24 घंटे में गहलोत सरकार की दूसरी बड़ी कार्रवाई, अब नर्सिंग अधीक्षक को भी हटाया

कोटा. जेके लोन अस्पताल में 10 दिसंबर को 8 घंटे में हुई 9 बच्चों की मौत के मामले में सरकार ने लगातार दूसरी दिन बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को नर्सिंग अधीक्षक को भी बदल दिया गया है। अब रामरतन मीणा की जगह मंसूर अली को नई जिम्मेदारी दी सौंपी गई है। साथ ही द्वितीय नर्सिंग अधीक्षक पद पर नवीन शर्मा को लगाया है। इससे पहले मंगलवार को अस्पताल अधीक्षक डॉ. एससी दुलारा और पीडियाट्रिक एचओडी अमृतलाल को हटाया गया था।
Read More: मंत्री की बहू भी नहीं बचा पाई जेकेलोन अधीक्षक की कुर्सी, दफ्तर में टांगकर रखते थे धारीवाल की तस्वीर
एससी दुलारा की जगह फोरेंसिक मेडिसिन के एचओडी डॉ. अशोक मूंदड़ा को नया अधीक्षक नियुक्त किया था। वहीं, पीडियाट्रिक एचओडी डॉ. अमृता मयंगर को पीडियाट्रिक्स का एचओडी बनाया है। निवर्तमान नर्सिंग अधीक्षक रामरतन मीणा को रामपुरा जिला अस्पताल में लगाया है। गौरतलब है कि अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत के बाद सरकार पर कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा था। इस लिहाज से सरकार ने लगातार दो दिन में दो बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
Read More: VIDEO: मौत पर सियासत: जब तक होती रहेगी बच्चों की मौत, हम करते रहेंगे ‘राजनीति’
ये था मामला
10 दिसम्बर को जेके लोन अस्पताल में 8 घंटे में 9 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इसके बाद लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज होने लगी। कोटा से राजधानी जयपुर तक जमकर बवाल मचा। विपक्ष दल ने जेके लोन अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए और लगातार सरकार पर हमलावर रहे। यहां राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष संगीता बेनीवाल व विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में प्रदेश भाजपा द्वारा गठित टीम सहित केंद्रीय टीम जेकेलोन अस्पताल पहुंच व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जहां कई तरह की खामियां मिली। वहीं, मृत बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में उनके बच्चों की पूरी केयर नहीं की जा रही है। यहां का स्टाफ लापरवाही करता है। कई बार बुलाने पर भी चिकित्सक नहीं आते। इसके बाद कार्रवाई को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा था।