Gen Z और छात्रों के मुद्दे पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन: प्रहलाद गुंजल की अगुवाई में उमड़ा जनसैलाब, जिग्नेश मेवाणी, शांति धारीवाल, अशोक चांदना और चेतन पटेल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

कोटा में 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत चार स्थानों से निकली रैलियां कलेक्टरेट पर हुईं एकजुट। प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में उम्मेद क्लब से निकली सबसे बड़ी रैली बनी आकर्षण का केंद्र। जिग्नेश मेवाणी, शांति धारीवाल, अशोक चांदना, चेतन पटेल और अन्य नेताओं ने छात्रों, युवाओं, लोकतंत्र और जवाबदेही से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कार्यकर्ताओं को रोका और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

प्रहलाद गुंजल की अगुवाई में उम्मेद क्लब पर उमड़ा जनसैलाब, यहीं से मिला आंदोलन को बड़ा संदेश

 

कोटा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत शनिवार को कोटा में कांग्रेस ने बड़ा शक्ति प्रदर्शन करते हुए कलेक्टरेट का घेराव किया। प्रदर्शन का सबसे बड़ा केंद्र नयापुरा स्थित महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम के सामने उम्मेद क्लब रहा, जहां पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में हजारों छात्र, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्र हुए। यहां से निकली विशाल रैली अग्रसेन सर्किल, विवेकानंद सर्किल और एमबीएस अस्पताल मार्ग से होती हुई कलेक्टरेट पहुंची।
कांग्रेस ने प्रदर्शन के लिए कार्यकर्ताओं को चार स्थानों पर संगठित किया। प्रहलाद गुंजल के अलावा शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम, देहात जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और विधायक शांति धारीवाल के नेतृत्व में भी अलग-अलग रैलियां निकलीं, जो बाद में कलेक्टरेट पर एकजुट हुईं।
सभा में गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी, संगठन प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज, विधायक शांति धारीवाल, विधायक अशोक चांदना, विधायक चेतन पटेल, महावीर मीणा, अनूप ठाकुर, अमीन पठान, सरोज मीणा, शिवराज गुंजल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
प्रहलाद गुंजल बोले— युवाओं की आवाज को हल्के में लेना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं

मंच एक जुटता दिखाती कांग्रेस
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने अपने संबोधन में कहा कि देश के युवाओं की शक्ति को कम नहीं आंका जा सकता। उन्होंने कहा कि जब युवा व्यवस्था पर विश्वास करता है तो अनुशासन का परिचय देता है, लेकिन जब उसे लगता है कि उसकी आवाज नहीं सुनी जा रही, तब वही युवा बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
उन्होंने छात्र आंदोलनों और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
जिग्नेश मेवाणी ने छात्रों के मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने की बात कही
गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी कई मांगें लंबित हैं। उन्होंने छात्रों पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई।
शांति धारीवाल ने संवाद की जरूरत बताई, अशोक चांदना ने जवाबदेही का मुद्दा उठाया
विधायक शांति धारीवाल ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर समय रहते संवाद नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत का रास्ता अपनाती तो आंदोलन की नौबत नहीं आती। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
वहीं विधायक अशोक चांदना ने सरकार की जवाबदेही का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता के सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए। उन्होंने अपने भाषण में विभिन्न कथित घटनाओं का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की।
चेतन पटेल बोले— लोकतंत्र में सरकार को जनता, सदन और मीडिया के प्रति जवाबदेह होना चाहिए
विधायक चेतन पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता, सदन और मीडिया के प्रति जवाबदेह रहना चाहिए तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना चाहिए।

पुष्पेंद्र भारद्वाज ने मंच से रोके व्यक्तिगत नेताओं के नारे
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता अपने-अपने नेताओं के समर्थन में नारे लगाने लगे। इस पर कांग्रेस संगठन प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने मंच से स्पष्ट कहा कि किसी व्यक्तिगत नेता के समर्थन में नारे नहीं लगाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि केवल कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी के समर्थन में ही नारे लगाए जाएं, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने पार्टी लाइन का पालन किया।
कलेक्टरेट पर बैरिकेडिंग, वाटर कैनन और ज्ञापन
सभा के बाद कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कलेक्टरेट परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। बाद में हालात सामान्य हो गए और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ।
युवाओं पर फोकस के साथ कांग्रेस का राजनीतिक संदेश
 युवाओं पर फोकस के साथ कांग्रेस का राजनीतिक संदेश

इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने छात्रों और Gen Z से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। नेताओं के भाषणों में शिक्षा, रोजगार, लोकतंत्र, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे विषय प्रमुख रहे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह अभियान युवाओं तक पहुंच बनाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जबकि इसका राजनीतिक प्रभाव भविष्य में मतदाताओं की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

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