हाड़ौती में बाढ़ के हालातः बूंदी में मकान ढ़हने से बच्ची की मौत, खोलने पड़े कोटा बैराज के दो गेट
ओवर फ्लो होने लगी चंबल, सहायक नदियां और बरसाती नाले भी पानी से लबालब

- हाड़ौती संभाग में तीन दिन से लगातार हो रही है बारिश, नदी नाले उफान पर
- पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश के चलते बने बाढ़ जैसे हालात
TISMedia@Kota पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में तेज बारिश के चलते हाड़ौती संभाग में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चम्बल नदी के ओवर फ्लो होने के कारण कोटा बैराज के दो गेट खोलकर पांच हजार क्यूसेक पानी की निकासी करनी पड़ी। वहीं बारां जिले में भारी बारिश के चलते कापरेन कस्बे में एक पक्का मकान धराशाई होने से मलवे के नीचे दबकर 8 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। जबकि माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए।
मध्यप्रदेश और पूर्वी राजस्थान में शनिवार से लगातार बारिश हो रही है। जिसके चलते चम्बल और उसकी सहायक नदियां ही नहीं बरसाती नाले तक उफान पर पहुंच गए हैं। बारिश के पानी की भारी आवक होने के कारण कोटा का चम्बल बैराज ओवर फ्लो होने के कगार पर पहुंच गया। 854 फीट भराव क्षमता वाले कोटा बैराज में पानी की तेज आवक होने के कारण सोमवार सुबह करीब आठ बजे दो गेट खोलकर पांच हजार क्यूसेक पानी की निकासी करनी पड़ी। जिसके चलते चम्बल की डाउन स्ट्रीम में पानी का फ्लो बढ़ गया। वहीं चम्बल के अप स्ट्रीम में स्थित जवाहर सागर बांध भी ओवर फ्लो होने के कारण कोटा के लिए पानी छोड़ना पड़ा।
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मासूम की हुई मौत
तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण हाड़ौती संभाग में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। कोटा में विकास कार्यों के चलते जगह-जगह खुदी पड़ी सड़कों के गड्ढों में पानी भर गया। नतीजन, ठेका फर्मों को काम में खासी बाधा हुई और उन्हें काम रोककर गड्ढों में भरा पानी निकालना पड़ रहा है। वहीं बूंदी जिले में कापरेन कस्बे के बालापुरा गांव में एक पक्के मकान की दीवार ढह गई। कापरेन थाना प्रभारी हरलाल मीणा ने बताया कि तड़के तीन बजे हुई घटना से घर में सो रहे पति पत्नी और दो बच्चों को बचने का मौका ही नहीं मिला और वह मकान के मलवे में दब गए। हादसे में रामेश्वर मीणा (37) व उसकी पत्नी दिलभर (35) घायल हो गए। जबकि पास में सो रही आदिशा( 8) की मौत हो गई।
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शाहबाद में रिकॉर्ड बारिश
बारां जिले के शाहाबाद कस्बे में रिकॉर्ड बारिश होने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सोमवार को 10 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। जिसके चलते निचले इलाके पानी में डूब गए। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को सबसे ज्यादा बारां के शाहाबाद में 246 एमएम बारिश हुई। जिसकी वजह से बाढ़ जैसे हालात बने। कोटा और आसपास के इलाकों में तीसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है।
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राजस्थान में बारिश का हाल
मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के मुताबिक करौली के मंडरायल 151 एमएम, सवाई माधोपुर के खंडार में 145 एमएम और कोटा के खातौली इलाके में सबसे ज्यादा 142 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं बारां के छीपाबड़ौद 102 एमएम, छबड़ा 82, मलारना डूंगर 129, चौथ का बरवाड़ा 116, बामनवास 96, बौंली 82, गंगापुरसिटी 69, करौली शहर 135, पीपल्दा 65, भरतपुर के वैर 91, अजमेर के पुष्कर 68, पीसांगन 70, मांगलियावास 66, दौसा के नांगल राजावतान 120, दौसा शहर 83, राहुवास 80, बसवा 70, धोलपुर के सरमथुरा में 127, टोंक के अलीगढ़ 78, नागौर के रिया बड़ी 124, झालावाड़ के बकानी 88, असनावर 80, रायपुर 79, पचपहाड़ 75, डग 68, अलवर जिले के शहर में 149, मालाखेड़ा 98, मंडावर 67 और बानसूर में 65 एमएम बारिश दर्ज की गई।