पीए ने उगले राज तो कलक्टर पर गिरी एसीबी की गाज, मुकदमा दर्ज

कोटा. कोटा एसीबी ने एपीओ हुए बारां कलक्टर इंद्रसिंह राव के खिलाफ शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कर लिया है। ( Anti Corruption Bureau ) राव पर अपने पीए महावीर के माध्यम से पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के लिए 1 लाख 40 हजार रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। कोटा एसीबी के एएसपी ठाकुर चंद्रशील ने मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की है। रिश्वत मामले की जांच में एसीबी टीम को करीब 10 से 11 घंटे लगे थे।
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पीए महावीर ने पूछताछ में कलक्टर के लिए रिश्वत लेना कबूल किया था। जांच में बारां कलक्टर रहे राव की संलिप्तता के कई अहम सबूत मिले थे। यही नहीं, जांच के दौरान उन्होंने कई सवालों के जवाब भी नहीं दिए थे। अधिकतर सवालों को टालते रहे। एसीबी ने जब पीए नागर व कलक्टर राव को आमने-सामने बिठाकर की पूछताछ तो पीए बार-बार यही कहता रहा कि मैंने कलक्टर के कहने पर 1.40 लाख की घूस ली है। इसमें 1 लाख कलक्टर के और 40 हजार रुपए मेेरे थे। इस दौरान उनके कार्यालय कक्ष, पीए कक्ष व राजस्व शाखा में कई फाइलों को खंगाला गया। उन फाइलों को कब्जे में लिया है, जिससे रिश्वत के मामले की जांच को सही दिशा मिल सके। कलक्टर के पीए महावीर नागर को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
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6 बार एपीओ और एक बार सस्पेंड हो चुके हैं कलक्टर
एसीबी के शिंकजे में फंसे बारां जिले के कलक्टर रहे इंद्रसिंह राव राजस्थान प्रशासनिक सेवा 1989 बैच के अफसर हैं। 31 साल के कार्यकाल में राव अब तक 6 बार अलग-अलग मामलों में एपीओ हो चुके हैं। वहीं, एक बार उन्हें सस्पेंड भी किया जा चुका है। राव 1999 में पहली बार एपीओ किए गए। इसके बाद 2004, 2005, 2008, 2011 और अब 2020 में छठी बार एपीओ किए गए हैं। बारां कलक्टर के रूप में उनकी पहली पोस्टिंग थी।