परिवार से हौसला मिलता है और हौसले से ही सफलता
परिवार ऐसा कवच है, जिसमें जीव शांति व सुरक्षा अनुभव करता है |

15 मई को हर वर्ष ‘विश्व परिवार दिवस’ कई सालो से मनाया जाता रहा है जिसकी शुरुआत 1993 में संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली ने कि ओर 1996 में पहली बार मनाया गया | 2015 में संयुक्त राष्ट्र के 193 देशों ने सतत विकास लक्ष्यों को अपनाया जिसमें परिवार व परिवार के महत्व पर बल दिया | इस दिन को मनाने का सबसे बड़ा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति परिवार का महत्व जाने, जो हमारे साथ हर वक्त ढाल बनकर खड़ा रहता है, हमें हिम्मत देता है | परिवार हमारे जीवन का भाग तो है ही साथ ही जरूरत भी है |
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परिवार हमारी पहली पाठशाला ………………..
परिवार हमारे जीवन की एक मौलिक इकाई है जो हमें सही दिशा का ज्ञान कराती है और परिवार कि हर बात मूल कर्तव्य के समान जो हमें विश्वास और भरोसे से कर्तव्य के साथ माननी चाहिए | परिवार का महत्व जानना उन लोगों के लिए बेहद जरूरी है जो अपने माता – पिता और परिवार को महत्व नहीं देते | वर्तमान कि बात करे तो 65% परिवार ऎसे है जो सम्पूर्ण और संयुक्त होने के बाद भी अलग अलग रहते है |
वर्तमान में ज्यादातर देखा जाए तो आज हर व्यक्ति ‘ किसी ना किसी कारण से परिवार को बांटा हुआ है | हर कोई एकल परिवार में रहना चाहता है | परिवार ऐसे है जिनमें आए दिन लड़ाई , झगड़े होते रहते है | इन सब को समाप्त करने ओर लोगों में परिवार के प्रति जागरूकता लाने के लिए ‘ इस दिन का चयन किया गया है ‘ परिवार का अलग होना कोई बड़ी बात नहीं है लेकिन आज के समय में 35% परिवार ही अपने परिवार के सभी सदस्यों के साथ रह रहे है |
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लॉकडाउन का समय एक स्वर्ण कि तरह…………….
पिछले 2 वर्ष से लॉकडॉउन की स्थति लगातार बनी हुई है , देखा जाए तो 80 % लोग अपना समय परिवार के साथ बिता रहे है | लॉकडाउन ने उन परिवारों को एक किया है, जो कई वक्त से अपने परिवारों से नहीं मिले | यह समय इसलिए भी उपयोगी है क्योंकि कई परिवार ऐसे है जिनके बच्चे घर से दूर रहकर बाहर पढ़ रहे है या कई माता पिता अपने बच्चों को छोड़ बाहर नौकरी कर रहे है | जो अपने परिवार को समय नहीं दे पाते थे | यह समय उन परिवारों के लिए एक गोल्ड ( सोने) की तरह है |
लॉकडाउन हमारे जीवन में कई बदलाव लाया है ………..
आज ‘ मैं ‘ अपने ही परिवार की बात करू तो लॉकडाउन के पहले तक परिवार का हर व्यक्ति अपने अपने कामों ने व्यस्थ रहता था लेकिन आज लॉकडाउन में परिवार का हर व्यक्ति साथ में एक दूसरे के साथ समय बिता रहा है | हर फैमिली अपना सुख दुख परिवार के साथ बांट रहा है | देखा जाय तो इस बुरा समय को हम परिवार के सदस्य के साथ रहकर खुशहाल बना सकते है | परिवार एक हिम्मत कि तरह है जो मुश्किल समय में लड़ने में हमारी हर समय मदद करता है |
परिवार से ही राष्ट्र बनता है और राष्ट्र से विश्व ………..
परिवार का महत्व वर्तमान समय में युवा पीढ़ी लगभग खो चुकी है जबकि एक सक्षम, सुखी और संगठित परिवार ही राष्ट्र निर्माण का आधार है | कई परिवारों को देखे तो उनके ही बच्चो ने अपने माता-पिता को उनके ही घर से बेघर किया हुआ है और कई परिवार के बच्चों ने अपने बूढ़े माता-पिता को वृद्ध आश्रम में छोडा हुआ है | जो आने वाले परिवारों के भविष्य के लिए खतरा है | इससे आने वाली पीढ़ी पर भी बुरा असर पड़ेगा | माता-पिता और परिवार का महत्व हमारे जीवन में कितना उपयोगी है ये उन अनाथ और बेसहारा लोगों से पूछे जिनका इस दुनिया में कोई नहीं है और जिनका परिवार है उनमें कई बच्चे अपने माता पिता और परिवार को बोझ समझने लगते है |
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कैसे अपने परिवार को समय दे…………….
इंटरनेट , मोबाइल ने भी आज हमें एक दूसरे से अलग किया हुआ है | हर बच्चे और बड़े व्यक्ति के पास आज एंड्रॉयड फोन है | हर कोई अपना समय मोबाइल के साथ बिता रहा है जिसका असर हमारे रिश्तों पर पड़ता है | हर समय हम परिवार से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिता रहे है जो खुद भी एक कारण परिवार से अलग होना है | मोबाइल का उपयोग हमें कम कर देना चाहिए तभी हम परिवार को समय दे पाएंगे |
कोरोनाकाल में परिवार कितना जरूरी है ये शायद इस समय लोगों की लगातार हो रही मौतों ने सीखा दिया होगा | आज लाखों परिवार उजड़ गए है | किसी के माता-पिता ने अपने जवान बच्चों को खो दिया तो कहीं बच्चों ने अपने माता-पिता को | यह समय एक बुरे साए की तरह है लेकिन इसने आज हमें अच्छी तरह से परिवार के महत्व को समझा दिया है |
चलो इस मौके पर कुछ पल परिवार के साथ बिताया जाए …………
वैसे तो हम हर दिन फैमिली में रहकर ही बिताते है लेकिन
आज के समय में हर कोई अपने में ही इतना व्यस्थ है कि लोगों को कुछ पता ही नहीं है कि मेरे परिवार में क्या चल रहा है | इस दिन को सेलिब्रेट करके इस मौके को खास बनाने की कोशिश करे | आज के दिन हम उन सब बीते हुए पलो को याद करते है जो हमने भूतकाल में बिताए थे | इस समय को हम हर खुशी के साथ अपने सदस्यों के साथ रहकर बिताए ताकि आने वाले समय में हमारे रिश्तों को मजबूत बना सकते है |
“परिवार वह सुरक्षा कवच है, जिसमें रहकर व्यक्ति शांति का अनुभव करता है |”
लेखक: कीर्ति शर्मा
छात्राध्यापिका व लेखिका