Hindi Story
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Art and Literature
गिन्नी… आज की कहानी
~रबीन्द्रनाथ टैगोर हमारे पंडित शिवनाथ छात्रवृत्ति कक्षा से दो-तीन क्लास नीचे के अध्यापक थे। उनके दाढ़ी-मूँछ नहीं थी, बाल छँटे…
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इंतज़ार… आज की कहानी
~कमलेश्वर रात अँधेरी थी और डरावनी भी। झाड़ियों में से अँधेरा झर रहा था और पथरीली ज़मीन में जगह-जगह गढ़े…
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लॉटरी… पढ़िए आज की कहानी
~मुंशी प्रेम चंद जल्दी से मालदार हो जाने की हवस किसे नहीं होती ? उन दिनों जब लॉटरी के टिकट…
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बाजार-दर्शन… पढ़िए आज की कहानी
~जैनेंद्र कुमार एक बार की बात कहता हूँ। मित्र बाजार गए तो थे कोई एक मामूली चीज लेने पर लौटे…
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जुलूस… पढ़िए आज की कहानी
~मुंशी प्रेम चंद 1 पूर्ण स्वराज्य का जुलूस निकल रहा था। कुछ युवक, कुछ बूढ़े, कुछ बालक झंडियाँ और झंडे…
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रिश्वत… आज की कहानी
~सआदत हसन मंटो अहमद दीन खाते पीते आदमी का लड़का था अपने हम-उम्र लड़कों में सब से ज़्यादा ख़ुश-पोश माना…
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पछतावा… पढ़िए आज की कहानी
~मुंशी प्रेम चंद 1 पंडित दुर्गानाथ जब कालेज से निकले तो उन्हें जीवन-निर्वाह की चिंता उपस्थित हुई। वे दयालु और…
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परिंदे… आज की कहानी
~निर्मल वर्मा अँधेरे गलियारे में चलते हुए लतिका ठिठक गयी। दीवार का सहारा लेकर उसने लैम्प की बत्ती बढ़ा दी।…
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जनाज़े… आज की कहानी
~इस्मत चुग़ताई मेरा सर घूम रहा था… जी चाहता था कि काश हिटलर आ जाए और अपने आतिशीं लोगों से…
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