पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की ऊर्जा सप्लाई सुरक्षित, घरेलू LPG उत्पादन 25% बढ़ाया

सरकार ने कहा– घबराकर गैस बुकिंग न करें, जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

नई दिल्ली, 11 मार्च।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि पेट्रोलियम और गैस की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। केंद्र सरकार ने घरेलू गैस (LPG) की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसके बाद घरेलू LPG उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पोर्ट्स एवं शिपिंग मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों ने मीडिया को मौजूदा स्थिति और सरकार की तैयारियों की जानकारी दी

कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित सरकार ने बताया कि भारत प्रतिदिन करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल की खपत करता है। आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने के कारण अब 70 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर के मार्गों से आ रहा है, जबकि पहले यह करीब 55 प्रतिशत था।सरकार ने यह भी बताया कि दो अतिरिक्त कच्चे तेल के कार्गो रास्ते में हैं, जो जल्द भारत पहुंचेंगे। देश की रिफाइनरियां लगभग पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।LPG सप्लाई पर असर, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता भारत अपनी कुल LPG खपत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से 90 प्रतिशत सप्लाई होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आती है। क्षेत्रीय हालात के कारण इस मार्ग पर असर पड़ा है।  स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने रिफाइनरियों को प्रोपेन और ब्यूटेन जैसे उत्पादों को LPG में परिवर्तित करने के निर्देश दिए, जिससे घरेलू LPG उत्पादन 25 प्रतिशत बढ़ गया है। अतिरिक्त उत्पादन पूरी तरह घरेलू उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जा रहा है।

होटल और रेस्टोरेंट के लिए बनी समिति

व्यावसायिक LPG की आपूर्ति की समीक्षा के लिए IOCL, HPCL और BPCL के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। यह समिति होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए गैस आवंटन की समीक्षा करेगी।

गैस बुकिंग के नियम में बदलाव

सरकार ने अस्थायी तौर पर LPG बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है ताकि आपूर्ति संतुलित रखी जा सके।अधिकारियों ने बताया कि कुछ जगहों पर घबराहट में बुकिंग और जमाखोरी के संकेत मिले हैं, लेकिन सामान्य तौर पर घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी करीब 2.5 ( ढाई ) दिन में हो रही है।

 

एलपीजी सिलेंडर की किल्लत के बीच ऐसे बचाएँ गैस, छोटे-छोटे उपाय बढ़ा सकते हैं सिलेंडर की उम्र

एलपीजी गैस सिलेंडरों की बढ़ती किल्लत और महंगाई के बीच आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में हर परिवार यही सोच रहा है कि घर में मौजूद सिलेंडर को अधिक से अधिक दिनों तक कैसे चलाया जाए। यदि कुछ आसान आदतें अपनाई जाएं तो गैस की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सबसे पहले खाना बनाते समय प्रेशर कुकर का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए। कुकर में खाना जल्दी पकता है और गैस की खपत भी कम होती है। इसके अलावा बर्तन को ढककर खाना पकाने से भी गर्मी बाहर नहीं निकलती और भोजन जल्दी तैयार हो जाता है। रसोई में सही आकार के बर्तन का इस्तेमाल भी गैस बचाने में मदद करता है। छोटे बर्नर पर छोटा बर्तन और बड़े बर्नर पर बड़ा बर्तन रखने से गैस की बर्बादी नहीं होती। इसी तरह बहुत तेज आंच की बजाय मध्यम आंच पर खाना पकाना ज्यादा बेहतर रहता है।विशेषज्ञों के अनुसार गैस बर्नर की समय-समय पर सफाई भी जरूरी है। बर्नर के छेद जाम होने पर गैस ज्यादा खर्च होती है। इसके अलावा खाना बनाने से पहले सब्जी काटने और मसाले तैयार करने जैसे काम कर लेने से गैस बेवजह जलती नहीं रहती।इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर एलपीजी सिलेंडर की खपत को कम किया जा सकता है और सिलेंडर को ज्यादा दिनों तक चलाया जा सकता है।

ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और जनता को सही जानकारी दी जाए

कोटा सहित हाड़ौती क्षेत्र में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। कई मैस और रेस्टोरेंट में गैस की कमी के कारण वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट को गैस आवंटन की समीक्षा के लिए तेल कंपनियों की तीन सदस्यीय समिति गठित की है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराकर गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी की सूचना प्रशासन को दें

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर नजर

सरकार ने बताया कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय प्रवासी रहते हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।ईरान में मौजूद करीब 9000 भारतीय नागरिकों से लगातार संपर्क बनाए रखा गया है और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।सरकार ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और देश में ऊर्जा सुरक्षा तथा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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