कोटा। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक माने जाने वाले हिंदू नव संवत्सर के अवसर पर इस बार कोटा शहर में भव्य और व्यापक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। हिंदू नव वर्ष आयोजन समिति कोटा महानगर की ओर से 17 मार्च से 21 मार्च तक पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक समरसता की झलक देखने को मिलेगी।

मातृशक्ति वाहन रैल, मंदिरों में सामूहिक महाआरती, स्वदेशी मेला, भजन संध्या और विशाल भगवा वाहन रैली जैसे आयोजन इस उत्सव के प्रमुख आकर्षण होंगे। शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के सहयोग से यह आयोजन पूरे कोटा शहर का सामूहिक उत्सव बनने जा रहा है।

भारतीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है हिंदू नव संवत्सर
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए वर्ष की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन को हिंदू नव वर्ष या नव संवत्सर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन केवल नए वर्ष की शुरुआत ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और प्रकृति के नवजीवन का भी प्रतीक माना जाता है।
हिंदू नव वर्ष आयोजन समिति के अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि इस वर्ष 19 मार्च को नव संवत्सर मनाया जाएगा। इस अवसर पर पूरे शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नव संवत्सर भारतीय संस्कृति की पहचान है और इसे समाज के सभी वर्गों के साथ मिलकर मनाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों से अपने घरों, प्रतिष्ठानों और मंदिरों पर भगवा पताकाएं लगाने, बंदनवार सजाने और दीप प्रज्ज्वलित करने का आह्वान किया गया है।

मातृशक्ति वाहन रैली से होगी उत्सव की शुरुआत
पांच दिवसीय कार्यक्रमों की शुरुआत 17 मार्च को मातृशक्ति दुपहिया वाहन रैली से होगी। इस रैली में शहर की बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां पारंपरिक परिधान में अपने दोपहिया वाहनों के साथ शामिल होंगी।
मातृशक्ति संयोजिका रेणु मिश्रा ने बताया कि रैली नयापुरा स्टेडियम परिसर से दोपहर 3 बजे शुरू होगी। यहां से रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए गोदावरी धाम पहुंचेगी।
रैली का मार्ग नयापुरा स्टेडियम से शुरू होकर अग्रसेन चौराहा, किशोर सागर तालाब की पाल, गीता भवन, गुमानपुरा नहर पुलिया और टीलेश्वर चौराहा से होकर गुजरेगा।
गोदावरी धाम में रैली का समापन होगा, जहां मातृशक्ति को संबोधित किया जाएगा और प्रसाद वितरण किया जाएगा। आयोजन समिति का कहना है कि इस रैली के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा।
120 मंदिरों में होगी सामूहिक महाआरती
18 मार्च को नव संवत्सर के उपलक्ष्य में कोटा शहर की 120 बस्तियों के मंदिरों में सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा।
आयोजन समिति के महामंत्री डॉ. बाबूलाल भाट ने बताया कि इस दिन शाम के समय विभिन्न मंदिरों में एक साथ महाआरती होगी। मंदिरों को विशेष रूप से सजाया जाएगा और दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। महाआरती के माध्यम से शहर में आध्यात्मिक वातावरण बनेगा और लोगों में धार्मिक आस्था का संचार होगा।
नव संवत्सर पर लगेगा स्वदेशी मेला
19 मार्च, यानी नव संवत्सर के दिन कोटा के दशहरा मैदान में दो दिवसीय स्वदेशी मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला 19 और 20 मार्च तक चलेगा।
डॉ. बाबूलाल भाट ने बताया कि इस मेले में 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे और इन स्टॉलों के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
मेले में स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इसमें हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, घरेलू उत्पाद और विभिन्न स्वदेशी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगेगी।
इसके अलावा मेले में विभिन्न प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें रंगोली प्रतियोगिता, मांडना प्रतियोगिता और पारंपरिक कुश्ती दंगल प्रमुख आकर्षण होंगे।
आयोजन समिति के अनुसार स्वदेशी मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और स्वदेशी भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जाएगा।
भक्ति संगीत से गूंजेगा दशहरा मैदान
नव संवत्सर कार्यक्रमों के तहत 20 मार्च को शाम 7 बजे से दशहरा मैदान में भव्य भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।

इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक और भजन
गायिका गीता रबारी अपनी प्रस्तुति
देंगी।
भजन संध्या में भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होगा। आयोजन समिति के अनुसार इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
भगवा वाहन रैली बनेगी सबसे बड़ा आकर्षण
पांच दिवसीय कार्यक्रमों का समापन 21 मार्च को निकलने वाली विशाल भगवा वाहन रैली के साथ होगा। यह रैली नव संवत्सर उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण मानी जा रही है।
आयोजन समिति के मीडिया संयोजक अरविंद सिसोदिया ने बताया कि इस रैली में कोटा शहर की 120 बस्तियों से करीब 12 हजार लोग शामिल होंगे।
सभी प्रतिभागी भगवा साफा पहनकर और भगवा पताका लगाकर रैली में भाग लेंगे। रैली के लिए शहर में चार प्रमुख स्थानों पर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा होगा।
नयापुरा, डिसीएम, कॉमर्स कॉलेज, मल्टीपरपज स्कूल

इन चारों स्थानों से निकलने वाली रैलियां झांकियों, डीजे और पारंपरिक संगीत के साथ शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए टीलेश्वर महादेव मंदिर पर शाम 5 बजे एकत्र होंगी।
इसके बाद सभी श्रद्धालु एक साथ दशहरा मैदान स्थित जड़ के बालाजी मंदिर पहुंचेंगे, जहां सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया जाएगा और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।
शहर में दिखने लगा नव संवत्सर का उत्साह
नव संवत्सर को लेकर कोटा शहर में उत्साह का माहौल बन गया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों को सजाया जा रहा है।
कई स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं और भगवा पताकाएं लगाई जा रही हैं। कॉलोनियों और बस्तियों में भी लोग अपने घरों को सजाने की तैयारी कर रहे हैं।
आयोजन समिति ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर दीपक जलाकर और सजावट करके नव संवत्सर का स्वागत करें।
समाज में समरसता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश
आयोजन समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि नव संवत्सर केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन दर्शन का प्रतीक है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में समरसता, एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया जाएगा।
समिति के अनुसार इस आयोजन में शहर के विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों का सहयोग मिल रहा है। इससे यह कार्यक्रम पूरे शहर का सामूहिक उत्सव बन गया है।
हजारों लोगों की भागीदारी की उम्मीद
आयोजन समिति का अनुमान है कि पांच दिनों तक चलने वाले इन कार्यक्रमों में हजारों लोग भाग लेंगे। विशेष रूप से मातृशक्ति वाहन रैली, स्वदेशी मेला और भगवा वाहन रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

समिति के कोषाध्यक्ष रामकुमार मेहता, युधिष्ठिर हाडा, पंकज मेहता, महेश विजय, मुकेश विजय और किशन पाठक अरविन्द सिसोदिया, रजनीश राणा सुनील पोकरा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों की तैयारियों में जुटे हुए हैं। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन समाज में सांस्कृतिक गौरव की भावना को मजबूत करते हैं और लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं। इसी उद्देश्य के साथ इस वर्ष कोटा में हिंदू नव संवत्सर को भव्य, सांस्कृतिक और उत्साहपूर्ण तरीके से मनाने की तैयारी की गई है।
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