हिंदू नववर्ष 2083 के स्वागत को कोटा तैयार

आयोजन समिति नें 120 से अधिक बस्तियों में महाआरती, पांच दिवसीय उत्सव के भव्य आयोजन क़ी रुपरेखा क़ी जारी

TIS मीडिया कोटा

 

कोटा, 25 फरवरी। हिंदू नववर्ष 2083 के स्वागत को लेकर कोटा महानगर में तैयारियां तेज हो गई हैं। हिंदू नववर्ष आयोजन समिति, कोटा महानगर के मुख्य कार्यालय का शुभारंभ मंगलवार सायंकाल मानव विकास भवन, टीलेश्वर महादेव चौराहा पर विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजित बैठक में विक्रम संवत 2083 के स्वागत हेतु पांच दिवसीय कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तय की गई तथा संरक्षक मंडल, मार्गदर्शक मंडल और महानगर कार्यकारिणी की घोषणा की गई।

 

 

समिति पदाधिकारियों ने इसे केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि “सर्व हिंदू समाज का सांस्कृतिक जागरण उत्सव” बताया। बैठक में उपस्थित संतों और गणमान्य नागरिकों ने नववर्ष उत्सव को प्रत्येक घर और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने का आह्वान किया।

18 मार्च को 120 से अधिक बस्तियों में महाआरती

समिति के निर्णयानुसार 18 मार्च की संध्या को कोटा महानगर की 120 से अधिक बस्तियों के मंदिरों और धर्मस्थलों में एक साथ महाआरती का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन नववर्ष स्वागत का मुख्य आकर्षण होगा। महाआरती के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।

समिति के अनुसार हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ 19 मार्च 2026, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होगा। इसी क्रम में पांच दिवसीय धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें वाहन रैली, भजन संध्या, स्वदेशी मेला और अन्य आयोजन शामिल रहेंगे।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यालय शुभारंभ

मुख्य कार्यालय के शुभारंभ अवसर पर संतों के सान्निध्य में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम में गोदावरी धाम के बाबा शैलेंद्र भार्गव, श्रीकुलम शक्तिपीठ की महामंडलेश्वर नीति अंबाजी, समाजसेवी श्याम बिहारी नागर तथा समिति के महानगर अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल मंचासीन रहे। संचालन डॉ. बाबूलाल भाट एवं डॉ. नारायण हेड़ा ने किया।

संतों ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू नववर्ष हमारी सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। इसे सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना के रूप में मनाया जाना चाहिए।

संरक्षक मंडल और मार्गदर्शक मंडल की घोषणा

समिति के पूज्य संरक्षक मंडल में साध्वी हेमाजी सरस्वती, सनातनपुरी जी महाराज, बाबा लक्खाजी अगमगढ़ गुरुद्वारा, कबीरपंथी संत प्रभाकर साहिब जी, महामंडलेश्वर रंजीतानंद जी महाराज, मां नीति अंबा जी (श्रीकुलम शक्तिपीठ), इस्कॉन के माया प्रभुदास जी, मथुराधीश मंदिर के बाबा विनय कुमार जी एवं बाबा शैलेंद्र भार्गव को शामिल किया गया है।

मार्गदर्शक मंडल में संत रामप्रसाद जी, महाराव इज्यराज सिंह, व्यवसायी ताराचंद गोयल, सरदार मनमोहन सिंह, जी.डी. पटेल, श्याम शर्मा और राजमल पाटोदी को दायित्व सौंपा गया।

महानगर कार्यकारिणी का विस्तार

समिति ने व्यापक स्तर पर कार्यकारिणी का गठन किया है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में सत्यनारायण श्रीवास्तव को दायित्व दिया गया है। उपाध्यक्ष पद पर गणपत लाल शर्मा, विवेक राजवंशी, कुलदीप माथुर, आनंदस्वरूप राठी, महेश गुप्ता, संदीप पहाड़िया, प्रेम भाटिया, क्रांति जैन, संदीप चांदीवाला, श्रीनाथ मित्तल, मोतीलाल मीणा, रवि विजय, संजय शर्मा, नेता खंडेलवाल, कुंजबिहारी गौतम, हेमंत विजय, राजाराम कर्मयोगी, डॉ. बी.एल. गोचर, गजेंद्र भार्गव, सत्यनारायण शर्मा पुरोहित, अरविंद गोयल एवं सुनीता व्यास को शामिल किया गया।

महामंत्री डॉ. बाबूलाल भाट तथा मंत्री के रूप में केपी सिंह, जितेंद्र गोयल, वीरेंद्र शर्मा, ललित शर्मा और लोकेंद्र सिंह राजावत नियुक्त हुए हैं। कोषाध्यक्ष रामकुमार मेहता तथा सह-कोषाध्यक्ष महेश विजय, जगदीश जिंदल और बी.एल. पचेरवाल बनाए गए हैं।

मीडिया विभाग और नगर स्तरीय समितियां

मीडिया विभाग में संयोजक अरविंद सिसोदिया

मीडिया विभाग में  सहसंयोजक सुनील पोकरा एवं रजनीश सिंह राणा, पवन भटनागर, हुकूमत सिंह झाला, पवन पारीक और अल्पेश को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

मानव विकास भवन उपस्थिति कार्यकर्त्ता

 

महानगर के 12 नगरों में नगर स्तरीय समितियों की घोषणा की गई है, जो क्षेत्रवार कार्यक्रमों का संचालन करेंगी। इन समितियों का उद्देश्य बस्तियों में महाआरती और अन्य आयोजनों का समन्वय सुचारु रूप से सुनिश्चित करना है।

विशेष कार्यक्रमों के संयोजक नियुक्त

विशाल वाहन रैली के संयोजक युधिष्ठिर सिंह हाड़ा तथा सहसंयोजक मुकुट नागर सहित अन्य पदाधिकारी बनाए गए हैं। महिला संयोजक के रूप में रेणु मिश्रा और सहसंयोजक चेतना मोरवाल को जिम्मेदारी दी गई है।

भव्य भजन संध्या के संयोजक पंकज मेहता तथा स्वदेशी मेले के संयोजक प्रमोद राठौर नियुक्त किए गए हैं। इनके साथ सहसंयोजकों की भी टीम गठित की गई है।

“हर घर तक पहुंचे नववर्ष का उत्साह”

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हिंदू नववर्ष उत्सव को भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक परिवार को इस उत्सव से जोड़ने का संकल्प लिया गया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि हिंदू संवत्सर के सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाना ही आयोजन का मूल उद्देश्य है।समिति ने समाज के सभी वर्गों, व्यापारिक संगठनों, युवा मंडलों और महिला समूहों से सहयोग का आह्वान किया है।बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, संयोजक, सहसंयोजक एवं समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कोटा महानगर में हिंदू नववर्ष 2083 को ऐतिहासिक और व्यापक स्वरूप में मनाने की तैयारियां अब अंतिम चरण में प्रवेश कर चुकी हैं।

— TIS मीडिया कोटा

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