कोटा में मिलेगी स्ट्रेस फ्री एजुकेशन, कोचिंग्स के साथ जिला प्रशासन रोडमैप बनाने में जुटा

जिला कलक्टर ने कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल संचालकों के साथ की बैठक

TISMedia@Kota कोटा के कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मानसिक संबल एवं सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देशों की पालना एवं क्रियान्विती के संबन्ध में गुरूवार को जिला कलक्टर हरिमोहन मीना की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई जिसमें पुलिस अधीक्षक शहर केसर सिंह शेखावत सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं कोचिंग व हॉस्टल एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

जिला कलक्टर ने कहा कि मुख्य सचिव के निर्देशों की पालना में शैक्षणिक नगरी कोटा में देशभर से आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने एवं गुणवत्तापूर्ण व पौष्टिक भोजन, आवास की व्यवस्था के लिए नवाचार के रूप में कार्ययोजना बनाई जायेगी। उन्होंने कहा कि कोटा में देशभर के विद्यार्थी कोचिंग के लिए आते है, हम सबका उत्तदायित्व है कि उन्हें तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ आवास की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध करायें। जिससे कोटा की छवि देशभर में शैक्षणिक नगरी के रूप में और बेहतर बन सके। उन्होंने सभी कोचिंग संस्थानों में सरकार की गाइडलाईन के अनुसार विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए काउन्सलर नियुक्त करने, प्रशासन, पुलिस, हेल्पलाईन नम्बर एवं काउन्सलर के नम्बर सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संस्थान मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गतिविधियां आयोजित कर कक्षावार मेंटर भी नियुक्त करें जिससे बच्चे निर्भीक होकर अपनी बात बता सकें।

जिला कलक्टर ने हॉस्टल में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण रहवास की सुविधाएं तथा पौष्टिक एवं शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन गेट, रोशनी, सार्वजनिक बैठक व्यवस्था के प्रबन्ध भी किए जाएं। उन्होंने हॉस्टलों में रहने वाले वार्डन को काउन्सलर के रूप में प्रशिक्षित करने सभी का पुलिस सत्यापन आवश्यक रूप से करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टलों में विद्यार्थियों के आवागमन एवं व्यवहार पर भी नियमित निगरानी रखी जाकर संदिग्ध गतिविधि पर अभिभावकों को व स्थानीय पुलिस को भी सूचना दी जायें।

पुलिस अधीक्षक शहर ने कहा कि कोटा में आने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ स्वास्थ्य एवं बेहतर आचरण के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों के तनावमुक्ति के लिए हॉस्टल, कोचिंग संस्थान में सुधारात्मक कदम उठाने के साथ घर के समान अपनत्व देते हुए सुरक्षात्मक व्यवस्था के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सम्पर्क में आने वाले कोचिंग फेकल्टी से लेकर हॉस्टल के मैस में भोजन बनाने वाले तक सभी का पुलिस सत्यापन अवश्यक कराया जाएं जिससे उसके आचरण का पता चल सकें। उन्होंने कहा कि कुछ विद्यार्थी आर्थिक विषमता के कारण भी मानसिक दबाव में रहते हैं, उन्हें चिन्हित किया जाकर सहायता उपलब्ध कराई जायें। उन्होंने पुलिस सहायता केन्द्र से निरंतर सम्पर्क में रहने, कोचिंग में प्रतिमाह तनावमुक्ति के लिए टेस्ट आयोजित करने, कोचिंग व हॉस्टल के क्षेत्रों में नशे एवं आपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए स्थानीय पुलिस को सूचना देकर निगरानी तंत्र भी रखने के निर्देश दिए।

अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन राजकुमार सिंह ने गाइडलाईन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर प्रवीण जैन ने कोचिंग संस्थानों के आस-पास पुलिस की सहायता के लिए होमगार्ड व पीएसओ भी नियुक्त करने के लिए संस्थानों को कदम उठाने की बात कही। उन्होंने किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि की सूचना पुलिस को देने का सुझाव दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त कलक्टर शहर डॉ. महेन्द्र लोढ़ा, सीलिंग एसएन आमेठा, आयुक्त नगर निगम वासुदेव मालावत, सचिव यूआईटी राजेश जोशी, सीएमएचओ भूपेन्द्र सिंह तंवर, सभी कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधि एवं हॉस्टल एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ये लिए निर्णय-

  • प्रशासन कोचिंग व हॉस्टल प्रतिनिधियों से चर्चा कर प्रवेश एवं निकास के लिए फीस की इजी-एक्जीट पॉलिसी बनायेगा।
  • कोचिंग व हॉस्टल के लिए बनाई जाने वाले गाइडलाईन के नोडल अधिकारी अतिरिक्त कलक्टर प्रशासन होंगे।
  • समन्वय समिति प्रतिमाह बैठक आयोजित कर गाइडलाईन की पालना की समीक्षा करेंगे।
  • हॉस्टल एवं कोचिंग क्षेत्रों को सेक्टरों में विभाजित कर निगरानी के लिए सेक्टर अधिकारी लगाये जाऐंगे।
  • कोचिंग एवं हॉस्टल में सार्वजनिक स्थानों पर प्रशासन, पुलिस एवं प्रमुख सहायता के नम्बर प्रदर्शित किए जाएंगे।
  • सभी कोचिंग में काउन्सलर अनिवार्य रूप से नियुक्त होंगे।
  • कोचिंग संस्थान एवं हॉस्टल में कार्यरत् व्यक्तियों का पुलिस सत्यापन कराया जाएगा।
  • जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाया जायेगा।

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