कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड जीतकर बढ़ाया राजस्थान का मान
70 किग्रा वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड की बॉक्सर को 5-0 से हराया, कोटा से राष्ट्रमंडल खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनने का गौरव

कोटा | TIS मीडिया
कोटा में जश्न का माहौल, आतिशबाजी कर मनाई खुशी
अरुंधति चौधरी की ऐतिहासिक स्वर्णिम जीत पर पूरे कोटा में उत्साह का माहौल है। TIS मीडिया की ओर से कोटा की स्वर्णिम बेटी अरुंधति चौधरी को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं !
राजस्थान के कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। महिला 70 किलोग्राम वर्ग के फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की बॉक्सर को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर भारत की झोली में गोल्ड मेडल डाला। इस जीत के साथ अरुंधति ने न केवल देश का गौरव बढ़ाया, बल्कि कोटा और पूरे राजस्थान का नाम भी अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
बचपन में बास्केटबॉल खेलने वाली अरुंधति ने अपने पिता की प्रेरणा से बॉक्सिंग को चुना। लगातार कठिन अभ्यास, अनुशासन और मजबूत इरादों के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी पहचान बनाई। राष्ट्रमंडल खेलों में उनका प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार रहा और फाइनल में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया।
कोटा के लिए ऐतिहासिक पल
अरुंधति की इस जीत को कोटा के खेल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में माना जा रहा है। उपलब्ध खेल रिकॉर्ड के अनुसार, कोटा से किसी खिलाड़ी द्वारा राष्ट्रमंडल खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने का यह पहला बड़ा कारनामा है। इस उपलब्धि ने पूरे शहर को गौरवान्वित कर दिया है।
शहर में जश्न, बधाइयों का तांता
स्वर्ण पदक जीतने की खबर मिलते ही कोटा में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अरुंधति को बधाई दी। उनके परिवार में भी जश्न का माहौल है और लोगों ने इसे पूरे राजस्थान के लिए गौरव का क्षण बताया।
नई पीढ़ी के लिए बनी प्रेरणा
अरुंधति चौधरी की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर छोटे शहरों के खिलाड़ी भी दुनिया के सबसे बड़े मंच पर तिरंगा लहरा सकते हैं। उनकी यह ऐतिहासिक जीत प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है







