सर्दी का सितम: पहाड़ों की बर्फबारी कोटा पर पड़ी भारी, 22 नवम्बर की रात रही सबसे ठंडी

कोटा. बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तुफान निवार का भले ही कोटा में असर नहीं हुआ है लेकिन पश्चिम विक्षोभ के असर से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के पवन कुमार के अनुसार पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के चलते आ रही शीतलहर ने कोटा संभाग को जकड़ लिया है। 22 व 23 नवंबर की रात इस वर्ष की सबसे ठंडी रात रही। इस दौरान न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 20.7 तथा न्यूनतम 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि, बुधवार को न्यूनतम तापमान 1.1 डिग्री बढ़कर 11.3 डिग्री हो गया था। बात करें अधिकतम तापमान की तो 28.3 डिग्री रहा। वहीं, मंगलवार को न्यूनतम पारा 10.2 तथा अधिकतम 27.4 डिग्री दर्ज किया गया था।

सुबह से शाम तक रही धुंध
मौसम के बदलते मिजाज के साथ सुबह से ही धुंध बनी रही। इसका असर शाम तक नजर आया। विजिबलिटी में भी गिरावट रही। सर्द हवाओं से जनजीवन प्रभावित रहा। दिनचर्या में भी बदलाव देखा गया। गुरुवार पूरे दिन सर्दी का असर रहा।

Read More: खाकी को दागदार करने वाला भ्रष्ट एएसआई को 3 साल की जेल, 50 हजार का जुर्माना

सर्द हवाओं के बीच चला बारिश का दौर

कोटा में गुरुवार सुबह की शुरुआत दोपहर 11 बजे से हुई। पूरा शहर कोहरे के आगोश में छुपा रहा। शीतलहर से बाजारों की हालत लॉकडाउन जैसी नजर आई। खुले में क्या, घर बैठे-बैठे ही धूजणी छूटती रही। बंद कमरों में भी गलन ने अपना असर दिखाया। सुबह से ही रुक-रुक कर बारिश का दौर चलता रहा। इससे पहले बुधवार को भी बारिश का यही आलम रहा।

गलन ने ठिठुराया
सर्दी के कारण लोगों की दिनचर्या देरी से शुरू हो रही है। गुरुवार को पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। हालांकि दिनभर में कुछ समय के लिए धूप रही लेकिन वह बेअसर ही साबित हुई। सर्द हवाएं नश्तर सी चुभती रहीं। वाहन चालकों को ज्यादा परेशानी हुई। शाम ढलने के बाद सर्द हवाओं का जोर तापमान को एकदम से गिरा देता है। लोग घरों व बाजारों में अलाव जलाकर सर्दी से बचने का जतन करते दिख रहे हैं।

Read More: राजस्थानी माटी से महक रहा देश का संविधान…, कोई बना सीएम तो किसी ने ठुकरा दी सत्ता

दुकानों पर लगी भीड़
सर्द हवाओं के कारण बाजारों में फुटपाथ व दुकानों पर गर्म कपड़ों की खरीद के लिए भीड़ लगी रही। कचौरी, पकौड़ी, गर्म दूध, हलवे व गजक की दुकानों पर भी लोगों की आवाजाही अन्य दिनों की अपेक्षा ज्यादा नजर आई।

मॉर्निंग वॉक रही प्रभावित
अन्य दिनों की अपेक्षा गुरुवार को पार्कों में सुबह व शाम सन्नाटा पसरा रहा। लोगों ने सुबह व शाम की सैर का प्लान टाल दिया। जरूरी कार्यों से जो लोग घरों से निकले, पूरे बंदोबस्त के साथ निकले। वाहन चालकों की सर्दी के चलते हालत खराब हो गई।

Read More: कोटा के इसरो वैज्ञानिक अनुज सोरल का निधन, मिशन मंगलयान में धरती से अंतरिक्ष तक थी बड़ी भूमिका

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!