कोटा कोचिंग शुरू करवाने के लिए व्यापारियों ने निकाली पदयात्रा, 8 जनवरी से आंदोलन का ऐलान

कोटा में कोचिंग खोलने की मांग को लेकर व्यापार महासंघ, हॉस्टल एसोसिएशन, निजी स्कूल संचालकों व भाजपा नेताओं ने नववर्ष के पहले दिन शुक्रवार को सद्भावना पदयात्रा निकाली। ( Kota coaching ) इससे पहले पदाधिकारियों ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि गाइड लाइन की पालना के साथ कोचिंग खुले। सभी लोग गाइड लाइन की पालना के लिए तैयार है। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर कोचिंग बंद रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोरोना का डर दिखाकर कोचिंग को बंद रखा जा रहा है। जब पद यात्रा खड़े गणेश मंदिर पहुंची तो वहां रविन्द्र त्यागी भी मौजूद थे।
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उन्होंने व्यापार महासंघ, हॉस्टल एसोसिएशन व निजी स्कूल संचालकों से कहा कि मंत्री शांति धारीवाल के प्रयासों से एक सप्ताह में कोचिंग शुरू हो जाएगी। इसके लिए निर्देश भी दे दिए गए हैं। इस पर वहां मौजूद कुछ लोग नारेबाजी करने लगे और कहा कि गोली देना बंद करो। इस बीच हंगामे की स्थिति बन गई। त्यागी ने कहा कि मंत्री धारीवाल की तबियत खराब हो गई थी। जब वे अस्पताल से आए तो उन्होंने सबसे पहले इसी मसले पर अधिकारियों से बात की। कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि कोटा में पिछले 9 माह कोचिंग बंद है। इसके चलते करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है।
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गौरतलब है कि कोटा की अर्थव्यवस्था कोचिंग पर टिकी है। लंबे समय से कोचिंग संस्थान बंद होने से लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा है। इस दौरान भाजपा के पूर्व विधायक हीरालाल नागर ने कहा कि कोचिंग संस्थान जल्द से जल्द शुरू होनी चाहिए। ताकि, लोगों का रोजगार फिर से पटरी पर आ सके। नए साल पहले दिन व्यापारियों ने भगवान की शरण में आकर सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि 5 जनवरी को सभी व्यापारियों की बैठक बुलाई है। यदि कोटा में कोचिंग शुरू नहीं हुई तो 8 जनवरी से आंदोलन किया जाएगा।
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