ईरान में ऐतिहासिक मोड़ सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई के निधन की सरकारी पुष्टि; इज़रायल-अमेरिका हमलों के बाद खाड़ी में मिसाइल-ड्रोन जवाबी कार्रवाई

"हमने अपने सर्वोच्च लीडर को खो दिया"ईरानी सेना ने की खामेनेई की मौत की पुष्टि।

तेहरान/तेल अवीव/वॉशिंगटन/मनामा/दोहा/अबू धाबी/कुवैत सिटी। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार देर रात घोषणा की कि देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई का निधन हो गया है। 86 वर्षीय खामेनेई की मौत ऐसे समय हुई है जब क्षेत्र में इज़रायल और अमेरिका के साथ सैन्य टकराव तेज़ है।

सरकारी प्रसारण में कहा गया कि तेहरान स्थित उनके आवास पर “बड़े पैमाने” के हमले के बाद उन्हें मृत घोषित किया गया। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म पर खामेनेई की मौत का दावा किया था।

नेतन्याहू का बयान और हमले का विवरण

इज़रायल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था कि “तेहरान स्थित खामेनेई का आवास एक ज़बरदस्त और अचानक हुए हमले में तबाह हो गया है।” उन्होंने संकेत दिया था कि हमले के बाद खामेनेई के जीवित होने की संभावना कम है।

अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को ईरान के कथित सैन्य और सामरिक ठिकानों पर संयुक्त रूप से व्यापक हमले किए थे। वॉशिंगटन ने कहा कि यह कार्रवाई “रक्षात्मक और लक्षित” थी, जबकि तेहरान ने इसे “संप्रभुता पर सीधा हमला” बताया।

ईरान की जवाबी कार्रवाई

ईरान ने हमलों के जवाब में इज़रायल और चार खाड़ी अरब देशों—बहरीन, कुवैत, क़तर और संयुक्त अरब अमीरात—की दिशा में मिसाइलें और ड्रोन लॉन्च किए। इन देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं।

क्षेत्रीय सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया, जबकि कुछ ड्रोन ने सामरिक ठिकानों के आसपास विस्फोट किए। नागरिक हताहतों की पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।

होर्मुज पर नजर

तनाव के बीच Strait of Hormuz में गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने जहाजों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खाड़ी के इस संकरे समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, जिससे ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता की आशंका बढ़ी है।

अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों के मार्गों की समीक्षा शुरू कर दी है। बीमा प्रीमियम में संभावित बढ़ोतरी और देरी की आशंका जताई जा रही है।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया

United Nations ने खामेनेई के निधन और क्षेत्रीय हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। महासचिव के प्रवक्ता ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संघर्ष को व्यापक युद्ध में न बदलने की अपील की है।

सूत्रों के अनुसार, United Nations Security Council की आपात बैठक बुलाई जा सकती है। कूटनीतिक प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं ताकि क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता न फैले।

खाड़ी में बढ़ता टकराव

ईरान में अगला कदम

ईरानी संविधान के अनुसार, सर्वोच्च नेता के निधन के बाद ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ नए नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू करती है। सरकारी मीडिया ने संकेत दिया है कि अंतरिम प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचा सक्रिय कर दिया गया है।

इस बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) को उच्च सतर्कता पर रखा गया है। सैन्य प्रतिष्ठानों और परमाणु स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

वैश्विक असर

ऊर्जा बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। एशियाई और यूरोपीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा गया।

खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार और विदेशी नागरिक मौजूद हैं। विभिन्न देशों के दूतावासों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। 

ट्रम्प का बयान, क्षेत्रीय राजनीति में हलचल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में खामेनेई की मौत का उल्लेख करते हुए इसे “ऐतिहासिक अवसर” बताया। उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्र में सैन्य अभियान जारी रह सकता है। व्हाइट हाउस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन ट्रंप की टिप्पणी के बाद वैश्विक राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया तेज

दुबई के बुर्ज खलीफा पर गिरा ड्रोन का मलबा
दुबई की प्रतिष्ठित बुर्ज खलीफा इमारत पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद आग लग गई. दुबई मीडिया ऑफिस के मुताबिक ड्रोन को रोक दिया गया था लेकिन उसके मलबे से इमारत की बाहरी दीवार पर मामूली आग लग गई.

इसराइल और अमेरिका ने ईरान पर भीषण बमबारी शुरू कर के एक तरफ़ विश्व युद्ध की सम्भावनाएँ बड़ा दी हैं दूसरी तरफ़ , ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिशें भी तेज़ कर दी हैं। ट्रम्प ना केवल ईरान के एटमी ताक़त को ख़त्म करना चाहतें ही, उनका उद्देश इस्लामिक देशों को विभाजित भी करना ही। क्या वो सफल होंगे।

 

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