Hindi Story
-
Art and Literature
काबुलीवाला… आज की कहानी
~रबीन्द्रनाथ टैगोर मेरी पाँच वर्ष की छोटी लड़की मिनी से पल भर भी बात किए बिना नहीं रहा जाता। दुनिया…
Read More » -
Art and Literature
क़ातिल… आज की कहानी
~मुंशी प्रेम चंद 1 जाड़ों की रात थी। दस बजे ही सड़कें बन्द हो गयी थीं और गालियों में सन्नाटा…
Read More » -
Art and Literature
कामचोर… आज की कहानी
~इस्मत चुग़ताई बड़ी देर के वाद – विवाद के बाद यह तय हुआ कि सचमुच नौकरों को निकाल दिया जाए।…
Read More » -
Art and Literature
गुलेलबाज़ लड़का… आज की कहानी
~भीष्म साहनी छठी कक्षा में पढ़ते समय मेरे तरह-तरह के सहपाठी थे। एक हरबंस नाम का लड़का था, जिसके सब…
Read More » -
Art and Literature
आम… पढ़िए आज की कहानी
~सआदत हसन मंटो खज़ाने के तमाम कलर्क जानते थे कि मुंशी करीम बख़्श की रसाई बड़े साहब तक भी है।…
Read More » -
Art and Literature
अपनी-अपनी दौलत… आज की कहानी
~कमलेश्वर पुराने ज़मींदार का पसीना छूट गया, यह सुनकर कि इनकमटैक्स विभाग का कोई अफसर आया है और उनके हिसाब-किताब…
Read More » -
Art and Literature
बड़े भाई साहब… आज की कहानी
~मुंशी प्रेम चंद 1 मेरे भाई साहब मुझसे पॉँच साल बडे थे, लेकिन तीन दरजे आगे। उन्होने भी उसी उम्र…
Read More » -
Art and Literature
पोस्टमास्टर… पढिए आज की कहानी
~रबीन्द्रनाथ टैगोर काम शुरू करते ही पहले पहल पोस्टमास्टर को उलापुर गांव आना पड़ा। गांव बहुत साधारण था। गांव के…
Read More » -
Art and Literature
नमक का दारोगा… आज की कहानी
~मुंशी प्रेम चंद जब नमक का नया विभाग बना और ईश्वरप्रदत्त वस्तु के व्यवहार करने का निषेध हो गया तो…
Read More »