VIDEO : नए साल में बटेंगी सियासी रेवडिय़ां, जानिए किस-किस की झोली में गिरेगी ‘लाल बत्ती’ 

TISMedia@Kota. दो साल तक टकटकी लगाए बैठे कांग्रेसियों को नए साल में लाल बत्ती का तोहफा मिल सकता है। इसके लिए बकायदा पार्टी स्क्रूटनी भी कर चुकी है। पार्टी के आला पदाधिकारियों ने इशारों ही इशारों में इस बात का खुलासा भी कर दिया है कि नए साल में बंटने वाली सियासी रेवडिय़ां किसके हिस्से में आएंगी। प्रभारी मंत्री के बयान से उन जनप्रतिनिधियों के चेहरों पर चमक लौट आई जो विधानसभा चुनावों में टिकट न मिलने के कारण खो गई थी। राजनेतिक गलियारों में चर्चाएं आम हो गई कि ऐसे जनप्रतिनिधि जो हमेशा जनता के बीच रहे, टिकट न मिलने पर बगावत की बजाए पार्टी की मजबूती में पसीना बहाने वाले व बेदाग छवि के साथ नगर निगम, नगर निकाय, जिला परिषद चुनावों में पार्टी को जिताने व जीत के करीब पहुुंचाने वालों की झोली में भी लाल बत्ती का तोहफा गिर सकता है।

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दरअसल, ये उम्मीद प्रदेश प्रभारी अजय मकान के 31 जनवरी तक राजनीतिक नियुक्तियां किए जाने के ऐलान से जागी है। उन्होंने कोटा में आयोजित संवाद कार्यक्रम में साफ कर दिया कि इस वर्ष की 31 दिसम्बर तक प्रदेश कांगे्रस संगठन का विस्तार कर दिया जाएगा। हालांकि माकन मंत्रिमंडल विस्तार के सवाल को टाल गए। वहीं, सचिन पायलट की भूमिका को लेकर जब उनसे सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सबका फार्मूला एक है सब मिलकर चलेंगे।

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किसानों से करेंगे संवाद

मीडिया से बातचीत में प्रदेश प्रभारी माकन ने कहा कि 28 दिसम्बर को कांग्रेस स्थापना दिवस है। इस मौके पर राजस्थान में जय जवान जय किसान के नारे के साथ अभियान शुरू किया जाएगा। मंत्री-पदाधिकारी जिलों में जाएंगे और किसानों से संवाद करेंगे। संपर्क अभियान के जरिए भाजपा पर इन काले कानूनों को वापस लेने का दबाव बनाया जाएगा। किसानों के मुद्दों को आगे तक लेकर जाएंगे। कांगे्रस किसानों के साथ खड़ी है।

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किसानों को गुमराह कर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही केंद्र सरकार

माकन ने कृषि बिल को मुनाफाखोरी व जमाखोरी को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि फार्मिंग अनुबंध के तहत जमीदारी प्रथा वापस शुरू करने की तैयारी है। केंद्र सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। जबकि पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। इन कृषि कानूनों जरिए किसानों पर कुठाराघात किया गया है

 

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