एसीबी ने मारे 3 अफसरों के 10 ठिकानों पर छापे, करोड़ों की बेनामी संपत्ति बरामद

जयपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को राज्य के तीन बड़े अफसरों के खिलाफ आय से अधिक सम्पति मामले में केस दर्ज कर उनके जयपुर, उदयपुर और कोटा में 10 ठिकानों पर छापे मारे। इन तीनों अफसरों के पास ठिकानों से एसीबी अब तक 15 करोड़ से ज्यादा की अवैध संपत्ति की जानकारी हासिल कर चुकी है।
एडीओ निकला करोड़पति
एसीबी के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि भ्रष्टाचार के जरिए आय से अधिक सम्पत्ति बनाने का पहला मामला बूंदी के केशवरायपाटन में पंचायत समिति के सहायक विकास अधिकारी चिरंजीलाल के खिलाफ दर्ज किया गया। एसीबी कोटा देहात की एडिशनल एसपी प्रेरणा शेखावत के नेतृत्व में इसके 4 ठिकानों पर छापे मारे गए। जांच में अभी तक 2.68 करोड़ की अवैध सम्पति का खुलासा हो चुका है।
चार ठिकानों पर 8 करोड़ की अवैध संपत्ति
एसीबी के महानिदेशक बीएल सोनी ने बताया कि भ्रष्टाचार का दूसरा मामला उदयपुर का है। (अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता (एसई) गिरीश कुमार जोशी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के बाद एसीबी उदयपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के नेतृत्व में इसके 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। जिसमें अभी तक 8 करोड़ रुपए से अधिक अवैध सम्पति का खुलासा हो चुका है।
सीनियर डीजीएम भी निकले करोड़पति
डीजी सोनी ने बताया कि तीसरी एफआईआर रीको के सीनियर डीजीएम (सिविल) सतीश कुमार गुप्ता के खिलाफ दर्ज की गई। रीको जयपुर में अधीक्षण अभियंता स्तर के इस अधिकारी के दो ठिकानों पर एसीबी जयपुर शहर (प्रथम) के एडिशनल एसपी आलोक शर्मा के निर्देशन में छापेमारी की गई। जिसमें अभी तक 4.13 करोड़ की अवैध सम्पति सामने आ चुकी है।
दिनेश एमनएन के जाल में फंसे
भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की योजना बनाने से लेकर छापेमारी का जाल बिछाने और सभी ठिकानों की पुख्ता जानकारी निकाल तीनों सर्च ऑपरेशन एक साथ शुरू करने की कार्रवाई एसीबी ने एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में की। जबकि इंटेलिजेंस शाखा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्र प्रकाश शर्मा व जिला स्तरीय टीमों ने ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया। जैसे ही छापेमारी शुरू हुई पूरे राजस्थान में हड़कंप मच गया।