चंद पैसों की खातिर मौत को दे रहे थे दावत, निगम ने सीज की दुकानें और ठोका हजारों का जुर्माना

कोटा. शहर में कोरोना कहर बरपा रहा है। अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की मारामारी मची हुई है। मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह तक नहीं है। इसके बावजूद लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे। हालांकि सरकार ने राशन व आवश्यक चीजों की दुकानें खोलने का समय तय किया हुआ है। इसके बादजूद कुछ दुकानदार चंद पैसों के खातिर मौत को दावत दे रहे हैं। निर्धारित समय से ज्यादा समय तक दुकानें खोल रहे हैं और गाइड लाइन का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे लापरवाह दुकानदारों के खिलाफ कोटा दक्षिण नगर निगम कार्रवाई कर रही है। बुधवार को निगम आयुक्त कीर्ति राठौड़ के नेतृत्व में राजस्व अनुभाग की टीम ने शहर में 4 दुकानों को सीज कर 8000 का जुर्माना वसूला है।
आयुक्त राठौड़ ने बताया कि कारोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने 24 मई तक लॉकडाउन लगाया हुआ है। इसके बावजूद लोग गाइड लाइन की अवहेलना करने से बाज नहीं आ रहे। आज दक्षिण निगम क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मेडिकल कॉलेज स्थित अम्बे सरस पार्लर, कृष्णा विहार में मनोज प्रोविजन स्टोर, सिद्धार्थ केस काउंटर, धनराज किराना स्टोर को सीज कर 8000 रुपए जुर्माना वसूला है। साथ ही गाइड लाइन का उल्लंघन न करने की सख्त हिदायत दी।
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अधिक राशि वसूलने पर ई-मित्र संचालकों पर होगी कार्रवाई
आयुक्त कीर्ति राठौड़ ने ई-मित्र संचाकलों को हिदायत देते हुए कहा कि निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि ई-मित्र संचालक जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन करने पर 200 से 500 रुपए वसूल रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूलने वाले ई-मित्र संचालकों के खिलाफ सबूत के साथ लिखित शिकायत दर्ज करवाएं, निगम तुरंत कार्रवाई करेगी।