5 साल की मासूम ने चिलचिलाती धूप में प्यास से तड़पकर तोड़ा दम, नानी के साथ पैदल जा रही थी गांव

TISMedia@जालोर. एक तरफ जहां लोगों को कोरोना से बचाने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। तो वहीं दूसरी तरफ ये लॉकडाउन लोगों की मौत की वजह बन रहा है। राजस्थान के जालोर जिले में पानी न मिलने से रेतीले धोरों में 5 साल की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई।
इसके साथ ही मासूम की नानी बेहोश पड़ी मिली। चिलचिलाती धूप और रेतीले धारों में बिना पानी के 20 से 25 किलोमीटर का पैदल सफर कर दोनों बुरी तरह से थक गए। वहीं ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने बुजुर्ग महिला को पानी पिलाया।
वहीं बुजुर्ग को पानी पिलाने के बाद पुलिस ने उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया है। जहां उनकी हालत में सुधार है। वहीं मासूम की मौत के बाद बुजुर्ग का बुरा हाल है।
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पानी न मिलने से मासूम की मौत
फिलहाल पुलिस ने मासूम के शव का पोस्टमार्टम करके उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मासूम की मौत का कारण पानी न मिलना बताया गया है। जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना जालोर जिले के रानीवाड़ा क्षेत्र के रोड़ा गांव में रविवार को हुई।
पैदल ही अपने घर को चल पड़े बुजुर्ग और मासूम
बताया जा रहा है कि, सुखी देवी अपनी दोहती अंजलि के साथ सिरोही के पास रायपुर से दोपहर में रानीवाड़ा क्षेत्र के डूंगरी स्थित अपने घर आ रही थीं। कोरोना काल के चलते वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण उन्हें कोई साधन नहीं मिला। इस पर वह अपनी पांच वर्षीय नातिन के साथ पैदल ही अपने गांव चल पड़ीं।
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20 से 25 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया
लेकिन जून की इस चिलचिलाती धूप और रेतीले धारों में करीब 20 से 25 किलोमीटर का सफर तय कर दोनों बुरी तरह से थक गए। यहां तक की उन्हें पानी भी नसीब नहीं हुआ। जिस कारण मासूम की मौत हो गई। वहीं बुजुर्ग सुखी देवी बेहोश होकर गिर गईं।