राजस्थानः आखिर क्यों थाने में ही फांसी के फंदे पर झूल गई महिला सिपाही…

– पुलिस जाब्ते ने गेट तोड़कर बचाई महिला पुलिसकर्मी की जान
-पुलिस की सतर्कता व मुस्तैदी से टली अनहोनी
कोटा. राजस्थान में एक महिला सिपाही द्वारा अपने ही पुलिस थाने में फांसी का फंदा लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना से पुलिस महकमे में हड़कम्प मच गया। हालांकि खाकी की सतर्कता से अनहोनी टल गई और महिला कांस्टेबल की जान बच गई। मामला बूंदी जिले के नैनवां पुलिस थाने का है। दरअसल, पुलिस थाने में तैनात महिला कांस्टेबल ने थाना परिसर में बने सरकारी क्वार्टर में फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड का प्रयास किया।
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कांस्टेबल की बहन की सूचना पर थाने में तैनात जाब्ता दौड़ता हुआ मौके पर पहुंचा और कमरे का दरवाजा तोड़ महिला सिपाही की जान बचाई। पुलिसकर्मियों को आने में थोड़ी देर हो जाती तो अनहोनी हो सकती थी। क्योंकि, पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने तक महिला कांस्टेबल फंखे पर रस्सी का फंदा बना चुकी थी और आत्महत्या करने ही वाली थी कि थानाधिकारी व डिएसपी ने पहुंच उसे बचा लिया। इसके बाद महिला को तत्काल चिकित्सक के पास ले गए। जहां चिकित्सक द्वारा महिला कांस्टेबल की तबीयत ठीक होने की जानकारी दी, तब जाकर पुलिस अधिकारियों की जान में जान आई।
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यह था मामला
पुलिस के अनुसार महिला मधुलता मीणा व उसका पति मनोज कुमार दोनों ही कांस्टेबल हैं और नैनवां थाने में कार्यरत हैं। कांस्टेबल दम्पति एक ही आवास में रहते हैं। पति ने स्वेच्छा से बूंदी पुलिस लाइन में अपनी ड्यूटी लगवाई थी, मंगलवार को थाने से रवानगी लेकर वह बूंदी जाने लगा तो दोनों पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। पति के बूंदी रवाना होते ही कांस्टेबल मधुलता ने आत्महत्या की देकर कमरे का गेट अंदर से बंद कर लिया। इस दौरान उसकी बहन भी हंसाबाई ने गेट खुलवाने का प्रयास किया लेकिन उसने गेट नहीं खोला। अनहोनी के डर से हंसाबाई थाने पहुंची और घटना की जानकारी दी। इस पर सीआई मुकेश यादव व पुलिस उपाधीक्षक कैलाशचंद जाट जाब्ते के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और गेट तोड़ कमरे में दाखिल हुए। इस दौरान कमरे में फंदा लगाने के लिए रस्सी बांध चुकी थी। फंदे पर लटकने से पहले ही जाब्ते ने पकड़कर मधुलता की जान बचा ली। महिला कांस्टेबल के माता-पिता को थाने बुलाया गया है।
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उच्चाधिकारियों को भेजी घटना की रिपोर्ट
पुलिस उपाधीक्षक कैलाशचंद जाट ने बताया कि पति के बूंदी रवाना होते ही महिला कांस्टेबल आवेश में आ गई और खुद को कमरे में बंद कर लिया। वह फंदे से लटकती उससे पहले ही पुलिस जाब्ते मौके पर पहुंच उसे बचा लिया। घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी है। वहीं, महिला कांस्टेबल के माता-पिता नैनवां आए और उसे अपने साथ ले गए।