बिहार: पुआल के ढेर में लगी आग, 6 मासूम बच्चे जिंदा जले
मक्के के भुट्टे भूनने के चक्कर में लगी आग, सभी मृतक तीन से छह साल की उम्र के

अररिया. बिहार के अररिया जिले में पलासी थाना क्षेत्र के कबैया गांव में मंगलवार को आग में झुलसने से छह बच्चों की मौत हो गई। बच्चे मक्के के भुट्टे भून रहे थे। इसी दौरान एक चिंगारी छिटक कर पुआल के ढ़ेर पर जा गिरी और देखते ही देखते सभी बच्चे उसकी चपेट में आ गए।
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भुट्टे भूनने के चक्कर में मची तबाही
पलासी थाना पुलिस के मुताबिक कबैया गांव के कुछ बच्चे खेतों से मक्के के भुट्टे तोड़कर लाए थे। भुट्टे घर ले जाने के बजाय वह जानवरों के बाड़े में बने भूसाघर में ही आग जलाकर उन्हें पकाने लग गए। भूसाघर में पुआल का ढ़ेर लगा था जिसके पास ही उन्होंने आग जला ली। भुट्टे सेकने के दौरान एक चिंगारी आग के ढ़ेर से छिटक कर उस पुआल पर गिर पड़ी और देखते ही देखते पुआल ने तेज आग पकड़ ली।
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आग में घिरे बच्चे
पुलिस के मुताबिक आग लगती देख बच्चे भुट्टे उठाने कर बाहर लाने की कोशिश करने लगे, लेकिन तेज हवा चलने के कारण उनके चारों तरफ फैले पुआल ने खासी तेजी से आग पकड़ ली और वह उसी के बीच में फंस गए। छह बच्चे आग चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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तीन से छह साल के थे मासूम
पुलिस उपाधीक्षक प्रशिक्षु एजाज हाफिज मणि ने बताया कि आग की चपेट आकर मारे गए सभी बच्चों की उम्र तीन से छह साल के बीच ही थी। मृतकों में कबैया गांव के युनूस का पांच साल का बेटा अशरफ एवं तीन साल की बेटी गुलनाज के साथ साथ गांव निवासी मंजूर का छह साल का बेटा दिलावर, फारूक का चार साल का बेटा बरकस, मतीन का पांच साल का बेटा अली हसन और तनवीर का पांच साल का खुशनिहार शामिल हैं।
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इलाके में मचा हड़कंप
आग की चपेट में आकर मासूम बच्चों की मौत की खबर अररिया जिले में आग की तरह फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ शैलेष चंद्र दिवाकर, पलासी के प्रखंड विकास पदाधिकारी अविनाश झा, अंचलाधिकारी विवेक कुमार मिश्र और थानेदार शिवपूजन कुमार आदि पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी कबैया गांव पहुंच गए। बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के निर्देश पर गांव पहुंचे आला अफसरों ने मृतक बच्चों के परिजनों को ढ़ांढस बंधाने के साथ-साथ चार-चार लाख रुपये अनुग्रह अनुदान भी जारी कर दिया।








