हाड़ौती की उड़ान: शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास

ढ़ाई साल पहले वायदा किया था, आज पूरा भी करके दिखा दियाः पीएम मोदी

– लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री केआर नायडू ने किया शिलान्यास
– पीएम मोदी बोलेः ढाई साल पहले की थी एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा, अब खत्म होगा दो दशक का इंतजार

कोटा। राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वीडियो संदेश से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ढ़ाई साल पहले कोटा बूंदी में एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी। जिसे आज पूरा करके भी दिखा दिया। एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी।

कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया।
करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा।

क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन
समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं।
उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित होने से कोटा बूंदी और हाड़ौती ही नहीं पूरे राजस्थान में विकास के नए द्वार खुलेंगे। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा।
जो 75 साल में नहीं हुआ 5 साल में करके दिखाएंगे
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि जो काम पिछली सरकारें 75 साल में भी नहीं कर पाई थीं उन्हें इन पांच सालों में ही करके दिखा देंगे। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाकर ही दम लेंगे। जो सपने देखते हैं उन्हें पूरा भी करते हैं।

कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे।

दो साल में पूरा करना होगा काम
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे।

जल्दी जेल जाएंगे बड़े मगरमच्छः सीएम
मुख्यमंत्री भजनलाल ने शिलान्यास के मौके पर कहा कि कांग्रेस की सरकार में आए दिन पेपर लीक होते थे, लेकिन दो साल में एक भी पेपर लीक नहीं होने दिया। 5 साल में 4 लाख सरकारी और 6 लाख निजी क्षेत्र में नौकरिया देने का वायदा किया था। सिर्फ दो साल में सरकारी क्षेत्र में ही सवा लाख नौकरी दे चुके हैं। 1 लाख 35 हजार प्रक्रियाधीन हैं। इसके साथ ही एक लाख नौकरियों का कलेंडर निकाल चुके हैं। बजट में 25 हजार और बढ़ गईं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राज में अपने अपनों को नौकरी मिल जाती थी। फर्जीवाड़ा करने वाले 400 से ज्यादा लोगों को जेल भिजवा चुके हैं। कुछ मगरमच्छ पकड लिए हैं। कुछ और जल्द ही पकड़े जाने वाले हैं। कोई कितना भी बड़ा मगरमच्छ क्यों न हो जेल की सलाखों में जाएगा।

दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार
राजस्थान के नागरिक उड्डयन मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है।
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फैक्ट फाइल
• 1507 करोड़ से होना है कोटा-बून्दी एयरपोर्ट का निर्माण
• 440.646 हैक्टेयर भूमि एएआइ को सौंपी
• 3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा होगा रनवे
• 1000 यात्री क्षमता पीक आवर में
• 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला होगा टर्मिनल
• ए-321 श्रेणी के विमानों की पार्किंग के लिए बनेंगे 7 एप्रन वे
• दिसम्बर 2027 में शुरू होगी उड़ान
तब से अब तक ऐसे चली एयरपोर्ट की प्रकिया
• 6 मार्च 2018 : पहली बार कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर राज्य सरकार व एएआइ में वार्ता।
• 23 मार्च 2018 : राज्य सरकार व एएआइ की वार्ता में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए टेक्नीकल सर्वे पर सहमति।
• 2021 : शंभुपुरा में 500 हैक्टेयर भूमि चिन्हित, एएआइ ने माना उपयुक्त।
• 2021 दिसंबर : वन भूमि के डायवर्जन का प्रस्ताव परिवेश पोर्टल पर सबमिट।
• 3 अगस्त 2022 : 33.408 नॉन फॉरेस्ट लैंड यूआइटी ने एएआइ को आवंटित की।
• 13 दिसंबर 2022 से 25 जनवरी 2023 तक : 500 हैक्टेयर जमीन का टोपोग्राफिक सर्वे और डिमार्केशन करना किया तय।
• 27 जनवरी 2023 : केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 406.678 हैक्टेयर जमीन के डायवर्जन को लेकर इन प्रिंसिपल स्टेज वन क्लियरेंस दी।
• 28 फरवरी 2023 से 18 जून 2023 : मास्टर प्लान के अनुरूप सॉयल टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी।
• 18 जून 2023 : वन विभाग की ओर से जमीन घटाने के बाद वापस सर्वे करवाया।
• 19 जुलाई 2024 : राज्य सरकार व एएआई के बीच एमओयू।
• 1 नवंबर 2024 : फॉरेस्ट लैंड की सैकंड स्टेज अप्रूवल।
• 12 नवंबर 2024 : राज्य सरकार ने एएआइ को की जमीन हेंडओवर।
• 26 सितंबर, 2024 : वन विभाग ने दी वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस।
• 21 फरवरी 2025 : निर्माण को लेकर पर्यावरणीय स्वीकृति।
• 2024 दिसंबर : 1507 करोड़ रुपए की डीपीआर मंजूर।
• 6 फरवरी 2025 : 467.67 करोड़ के टेंडर जारी हुए।
• 18 जुलाई 2025 : 283 करोड़ एयर साइड का टेंडर।
• फरवरी 2026 : 393 करोड़ सिटी साइड का टेंडर।

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