उप महापौर चुनाव: देखिए, सियासत में कैसे चला किस्मत का सिक्का

कोटा. महापौर चुनाव के बाद बुधवार को उत्तर-दक्षिण निगमों के उप महापौर के लिए चुनाव हुए। इसमें भी सबकी नजरें दक्षिण पर ही टिकी रहीं। यहां महापौर का चुनाव हारने के बाद भाजपा किसी भी सूरत में उप महापौर का पद हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी। पार्टी ने आखिर तक पूरा दमखम लगाया। वहीं, कांग्रेस भी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी। बुधवार सुबह से चले मतदान का परिणाम दोपहर तक सबके सामने आ गया। यहां भाजपा और कांगे्रस को 40-40 वोट मिले। इसके बाद लॉटरी के जरिए उप महापौर का चुनाव हुआ। जिसमें कांग्रेस के पवन मीणा ने भाजपा के योगेंद्र खींची को शिकस्त दी। इसी के साथ महापौर व उपमहापौर की कुर्सी पर कांग्रेस का कब्जा हो गया। वहीं उत्तर में कांग्रेस प्रत्याशी फरीउद्दीन कुरैशी उर्फ सोनू ने भाजपा के ज्ञानेंद्र सिंह को 41 वोट से हराया। बीजेपी खेमे के 11 पार्षद वोट डालने नहीं आए।
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कांग्रेस ने चौंकाया
कांग्रेस ने उप महापौर के नाम पहले घोषित नहीं किए। सभी पार्षद कयास लगा रहे थे कि उत्तर में पूर्व प्रतिपक्ष नेता और दूसरी बार पार्षद बने अनिल सुवालका का नाम फाइनल है। दक्षिण में अनुराग गौतम को लेकर चर्चा थी। नामांकन से 2 घंटे पहले कांग्रेस ने उपमहापौर के लिए प्रत्याशी घोषित कर सभी को चौंका दिया। उत्तर के लिए सुबह 9.30 बजे सोनू कुरैशी के पास फोन आया कि मीटिंग में उनका उनका नाम तय हुआ है।