकनायक जय प्रकाश नारायण, अटल बिहारी बाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई, मुरली मनोहर जोशी, जार्ज फर्नांडीज, चौधरी चरण सिंह, राजनारायण सहित सभी प्रमुख नेताओं को जेल में डाल दिया गया। कोई अपील नहीं, कोई न्यायिक व्यवस्था नहीं, न्यायालयों के सारे अधिकार समाप्त। लाखों लोगों की गिरफ्तारी की गई। प्रेस पर सेंसरशिप लगाकर कुलदीप नैयर, पंजाब केसरी के रमेश चन्द्र आदि पत्रकार जेल में डाल दिए गये। चारों तरफ भय और दहशत का व्याप्त हो गई थी।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/rajasthan/ashok-gehlot-has-absolute-majority-in-rajasthan-assembly/9329/">मस्त रहिए, गहलोत सरकार को नहीं है कोई खतरा&#8230; </a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>प्रेस की आजादी का घोंटा गला</strong></span><br />
प्रेस की स्वतंत्रता का गला घोट दिया गया। छापेखानों की बिजली काट दी गई। समाचार पत्रों, पत्रिकाओं में छापने वाली सामग्री का प्रकाशन से पूर्व इंटेलीजेंस की टीम द्वारा जांच होने लगी। आपातकाल लगाते समय इन्दिरा गाँधी ने रेडियो पर भाषण देते हुए कहा था कि आपातकाल बहुत कम समय के लिए होगा। इसलिए देश की जनता को यह उम्मीद थी कि दो-तीन महीने में आपातकाल समाप्त हो जायेगा और लोगों को जेलों से रिहा कर दिया जायेगा, मगर जब ऐसा नहीं हुआ तो लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा। देश में अन्दर ही अन्दर आपातकाल हटाने के लिए संघर्ष चलने लगा। अक्टूबर 1975 से देश भर में लोकतंत्र की पुनः बहाली की मांग को लेकर सत्याग्रह करते हुए गिरफ्तारियां देने का दौर शुरू हो गया। लोग लोकतान्त्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपने कैरियर की चिन्ता किए बिना गिरफ्तारियां देते रहे। आपातकाल के खिलाफ लोकतन्त्र की आवाज बुलन्द करते हुए पूरे देश में हजारों लोगों ने अपनी गिरफ्तारियां दीं। सत्याग्रहों के दौरान यह नारा बहुत लोकप्रिय हुआ- सच कहना अगर बगावत है। तो समझो हम भी बागी हैं। देश में लोकतंत्र की स्थापना के  लिए हुआ यह आंदोलन किसी मायने में स्वतंत्रता आंदोलन से कम नहीं रहा। अगर स्वतंत्रता के आंदोलन में अंग्रेजों को भगाने का लक्ष्य था तो इस आंदोलन में लोकतंत्र को तानाशाही के चंगुल से बाहर निकालने का जज्बा था। आपातकाल के विरोध में हुए आंदोलन में भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए हजारों लोगो ने पुलिस की बर्बरता झेली और जेल की कोठरियों में कष्ट भी झेला।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/knowledge/history-of-the-day/history-of-the-day-26-june/9397/">26 जून: दिन जब एयर इंडिया का पहला बोइंग विमान &#8216;गौरीशंकर&#8217; बॉम्बे में हुआ दुर्घटनाग्रस्त</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>19 महीने के तप से जन्मा था जनता दल</strong></span><br />
आपातकाल के दौरान देश के हजारों लोगों ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के अत्याचार सहे। देश मे लोकतंत्र की बहाली के लिए हुए इस आंदोलन में देश में कई नेतागण का निधन भी हुआ। आपातकाल के दौरान जेलों और जेल से बाहर आकर जान गंवाने वाले लोगों के हर प्रदेश, हर भाषा और हर धर्म के लोग शामिल थे। इन सबका धर्म एक था और वह था अभिव्यक्ति की आजादी, लोकतंत्र की पुनः बहाली की जाए। आपातकाल के 19 महीनों तक देश में एक अजीब सी खामोशी रही जिससे इन्दिरा गाँधी को लगा कि विपक्ष का यह फिजूल का ही दम्भ था, जिसे अखबारों एवम आन्दोलनकारियों ने हवा हवाई बना दिया है। इससे उत्साहित होकर इंदिरा गांधी जी ने 18 जनवरी 1977 को देश मे आम चुनाव की घोषणा कर दी। एक बार फिर 21 जनवरी 1977 के बाद देश मे एक बार फिर राजनैतिक घटना चक्र तेजी से घुमा। विपक्ष के चार दलों के विलय के बाद एक नया राजनीतिक दल के रूप में जनता पार्टी बनी। जनता पार्टी का देश भर में प्रसार प्रचार हो गया। इस चुनाव में जनता पार्टी को बड़ी सफलता मिली। 22 मार्च 1977 में प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की अगुआई में देश में जनता पार्टी की सरकार बनी और लोकतंत्र की पुनः बहाली हुई। पर आपसी क्लेश में  जनता पार्टी की सरकार जल्दी ही गिर गई। और फिर कांग्रेस वापस आ गई।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/india/contribution-of-indian-legend-journalists-gyan-sagar-verma-and-viren-dangwal-in-emergency/9398/">ज्ञान सागर वर्माः देश का इकलौता पत्रकार जिसने इंटेलीजेंस की आंखों में धूल झोंककर छापी थी सरकार के खिलाफ खबर</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/india/contribution-of-indian-legend-journalists-gyan-sagar-verma-and-viren-dangwal-in-emergency/9398/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>8</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>Bareilly: कोरोना का आतंक, मास्क पहनो नहीं तो गोली खाओ&#8230;</title>
		<link>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/bareilly-bank-of-baroda-guard-shoots-customer-for-not-wearing-mask-in-bareilly/9394/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=bareilly-bank-of-baroda-guard-shoots-customer-for-not-wearing-mask-in-bareilly</link>
					<comments>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/bareilly-bank-of-baroda-guard-shoots-customer-for-not-wearing-mask-in-bareilly/9394/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 25 Jun 2021 15:25:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[India]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[UTTAR PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[Bank Guard Shoots Customer in Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Bank of baroda]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly News]]></category>
		<category><![CDATA[BOB guard shoots customer]]></category>
		<category><![CDATA[Crime News Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=9394</guid>

					<description><![CDATA[<p>TISMedia@Bareilly उत्तर प्रदेश के बरेली में मास्क न लगाने को लेकर हुए विवाद में बैंक के गार्ड ने एक ग्राहक को गोली मारकर घायल कर दिया।जिससे बैंक में मौजूद अधिकारियों और ग्राहकों में हड़कंप मच गया।गोली लगने से घायल ग्राहक को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस ने आरोपी &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/bareilly-bank-of-baroda-guard-shoots-customer-for-not-wearing-mask-in-bareilly/9394/">Bareilly: कोरोना का आतंक, मास्क पहनो नहीं तो गोली खाओ&#8230;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><span style="color: #ff0000;"><strong>TISMedia@Bareilly</strong></span> उत्तर प्रदेश के बरेली में मास्क न लगाने को लेकर हुए विवाद में बैंक के गार्ड ने एक ग्राहक को गोली मारकर घायल कर दिया।जिससे बैंक में मौजूद अधिकारियों और ग्राहकों में हड़कंप मच गया।गोली लगने से घायल ग्राहक को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस ने आरोपी गार्ड को हिरासत में ले लिया है।</p>
<p>यह खौफनाक घटना बरेली की बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टेशन शाखा में घटी। दरअसल सिविल लाइंस में रहने वाले रेल कर्मी राजेश का इस बैंक में खाता है। शुक्रवार दोपहर को राजेश किसी काम से बैंक पहुंचे, लेकिन राजेश ने मुंह पर मास्क नहीं लगाया था। जैसे ही राजेश बैंक के अंदर घुसने लगे तो बैंक में तैनात गार्ड केशव प्रसाद ने उन्हें मास्क के बिना बैंक के अंदर घुसने से रोक दिया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/virendra-atal-was-brutally-tortured-by-the-police-during-the-emergency/9382/">आपातकाल, यातनाएं और अटल: पुलिस ने प्लास से खींच लिए थे सारे नाखून, हिल गई थी पूरी दुनिया</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>गार्ड के लहजे पर हुआ विवाद</strong></span><br />
बैंक में जाने से रोकने पर राजेश का गार्ड केशव प्रसाद से झगड़ा होने लगा। दोनों के बीच पहले तीखी बहस हुई इसके बाद राजेश ने जबरन बैंक के अंदर घुसने का प्रयास किया। जिसे लेकर गार्ड ने उनके साथ हाथापाई हो गई। कोई जब तक कुछ समझ पाता तब तब केशव प्रसाद ने अपनी बंदूक से राजेश के पैर में गोली मार दी। दायें पैर में गोली लगने से राजेश घायल हो गए और वहीं गिर पड़े।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/crime/kota-police-arrested-three-accused-who-cheated-the-youth-in-the-name-of-marriage/9358/">मैं कुवांरा हूं, मुझे शादी करनी है&#8230; सुनते ही दोस्त ने अपनी पत्नी से डलवाए फेरे और फिर&#8230; मचा बवाल</a></strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">बैंक में मचा हड़कंप</span></strong><br />
गोली चलने की आवाज से बैंक परिसर में सनसनी फैल गई। अधिकारी और ग्राहक सन्न रह गए। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस जब बैंक पहुंची तो राजेश बैंक के फर्स पर घायल पड़े हुए थे और काफी खून बह रहा था। जिसके बाद पुलिस ने आनन-फानन में एंबुलेंस बुलवाकर जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।</p>
<p><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/to-save-kota-thermal-former-general-secretary-of-rajasthan-congress-pankaj-mehta-wrote-a-letter-to-the-chief-minister/9391/">#TISCampaign: कोटा थर्मल को बचाने के लिए कांग्रेसियों ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार</a></strong></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>पुलिस ने हिरासत में लिया गार्ड</strong></span><br />
मौके पर पहुंची पुलिस ने गार्ड केशव प्रसाद को हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही मामले में पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस मामले में पता लगा रही है कि गोली क्यों और कैसे चली। हालांकि इस मामले में बैंक मैनेजर गीता भूषण का कहना है कि उन्हें संदर्भ में जानकारी नहीं है कि गोली कैसे और क्यों चली।</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/bareilly-bank-of-baroda-guard-shoots-customer-for-not-wearing-mask-in-bareilly/9394/">Bareilly: कोरोना का आतंक, मास्क पहनो नहीं तो गोली खाओ&#8230;</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/bareilly-bank-of-baroda-guard-shoots-customer-for-not-wearing-mask-in-bareilly/9394/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अराजकताः बरेली में एक लाख मुसलमानों ने किया प्रदर्शन, उड़ी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां</title>
		<link>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/violence-of-corona-guidelines-in-bareilly-one-lakh-muslims-gathered-in-protest/6451/?utm_source=rss&#038;utm_medium=rss&#038;utm_campaign=violence-of-corona-guidelines-in-bareilly-one-lakh-muslims-gathered-in-protest</link>
					<comments>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/violence-of-corona-guidelines-in-bareilly-one-lakh-muslims-gathered-in-protest/6451/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[tismedia.in]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 09 Apr 2021 17:02:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Breaking]]></category>
		<category><![CDATA[Cover Stories]]></category>
		<category><![CDATA[Crime]]></category>
		<category><![CDATA[Global]]></category>
		<category><![CDATA[National]]></category>
		<category><![CDATA[Politics]]></category>
		<category><![CDATA[Society Organisation]]></category>
		<category><![CDATA[STATE]]></category>
		<category><![CDATA[Top Stories]]></category>
		<category><![CDATA[UTTAR PRADESH]]></category>
		<category><![CDATA[Viral]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly Corona News]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly Hindi News]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[Bareilly News]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Containment Zone Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[corona guidelines]]></category>
		<category><![CDATA[Corona New Positive Case in Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Corona News]]></category>
		<category><![CDATA[Corona News Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Outbreak in Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Corona UpDate Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Corona Vaccination]]></category>
		<category><![CDATA[Corona virus]]></category>
		<category><![CDATA[Coronavirus Positive Case in Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[covid 19]]></category>
		<category><![CDATA[Covid-19 Update Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[Dargah Ala Hazrat]]></category>
		<category><![CDATA[Dargah in Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Dargah tajushshriya Islamiya]]></category>
		<category><![CDATA[Hindi News Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Latest News Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Mufti Asjad Raza]]></category>
		<category><![CDATA[Muslim Protest Against Narsinghanand]]></category>
		<category><![CDATA[Muslim Protest In Bareilly]]></category>
		<category><![CDATA[Night Curfew in Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[the inside stories]]></category>
		<category><![CDATA[tis media]]></category>
		<category><![CDATA[Zero Mobility in Uttar Pradesh]]></category>
		<category><![CDATA[कोरोना वायरस]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://tismedia.in/?p=6451</guid>

					<description><![CDATA[<p>पैगंबर-ए-इस्लाम के खिलाफ नरसिंहानंद की अभद्र टिप्पणी से आक्रोशित था मुस्लिम समाज जमात रजा-ए-मुस्तफा ने बुलाई थी भीड़, आंखें मूंदे देखता रहा पुलिस प्रशासन बरेली.  पैगंबर-ए-इस्लाम के खिलाफ नरसिंहानंद की अभद्र टिप्पणी से मुस्लिम समाज में आक्रोश है. शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित दरगाह आला हजरत और ताजुश्शरिया के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा ने &#8230;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/violence-of-corona-guidelines-in-bareilly-one-lakh-muslims-gathered-in-protest/6451/">अराजकताः बरेली में एक लाख मुसलमानों ने किया प्रदर्शन, उड़ी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li><strong><span style="color: #ff0000;">पैगंबर-ए-इस्लाम के खिलाफ नरसिंहानंद की अभद्र टिप्पणी से आक्रोशित था मुस्लिम समाज</span></strong></li>
<li><strong><span style="color: #ff0000;">जमात रजा-ए-मुस्तफा ने बुलाई थी भीड़, आंखें मूंदे देखता रहा पुलिस प्रशासन</span></strong></li>
</ul>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बरेली.</strong> </span> पैगंबर-ए-इस्लाम के खिलाफ नरसिंहानंद की अभद्र टिप्पणी से मुस्लिम समाज में आक्रोश है. शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित दरगाह आला हजरत और ताजुश्शरिया के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा ने इस्लामियां इंटर कॉलेज के मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। जिसमें करीब एक लाख लोगों की भीड़ जुटी। कोरोना के कहर के बीच हुए इस प्रोटेस्ट को रोकने की बजाय उत्तर प्रदेश सरकार ही नहीं बरेली का पुलिस प्रशासन भी चुप्पी साधे देखता रहा। सिर्फ स्वास्थ्य विभाग ने तल्ख एतराज जताते हुए आने वाले दिनों में यूपी में कोरोना के हालात भयावह होने की चेतावनी दे डाली है।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/corona-blast-in-rajasthan-439-corona-positive-case-found-in-kota-today/6437/">कोरोना का महाविस्फोटः राजस्थान में 12 की मौत, कोटा में मिले 439 नए पॉजिटिव </a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>एसएसपी पहुंचे भीड़ को संबोधित करने</strong></span><br />
चौंकाने वाली बात यह थी कि बरेली पुलिस मुस्लिम नेताओं को प्रदर्शन करने से रोकने या ऐसा न करने के लिए समझाने के बजाय  खुद इस भीड़ का हिस्सा बन गई। पहले से ही तय को प्रदर्शन को रोकने की कोशिश करने के बजाय बरेली के एसएसपी रोहित सिंह सजवाण खुद भीड़ को संबोधित करने पहुंच गए। भीड़ को संबोधित करते हुए एसएसपी ने आश्वस्त किया कि आपकी मांग पर कानून सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चूंकि अभी पंचायत चुनाव हैं और कोविड संक्रमण का खतरा बना है, लिहाजा प्रशासनिक गाइडलाइन का पालन करें। प्रोटेस्ट में दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन मुफ्ती असजद रजा खां, जमात के उपाध्यक्ष सलमान हसन खां, मुफ्ती अफजाल और समरान खान समेत तमाम उलमा भी मौजूद रहे। इन लोगों ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को ज्ञापन भी सौंपा।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/kota-madhya-pradesh-borders-sealed-teachers-posted-on-check-posts/6443/">राजस्थान की सीमाएं सील, चेक पोस्टों पर तैनात की पुलिस </a></strong></span></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000;">घंटों चलती रही तकरीर</span></strong><br />
इस्लामिया इंटर कॉलेज के मैदान में प्रदर्शनकारियों की भीड़ पूरे दिन जमी रही। इस दौरान मुस्लिम नेता लगातार तकरीरें करते रहे। इस दौरान उलमाओं ने तकरीर में कहा कि कुछ ताकतें देश को बांटने पर आमदा हैं। उन्हें ये समझना चाहिए कि ये देश हर एक नागरिक का है और हम इसे इस तरह बर्बाद नहीं होने देंगे।  इसकी आजादी के लिए हमारे बुजुर्गों ने कुर्बानियां दी हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि हम देश की एकता-अखंडता के लिए खड़े हों। हालांकि, उलेमा यह भूल गए कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को ताक पर रख वह हजारों लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/entertainment/history-and-culture/nawab-of-bhopal-begum-shah-jahan-remembers-the-woman-who-built-worlds-largest-mosque/6412/">क्या आप जानते हैं! दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद किसने बनवाई थी&#8230; </a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>बरेली की गलियां तक हुईं जाम</strong></span><br />
प्रदर्शन के दौरान भीड़ लगातार नारेबाजी कर रही थी। कभी नरसिंहानंद को फांसी दिए जाने की आवाज उठती तो कभी सिर धड़ से अलग किए जाने की मांग। उलमा बेकाबू भीड़ को समझाते, लेकिन इसका कोई असर नहीं होता।  दोपहर 2 बजे से होने वाले प्रदर्शन के लिए सुबह से ही भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। करीब डेढ़ घंटे तक भाषण हुए। इसके बाद कहीं जाकर मजमा हटा। बेसुमार भीड़ के चलते बरेली शहर की प्रमुख सड़कें और बाजार ही नहीं गलियां तक सुबह से लेकर शाम तक भीड़ से अटी रहीं। हालत यह हो गए कि प्रदर्शन खत्म होने के घंटों बाद तक शहर में भीषण जाम लगा रहा।</p>
<p><span style="color: #000000;"><strong>Read More: <a href="https://tismedia.in/kota-news/lok-sabha-speaker-om-birla-worried-about-increasing-cases-of-corona-in-kota/6444/">कोरोना महाविस्फोटः हालात पर लोकसभा अध्यक्ष ने जताई चिंता, कसे प्रशासन के पेंच </a></strong></span></p>
<p><span style="color: #ff0000;"><strong>नरसिंहानंद, वसीम रिजवी को करो गिरफ्तार</strong></span><br />
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में जमात के उपाध्यक्ष सलमान हसन खां ने कहा कि लगातार मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आह्त की जा रही हैं। जानबूझकर हिंदू-मुस्लिमों के बीच दुश्मनी पैदा की जा रही है। पहले शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कुरान के संबंध में अर्यादित बातें कहीं और अब नरसिंहानंद ने पैगंबर-ए-इस्लाम के लिए गलतबयानी की है। इन दोनों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। नरसिंहानंद के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। भारतीय संविधान के मुताबिक सभी नागरिक समान हैं। इसलिए अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा की जाए और वसीम रिजवी व नरसिंहानंद दोनों को गिरफ्तार किया जाए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><iframe title="Corona Super Spreader। किसी में दम हो तो इन्हें रोककर दिखाए..." width="1220" height="686" src="https://www.youtube.com/embed/E3Hm72l2te8?feature=oembed" frameborder="0" allow="accelerometer; autoplay; clipboard-write; encrypted-media; gyroscope; picture-in-picture" allowfullscreen></iframe></p>
<p>&nbsp;</p>
<p>The post <a href="https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/violence-of-corona-guidelines-in-bareilly-one-lakh-muslims-gathered-in-protest/6451/">अराजकताः बरेली में एक लाख मुसलमानों ने किया प्रदर्शन, उड़ी कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां</a> appeared first on <a href="https://tismedia.in">TIS Media </a>.</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://tismedia.in/state/uttar-pradesh/violence-of-corona-guidelines-in-bareilly-one-lakh-muslims-gathered-in-protest/6451/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
