VMOU: दिव्यांगों, ट्रांसजेंडर और अनाथ बच्चों को मिलेगी फीस में छूट
- निशुल्क महिला शिक्षा के बाद वीएमओयू का बड़ा फैसला

– कुलपति ने कहा- समाज के सभी कमजोर वर्गों को शिक्षित कर बनाएंगे मजबूत
कोटा। लड़कियों की पढ़ाई निशुल्क करने के बाद वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) की विद्या परिषद ने गुरुवार को समाज के कमजोर वर्गों को शिक्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वीएमओयू अब दिव्यांगों, ट्रांसजेंडर और अनाथ बच्चों को फीस में छूट देकर उनकी पढ़ाई पूरी करवाएगा।
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय में गुरूवार को विद्या परिषद की 73वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कुलगुरू प्रो बीएल वर्मा ने की। कार्यवाही का संचालन कुलसचिव अनुराग भार्गव ने किया। सबसे पहले विद्या परिषद की 72वीं बैठक की कार्यवाही विवरण का अनुमोदन किया गया।
इसके बाद कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने सामाजिक सरोकारों के तहत बड़ी पहल करते हुए दिव्यांगों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और अनाथ बच्चों के लिए शुल्क में छूट प्रदान करने का प्रस्ताव रखा। जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। समिति ने इस प्रस्ताव की सराहना कहते हुए कहा कि ऐसे बच्चे जो फीस का पर्याप्त बंदोबस्त नहीं कर पाते और कर्मजोर आर्थिक वर्ग से आते हैं, उनके सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा। इस फैसले के लागू होने के बाद महिलाओं के साथ-साथ इस वर्ग के बच्चे भी आसानी से अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकेंगे।
स्थापित होगा राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र
बैठक में तय हुआ कि ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को योग्यता मानकों में भी छूट दी जाएगी जिससे वे आसानी से पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकें। विद्या परिषद ने विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा अध्ययन केन्द्र स्थापित करने की भी सहमति प्रदान की। इसके अलावा बिरसा मुंडा जनजातीय शोध पीठ, संत तुकाराम महाराज शोधपीठ और पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ बनाने की सहमति भी प्रदान की।
जेल में होगी पढ़ाई, खुलेंगे नए कोर्स-अध्ययन केंद्र
कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने बताया कि वीएमओयू आने वाले दिनों में कई नए कोर्स और छोटे पाठ्यक्रम भी बनाने जा रहा है इसमें डिप्लोमा इन रिमोट सेंसिंग और जीएसआई, सर्टीफिकेट इन हिन्दू रिचुअल, चुनाव विश्लेषण कौशल में प्रमाण पत्र कार्यक्रम, आपदा प्रबंधन में प्रमाण पत्र कार्यक्रम, एआई में प्रमाण पत्र कार्यक्रम व अप्लायड माइक्रोबिअल साइंस में प्रमाण पत्र कार्यक्रम शुरू किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की। वीएमओयू ने चार नए अध्ययन केन्द्र भी खोले हैं जिनकी स्वीकृति दी गई। साथ ही आने वाले दिनों में जिला कारागारों में निर्देशानुसार अध्ययन केन्द्र खोले जाने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई। विवि में अब छात्रों को यूजीसी के नियम से ही फीस रिफंड की जाएगी। विद्या परिषद में वाहृय सदस्य के रूप में पहली बार शामिल हुए छत्तीसगढ़ के पं सुंदरलाल शर्मा मुक्त विवि के कुलपति प्रो वीके सारस्वत, इग्नू की प्रो नीता माथुर, जयपुर की प्रो राखी गुप्ता समेत सभी सदस्यों का स्वागत किया। कुलसचिव अनुराग भार्गव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।